Lok Sabha Debates
Regarding Cancellation Of Mega Food Park In Amethi, Uttar Pradesh. on 7 May, 2015
Sixteenth Loksabha an> Title:Regarding cancellation of Mega Food Park in Amethi, Uttar Pradesh.
SHRI RAHUL GANDHI (AMETHI): Madam Speaker, I thank you for letting me raise this matter in the House. महोदया, अमेठी में जो फूड पार्क बन रहा था, उसके बारे में मैं यहां बात करना चाहता हूं। कुछ साल पहले मैं यू.पी. के दौरे पर था। वहां एक किसान मेरे पास आया और मुझसे एक सवाल पूछा। उसने कहा कि राहुल जी, आप मुझे एक बात समझाइए। हम आलू बेचते हैं दो रुपये किलो। मगर, जब हमारे बच्चे चिप्स खरीदते हैं तो दस रुपये का एक पैकेट आता है और उसमें एक आलू होता है। किसान ने मुझ से पूछा कि आप हमें बताइए कि यह क्या जादू हो रहा है? मैंने उन किसानों से पूछा कि आपको क्या लगता है? इसका क्या कारण है?...(व्यवधान) भैया, मैं सूट की बात नहीं कर रहा हूं, आलू की बात कर रहा हूं।...(व्यवधान) आप मत घबराइए।...(व्यवधान) महोदया, मैंने किसानों से पूछा और उन्होंने कहा कि राहुल जी, इसका कारण यह है कि जो फैक्ट्रियां बनती हैं, वह हम से दूर होती हैं। अगर हम अपना माल डायरेक्टली फैक्ट्रीज़ में बेच पाते, तो बीच में जो लोग, बिचौलिए पैसे ले जाते हैं, उनको फायदा नहीं होगा और पूरा पैसा हमें मिलेगा। फूड पार्क के पीछे यह सोच थी। एक प्रकार से अमेठी और उत्तर प्रदेश के जो दस-बारह जिले हैं, उनके मजदूरों और किसानों की लड़ाई थी। आहिस्ता-आहिस्ता यह प्रोजेक्ट आगे बढ़ा। दस जिलों के लाखों किसानों को इस प्रोजेक्ट का फायदा मिलेगा। चालीस फैक्ट्रियां वहां लगनी थीं, जहां किसान डॉयरेक्टली अपना माल बेच पाए। अब मैं आपको पिछले चुनाव में ले जाना चाहता हूं। प्रधानमंत्री जी अमेठी आए और उन्होंने ...(व्यवधान) आप किस बात पर ऐतराज कर रहे हैं? ...(व्यवधान) महोदया, मैं दो मिनट में खत्म कर रहा हूँ। ...(व्यवधान) माननीय अध्यक्ष : आप बोलते रहिए, आपकी बात ही रिकॉर्ड होगी।
…( व्यवधान)
श्री राहुल गांधी : प्रधानमंत्री जी ने 52 मिनट का भााण किया। ...(व्यवधान) उन्होंने भााण में एक अच्छी बात कही, जो उस समय मुझे अच्छी लगी थी। उन्होंने कहा कि मैं यहाँ बदले की राजनीति करने नहीं आया हूँ, मैं बदलाव की राजनीति करने आया हूँ। ...(व्यवधान) राजनेताओं के पास अपना वायदा ही होता है और सबसे जरूरी वायदा हिन्दुस्तान में प्रधानमंत्री जी का होता है। ...(व्यवधान) प्रधानमंत्री जी ने किसानों से वायदा किया, मजदूरों से वायदा किया कि वे बदले की राजनीति नहीं करेंगे मगर वह हुआ है। फूड पार्क को कैंसल किया गया है। ...(व्यवधान) मैं यहाँ सिर्फ यह कहना चाहता हूँ कि इस फूड पार्क से अमेठी के किसानों की जिन्दगी में बहुत बड़ा बदलाव आएगा, उनको पैसा मिलेगा, उनको फायदा होगा। इस फूड पार्क को आप कैंसल मत कीजिए। धन्यवाद। माननीय अध्यक्ष : श्री पी.आर.सुन्दरम।
…( व्यवधान)
माननीय अध्यक्ष : सुन्दरम जी, एक मिनट।
…( व्यवधान)
माननीय अध्यक्ष : प्लीज आप बैठिए। आपस में इस तरह से बात करना अच्छी बात नहीं है।
…( व्यवधान)
माननीय अध्यक्ष : ज्योतिरादित्य जी, दो दिन से आपको क्या हो गया है?
