State Consumer Disputes Redressal Commission
K D A vs Mahesh Prasad Dwivedi on 12 October, 2015
Cause Title/Judgement-Entry STATE CONSUMER DISPUTES REDRESSAL COMMISSION, UP C-1 Vikrant Khand 1 (Near Shaheed Path), Gomti Nagar Lucknow-226010 First Appeal No. A/2006/2625 (Arisen out of Order Dated in Case No. of District ) 1. K D A A ...........Appellant(s) Versus 1. Mahesh Prasad Dwivedi A ...........Respondent(s) BEFORE: HON'BLE MR. Ram Charan Chaudhary PRESIDING MEMBER HON'BLE MRS. Smt Balkumari MEMBER For the Appellant: For the Respondent: ORDER
राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, उ0प्र0, लखनऊ अपील संख्या- 2625/2006 सुरक्षित ( जिला उपभोक्ता फोरम कानपुर नगर, द्वारा परिवाद सं0-143/1998 में पारित निर्णय/आदेश दिनांकित 06-08-2001 के विरूद्ध) कानपुर डेव्लपमेंट अथारिटी, मोतीझील, कानपुर द्वारा वाइस चेयरमैन।
..अपीलार्थी/विपक्षी बनाम महेश प्रसाद दिेवेदी पुत्र श्री शम्भू दयाल दिवेदी निवासी- 187/11, श्रमिक बस्ती, बाबूपुरवा, कानपुर नगर।
.......प्रत्यर्थी/परिवादी समक्ष:-
माननीय श्री राम चरन चौधरी, पीठासीन सदस्य।
माननीय श्रीमती बाल कुमारी, सदस्य।
अपीलकर्ता की ओर से उपस्थिति: श्री एन0सी0 उपाध्याय, विद्वान अधिवक्ता।
प्रत्यर्थी की ओर से उपस्थिति : कोई नहीं।
दिनांक- 10-12-2015 माननीय श्री राम चरन चौधरी , पीठासीन सदस्य, द्वारा उद्घोषित निर्णय अपीलकर्ता ने यह अपील जिला उपभोक्ता फोरम कानपुर नगर, द्वारा परिवाद सं0-143/1998 में पारित निर्णय/आदेश दिनांकित 06-08-2001 के विरूद्ध प्रस्तुत की गई है, जिसमें जिला उपभोक्ता फोरम के द्वारा निम्न आदेश पारित किया गया है:-
"वादी का यह उपभोक्ता वाद आज्ञप्त किया जाता है। विपक्षी को आदेश दिया जाता है कि वह वादी को 400-00 रूपये दिनांक 10-05-1972 से 18 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से ब्याज सहित भुगतान करें तथा 3,000-00 रूपये प्रतिकर व वाद व्यय सहित वादी को निर्णय के दो माह के अन्दर भुगतान करें।"
संक्षेप में केस के तथ्य इस प्रकार से है कि विपक्षी ने 200 वर्गगज क्षेत्रफल भूखण्डों को पट्टे पर देने के लिए नागरिकों से आवेदन लिए। वादी ने 200 वर्ग गज का भूखण्ड पट्टे पर लेने के लिए 400-00 रूपये अग्रिम धन के रूप में जमा किया, परन्तु वादी को उस समय 20-00 प्रतिवर्ग गज की दर से अधिमूल्य पर भूखण्ड प्राप्त होना था, परन्तु वादी को आज तक कोई भूखण्ड उपलब्ध नहीं कराया गया। अत: वादी ने यह उपभोक्ता वाद प्रस्तुत करके यह याचना की, कि विपक्षी से 20-00 प्रतिवर्ग गज की दर से 4000-00 में 200 वर्गगज का नगर सीमा के अन्दर भूखण्ड आवंटित करके पंजीकरण कराया जाये तथा क्षतिपूर्ति में वादी को 200 वर्ग गज मूल्य के बराबर क्षति दिलायी जाय।
जिला उपभोक्ता फोरम में विपक्षी उपस्थित आये और अपना प्रतिवाद पत्र दाखिल किया, जिसमें कहा गया है कि नगरपालिका में भूखण्ड हेतु वादी ने 400-00 रूपये जमा किये थे। रूपया जमा कर देने मात्र से वादी भूखण्ड प्राप्त करने का अधिकारी नहीं हो जाता है। प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करने के बाद लाटरी डाली जाती है, जिसका नाम लाटरी में आता है उसे भूखण्ड (2) दिया जाता है। दिनांक 13-04-1980 को कानपुर विकास प्राधिकरण से यह समाचार प्रकाशित किया गया था कि जिसका धन प्राधिकरण में जमा है और उन्हें कोई भूखण्ड आवंटित् नहीं हुआ है तो वह मूलधन ब्याज के साथ मूल रसीद के साथ वापस ले सकते हैं। उन्हें 31-03-1990 तक ब्याज भी देय होगा, लेकिन वादी के द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई, 400-00 रूपये जमा करना तो भवन प्राप्त करने की सदस्यता फीस है, इससे भूखण्ड प्राप्त करने का कोई अधिकार नहीं मिलता है। वादी ने 400-00 रूपये जमा करने की रसीद की छायाप्रति भी दाखिल की है।
अपीलार्थी की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री एन0सी0 उपाध्याय, उपस्थित है। प्रत्यर्थी की ओर से कोई उपस्थित नहीं है। अपीलार्थी के विद्वान अधिवक्ता को सुना गया। अपील आधार का अवलोकन किया गया।
अपीलकर्ता के तरफ से यह कहा गया कि जिला उपभोक्ता फोरम के द्वारा जो 400-00 रूपये बुकिंग धनराशि पर दिनांक10-05-1972 से उसकी अदायगी तक 18 प्रतिशत ब्याज लगाया गया है, वह न्यायोचित नहीं है, उसे समाप्त किये जाने की याचना की गई।
अपीलार्थी के विद्वान अधिवक्ता को सुनने के उपरान्त एवं केस के तथ्यों परिस्थितियों को देखते हुए हम यह पाते हैं कि जिला उपभोक्ता फोरम के द्वारा जो 400-00 रूपये बुकिंग धनराशि पर 18 प्रतिशत का ब्याज लगाया गया है, उसे परिवर्तित कर 09 प्रतिशत किये जाने योग्य है। शेष आदेश की पुष्टि किये जाने योग्य है। अपीलकर्ता की अपील आंशिक रूप से स्वीकार होने योग्य है।
आदेश तद्नुसार अपीलकर्ता की अपील आंशिक रूप से स्वीकार की जाती है तथा जिला उपभोक्ता फोरम कानपुर नगर, द्वारा परिवाद सं0-143/1998 में पारित निर्णय/आदेश दिनांकित 06-08-2001 में 400-00 रूपये बुकिंग धनराशि पर 18 प्रतिशत का ब्याज जो लगाया गया है, उसे परिवर्तित कर 09 प्रतिशत किया जाता है। शेष आदेश की पुष्टि की जाती है।
उभय पक्ष अपना-अपना अपील व्यय स्वयं वहन करेगें।
(आर0सी0 चौधरी) ( बाल कुमारी ) पीठासीन सदस्य सदस्य आर.सी.वर्मा, आशु. कोर्ट नं05 [HON'BLE MR. Ram Charan Chaudhary] PRESIDING MEMBER [HON'BLE MRS. Smt Balkumari] MEMBER