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Lok Sabha Debates

Request To Set Up Sports Centre In Lala Lajpat Rai Medical College In Meerut, Uttar ... on 12 February, 2021

Seventeenth Loksabha > Title: Request to set up sports centre in Lala Lajpat Rai Medical College in Meerut, Uttar Pradesh.

श्री राजेन्द्र अग्रवाल (मेरठ): आदरणीय सभापति जी, मेरठ पश्चिमी उत्तर प्रदेश की खेलकूद संबंधी गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है। मेरठ सहित सम्पूर्ण पश्चिमी उत्तर प्रदेश से निकले हॉकी, क्रिकेट, कुश्ती, कबड्डी, शूटिंग व तीरंदाजी के अनेक राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में पदक हासिल करके क्षेत्र का नाम रोशन किया है। खेलते समय खिलाड़ी अनेक प्रकार की चोटों के शिकार होते हैं। उनके इलाज के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की आवश्यकता होती है। इस प्रकार की चिकित्सा प्रदान करने के लिए सम्पूर्ण पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कोई भी स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर नहीं है। राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी देने वाले, इस क्षेत्र से निकलने वाली खेल प्रतिभाओं का समय से उचित इलाज प्रदान करने हेतु मेरठ में इस प्रकार के सेंटर की स्थापना किया जाना अत्यन्त आवश्यक है। इसके लिए मेरठ के प्रतिष्ठित लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज का परिसर सर्वथा उपयुक्त है।

मेरा आपके माध्यम से सरकार से अनुरोध है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश से निकलने वाली खेल प्रतिभाओं के यथोचित इलाज हेतु मेरठ के लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज मेरठ में स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर की स्थापना करने की कृपा करें।

 

22.12 hrs SUBMISSION BY MEMBER         *85 Title: Need to broadcast new in Chattisgarhi language.

 

श्री संतोष पान्डेय (राजनंदगाँव): सभापति महोदय, आपने मुझे समय दिया, इसके लिए मैं आपका आभारी हूं। “अरपा पैरी के धार, महानदी है अपार, इंद्रा नदी है पखारे तोरे पैंया, जय हो जय हो छत्तीसगढ़ मैय्या।” जिस प्रकार से पूरे विश्व में भारत को माता का दर्जा दिया गया है, माता से संबोधित करते हैं, उसी प्रकार से पूरे हिंदुस्तान में, देश में यदि कोई महतारी, कोई माता का दर्जा किसी प्रदेश को है, तो छत्तीसगढ़ को माता का दर्जा है।  

महोदय, जिस प्रकार से अयोध्या भगवान राम की जन्मभूमि है, उसी प्रकार से कौशल्या की जन्मभूमि छत्तीसगढ़ है। वे छत्तीसगढ़ की हैं। छत्तीसगढ़ को, कौशल्या की भूमि को उनकी भाषा चाहिए। आज मेरे लिए सबसे बड़ी खुशी की बात है कि सदन में इससे संबंधित प्रसारण मंत्री सम्माननीय जावड़ेकर जी उपस्थित हैं। मैं उनसे निवेदन करता हूं कि पूरे छत्तीसगढ़ में सरगुजा से लेकर बस्तर तक, छत्तीसगढ़ी भाषा 2 करोड़ लोग बोलते हैं।  टेलीविजन में समाचार छत्तीसगढ़ी में प्रसारित किया जाए। सम्माननीय जावड़ेकर जी यहां बैठे हुए हैं।

मैं आपके माध्यम से कहना चाहूंगा कि आज इससे बढ़कर और कुछ नहीं हो सकता। माननीय जावड़ेकर जी से निवेदन है कि इसको आप अवश्य प्रसारित करेंगे। मेरा निवेदन है कि आप इसके लिए आदेश देंगे।

पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री; सूचना और प्रसारण मंत्री तथा भारी उद्योग और लोक उद्यम मंत्री (श्री प्रकाश जावड़ेकर): भारतीय भाषाओं का सम्मान इस सरकार की नीति है। इसके बारे में विचार करके, क्या तुरन्त किया जा सकता है, वह करेंगे।

         

*t86 Title: Regarding incident of burning 50 houses on Assam-Mizoram border by Mizoram miscreants.

SHRI E.T. MOHAMMED BASHEER (PONNANI): Sir, thank you very much for giving me this opportunity.  I wish to draw the kind attention of this House towards a shocking incident that took place on the border areas of Assam and Mizoram at the Barak Valley region recently. More than 50 houses have been completely burnt and a large number of people are badly injured in this area.

This was organised and well-planned by the Mizoram miscreants.  Most of the injured persons are now admitted in the Silchar Medical Hospital.  Hundreds of people have been rendered homeless and are forced to live under open sky with no shelter over their heads.  Religious buildings like mosques, temples, and Government primary schools were also demolished using crude bombs.  This was done by the Mizoram miscreants.  The local police was looking like the silent spectator.  Assam Government has miserably failed in controlling the situation.  You should not say that it is a State affair, let them take care of it.  You should not say like this.

       We apprehend that this kind of incident may flare up in different places. I would humbly appeal to the Government to urgently interfere in the matter and control the situation.  With these words, I conclude.  Thank you very much.

     

*87 Title: Need to construct connecting road from Akhbarpur to Faizabad at Katehari.

श्री रितेश पाण्डेय (अम्बेडकर नगर): आदरणीय अधिष्ठाता महोदय, मेरे क्षेत्र अम्बेडकर नगर में मुख्‍य रेलवे लाइन का दोहरीकरण हो रहा है, जिसके कारण कटेहरी ब्लॉक से अकबरपुर-फैजाबाद मार्ग से अर्शकपुर, बरवा मार्ग और अखबरपुर अमसीम मार्ग को मिलाने वाले रास्ते को बीच में अवरोधित कर दिया गया है, जिसकी वजह से निनाओपुर, प्रतापपुर, चमुरखा, जरोखा, यरकी, ददवा और तमाम अन्य गांव के लोगों के आवागमन के रास्ते को बाधित कर दिया गया है।

       इस रास्ते के बाधित होने की वजह से लोग अपने जीवन को जोखिम में डालकर रेलवे लाइन क्रास करते हैं। इससे पहले मैंने रेलवे विभाग के सबसे उच्चतम अधिकारियों और रेल मंत्री जी से भी मिलकर बात की है। इस रास्ते पर एक संपर्क मार्ग बनाया जाए या अंडरपास बनाने की व्यवस्था की जाए, जिससे लोगों के दैनिक जीवन में आसानी हो सके और उनके व्यावसायिक कार्य में कोई बाधा न आ सके। बहुत-बहुत धन्यवाद।   

       

*t88 Title: Regarding interstate border dispute between Manipur, nagaland and Assam.

DR. R.K. RANJAN (INNER MANIPUR): Sir, with your kind permission, I would like to raise an important issue pertaining to the interstate border disputes.  Since long there has been unsettled boundary disputes along the border of Manipur-Nagaland and Manipur-Assam.  The boundary of Manipur was safeguarded by various international treaties and agreements and was also endorsed by the comity of nations for the past many years, before Manipur was merged into India.  The States Reorganisation Act, 1971, clearly says that Manipur is an established State and not a newly formed State, unlike neighbouring States like Nagaland.  It also indicates that the boundary of Manipur has been maintained as in the Manipur Merger Agreement, 1949, and cannot be disturbed.

       The disputed areas are in the districts of Senapati, Ukhrul and Jiribam. Few controversial sites are, namely Dzuko Valley, Tungjoy, Wahong, Jiri river area, etc.  These disputes quite often trigger squabbling and enmity between the ethnic people settled in and around the disputed areas and thereby affect the interstate relations.

       Therefore, I would urge upon the Ministry of Home Affairs to kindly look into such a sensitive matter and help the concerned State in finding an amicable solution. Thank you very much.

       

*t89 Title: Regarding losses due to internet shutdowns in India.

SHRI RAJMOHAN UNNITHAN (KASARAGOD): Thank you Chairman, Sir, for giving me this opportunity.

       Sir, India suffered the biggest economic impact in the world in 2020 due to Internet shutdowns, and lost USD 2.8 billion.  As per the report of the United Kingdom-based digital privacy and security research firm, Top10VPN, of the 21 countries that restricted their citizens’ access to Internet last year, the economic impact seen in India was more than double the combined cost for the next 20 countries in the list.  The report added that the actual economic impact for India may be even higher than USD 2.8 billion figure, which itself is double the losses on account of Internet shutdowns in 2019.  India tops the list with 121 shutdowns in 2020 and Venezuela stands a distant second with 21 shutdowns.

       The report made a separate mention of the extended curbs on internet use in Kashmir with suspension of services lasting from August, 2019 -- when the special status of Jammu and Kashmir was scrapped -- to March, 2020, and still it is remaining severely throttled with only 2G access available. Calling it the longest internet shutdown in a democracy, the report says that the restrictions have negatively impacted the distribution of medicines, businesses, and schools.

       The arbitrary internet shutdowns are naked violation of the freedom of speech and expression and the right to practice any profession or to carry on any occupation, trade or business under Article 19 of the Constitution.

       Hence, a comprehensive legislation or protocol may be made to regulate internet shutdowns to ensure the constitutional freedom. Thank you very much.

       

*t90 Title: Regarding admission in the post graduation degree course offered by Medical College in India.

