Lok Sabha Debates
Need To Give Arrears To Sugarcane Farmers In Baghpat District And To Take ... on 2 December, 2016
Sixteenth Loksabha an> Title: Need to give arrears to sugarcane farmers in Baghpat district and to take stringent action against sugar mills owners.
डॉ. सत्यपाल सिंह (बागपत) : अध्यक्ष महोदया, बागपत के गन्ना किसानों का पिछले वर्ष का बकाया ...(व्यवधान) उमेश मोदी की दो मिलों का भुगतान अभी तक नहीं हुआ है। ...(व्यवधान) उनके लगभग 340 करोड़ रुपया बाकी हैं। वहां के किसान अभी धरने पर बैठे हैं, भूख हड़ताल पर बैठे हैं। ...(व्यवधान) हजारों लोगों ने 25 तारीख को दिल्ली के संसद मार्ग पर प्रदर्शन किया। ...(व्यवधान) अभी एक मिल बंद है। जब तक किसानों का गन्ना नहीं जायेगा तब तक वे गेहूं की फसल नहीं बो सकते। ...(व्यवधान)
अध्यक्ष महोदया, मैं आपके माध्यम से सरकार से निवेदन है कि सबसे पहले दूसरी मिलों के सैंटरों को उनका गन्ना देने का प्रावधान किया जाये। ...(व्यवधान) दूसरा, उनका पिछले साल का जो 340 करोड़ रुपया बकाया है, उसका भुगतान करने के लिए यू.पी. सरकार पर दबाव डाला जाये या भारत सरकार शुगर डेवलपमैंट फंड से करे। ...(व्यवधान) किसानों के अकाउंट में शुगर डेवलपमैंट फंड से डायरेक्ट पैसा दिलवाया जाये। ...(व्यवधान)
तीसरा, भारत सरकार का एक आदेश 1966 का है, जिसे हम केन कंट्रोल आर्डर, 1966 कहते हैं। ...(व्यवधान) उसके तहत अगर सरकार किसानों के गन्ने का पैमेंट 14 दिनों तक नहीं करती है या मिल मालिक नहीं करते हैं, तो उसमें 15 परसेंट ब्याज दिया जाये। ...(व्यवधान) लेकिन मिल मालिकों ने बैंकों से जो कर्ज लिया था, उसका ब्याज यूपी सरकार ने माफ कर दिया है। ...(व्यवधान) लेकिन किसानों से ब्याज लिया जाये, यह एक दुर्भाग्यपूर्ण निर्णय यू.पी. सरकार ने लिया है। भारत सरकार इसको देखे। ...(व्यवधान) मैं आपके माध्यम से यह भी निवेदन करूंगा कि जल्दी से जल्दी इस मिल के मालिक उमेश मोदी के खिलाफ कार्रवाई हो। उसने 231 करोड़ रुपये का घपला किया है। ...(व्यवधान) किसानों का पैसा लेकर दूसरी कंपनियों में लगाया है। ...(व्यवधान) मैंने उसकी डिटेल्ड रिपोर्ट एवं एफआईआर दी है, उसके खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करके, उसे गिरफ्तार किया जाए।...(व्यवधान) उसकी जितनी भी कंपनीज हैं, उनको सील किया जाए, ताकि वह दबाव में आकर गन्ना किसानों का भुगतान करे। ...(व्यवधान)
श्री भैरों प्रसाद मिश्र, कुँवर पुष्पेन्द्र सिंह चन्देल एवं डॉ. किरिट पी. सोलंकी को डॉ. सत्यपाल सिंह द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है।