State Consumer Disputes Redressal Commission
Vinod Kumar vs Smt Sarayaa Parveen on 24 March, 2015
Daily Order STATE CONSUMER DISPUTES REDRESSAL COMMISSION, UP C-1 Vikrant Khand 1 (Near Shaheed Path), Gomti Nagar Lucknow-226010 First Appeal No. A/2095/2014 (Arisen out of Order Dated 10/09/2014 in Case No. C/25/2014 of District Jyotiba Phule Nagar) 1. Vinod Kumar Amroha ...........Appellant(s) Versus 1. Smt Sarayaa Parveen Amroha ...........Respondent(s) BEFORE: HON'BLE MR. JUSTICE Virendra Singh PRESIDENT HON'BLE MR. Jitendra Nath Sinha MEMBER For the Appellant: For the Respondent: ORDER राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, उ0प्र0, लखन ऊ अपील संख्या-2095/2014 (मौखिक) (जिला उपभोक्ता फोरम, अमरोहा द्वारा परिवाद संख्या 25/2014 में पारित आदेश दिनांक 10.09.2014 के विरूद्ध) विनोद कुमार पुत्र श्री लीला सिंह नि0 मौ0 प्रतापनगर, मढैया कमरूददीन, अमरोहा तहसील व जनपद अमरोहा। ....................अपीलार्थी/परिवादी बनाम 1.
श्रीमति सायरा परवीन पत्नी हाजी वसीम कुरैशी Director Y.M. Degree College कांकर सराय रोड, तकिया मोती शाह अमरोहा।
2. याकूब अहमद Principal Y.M. Degree College कांकर सराय रोड, तकिया मोती शाह अमरोहा।
3. हाजी वसीम कुरैशी Manager Y.M. Degree College कांकर सराय रोड, तकिया मोती शाह अमरोहा।
4. Controller of examination EIILM University Jorethang District Nomchi Sikkim- 737121 Sikkim. ................प्रत्यर्थीगण/विपक्षीगण समक्ष:-
1. माननीय न्यायमूर्ति श्री वीरेन्द्र सिंह, अध्यक्ष।
2. माननीय श्री जितेन्द्र नाथ सिन्हा, सदस्य।
अपीलार्थी की ओर से उपस्थित : श्री सत्य प्रकाश पाण्डेय, विद्वान अधिवक्ता।
प्रत्यर्थी की ओर से उपस्थित : कोई नहीं।
दिनांक: 24.03.2015 माननीय न्यायमूर्ति श्री वीरेन्द्र सिंह, अध्यक्ष द्वारा उदघोषित निर्णय अपीलार्थी द्वारा यह अपील जिला उपभोक्ता फोरम, अमरोहा द्वारा परिवाद संख्या 25/2014 में पारित आदेश दिनांक 10.09.2014 के विरूद्ध प्रस्तुत की गयी है, जिसके अन्तर्गत जिला फोरम द्वारा परिवादी का परिवाद -2- खण्डित किया गया।
अपीलार्थी की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री सत्य प्रकाश पाण्डेय उपस्थित हैं। श्री सत्य प्रकाश पाण्डेय को अपील को अंगीकार किए जाने के प्रश्न पर सुना गया और अभिलेख का अवलोकन किया गया। चूँकि प्रश्नगत आदेश परिवादी के उन तथ्यों पर पारित आदेश है, जो शिक्षा से सम्बन्धित है और जिनके सम्बन्ध में परिवादी को उपभोक्ता की श्रेणी में नहीं माना जा सकता है। जैसा कि माननीय राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग द्वारा रीजनल इंस्टीट्यूट आफ कोआपरेटिव मैनेजमेंट बनाम नवीन कुमार चौधरी व अन्य के मामले में, जो कि III (2014) CPJ 120 (NC) पर अंकित है, यह अवधारित किया है कि शिक्षण संस्थायें ऐसी सेवायें प्रदान नहीं करती हैं जो उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के दायरे में आती हों और छात्र शिक्षण संस्थाओं के परिप्रेक्ष्य में उपभोक्ता की श्रेणी में नहीं आता है। माननीय राष्ट्रीय आयोग की उक्त अवधारणा माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पी0टी0 कोसे व अन्य बनाम ऐलेन चैरिटेबल ट्रस्ट व अन्य, सिविल अपील संख्या-22532/2012 जो कि दिनांक 09.08.2012 को निर्णीत हुई है, पर आधारित है, जिसमें निम्नवत् अवधारित है:-
" In view of the judgment of this Court in Maharshi Dayanand University v. Surjeet Kaur, 2010 (11) SCC 159, wherein this Court placing reliance on all earlier judgments has categorically held that education is not a commodity. Educational institutions are not providing any kind of service, therefore, in the matter of admission, fees, etc., there cannot be a question of deficiency of service. Such matters cannot be entertained by the Consumer Forum under the Consumer Protection Act, 1986.
In view of the above, we are not inclined to entertain the special leave petition. Thus, the Special Leave Petition is dismissed."-3-
अत: उपरोक्त विधिक सिद्धान्त को दृष्टिगत रखते हुए प्रश्नगत परिवाद को खण्डित किया जाना विधिसम्मत पाते हुए, उसके विरूद्ध यह अपील अंगीकार की जाने योग्य नहीं है और तदनुसार यह अपील अस्वीकार की जाती है।
(न्यायमूर्ति वीरेन्द्र सिंह) (जितेन्द्र नाथ सिन्हा) अध्यक्ष सदस्य जितेन्द्र आशु0 कोर्ट नं0-1 [HON'BLE MR. JUSTICE Virendra Singh] PRESIDENT [HON'BLE MR. Jitendra Nath Sinha] MEMBER