डॉ. संजय जायसवाल (पश्चिम चम्पारण): सभापति महोदय, पिछले सात वर्षों में 100 नए मेडिकल कॉलेज माननीय प्रधानमंत्री जी के प्रयास से खोले गए हैं। 21 दिसम्बर को माननीय हर्षवर्धन जी कहते हैं कि हम वर्ष 2021 में 80,000 छात्रों को मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन देंगे। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जी कहती हैं कि हम 602 जिलों में क्रिटिकल केयर यूनिट की स्थापना करेंगे, परंतु यह भी एक सच्चाई है कि हर्षवर्धन जी राज्य सभा में यह बताते हैं कि वर्ष 2019 में 4,500 सीटें पोस्ट ग्रेजुएशन की खाली रह गईं, वर्ष 2020 में भी 4,500 सीटें पोस्ट ग्रेजुएशन की खाली रह गईं। अगर हम ये सीटें नहीं भरेंगे, चूंकि मेडिकल कॉलेज की पोस्ट ग्रेजुएट सीटें एनॉटमी और फिजियोलॉजी में खाली रहती हैं, सर्जरी और मेडिसिन में सीटें खाली नहीं रहती हैं, तो हम मेडिकल कॉलेज कैसे तैयार कर पाएंगे?

दूसरी बात है, जो डीएम और  एमसीएच की पढ़ाई होती है, उसका एग्जाम भी इसी से होता है। इन सब के लिए जिम्मेदार हमारे सुप्रीम कोर्ट का वह निर्णय है, जो कहता है कि 50 परसेंटाइल पासिंग मार्क्स होने चाहिए। अंडर ग्रेजुएशन में 12 लाख बच्चे परीक्षा देते हैं, 6 लाख बच्चों का सेलेक्शन होता है और 60 हजार बच्चे मेडिकल में जाते हैं। हमें यह समझना पड़ेगा कि पोस्ट ग्रेजुएशन में एमबीबीएस डॉक्टर, जो यूनिवर्सिटी से पास करते हैं, केवल वही वह परीक्षा देते हैं और उसमें से केवल 50 प्रतिशत बच्चों को चुनना, बाकी 50 हजार डॉक्टर्स के साथ अन्याय है। मेरा आपसे अनुरोध रहेगा कि पोस्ट ग्रेजुएशन में और सुपर स्पेशिएलिटी में 50 परसेंटाइल नियम को तिलांजलि देकर पूरे डॉक्टर्स की मेरिट लिस्ट बनाई जाए। जो डॉक्टर, जिस लेवल पर उस सीट को फिल करता है, एक एमएस, ई एंड  टी डॉक्टर से यह उम्मीद करना कि वह पीजी में एमबीबीएस के बच्चों के साथ 50 परसेंटाइल मार्क्स लाएगा, कहीं न कही ज्यादती है। इसलिए, सभी एक लाख डॉक्टर्स की एक मेरिट लिस्ट बननी चाहिए। जिसको, जो सब्जेक्ट मिले, वह सब्जेक्ट देकर पोस्ट ग्रेजुएट्स की ट्रेनिंग होनी चाहिए, जिससे हम नए मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए प्री और पैरा मेडिकल टीचर्स को और इंडिया की एमसीएच तथा डीएम की सभी सीटों को भर सकें। आपने मुझे समय दिया बहुत-बहुत धन्यवाद।

HON. CHAIRPERSON: Thank you. It is a very good submission. I think that the Government will take care of it.

       

*t91 Title: Regarding according to special catagory status to the state of Andhra Pradesh and request for CBI inquiry into the burning incident of chariot of Laxmi Narasimbha temple at Antarvedi Town in Andhra Pradesh by antisocial elements.

SHRI KURUVA GORANTLA MADHAV (HINDUPUR): Hon. Chairperson, Sir, thank you very much for giving me this opportunity to speak in Zero Hour.

       I would like to bring this to the kind notice of the Central Government. Our hon. Chief Minister of Andhra Pradesh has met our hon. Prime Minister six times and the hon. Home Minister ten times since 2019 requesting that a Special Category Status be accorded to the State. In the Rajya Sabha, the former Prime Minister had told us that a Special Category Status would be extended to Andhra Pradesh since the State was at disadvantage. However, the people of Andhra Pradesh have been betrayed by the Central Government.

       I request for expediting the CBI inquiry into the incident of burning of a chariot of Sri Lakshmi Narasimha Swamy Temple at Antarvedi Town in Andhra Pradesh by anti-social elements. The abovementioned incident took place on the nights of 5th and 6th September, 2020. Accordingly, on 11th September, 2020, the Andhra Pradesh Government vide order G.O. MS No. 105 had decided to handover the investigation of this unfortunate incident to the Central Bureau of Investigation. But, still, there has not been any progress in this case and the process of investigation is slow.

       Through you, I would like to request the hon. Home Minister to direct the CBI to expedite the investigation and bring closure to the case so that the true culprits can be traced.

     

*t92 Title: Need to construct new roads and flyover on Kunjvani and Satvari chowk.

श्री जुगल किशोर शर्मा (जम्मू) : सभापति महोदय, मैं आपके माध्यम से रोड एंड ट्रांसपोर्ट मंत्रालय का ध्यान जम्मू शहर की ओर दिलाना चाहता हूं। जम्मू शहर के आस-पास आईआईटी, आईआईएम, एम्स और एयरपोर्ट का भी विस्तार हो रहा है तथा वहां ऐसे बड़े-बड़े संस्थान कार्यरत हैं। जम्मू के लोग इससे खुश हैं, लेकिन जम्मू शहर में गाड़ियों की तादाद बढ़ रही है। इन गाड़ियों की तादाद बढ़ने से जम्मू के जो दो मेन चौक हैं, एक कुंजवानी चौक है और दूसरा सतवारी चौक है, जो कि एयरपोर्ट के लिए जाता है और कुंजवानी चौक एम्स के लिए जाता है। वहां पर जाम लगा रहता है, जिसकी वजह से देर-देर तक गाड़ियां खड़ी रहती हैं। उन दो रोडों पर फ्लाईओवर ब्रिज बनाया जाए।

महोदय, मेरी रोड एंड ट्रांसपोर्ट मंत्रालय से प्रार्थना है कि वह नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया को आदेश दे, ताकि ये दोनों चौक नए बनाए जाएं। वहां पर फ्लाईओवर ब्रिज भी बनाया जाए, ताकि लोगों को परेशानियों का सामना न करना पड़े। महोदय, मुझे आपने बोलने का अवसर प्रदान किया है, उसके लिए मैं आपको बहुत-बहुत धन्यवाद देता हूं।

     

*t93 Title: Regarding alleged curve of freedom of press in the country.

कुंवर दानिश अली (अमरोहा) : सभापति महोदय, आपने मुझे एक बहुत ही महत्वपूर्ण मुद्दा उठाने का मौका दिया है, उसके लिए मैं आपको धन्यवाद देता हूं। देश में पत्रकारों एवं हास्य कलाकारों की आज़ादी छीनी जा रही है। उन्हें ईमानदारी से कार्य करने एवं देश में हो रही घटनाओं की सच्चाई देश एवं दुनिया के सामने लाने पर जेल भेजा जा रहा है। आज़ाद देश में यह क्या देखने को मिल रहा है?    सभापति जी, दिल्ली विधान सभा चुनाव के समय कितने तथाकथित बुद्धिजीविओं के साथ देश के कई नेताओं ने भड़काऊ भाषण व वक्तव्य दिए थे, लेकिन आज तक उनके खिलाफ कोई भी कार्रवाई नहीं हुई है। पत्रकार जो देश का चौथा स्तंभ है, उसकी आज़ादी छीनी जा रही है। एक बार फिर देश में इमरजेन्सी जैसी स्थिति नज़र आ रही है। हाल ही में स्टैंडअप कॉमेडियन मुनव्वर फारूकी को जेल भेजा गया है। सिंधु बार्डर से स्वतंत्र पत्रकार मनदीप पुनिया को गिरफ्तार किया गया है। उत्तर प्रदेश के आज़मगढ़ में दलित महिला के साथ हुए बलात्कार को कवर करने जा रहे सिद्दीक कप्पन को जेल में रखा जा रहा है। आज़मगढ़ में सरकारी स्कूल के अंदर बच्चों के झाड़ू लगाने के वीडियो बनाने वाले एक पत्रकार को गिरफ्तार किया गया है।…(व्यवधान)

माननीय सभापति : माननीय सदस्य, समाप्त कीजिए।

कुंवर दानिश अली : सभापति महोदय, कई ऐसे बड़े पत्रकारों के खिलाफ कई राज्यों में मुकदमें दर्ज़ किए जा रहे हैं। इस देश में आज़ाद पत्रकारिता की आवाज को दबाने का काम हो रहा है।

माननीय सभापति जी, ऐसी सैकड़ों घटनाएं सामने आई हैं। अपराध करने वाले व अन्य बदमाश सड़कों पर घूम रहे हैं, लेकिन पत्रकार और कॉमेडियनों को जेल की सलाखों के पीछे भेजा जा रहा है।…(व्यवधान) माननीय सभापति जी, मैं आपके के माध्यम से यह अनुरोध करूंगा कि…(व्यवधान)

     

*t94 Title: .