…( व्यवधान)
माननीय अध्यक्ष : आप बहुत ज्यादा गुस्सा कर रहे हैं।
…( व्यवधान)
श्री राजनाथ सिंह : महोदया, मैं भी गाँव का रहने वाला हूँ और किसान परिवार की माँ की कोख से पैदा हुआ हूँ। ...(व्यवधान) अभी इस सदन के सम्मानित सदस्य श्री राहुल गाँधी जी ने यह कहा कि दो रूपए का आलू, जब उसकी चिप्स तैयार होती है तो दस रूपये की दर से बिकती है, कम जानते हैं। मैं यह कहना चाहता हूं कि दो रूपए किलो के आलू की चिप्स 50 रूपए, 75 रूपए में पैकेट में मिलता है। ...(व्यवधान) माननीय अध्यक्ष : यह क्या हो रहा है? क्यों आपस में सब लोग बोलते हैं?
…( व्यवधान)
श्री राजनाथ सिंह : आप लोग शांत रहिए, केवल उन लोगों को बोलने दीजिए, आप लोग शांत रहिए। इधर से कोई न बोले। दूसरी चीज, इन्होंने यह कहा है कि इस सरकार ने वह जादू कहां से सीखा है। ...(व्यवधान) यह क्या जादू है? ...(व्यवधान) श्री ज्योतिरादित्व माधवराव सिंधिया (गुना) : इन्होंने जादू नहीं बोला है। ...(व्यवधान)
श्री राजनाथ सिंह : नहीं, जादू बोला है...(व्यवधान) कार्रवाई...(व्यवधान) यह जादू...(व्यवधान) यह क्या जादू है? ...(व्यवधान) अध्यक्ष महोदया, मैं यह कहना चाहता हूं कि यह जादू हमारी सरकार ने नहीं इज़ाद किया है बल्कि जादू यदि किसी ने इज़ाद किया है तो उनकी सरकार ने इज़ाद किया है। ...(व्यवधान) हमारी सरकार ने इसका इज़ाद नहीं किया है। ...(व्यवधान) लेकिन जहां तक इस फूड प्रोसेसिंग पार्क का सवाल है। ...(व्यवधान) इस संबंध में, मैं कहना चाहता हू। माननीय अध्यक्ष : आप फूड पार्क की बात करें।
…( व्यवधान)
माननीय अध्यक्ष : क्या हो गया है, श्री ज्योतिरादित्य जी?
…( व्यवधान)
श्री राजनाथ सिंह : आप दिखवा लीजिएगा।...(व्यवधान) क्या जादू है? ...(व्यवधान)
माननीय अध्यक्ष : आप सभी बैठ जाइए।
…( व्यवधान)
माननीय अध्यक्ष : श्री ज्योतिरादित्य जी, कृपया बैठिए।
…( व्यवधान)
श्री राजनाथ सिंह : क्या जादू है? ...(व्यवधान) यह कहा था।...(व्यवधान) मान लिया कि सरकार के संबंध में नहीं, लेकिन यह कहा कि क्या जादू है? ...(व्यवधान) इस जादू का इज़ाद यदि हुआ है तो पहले ही हुआ है, पिछली सरकार के शासन काल में ही हुआ है। ...(व्यवधान) इस जादू का इज़ाद हम लोगों के शासन काल में नहीं हुआ है। अध्यक्ष महोदय, जहां तक इस मेगा फूड पार्क का प्रश्न है, इसको प्रिंसिपल एप्रूवल वाऩ 2010 में मिला था। ...(व्यवधान) तीन-चार सालों में जो हो रहा था, मैं उसकी चर्चा नहीं करना चाहता हूं। जो मेरी अब तक की जानकारी है, शायद कम्पनी ने ही इसको रिफ्यूज कर दिया...(व्यवधान) माननीय अध्यक्ष : आप सभी इतने क्यों उत्तेजित हो रहे हैं?
…( व्यवधान)
श्री राजनाथ सिंह : मैं इतना ही कहना चाहता हूं कि यदि सम्मानित सदस्य ने उस विाय को सदन में उठाया है तो इस मामले को मैं दिखवाऊंगा कि फैक्ट क्या है?...(व्यवधान) राहुल जी, बदले का तो सवाल ही नहीं खड़ा होता है।…(व्यवधान) हम तो यह मान कर चलते हैं कि हम लोग देश का विकास करना चाहते हैं। अकेले सत्ताधारी दल देश का विकास नहीं कर सकता है, जब तक कि सब का सहयोग प्राप्त नहीं होगा। हमारी यह सोच है। यदि आपने कहा है तो इस मामले को दिखवा लूंगा। मैं व्यक्तिगत रूप से आपको इसकी जानकारी भी दे दूंगा।