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State Consumer Disputes Redressal Commission

Mohammad Asahab Ali vs Dr Neha on 9 April, 2026

            STATE CONSUMER DISPUTES REDRESSAL COMMISSION
                                     UTTAR PRADESH
                           FIRST APPEAL NO. SC/9/FA/462/2026
(Against the Order dated 23rd August 2025 in Complaint No. DC/148/CC/466/2019 of the District
                    Consumer Disputes Redressal Commission Gorakhpur)
                                            WITH
                        SC/9/IA/346/2026 (CONDONATION OF DELAY)


MOHAMMAD ASAHAB ALI
PRESENT ADDRESS - VILLAGE PIPRAKANAK TOLA , KUSHI NAGAR,UTTAR PRADESH.
                                                              .......Appellant(s)

                                           Versus


DR NEHA
BUSINESS ADDRESS - INDIRA IVF PVT. LTD., TRIMURTI PLAZA9, PARK ROAD, OPP. BISMI
PARK, CIVIL LINES , GORAKHPUR,UTTAR PRADESH.
DR. SHIKHA MUKHIJA
BUSINESS ADDRESS - INDIRA IVF PVT. LTD., TRIMURTI PLAZA9, PARK ROAD, OPP. BISMI
PARK, CIVIL LINES , GORAKHPUR,UTTAR PRADESH.
DIRECTOR INDIRA IVF PVT. LTD.
BUSINESS ADDRESS - INDIRA IVF PVT. LTD., TRIMURTI PLAZA9, PARK ROAD, OPP. BISMI
PARK, CIVIL LINES , GORAKHPUR,UTTAR PRADESH.
PROPRIETOR AMAR HOSPITAL
BUSINESS ADDRESS - SAAD PLAZAKHURRAM NAGAR CROSSING , LUCKNOW,UTTAR
PRADESH.
                                                                .......Respondent(s)

BEFORE:
   HON'BLE MR. JUSTICE AJAI KUMAR SRIVASTAVA , PRESIDENT
   HON'BLE MRS. SUDHA UPADHYAY , MEMBER

FOR THE APPELLANT:
       MOHAMMAD ASAHAB ALI

FOR THE RESPONDENT:
       DR NEHADR. SHIKHA MUKHIJADIRECTOR INDIRA IVF PVT. LTD.PROPRIETOR
       AMAR HOSPITAL

DATED: 09/04/2026
                                          ORDER

(मौखिक) राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग उ0प्र0 लखनऊ अपील संख्या-462/2026 मो० असहब अली बनाम डा० नेहा व अन्य समक्ष:-

1. माननीय न्यायमूर्ति श्री अजय कुमार श्रीवास्तव, अध्यक्ष।
2. माननीय श्रीमती सुधा उपाध्याय, सदस्य।

अपीलार्थी की ओर से उपस्थित : सुश्री अकांक्षा श्रीवास्तव।

प्रत्यर्थीगण की ओर से उपस्थित         : कोई नहीं।

दिनांक: 09.04.2026

माननीय न्यायमूर्ति श्री अजय कुमार श्रीवास्तव, अध्यक्ष द्वारा उद्घोषित निर्णय

1. प्रस्तुत अपील, अपीलार्थी द्वारा विद्वान जिला आयोग, गोरखपुर द्वारा परिवाद संख्या-466/2019, मो० अहसब अली बनाम डा० नेहा कंसलटेंस व अन्य में पारित आलोच्य निर्णय/आदेश दिनांकित 23.08.2025 के विरूद्ध योजित की गई है, जिसके द्वारा परिवाद, परिवादी की अनुपस्थिति व पैरवी के अभाव में निरस्त किया गया है।

2. चूँकि आलोच्य निर्णय/आदेश दिनांक 23.08.2025 के माध्यम से विद्वान जिला आयोग द्वारा परिवाद अनुपस्थिति में एवं पैरवी के अभाव में निरस्त किया गया है। अत: आलोच्य निर्णय/आदेश के आलोक में अपीलार्थी के पक्ष से उपस्थित योग्य अधिवक्ता सुश्री अकांक्षा श्रीवास्तव के तर्कों को अंगीकरण के बिन्दु पर सुना गया तथा सम्पूर्ण आदेश पत्रों का अवलोकन किया गया, जिससे यह विदित होता है कि प्राय:

विभिन्न तिथियों पर या तो कोरम अपूर्ण रहा या अधिवक्तागण हड़ताल पर रहे।

3. चूंकि प्रस्तावित निर्णय/आदेश की प्रकृति को दृष्टिगत रखते हुए प्रत्यर्थीगण को नोटिस निर्गत किया जाना प्रस्तावित नहीं है।

4. अपीलार्थी के पक्ष से उपस्थित योग्य अधिवक्ता का तर्क है कि -2- प्रश्नगत परिवाद, परिवादी की अनुपस्थिति के कारण निरस्त करने का आदेश पारित किया गया है, जो अविधिक है तथा उक्त आदेश के स्थिर रहने से अपीलार्थी सारवान न्याय पाने से वंचित हो जाएगा।

5. अत: प्रकरण के उपरोक्त वर्णित समस्त तथ्यों एवं परिस्थितियों के आलोक में तथा इसके गुणदोष पर कोई मत व्यक्त किए बिना मात्र इस आशय से कि तकनीकी कारणों से यथासम्भव पक्षकारों को सुनवाई के अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। अत: पीठ का यह सुविचारित मत है कि अपीलार्थी/परिवादी को इस आशय से एक अंतिम अवसर प्रदान किया जाना न्याय के अनुरूप होगा कि वे विद्वान जिला आयोग के समक्ष उपस्थित होकर प्रकरण में आवश्यक पैरवी कर सके,ं जिससे विद्वान जिला आयोग द्वारा प्रश्नगत परिवाद का निस्तारण गुणदोष के आधार पर किया जाना सुनिश्चित किया जा सके। पारिणामिक रूप से प्रस्तुत अपील स्वीकार करते हुए परिवाद संख्या- 466/2019 अपने मूल नम्बर पर पुनर्स्थापित किए जाने योग्य है।

आदेश

6. प्रस्तुत अपील स्वीकार की जाती है। विद्वान जिला आयोग, गोरखपुर द्वारा परिवाद संख्या-466/2019 में पारित आलोच्य निर्णय/आदेश दिनांकित 23.08.2025 अपास्त किया जाता है। प्रकरण विद्वान जिला आयोग को इस निर्देश के साथ प्रतिप्रेषित किया जाता है कि वह उपरोक्त परिवाद को अपने मूल नम्बर पर पुनर्स्थापित करते हुए अपीलार्थी/परिवादी को अंतिम अवसर दो सप्ताह का प्रदान करना सुनिश्चित करेंगें कि वे प्रत्यर्थीगण/विपक्षीगण के लिए आवश्यक पैरवी करना सुनिश्चित करेंगें, जिससे कि प्रश्नगत परिवाद का निस्तारण गुणदोष के आधार पर सुनिश्चित किया जा सके।

अपीलार्थी दिनांक 25.05.2026 को संबंधित विद्वान जिला आयोग के समक्ष उपस्थित होंगे।

यहां यह स्पष्ट किया जाता है कि यदि नियत तिथि पर संबंधित विद्वान जिला आयोग के समक्ष अपीलार्थी/परिवादी उपस्थित -3- नहीं होते हैं अथवा परिवाद की सुनवाई में अनावश्यक विलम्ब कारित करते हैं, तो ऐसी दशा में विद्वान जिला आयोग प्रश्नगत परिवाद में विधिनुसार समुचित वैधानिक आदेश पारित करने के लिए स्वतंत्र होंगे।

इस निर्णय/आदेश को आयोग की वेबसाइट पर नियमानुसार यथाशीघ्र अपलोड किया जाना सुनिश्चित किया जाए।





                    (सुधा उपाध्याय)    (न्यायमूर्ति अजय कुमार श्रीवास्तव)

                               सदस्य             अध्यक्ष


लक्ष्मन, पी.ए.-2,




  कोर्ट-1

                                                                         ..................J
                                                             AJAI KUMAR SRIVASTAVA
                                                                         PRESIDENT


                                                                            ..................
                                                                     SUDHA UPADHYAY
                                                                              MEMBER