श्री कृष्णपालसिंह यादव (गुना) : सभापति महोदय, मेरे संसदीय क्षेत्र में गुना, शिवपुरी और अशोक नगर तीन जिलें आते हैं, जहां कृषि पर निर्भरता और कृषि की संभावना है, वहां दोनों ही प्रमुखता पर हैं। जैसा कि हमारे यशस्वी प्रधान मंत्री जी का लक्ष्य है, किसानों की आय को दोगुनी करना जिसके लिए अवसंरचना व मूलभूत सुविधाओं की पूर्ति भी आवश्यक है। लोक सभा क्षेत्र में छोटी-बड़ी कई नदियों का जाल बिछा हुआ है, लेकिन उन पर पर्याप्त सिंचाई परियोजना नहीं होनेकी वजह से किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। यदि मेरे क्षेत्र में सिंचाई की व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाए और वर्तमान तकनीकों में सुधार किया जाए, तो किसानों को उनकी उपज और उसकी गुणवत्ता बढ़ाने में सहयोग मिलेगा।

महोदय, मैं आपके माध्यम से माननीय मंत्री जी एवं मेरी सरकार से यह अनुरोध करूंगा कि मेरे संसदीय क्षेत्र में सिंचाई हेतु किसी परियोजना की शुरुआत की जाए, जिससे किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध हो सके।

     

*t95 Title: Restarting of rail service of Pathankot, Punjab and Jogindra Nagar Himachal Pradesh.

श्री रामस्वरूप शर्मा (मंडी) : माननीय सभापति महोदय, मैं आपके माध्यम से रेल मंत्रालय का ध्यान पठानकोट, बैजनाथ और जोगिंद्रनगर की रेल सेवा की ओर दिलाना चाहता हूं। महोदय, गत एक वर्ष से पठानकोट, बैजनाथ और जोगिंद्रनगर की सभी रेल सेवाएं कोविड-19 के कारण बंद कर दी गई थीं, जिसके कारण बहुत से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा रहा है। इस रेल सेवा से भारतीय सेना के सैनिक और बाहरी प्रदेशों के बहुत से पर्यटक सफर करते हैं।

महोदय, मेरा आपके माध्यम से माननीय रेल मंत्री जी से यह आग्रह है कि पठानकोट, बैजनाथ और जोगिंद्रनगर की रेल सेवाओं को पुनः शुरू करने की कृपा करें।

       

*t96 Title: Regarding stoppage of trains on Multai, Barbatkur, Ghoradogri and Betul railway stations in Madhya Pradesh.

श्री दुर्गा दास उइके (बैतूल) : माननीय सभापति जी, मुझे आपने लोक हित के मुद्दे पर अपने विषय की प्रस्तुति करने का अवसर दिया है, उसके लिए मैं आपका हृदय से आभारी हूं। महोदय, मेरे बैतूल-हरदा-हरसूद लोक सभा क्षेत्र में रेल स्टॉपेज़ हेतु अनेक जन आंदोलन हुए हैं। मुलताई सूर्यपुत्री ताप्ती नदी की उद्गम स्थली है। वहां देश भर के श्रद्धालुओं का आवागमन बढ़ गया है। ट्रेन स्टॉपेज़ पर्याप्त मात्रा में न होने से यात्रियों को विविध प्रकार की तकलीफों का सामना करना पड़ता है।

मैं आपके माध्यम से माननीय रेल मंत्री जी से विनम्र अनुरोध करता हूँ कि मुलताई रेलवे स्टेशन पर स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस 12803-12804, जबलपुर-नागपुर अमरावती एक्सप्रेस 12159-12160, जी.टी. एक्सप्रेस 12615-12616, जयपुर-चैन्नई एक्सप्रेस 12968-12969, रेलवे स्टेशन बरबटपुर अण्डमान एक्सप्रेस 16031-16032, आमला रेलवे स्टेशन निजामुद्दीन-विशाखापत्तनम स्वर्ण जयंती 12803-12804, निजामुद्दीन-त्रिवेन्द्रम स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस 12643-12684, इसी तरीक से रेलवे स्टेशन घोड़ाडोंगरी अमरावती-जबलपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस 12159-12160, इसी तरीके से रेलवे स्टेशन अमला के लिए निजामुद्दीन-विशाखापत्तनम स्वर्ण जयंती 12803-12804, बैतूल रेलवे स्टेशन के लिए यशवतंपुर-लखनऊ एक्सप्रेस, चैन्नई-देहरादून एक्सप्रेस, इसी तरह से बिलासपुर-बिकानेर एक्सप्रेस को आप हमें अनुग्रहित करने की कृपा करें।

     

*t97 Title: Need to provide means of livlihood and employment to the displaced people of SC&ST community in Robertganj Constituency, Uttar Pradesh.

श्री पकौड़ी लाल कोल (राबर्ट्सगंज): माननीय सभापति जी, मैं संसदीय क्षेत्र राबर्ट्सगंज जनपद सोनभद्र से आता हूँ। आपने मुझे महत्वपूर्ण विषय पर बोलने का अवसर दिया, उसके लिए मैं आपका आभार प्रकट करता हूं। महोदय, मेरा संसदीय क्षेत्र राबर्ट्सगंज जनपद, सोनभद्र एक अनुसूचित जाति क्षेत्र है, जो आजादी के बाद से ही आज तक अनुसूचित जाति क्षेत्र कहलाता है।

       महोदय, वहाँ पर काफी समस्याएं थीं, लेकिन मुझे अभी सांसद बने डेढ़ साल ही हुआ है और वहाँ पर इतना विकास हो गया है कि मैं उसे कैसे गिनाऊ? आपने मुझे आधे मिनट का समय दिया है। आप मुझे थोड़ा समय और दे दें। मेरे संसदीय क्षेत्र में 100-100 किलोमीटर पर विकास खण्ड था। अब वहाँ दो विकास खण्ड हो गए हैं। वहाँ पर तहसील का निर्माण हो गया है। वहाँ पर एकलव्य विद्यालय, अटल विद्यालय, मेडिकल कॉलेज और जल जीवन मिशन के तहत बहुत विकास हो रहा है। हम पर केन्द्र सरकार और राज्य सरकार की कृपा बरसी है। मैं चाहूँगा कि यह कृपा ऐसे ही बरसती रहे।

       महोदय, मैं आपके माध्यम से सरकार से चाहूँगा कि थोड़ी सी कृपा और बरस जाए। मेरे यहाँ रिहंद जिले से 106 गाँव विस्थापित हो गए। हमारे यहाँ पर दर्जनों कंपनियां लगी हुई हैं, लेकिन वे उन विस्थापितों को, गरीबों को रोजगार नहीं दे रही है। अगर वहाँ पर अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़े लोगों को किसी तरह की नीति बनाकर रोजगार दे दिया जाए तो बहुत कृपा होगी।

         

*t98 Title: Need to provide relief assistance to teh farmers who suffered sever damage to crops due to heavy rains in Tamil Nadu.

*SHRI DHANUSH M. KUMAR (TENKASI): Hon. Chairman Sir, Vanakkam. In my Tenkasi constituency, even though there was not much impact due to Nivar and Uvari cyclones which caused devastation in Tamil Nadu, the unseasonal heavy rains, for 20 days, which followed the cyclones, have caused severe damage to crops in thousands of acres of cultivable land and more than 50 thousand acres of uncultivable land.  The State Government although gave assurance for adequate compensation. There was no survey done to assess the damage caused by heavy rains. Moreover the relief assistance is also very less. Thousands of farmers, for generations together, have been engaged in farming activities in the cultivable lands attached to the Temples in Tamil Nadu. The  Government has refused to provide relief assistance to such farmers as well. I urge through you, seeking the intervention of the Union Government in this matter and as demanded by our revered leader Thalapathi M.K. Stalin, Rs 50000 per acre should be provided as relief assistance to the affected farmers at the earliest. Thank you for this opportunity.

       

*t99 Title: Regarding construction of a bridge between pirpainti and Karhagola Gangaghat in Katihar Parliamentary Constituency, Bihar.

श्री दुलाल चन्द्र गोस्वामी (कटिहार): सभापति महोदय, आपने मुझे समय दिया, उसके लिए आपको बहुत-बहुत धन्यवाद। मेरे संसदीय क्षेत्र कटिहार जिला के अंतर्गत बरारी प्रखण्ड में काढ़ागोला गंगाघाट एक पौराणिक स्थल है तथा एक ऐतिहासिक और सामाजिक महत्व का भी है। महोदय, सन् 1962 में चाइना वॉर के दौरान काढ़ागोला गंगाघाट, दार्जिलिंग सरहद के रास्ते से बिहार के रेजीडेंट सेन्टर पटना के दानापुर छावनी से जवानों ने बर्मा बार्डर तक कूच किया था।

यह सड़क मीर कासिम और शेरशाह सूरी के शासन काल से निर्माण होती आ रही है और इसको उपयोग में लाया जा रहा है। उस समय का कारागोला घाट एक व्यापारिक केन्द्र था और आज भी है। कारागोला गंगा घाट से दार्जिलिंग होते हुए चीन सीमा तक पहुंचने का एक सुगम रास्ता भी है।

       सभापति महोदय, मैं आपके माध्यम से माननीय मंत्री जी से कहना चाहूंगा और सरकार से आग्रह करूंगा कि पीरपैंती और कारागोला घाट के बीच, कारागोला गंगा घाट पर ब्रिज का निर्माण हो जाने से बिहार, झारखण्‍ड, पश्‍चिम बंगाल के साथ-साथ पड़ोसी देश नेपाल से भी हिन्दुस्तान का संबंध जुड़ जाएगा और इस क्षेत्र का विकास होगा। आपने मुझे बोलने के लिए समय दिया, इसके लिए आपको धन्यवाद देता हूं।

       

*t100 Title: Need to include seven sub-sects of Devendrakula Vellalar community as one and provision of sub quota reservation of 2 percent for vanniyar community by Union Government.

*SHRI S. R. PARTHIBAN (SALEM):Hon. Chairman Sir, Vanakkam. Dr. Kalaignar M. Karunanidhi upheld social justice by providing 18 percent reservation to people belong to SCs and STs. Dr. Kalaignar M. Karunanidhi also provided 20 per cent reservation as well as sub-quota to the Vanniyars and other castes in Tamil Nadu. Following the footsteps of the savior of social justice Dr.  Kalaignar M. Karunanidhi, I urge that the Union Government should provide a sub-quota reservation of 2 per cent for Vanniyar community. In the southern districts of Tamil Nadu, the people belonging to Devendra Kula Vellalar community have been demanding for long for inclusion of seven sub-sects namely Kudumbar, Pannadi, Kaaladi, Kadaiyar, Devendrakulathar, Pallar, Vadhiriyar under Devedra Kula Vellalar community. At present through the Govt. Orders the names of these sub-sects are listed separately. The demand put forth by the people belonging to this community for inclusion as one name is a genuine one. There have been agitations held for long in the southern districts of Tamil Nadu to fulfill this demand. I urge the Union Government to issue a Gazette notification for inclusion of all these sub-sects as one in the name of Devendra Kula Vellalar for the benefit of the people of this community.

   

*t101 Title: Request to open Central Government Health Scheme (CGHS) dispensary in Bharatpur Parliamentary Constituency, Rajasthan.

श्रीमती रंजीता कोली (भरतपुर):महोदय, मेरे संसदीय क्षेत्र भरतपुर में सीजीएचएस संबंधी सुविधा न होने से मेरे संसदीय क्षेत्र के केन्द्र सरकार के विभिन्न विभागों के कर्मियों और केन्द्रीय कर्मचारी पेंशनरों के परिवारों को अपनी स्वास्थ्य संबंधी कठिनाइयों के लिए भरतपुर से 200 किलोमीटर दूर जयपुर तक जाना पड़ता है, जो न्यायोचित नहीं है। यह उनके लिए काफी महंगा है और इससे उनको कष्ट का अनुभव करना पड़ रहा है। मेरे संसदीय क्षेत्र भरतपुर में सैनिक, पूर्व सैनिक, अर्धसैनिक बलों की विधवाएं एवं शहीद परिवार काफी संख्या में निवास करते हैं और सीजीएचएस की सुविधा से वंचित हैं। उपरोक्त परिस्थितियों के चलते मेरे संसदीय क्षेत्र भरतपुर में  सीजीएचएस डिस्पेंसरी खोलने का आदेश प्रदान कर अनुग्रहित करें। धन्यवाद।

       

*t102 Title: Need to include Kurmali language in Census of India, which are spoken by Kudumi Community in Jharkhand, West Bengal and Odisha.

श्री बिद्युत बरन महतो (जमशेदपुर): सभापति महोदय, मैं आपका ध्यान एक अति महत्वपूर्ण विषय की ओर आकृष्ट करना चाहता हूं कि देश में वर्ष 2021 में शुरू हो रही जनगणना में कुड़मियों की मातृभाषा कुड़माली भाषा को भाषा कोड में शामिल किया जाए। यह ज्ञातव्य है कि सम्पूर्ण छोटा नागपुर पठार अंतर्गत झारखण्ड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा के अलावा असम राज्य के विभिन्न जिलों में लगभग 2 करोड़ से भी अधिक जनसंख्या के साथ कुड़मी जनजाति समुदाय की मातृभाषा कुड़माली है। भारत की जनगणना की भाषा सूची में कुड़माली भाषा का कोड नहीं दिया गया है, जिसमें एक आदिम विशिष्टता से परिपूर्ण भाषा और संस्कृति कि विलुप्त होने का खतरा मंडरा रहा है।

       अत:, सभापति महोदय, आपके माध्यम से केन्द्र सरकार से अनुरोध है कि कुड़मियों की मातृभाषा कुड़माली को भाषा कोड में शामिल करने की कृपा की जाए। धन्यवाद।

     

*t103 Title: Need to include NH 161 and 161BB in Bharatmal Pariyojna.

SHRI B. B. PATIL (ZAHIRABAD): Sir, I thank you for giving me this opportunity to speak in the House today.

       I would like to draw the kind attention of the hon. Minister of Road Transport and Highways and would like to state that in the year, 2016, the Government of India gave approval, in principle, to National Highways in Telangana State to an extent of 1951 kilometres and among these approved National Highways, five roads came under my Lok Sabha Parliamentary constituency, Zahirabad but unfortunately, the current progress of work in these roads is almost nil.

       The names of the roads are:

1.          Nizampet-Narayankhed-Bidar declared as NH 161.
2.         Madnoor -Bodhan-Nizamabad declared as NH 161BB.
3.         Medak-Yellareddy-Banswada-Rudrur-Badhan.
4.         Karimnagar-Sircilla-Kamareddy-Yellareddy-Pitlam.
5.         Zaheerabad-Bidar-Degloor.
 

The above roads were approved in principle during the year, 2016, that is, five years back.

       Through the Chair, I request the hon. Minister to kindly include the first two declared National Highways under Bharatmala Pariyojana or NH(O) programme, and the remaining roads which have still not been declared as National Highways may kindly be given NH numbers and be included in the same programme as requested above.

     

*t104 Title: Need for construction of service road near Limbiya Village where construction work of 6 Lanes NH 45 is under going.

श्री हँसमुखभाई एस. पटेल (अहमदाबाद पूर्व): सभापति महोदय, धन्यवाद। मेरे संसदीय क्षेत्र अहमदाबाद ईस्ट में रोड ट्रांसपोर्ट एण्ड हाइवे मंत्रालय के माध्यम से अहमदाबाद-हिम्मतनगर एनएच-45 का छ: मार्गीय काम निर्माणाधीन है। इस हाइवे के किनारे पर लिंबड़िया नाम का एक बहुत बड़ी आबादी वाला गांव स्थित है।

महोदय, दिक्कत यह है कि इस गांव के पास हाइवे के पैरलल सर्विस रोड का प्रावधान नहीं किया गया है। सर्विस रोड न होने की वजह से गांव वालों को आने-जाने में बहुत दिक्कत होती है और अकस्मात् होने की भी बहुत बड़ी सम्भावना रहती है। मैं आपके माध्यम से माननीय मंत्री जी से निवेदन करता हूं कि लिंबड़िया गांव के पास समांतर सर्विस रोड बनाने के लिए उचित आदेश करें।

   

*t105 Title: Request to sanction four lane projects for Hyderabad-Kalwakurthy section of NH 765 in the Annual plan 2021-22.

SHRI RAMULU POTHUGANTI (NAGARKURNOOL): Thank you, Sir, for giving me this opportunity. I would like to bring to your kind notice that the Ministry of Road Transport and Highways has developed the Hyderabad-Srisailam section of NH 765 from km 23/00 to 108/800 to two lanes with paved shoulders during the year 2016 for which DLP and maintenance period was completed in 2018. It is to inform that the NH 765 leads to the famous Jyothirlinga Sri Mallikarajuna Swamy Temple at Srisailam in Andhra Pradesh. It is to inform that the newly declared NH 167K starts from km 67/0 of NH 765 at Kalwakurthy. It is also to inform that the present traffic up to Kalwakurthy on NH 765 is about 14000 PCUs (As per Toll plaza at km 41/00 records) and the traffic will be further increased manifold if the NH 167K is developed to NH standards as it will be the shortest route to Tirupathi and Chennai. Keeping in view the present traffic and also the traffic in future, it is very essential to develop the existing two-lane paved shoulder highway from Hyderabad to Kalwakurthy (NH 765) to four lane standards.

       It is requested to kindly sanction four lane project for Hyderabad-Kalwakurthy section of NH 765 in the Annual Plan 2021-22.

     

*t106 Title: Need for CBI enquiry into the death of Navy sailor Suraj Kumar Dubey.

श्री विष्णु दयाल राम (पलामू): सभापति महोदय,मुझे इस क्षण का विगत एक सप्ताह से इंतजार था। आपने मुझे अवसर प्रदान किया,इसके लिए मैं आपका आभारी हूं। मैं जिस विषय-वस्तु को आपकी अनुमति से सदन में उठाना चाहता हूं,उसका संबंध न केवल मेरे संसदीय क्षेत्र से है,बल्कि देश की नौसेना से भी है। मेरे संसदीय क्षेत्र पलामू के पूरबडीहा गांव का सपूत सूरज कुमार दुबे आईएनएस अग्रणी में सेलर के पद पर पदस्थापित था। वह छुट्टी पर घर गया था और छुट्टी बिताने के बाद ड्यूटी ज्वॉइन करने के लिए जा रहा था। दिनांक 30.01.2021को चेन्नई एयरपोर्ट से तीन अपहरणकर्ताओं ने उसका अपहरण कर लिया। उन लोगों ने उसको तीन दिन तक चेन्नई में बंधक बनाकर रखा। उसके बाद वहां से 1500किलोमीटर दूर पालघर मुंबई में ले जाकर जलाया और मरी हुई स्थिति में पालघर के जंगल में छोड़ दिया। प्रश्न यह उठता है कि उसको इतनी दूर ले जाकर मर्डर की क्या आवश्यकता थी?

उसका मर्डर क्यों किया गया?…(व्यवधान)

माननीय सभापति:  आपकी डिमांड क्या है?

श्री विष्णु दयाल राम :सभापति जी,मेरी यह डिमांड है कि इस कांड की जांच सीबीआई से कराने की कृपा की जाए, इस प्रकार का आदेश देने की कृपा की जाए। मेरा आदरणीय गृह मंत्री जी से अनुरोध है कि जो भी प्रक्रियाएं हैं, उसे पूरी करके इस कांड का जांच सीबीआई से कराएं। मैंने इस संबंध में रक्षा मंत्री जी से भी मुलाकात की है, उन्होंने सेना के दृष्टिकोण से एक हाई लेवल इंक्वायरी सेट-अप की है। इस नृशंस कांड को देखते हुए और हमारी जनता इस कांड की कारण बहुत उद्वलित है,बहुत आक्रोषित है,तो निश्चित रूप से इस कांड का सीबीआई के द्वारा इंक्वायरी होनी चाहिए।

       

*t107 Title: Regarding extension of metro rapid rail from Muzzaffarnagar to Saharanpur in Uttar Pradesh.

श्री हाजी फजलुर रहमान (सहारनपुर): माननीय सभापति महोदय, अभी कुछ दिनों पहले रेलवे मिनिस्टर पीयूष गोयल जी ने  दिल्ली से अलवर और दिल्ली से मेरठ के लिए रैपिड रेल चलाने की घोषणा की थी। उसे बढ़ा कर मेरठ से मुजफ्फरनगर कर दिया गया, लेकिन मेरी यह मांग है कि उसे मुजफ्फरनगर से बढ़ा कर सहारनपुर तक कर दिया जाए। हालांकि मैंने इस सिलसिले में एक लैटर मंत्री जी को लिखा था, लेकिन सहारनपुर एनसीआर में शामिल नहीं है, इसलिए वह उसका विस्तार नहीं कर सकते हैं। पब्लिक इंटरेस्ट में हमारा यह कहना है कि सहारनपुर जंक्शन ही एक वाहिद जंक्शन है, जो उत्तराखंड को जोड़ता है। इसी रेलवे के जरिए ही हरिद्वार, मसूरी और देहरादून जाया जा सकता है। इसके अलावा यह इसलिए भी जरूरी है, क्योंकि मुल्क की सुरक्षा दृष्टि के लिहाज से सहारनपुर में सरसावा एयरबेस है, जिसको एयरपोर्ट में तब्दील कर दिया गया है। इसके अलावा सहारनपुर में ही मिलिट्री रिमाउंट डिपो भी है एवं वहां रूड़की और देहरादून कैंट भी हैं। इसलिए पब्लिक इंटरेस्ट में यह जरूरी है कि इसे बढ़ा कर सहारनपुर तक कर दिया जाए। इसके अलावा एक इंटरनेशनल वूडन हैंडी क्राफ्ट का हब है। वह पूरी दुनिया में मशहूर है। वहां बॉयर्स को आने-जाने की सहूलियत मिलनी चाहिए, ताकि हमारा फॉरेन एक्सचेंज बढ़े और हमारा बिजनेस भी बढ़े।

     

*t108 Title: Need to cancel the existing tender of constructing four lane National Highway connecting Tarsod and Eagne in Jalgoan Parliamentary Constituency, Maharastra and release the tender at EPC Mode.

श्री उन्मेश भैय्यासाहेब पाटिल (जलगाँव): सभापति महोदय, मैं सरकार का ध्यान अपने लोक सभा क्षेत्र जलगाँव में लंबित राष्ट्रीय राजमार्ग की तरफ आकृष्ट करना चाहूंगा। नेशनल ऑथोरिटी ऑफ इंडिया ने 2016 में  नेशनल हाईवे डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के अंतर्गत फोरलेनिंग - टरसोड फागने  के निर्माण के लिए बिडिंग की और टेंडर फ्लोट किया। उस परियोजना की एस्टिमेटेड कॉस्ट 197 करोड़ रुपए थी। नवम्बर, 2016 में इस परियोजना का टेंडर एम्बियंट इंफ्रास्ट्रक्चर की अगुवाई वाले कन्‍सोर्टियम दिया गया। परंतु इस राजमार्ग के निर्माण का कार्य बहुत धीमी गति से चल रहा है और वर्ष 2020 तक केवल 14 प्रतिशत कार्य हुआ है। यह निर्माणाधीन होने के कारण 200 से ज्यादा लोगों की राजमार्ग पर सड़क दुर्घटना के कारण मृत्यु हो गई है। इसके कारण स्थानीय लोगों में बहुत असंतोष व्याप्त है। नेशनल हाईवे ऑथरिटी ऑफ इंडिया के जो प्रोजेक्ट डायरेक्टर हैं, कंसेसनेयर को चार करोड़ रुपये की पेनल्टी लगाई गई है। माइल स्टोन-वन और माइल स्टोन-टू का काम पूरा नहीं किया गया है। मेरी यह मांग है कि परियोजना के लिए दिए गए टेंडर को खारिज किया जाए और ईपीसी मोड पर इसके निर्माण के लिए तत्काल टेंडर किए जाएं और जो प्रोजेक्ट डायरेक्टर है, थर्ड पार्टी क्वालिटी एजेंसी है और काँट्रैक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

     

*t109 Title: Need to establish railway bench in and provide halts for trains like Gorakhpur Express, Humsafar Express, Arunachal Express and Garib rath Express at Thave railway station in Bihar.

डॉ. आलोक कुमार सुमन (गोपालगंज): सभापतिमहोदय, रेलवे की देश के विकास में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका है। मेरे संसदीय क्षेत्र गोपालगंज में घनी आबादी है, जिसकी जनसंख्या लगभग 28 लाख है, वहां एक महत्वपूर्ण थावे जंक्शन है, जहां से दिल्ली एवं अन्य महानगरों के लिए कोई भी मेल, एक्सप्रेस या सुपरफास्ट ट्रेन नहीं है। थावे जंक्शन वाराणसी डिवीजन में आता है, लेकिन पूरे बिहार में इस डिवीजन में केवल छपरा जंक्शन पर रेलवे पीठ है, जबकि देश के अन्य हिस्सों में मात्र 50 से 60 किलोमीटर की दूरी पर रेलवे पीठ दी गई है। जिसके कारण थावे से लंबी दूरी की ट्रेन नहीं चल पाती है। वहां के लोगों को दूसरे जिले में जाकर ट्रेन पकड़नी पड़ती है। थावे जंक्शन पर कॉमर्शियल फिजिबिलिटी के साथ-साथ यात्रियों की काफी संख्या है। वहां के लाखों लोग विदेशों में रहते हैं और वहां से सबसे ज्यादा विदेशी मुद्रा सरकार को मिलती है।

       अत: सदन के माध्यम से सरकार से मैं निवेदन करता हूं कि थावे जंक्शन में रेलवे पीठ दी जाए। इसके साथ-साथ गोरखधाम एक्सप्रेस और हमसफर एक्सप्रेस को गोपालगंज, थावे होते हुए छपरा तक विस्तारित किया जाए। अथवा अरुणाचल प्रदेश एक्सप्रेस, गरीब रथ ए.सी. एक्सप्रेस में से कुछ ट्रेन्स को थावे-गोपालगंज होते हुए दिल्ली के लिए डायवर्ट किया जाए। इससे रेलवे का रेवेन्यू भी बढ़ेगा एवं मेरा संसदीय क्षेत्र गोपालगंज दिल्ली एवं अन्य महानगरों से भी जुड़ेगा।

     

*t110 Title: Need to sanction AIIMS in Gulbarga, Parliamentary Constituency, Kerala.

DR. UMESH G. JADAV (GULBARGA): Hon. Chairman, Sir, I come from the most backward District of Karnataka, that is, Gulbarga. The health indices are very alarming there.

       Hence, I would request the hon. Health Minister and the hon. Prime Minister-ji, to sanction an All India Institute of Medical Sciences in Gulbarga.

माननीय सभापति: वहाँ ईएसआई मेडिकल कॉलेज, सुपरस्पेशियलिटी हॉस्पिटल्स आदि सभी हैं।

DR. UMESH G. JADAV: The reason being, we have got all the challenging infrastructure methods as required by the Ministry of Health and Family Welfare. So, we have got all the criteria fulfilled.  Our hon. Chief Minister, Yeddiurappa-ji has also agreed to give the additional land, which was required by the All India Institute of Medical Sciences. So, there would be no cost burden on the Central Government. We are ready to give all the facilities for setting up of an All India Institute of Medical Sciences at Gulbarga.

       I would once again request the Government to start an All India Institute of Medical Science at Gulbarga.   Thank you.

     

*t111 Title: Need to expedite the work of railway line in Karwartha and Mungeli in Bilaspur Parliamentary Constituency, Chattisgarh.

श्री अरूण साव (बिलासपुर): माननीय सभापति महोदय, देश की आजादी के 75 वर्ष पूर्ण होने वाले हैं, परन्तु आज भी मेरे संसदीय क्षेत्र के अन्तर्गत मुंगेली और कवर्था की जनता आज भी रेल की सुविधा के लिए तरस रही है। मुंगेली में तो अंग्रेजों के शासनकाल में ही रेलवे लाइन बनाने का काम प्रारम्भ हो गया था। लेकिन अंग्रेजी शासन के अंत के साथ ही वह योजना बंद हो गई। वर्ष 2014 में जब नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देश में सरकार बनी, तब मेरे क्षेत्र की जनता में एक आशा जगी और जनता की उम्मीदों को पूरा करते हुए, माननीय नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व वाली सरकार ने वर्ष 2018 में उस रेल लाइन की मंजूरी दी। लेकिन इतने समय के बाद भी काम में कोई प्रगति नहीं दिख रही है।

       माननीय नरेन्द्र मोदी जी और माननीय पीयूष गोयल जी के नेतृत्व में रेलवे का चहुँमुखी विकास हो रहा है। लेकिन मैं माननीय पीयूष गोयल जी से आग्रह करूँगा कि इस परियोजना में भी व्यक्तिगत रूप से रुचि लेते हुए, मेरे मुंगेली और कवर्था क्षेत्र की जनता की आकांक्षाओं को पूरा करते हुए, इस परियोजना के काम में गति लाएं।

     

*t112 Title: Need to expedite the work railway operation between Jhanjhaaurpur to Laukaha via Vachaspati nagar.

श्री रामप्रीत मंडल (झंझारपुर): माननीय सभापति महोदय, मेरे संसदीय क्षेत्र झंझारपुर के अंतर्गत झंझारपुर से लौकहा वाया वाचस्पति नगर होते हुए रेल परिचालन जनहित में अतिआवश्यक है, जिसका कार्य काफी धीमी गति से चल रहा है। इस रेल परियोजना के जल्दी पूरा होने से यहाँ के निवासियों को रेल यातायात का लाभ मिलेगा और इसके साथ-साथ आर्थिक व सामाजिक विकास में मदद मिलेगी।

       लौकहा के नेपाल सीमा के नजदीक होने के कारण दोनों देशों के व्यवसाय में भी मदद मिलेगी तथा गरीबी रेखा में जीवनयापन कर रहे मजदूरों को भी इस परियोजना से रोजगार मिलेगा।

       अत: मैं आपके माध्यम से माननीय रेल मंत्री जी से आग्रह करूँगा कि इस परियोजना को जल्द-से-जल्द पूरा करें ताकि वहाँ के लोग सुविधापूर्वक यात्रा कर सकें।

       

*t113 Title: Need to change the name of Mumbai Central Railway station in the name of Shri Nana Shankar Seth.

श्री अरविंद सावंत (मुम्बई दक्षिण):माननीय सभापति जी, 8 फरवरी को मेरा शून्यकाल में नाम आया था।

       श्री नाना शंकर सेठ जी को जगन्नाथ शंकर सेठ भी कहा जाता था। इनका जन्म 10 फरवरी, 1803 में हुआ था। यदि हम एशिया की या पूरे भारत वर्ष की बात करें, तो सबसे पहले भारत में मुम्बई से ठाणे तक रेल परिचालन की शुरुआत हुई। उसकी नींव किसी ने डाली, तो वे श्री नाना शंकर सेठ ही थे। उस वक्त उसे ग्रेट इंडियन पेनिनसुला कहते थे और रेलवे हेडक्वार्टर का ऑफिस उनके ही बंगले में था। उन्होंने उसके लिए ब्रिटिश सरकार को पैसे भी दिए, तब पहली रेल शुरू हुई। इसलिए वह रेल लाने वाले श्री नाना शंकर सेठ थे।

       चाहे मुम्बई का ग्रैंड मेडिकल कॉलेज हो, जीजामाता उद्यान हो, जे.जे. स्कूल ऑफ आर्ट हो, एस.एस.सी. बोर्ड हो, ये सब विकास की नींव रखने वाले श्री नाना शंकर सेठ ही थे। उनकी 218वीं जयंती परसों हुई है।

       चेयरमैन सर, मैं इस विषय में मांग करता हूं। उनका नाम मुंबई सेंट्रल रेलवे स्टेशन को देने के काम को हमारी महाराष्ट्र सरकार ने, आदरणीय उद्धव ठाकरे साहब ने मंजूरी दी है। इसके लिए सभी विपक्षियों ने साथ में सहायता की है। इसका प्रस्ताव सरकार के पास आया, हाल ही में सरकार ने इसमें थोड़ी सी अनुकूलता बताई, लेकिन मैं अपेक्षा कर रहा था कि परसों, 10 फरवरी को यदि मुंबई सेंट्रल रेलवे स्टेशन को उनका नामकरण दिया जाता, तो उनकी जयंती के लिए बहुत अच्छा होता।

       मैं आपसे प्रार्थना करता हूं कि सिर्फ उनकी जयंती मनाने की ही नहीं, उनका सम्मान करने की भी आवश्यकता है। बहुत देर हुई है, दुरुस्त हो जाओ। धन्यवाद।

         

*t114 Title: Need to establish censor board or regulatory act for web series on OTT platform.

श्री शंकर लालवानी (इन्दौर): माननीय सभापति महोदय, धन्यवाद।

       महोदय, मैं माननीय मंत्री जी का ध्यान इस ओर लाना चाहता हूं कि हाल ही में मोबाइल फोन्स पर ओटीटी और वेब-सीरीज के माध्यम से जबरदस्त गंदगी परोसी जा रही है। गालियां, हिंसा और धार्मिक भावनाओं के विपरीत हमारी संस्कृति को विकृत करने वाली चीज़ों को परोसा जा रहा है।

       महोदय, अभी हाल ही में एक वेब-सीरीज में हिंदू भगवान का मजाक उड़ाया गया। यह पहली बार नहीं हुआ, यह पहले भी कई बार हो चुका है। यह अपमान अब हम सहन नहीं करेंगे, जिससे हमारी संस्कृति, परंपरा व धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचती है।

       मैं माननीय मंत्री जी से निवेदन करना चाहता हूं कि इसके लिए कोई रेग्युलेटिंग एक्ट या सेंसर बोर्ड बनाया जाए, ताकि इस प्रकार की जो गतिविधियां हैं, वे बंद हों। धन्यवाद।

     

*t115 Title: Need to set solar plate production plant in Firozabad, Uttar Pradesh.

श्री चन्द्र सेन जादौन (फिरोजाबाद): आदरणीय सभापति महोदय, मैं आपका अति आभारी हूं कि आपने मुझे ज़ीरो-आवर में बोलने का अवसर प्रदान किया।

मैं फिरोजाबाद लोक सभा से आता हूं। मेरे लोक सभा क्षेत्र फिरोजाबाद में कांच निर्मित वस्तुएं जैसे कांच की चूड़ी, कांच के ग्लास, खिलौने, झूमर, कांच की बोतल एवं अन्य कांच निर्यात वस्तुओं का उत्पादन केंद्र है। यहां छोटी-बड़ी लगभग 250 इकाईयां उत्पादन में कार्यरत हैं।

यह सभी इकाईयां सूक्ष्म एवं लद्यु उद्योग में रजिस्टर्ड हैं। महोदय, हमारे माननीय प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का सपना आत्म निर्भर भारत है। ‘लोकल से वोकल’ को साकार करना हम सभी का फर्ज़ है और लोकल से वोकल को बढ़ावा देकर जन-जागृति लानी है, क्योंकि इसकी खपत का लगभग 90 परसेंट आयात चीन से होता है।

महोदय, आपसे निवेदन है कि केंद्र सरकार एवं प्रदेश सरकार मेरे लोक सभा क्षेत्र फिरोजाबाद में ताज संरक्षित क्षेत्र (टीटीज़ेड) को छोड़कर इस सोलर प्लेट उत्पादन प्लांट को लगवाने हेतु संबंधित संस्था को जनहित में आदेश निर्गत करने का कष्ट करें। धन्यवाद।

     

*t116 Title: Need to develop Bijnor Parliamentary Constituency in Uttar Pradesh from tourist point of view.

श्री मलूक नागर (बिजनौर): सर, आपका बहुत-बहुत धन्यवाद, जो आपने मुझे बोलने का मौका दिया है। मेरे बराबर में श्री राजेन्द्र अग्रवाल जी बैठे हैं। मेरे लोक सभा क्षेत्र में तीन जिले आते हैं – मेरठ, मुजफ्फरनगर और बिजनौर। मेरठ में हस्तिनापुर की ऐतिहासिक धरती है, जो टेलीविजन और फिल्मों के माध्यम से पूरी दुनिया में मशहूर है।

अयोध्या में बहुत बजट लगाया जा रहा है, जो कि अच्छी बात है। हस्तिनापुर में भी भगवान कृष्ण जी रहे हैं, वहां भी जरूर ध्यान दिया जाए और उसका विकास किया जाए। दिल्ली से वहां तक के लिए सीधी रेल चलाई जाए, जिससे पूरे देश और दुनिया के लोग हस्तिनापुर की ऐतिहासिक धरती को देख सकें।

मुजफ्फरनगर में उसी हस्तिनापुर का हिस्सा शुक्रताल है, जहां गंगा जी जाती हैं। इसका भी विकास किया जाए, जिससे लोगों के धार्मिक कार्य पूरे हों। इसी से मिलते हुए बिजनौर जिले में विदुर कुटी है, जो कि एक ऐतिहासिक धरती है। वहां प्रधान मंत्री श्री लाल बहादुर शास्‍त्री जी भी गए थे, वहां का भी विकास किया जाए। आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।

     

*t117 Title: Need for regulate webseries on OTT Platforms.

श्री विनोद कुमार सोनकर (कौशाम्बी): सभापति महोदय, धन्यवाद।

       महोदय, मैं आपके माध्यम से माननीय मंत्री जी का ध्यान एक गंभीर विषय की तरफ आकर्षित करना चाहूंगा। अभी सदन के मेरे एक साथी ने भी इस विषय को उठाया था। आज वेब-सीरीज के माध्यम से समाज में बहुत ज्यादा अश्‍लीलता परोसी जा रही है।

23.00hrs विभिन्न चैनल्स हैं, चाहे प्राइम मीडिया हो, नेटफ्लिक्स, अमेजन आदि हों, इनके माध्यम से लगातार समाज में अश्लीलता तो परोसी ही जा रही है, इसके साथ ही साथ हिन्दू देवी-देवताओं को भी अपमानित करने का काम किया जा रहा है। मैं तीन वेब सीरीज तांडव, आश्रम और मिर्जापुर का नाम लेना चाहूँगा। तांडव में जिस तरह से हिन्दू देवी-देवताओं को अपमानित करने का काम किया गया है, मैं उत्तर प्रदेश सरकार के मुखिया आदरणीय योगी जी को बधाई दूँगा कि उन्होंने उसके खिलाफ कार्यवाही का आदेश दिया है।

       महोदय, मैं आपके माध्यम से मिर्जापुर सीरीज की तरफ सदन का ध्यान दिलाना चाहूँगा। मिर्जापुर बहुत ही ऐतिहासिक नगरी है। यहाँ पर 51 सिद्धपीठों में से एक माँ विंध्यवासिनी का मंदिर है। मिर्जापुर लाखों मजदूरों को कालीन उद्योग के रूप में काम देता है। मिर्जापुर कालीन उद्योग के नाम से जाना जाता है। मिर्जापुर सीरीज में एक पात्र का नाम कालीन भईया रखा गया है, जिसके कारण पूरा कालीन उद्योग बदनाम हो रहा है और साथ ही साथ मिर्जापुर जैसी ऐतिहासिक नगरी को बदनाम करने का काम किया जा रहा है।

       मैं आपके माध्यम से माननीय मंत्री जी से निवेदन करूँगा कि वे इस पर कुछ बोल दें और ये जितनी भी सीरीज हैं, ये बिना सेंसर बोर्ड की परमीशन के चलाई जा रही हैं, इसलिए इनको रोका जाए। इनके माध्यम से निर्माताओं ने जो पैसा कमाया है, उस सारे पैसे को वसूलकर मिर्जापुर की जो छवि खराब हुई है, उसे ठीक किया जाए। मिर्जापुर की छवि को ठीक करने के लिए इनसे पैसा वसूला जाना चाहिए।

     

*t118 Title: Need to restart the work of connecting Sasaram airport with rest of the country.

श्री महाबली सिंह (काराकाट): महोदय, बिहार के सासाराम, रोहतास को हवाई मार्ग से जोड़ने के लिए तत्कालीन प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह जी की जो प्रमुख समिति थी, उसने वहाँ हवाई अड्डा चालू कराने का निर्णय लिया था। केन्द्र से दो-दो बार सर्वे करने वहाँ टीम भी गई, लेकिन आज तक वह कार्य शुरू नहीं हो पाया और 10 साल से उसी तरह से पड़ा हुआ है। इसके चलते भोजपुर, बक्सर, कैमूर, रोहतास और औरंगाबाद के लोगों को हवाई सेवा का उपयोग करने के लिए 150-200 किलोमीटर तक जाना पड़ता है।

       अत: हम सदन के माध्यम से अनुरोध करना चाहते हैं कि पिछले 10 साल से सासाराम को हवाई मार्ग से जोड़ने का जो कार्य अभी तक बंद पड़ा हुआ है, उसे अविलंब चालू कराया जाए, ताकि कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद और बक्सर जिले के लोगों को हवाई सेवा करने का मौका मिले। धन्यवाद।

     

*t119 Title: Need to accord statehood to the Bundelkhand region.

कुँवर पुष्पेन्द्र सिंह चन्देल (हमीरपुर): महोदय, धन्यवाद।

       महोदय, मैं बुन्देलखंड क्षेत्र से आता हूँ। अभी कोरोना के समय बुन्देलखंड के श्रमिकों ने, जो देश के कोने-कोने में काम करने जाते हैं, बड़ी कठिनाई का सामना किया। क्षेत्र की जनता सभी सदस्यों को यहाँ चुनकर भेजती है। मैं एक ऐसे क्षेत्र से आता हूँ, जो बहुत ही विस्तृत है। हमारा क्षेत्र बहुत फैला हुआ है। मेरे क्षेत्र का क्षेत्रफल बहुत लंबा है, वहाँ गरीबी है और हर दो-तीन साल में  सूखा पड़ता है। हमारा क्षेत्र कृषि पर आधारित है। हम लोग वहाँ की अनेकों माँगों को सदन में रखते रहते हैं कि हमारे यहाँ यह अभाव है, यह कमी है। मोदी और योगी जी के नेतृत्व में हमारे बुन्देलखंड में बहुत अच्छा काम हुआ है। हम सदन में कुछ चीजों का ध्यान आकर्षित कराना चाहते हैं, लेकिन कांग्रेस के लोगों ने जब पूरे सदन का समय बर्बाद किया तो हम लोग अपनी कई माँगों को दबाकर रह गए, उन्हें सदन के सामने नहीं रख पाए। आज जब मैं आपके सामने बात रख रहा हूँ, मुझे इतना समय नहीं मिलेगा, मैं बुन्देलखंड को अलग प्रांत बनाने की माँग इसलिए रख रहा हूँ, क्योंकि आज तक हमारे बुन्देलखंड में एक भी एम्स नहीं है। हम कभी एम्स की माँग करते हैं, कभी आईआईटी की माँग करते हैं, कभी स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया की माँग करते हैं, कभी पर्यटन विश्वविद्यालय की माँग करते हैं। बहुत अच्छा काम हो रहा है, हर घर नल पहुँचाने के लिए योगी जी ने वर्ष 2022 के पहले काम करने का पूरा संकल्प ले रखा है। बुन्देलखंड एक्सप्रेस-वे बन रहा है, डिफेंस कॉरिडोर बन रहा है।

       महोदय, मेरा आपसे एक निवेदन है कि वहाँ के औद्योगीकरण के लिए, क्योंकि हमारा बुन्देलखंड एकमात्र ऐसा क्षेत्र है, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश दोनों हिस्सों में बुन्देलखंड की संस्कृति बंटी हुई है। इसको एक अलग से प्रांत बनाया जाए। मैं समझता हूँ कि इससे हमारे क्षेत्र का विकास परिपूर्ण रूप से हो पाएगा। बहुत-बहुत धन्यवाद।

     

*t120 Title: Need to release funds from Ministry of Finance, Government of India and Bundelkhand development Board for the development the Bundelkhand region and restart the stoppage of trains at Chirgoan Railway Station in Jhansi, Uttar Pradesh.

श्री अनुराग शर्मा (झांसी): महोदय, आपने मुझे अपनी बात रखने का मौका दिया, मैं इसके लिए आपका धन्यवाद करता हूं। अभी हमारे आदरणीय सांसद जी ने जो बात बोली, मैं उसका समर्थन करता हूं।

महोदय, मैं आपका ध्यान इस बात की ओर दिलाना चाहूंगा कि बुंदेलखंड को पैकेज मिला था, लेकिन वह पैकेज अभी वित्त मंत्रालय से रिलीज नहीं हुआ है। हमारे बुंदेलखंड का पैकेज जल्द से जल्द रिलीज करवाया जाए।

दूसरा, आदरणीय योगी जी ने बुंदेलखंड विकास बोर्ड का गठन किया था। अगर उस विकास बोर्ड के लिए केन्द्र सरकार से हमको कुछ पैसे मिल जाएं तो बुंदेलखंड के औद्योगिक विकास में और सामाजिक विकास में हम लोग गति ला सकेंगे।

आपसे एक और अनुरोध है कि बुंदेलखंड के बारे में सब जानते हैं कि बहुत पिछड़ा हुआ क्षेत्र है और दूर-दूर तक फैला हुआ है। मेरे यहां से दो-तीन जगहों से ट्रेनें चलती थीं। विशेष रूप से जाखलौन जैनियों के लिए एक बहुत बड़ा पर्यटन स्थल है और रणछोड़दास मंदिर है, वहां पर सारी ट्रेनें बंद कर दी गई हैं। महोदय, चिरगांव से एक ट्रेन चलती थी। मैं आदरणीय रेल मंत्री जी से आग्रह करूंगा कि चिरगांव में जो दो ट्रेनों का स्टोपेज था, उनको प्लीज फिर से शुरू करवा दिया जाए।

     

*t121 Title: Need to establish textile parks in panipat, Haryana.

श्री संजय भाटिया (करनाल): सभापति महोदय, मैं अपने लोक सभा क्षेत्र से जुड़ा हुआ एक बहुत ही महत्वपूर्ण विषय उठाना चाहता हूं। आपने मुझे उसे उठाने का मौका दिया, उसके लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद। मेरा सौभाग्य है कि यहां इस समय सदन में माननीय टेक्सटाइल मिनिस्टर भी उपस्थित हैं। मेरे लोक सभा क्षेत्र में पानीपत एक इंडस्ट्रियल टाउन है और हिस्टोरिकल सिटी है। इसके अंदर लगभग घरेलू और निर्यात का 50 हजार करोड़ रुपये से भी ज्यादा का टेक्सटाइल का व्यापार होता है। उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, पश्चिमी बंगाल से बुनकर यहां आकर काम करते हैं। यहां के लोगों ने पूरी दुनिया के अंदर हिन्दुस्तान का नाम ऊंचा किया है। पिछले कुछ समय से जो ब्लैंकेट चाइना से बहुत बड़ी मात्रा में इम्पोर्ट होता था, यहां के एन्टरप्रेन्योर ने बहुत मेहनत से वह इम्पोर्ट बंद करके पानीपत में ही उसका उत्पादन किया। पिछले दिनों बजट के अंदर जो सात टेक्सटाइल पार्क्स यहां अनाउंस हुए, माननीय टेक्सटाइल मिनिस्टर यहां पर बैठी हैं, मैं आपके माध्यम से कहना चाहूंगा कि पानीपत को वह टैक्सटाइल पार्क दिया जाए।

 

*t122 Title: Regarding hike fuel prices in India.

SHRI HIBI EDEN (ERNAKULAM): Namaskar Sir.

       Sir, India is going to hit a century very soon in terms of price hike on petrol and diesel. In Kerala, the price of petrol has crossed Rs.90. Coming to fuel price, there was a time when crude per barrel was around 150 dollars but even during those times also, I do not think the price of petrol, diesel and LPG was hiked so much. Sir, this is a very important issue because now the crude oil price globally for one barrel is almost 50 dollars and this is the time when heavy excise duty has been imposed both by the Central and State Governments. On one litre of diesel and petrol, more than Rs.50 has been imposed as excise duty.

       My request to the Central Government is to reduce the price of petrol, diesel and LPG and also to reduce the tariff or reduce the excise duty on these items because the day-to-day life in this pandemic has been very critical.

       I request the Central Government to withdraw as much as possible, the excise duty on these crude oil items so that the common man of this country would not suffer. The State Government is also equally responsible. Whenever the State Governments get additional benefit, they also try to charge more and thereby putting the burden on the common man’s shoulder. So, this is a very important issue.

HON. CHAIRPERSON : The last submission today is of Shrimati Sunita Duggal.

 

श्रीमती सुनीता दुग्गल (सिरसा): सभापति महोदय, मेरे छोटे-छोटे से तीन इश्यूज़ हैं।

HON. CHAIRPERSON: No, you raise one issue. ‘Zero Hour’ is related to only a particular issue.

     

*t123 Title: Need for train stoppage at Narwana railway station and setting up of textile park along with establishing railway connectivity in Sirsa Parliamentary Constituency, Punjab from Chandigarh.

श्रीमती सुनीता दुग्गल: महोदय, दो इश्यूज़ तो रेलवे से ही जुड़े हुए हैं। एक तो मैं यह कहना चाहूंगी कि हम लोग गुरुतेग बहादुर जी का 400वां दिवस मना रहे हैं। अमृतसर से नांदेड़ साहिब एक ट्रेन जाती है, उसमें नरवाना मेरे लोक सभा क्षेत्र में एक स्टेशन है। वहां सिर्फ दो मिनट का स्टोपेज मिल जाए, तो जो लोग अमृतसर से नांदेड़ साहिब जाना चाहते हैं, उनको भी उसका बहुत फायदा मिलेगा तथा जो लोग नांदेड़ साहिब से अमृतसर आना चाहते हैं और नरवाना में खास कर धमतान साहिब एक बहुत बड़ा गुरुद्वारा है। मेरी रेल मंत्री जी से गुजारिश है कि वहां दो मिनट का स्टॉपेज कर दें तो वहां के तीर्थयात्रियों को लाभ मिलेगा। दूसरा, हमारी टैक्सटाईल मिनिस्टर यहां बैठी हुई हैं। हमारी स्टेट के आदरणीय मुख्यमंत्री जी से भी मेरी बात हुई है। हमारे यहां की यह कॉटन बेल्ट है। हमारे किसान भाई को इससे बहुत लाभ मिलेगा, क्योंकि इस बार प्रोक्योरमेंट 90 करोड़ रुपये से 25 हजार करोड़ तक पहुंच गयी है। वह एक कॉटन बेल्ट है। हमारी आदरणीय मंत्री जी यहां बैठी हुई हैं, मेरी उनसे विनती है कि अगर वहां एक टैक्सटाईल पार्क बना देंगे तो हमारे किसान भाईयों को बहुत लाभ मिलेगा। दूसरा, सिरसा में ढींग, फतेहाबाद, भूना, उकलाना, नरवाणा से लेकर चंडीगढ़ तक के लिए, जो कि हमारे हरियाणा की राजधानी है, वहां से मेरे लोक सभा क्षेत्र की कोई कनेक्टिविटी नहीं है। मैं आपके माध्यम से रेल मंत्री जी से गुजारिश करना चाहती हूं कि मेरे प्रदेश की राजधानी से अगर मेरी लोक सभा का कनेक्शन हो जाएगा तो लोगों को बहुत लाभ मिलेगा। बहुत-बहुत धन्यवाद।

           

LIST OF MEMBERS WHO ASSOCIATED THEMSELVES WITH THE ISSUES RAISED UNDER MATTERS OF URGENT PUBLIC IMPORTANCE सदस्य, जिनके द्वारा अविलम्बनीय लोक महत्व के विषय उठाये गये।

सदस्य, जिन्होंने उठाए गए विषयों के साथ स्वयं को सम्बद्ध किया।

Dr. Rajashree Mallick Shri Jagdambika Pal Shri Suresh Pujari Shri Y. Devendrappa Shri Rakesh Singh Shri P. P. Chaudhary Shrimati Rama Devi Dr. Bharati Pravin Pawar Dr. Sanghamitra Maurya Shrimati Anupriya Patel Kunwar Pushpendra Singh Chandel Shri Ramesh Bidhuri   Kunwar Pushpendra Singh Chandel Shri Unmesh Bhaiyyasaheb Patil Shri Balak Nath Kunwar Pushpendra Singh Chandel Shri Unmesh Bhaiyyasaheb Patil Shri DNV. Senthilkumar S. Shri S.R. Parthiban Shri Dhanush M. Kumar Shri Kuldeep Rai Sharma Shri Ritesh Pandey Shri Girish Bhalchandra Bapat Shri Omprakash Bhupalsinh Shrimati Bhavana Gawali (Patil) Shri Unmesh Bhaiyyasaheb Patil Shri Kodikunnil Suresh Shri Kuldeep Rai Sharma Shri N.K. Premachandran Shri Rajmohan Unnithan Shri DNV. Senthilkumar S. Shri Unmesh Bhaiyyasaheb Patil Shri B. Manickam Tagore Shri Kuldeep Rai Sharma Shrimati Bhavana Gawali (Patil) Shri Om Prakash Rajenimbalkar Shri Dhairyasheel Sambhajirao Mane Shri Unmesh Bhaiyyasaheb Patil Dr. (Prof.) Kirit Premjibhai Solanki Dr. Sanjay Jaiswal Shri Devaji Patel Shri Ritesh Pandey Shri Malook Nagar Shri Kuldeep Rai Sharma Shri Rajendra Agrawal Shri Malook Nagar Shri Kuldeep Rai Sharma Kunwar Pushpendra Singh Chandel Shrimati Sangeeta Azad Shri Malook Nagar Shri Girish Chandra Shri Hibi Eden Shri DNV. Senthilkumar S. Shri Arvind Sawant Shri Shankar Lalwani Dr. Chandra Sen Jadon Shri Vinod Kumar Sonkar Shri Anurag Sharma Kunwar Pushpendra Singh Chandel Shri Vishnu Dayal Ram   Kunwar Pushpendra Singh Chandel Shri Kuldeep Rai Sharma Shri Malook Nagar Shri Malook Nagar   Kunwar Pushpendra Singh Chandel Shri Rajendra Agrawal Dr. K. Jayakumar Shri Kuldeep Rai Sharma Shri Sangam Lal Gupta Shri Kuldeep Rai Sharma Kunwar Pushpendra Singh Chandel Shri Arvind Sawant Shri Kuldeep Rai Sharma Shri Ramprit Mandal Shri Kuldeep Rai Sharma Shri Arun Sao Shri Kuldeep Rai Sharma Dr. Umesh G Jadav Shri Kuldeep Rai Sharma Dr. Alok Kumar Suman Shri Kuldeep Rai Sharma Shri Ramulu Pothuganti Shri Kuldeep Rai Sharma Shri Hanuman Beniwal Shri Unmesh Bhaiyyasaheb Patil   Shri Santosh Pandey Shri Unmesh Bhaiyyasaheb Patil Kunwar Pushpendra Singh Chandel Shri Kuldeep Rai Sharma Shri Krishnapalsingh Yadav Kunwar Pushpendra Singh Chandel Shri Jugal Kishore Sharma Kunwar Pushpendra Singh Chandel Shri Kuldeep Rai Sharma Dr. Sanjay Jaiswal   Kunwar Pushpendra Singh Chandel Shri Kuldeep Rai Sharma Shri Pakauri Lal Kol Kunwar Pushpendra Singh Chandel Shri Kuldeep Rai Sharma Shri S.R. Parthiban Shri DNV. Senthilkumar S. Shri Dhanush M. Kumar Kunwar Danish Ali Shri DNV. Senthilkumar S. Shri Rajmohan Unnithan Shri DNV. Senthilkumar S. Shri Dhanush M. Kumar Shri DNV. Senthilkumar S. Dr. Shafiqur Rahman Barq Shri Malook Nagar Shri B. B. Patil Shri Malook Nagar Shri Kuldeep Rai Sharma Shrimati Ranjeeta Koli Shri Kuldeep Rai Sharma Shri Hasmukhbhai S. Patel Shri Kuldeep Rai Sharma Shri Ram Swaroop Sharma Shri Kuldeep Rai Sharma Shri Durga Das Uikey Shri Kuldeep Rai Sharma Shri Dinesh Chandra Yadav Shri Kuldeep Rai Sharma Shri N.K. Premachandran Shri Kuldeep Rai Sharma     माननीय अध्यक्ष:सभा की कार्यवाही कल शनिवार, दिनाँक 13 फरवरी, 2021 को सुबह दस बजे तक के लिए स्थगित की जाती है।

 

23.11 hrs The Lok Sabha then adjourned till Ten of the Clock on Saturday, February 13, 2021/ Magha 24, 1942(Saka).

 

________             * The sign + marked above the name of a Member indicates that the Question was actually asked on the floor of the House by that Member.

         

* Laid on the Table and also placed in Library, See No. LT 3341/17/21.

* Treated as laid on the Table.

* Not recorded * ...* English translation of this part of the Speech originally delivered in Tamil * Not recorded * Not recorded * English translation of the speech originally delivered  in Tamil * English translation of the speech originally delivered  in Odiya.

* English translation of the speech originally delivered in Kannada.

* English translation of the speech originally delivered  in Kannada.

* English translation of the speech originally delivered  in Marathi.

* English translation of the speech originally delivered  in Tamil * English translation of the speech originally deliered in Tamil.

* English translation of the speech originally deliered in Tamil.