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Lok Sabha Debates

Regarding Forcible Eviction Of Premises Allotted To The Samajwadi Yuvajan Sabha ... on 2 May, 2003

Title: Regarding forcible eviction of premises allotted to the Samajwadi Yuvajan Sabha in Lucknow.

श्री रामजीलाल सुमन : आपने मुझे बोलने की अनुमति दी है। ये मुझे कैसे रोक सकते हैं? …( व्यवधान)

श्री राशिद अलवी (अमरोहा): अध्यक्ष महोदय, यह रोज़ का किस्सा हो गया है। …( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदय : आप इनको जवाब क्यों देते हैं, आपको जो कहना है वह कह सकते हैं।

...( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदय : मैंने विषय सुना नहीं है। मुझे सुनने का तो अधिकार है बाद में आप अपोज़ कर सकते हैं नहीं तो मैं निर्णय दूंगा।

...( व्यवधान)

श्री रामजीलाल सुमन : अध्यक्ष महोदय, उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के युवा संगठन समाजवादी युवजन सभा का कार्यालय जो लालबहादुर शास्त्री मार्ग, लखनऊ पर है…( व्यवधान)

श्री राशिद अलवी : उससे कोई संबंध नहीं है। …( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदय : जो कुछ अभी कहा, उसमें क्या गलत है?

श्री रामजीलाल सुमन : इस तरह से ये मेरी बात को रोकेंगे? क्या बात है?…( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदय : आप क्यों देखते हैं उनकी तरफ? आप आसन की तरफ देखिये और बोलिये।

...( व्यवधान)

प्रो. रीता वर्मा (धनबाद): अध्यक्ष महोदय, रामजीलाल सुमन जी को शिष्टाचार की शिक्षा देनी चाहिए। इनको बिल्कुल शिष्टाचार नहीं है। ये ऐसे बोलते हैं। …( व्यवधान)

MR. SPEAKER: Shri Rashid Alvi, afterwards you can oppose whatever he says.

… (Interruptions)

MR. SPEAKER: He has given a notice seeking permission to raise the matter during the ‘Zero Hour’. We are accepting notices which seek permission to raise State matters during ‘Zero Hour’.

… (Interruptions)

श्री रामजीलाल सुमन : अध्यक्ष महोदय, यदि आप श्री अल्वी जी को नहीं रोकेंगे और इनका यही रवैया रहेगा, तो मैं कैसे बोल पाऊंगा।…( व्यवधान)

प्रो. रीता वर्मा : अध्यक्ष महोदय, पहले माननीय रामजीलाल सुमन को शिष्टाचार की शिक्षा दिलाई जाए।…( व्यवधान)

श्री रामजीलाल सुमन : मैं आपसे शिष्टाचार की शिक्षा ले लूंगा।…( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदय, लखनऊ में लाल बहादुर शास्त्री मार्ग पर समाजवादी पार्टी के युवा संगठन, युवजन सभा का कार्यालय था। कभी वह कार्यालय समाजवादी पार्टी का प्रदेश कार्यालय हुआ करता था, लेकिन पार्टी बढ़ी और जगह की कमी पड़ी, तो पार्टी का प्रदेश कार्यालय विक्रमादित्य मार्ग पर स्थानांतरित कर दिया गया और वहां युवजन सभा का कार्यालय रह गया।

महोदय, राज्य सरकार ने उसे खाली करने का नोटिस भेजा। उस नोटिस के खिलाफ हम इलाहा उच्च न्यायालय की खंडपीठ लखनऊ की अदालत में गए। इस बारे में समाचार भी छपा है, मैं पढ़ देता हूं कि "सुनवाई के दौरान अनुरोध किया गया कि इस मुकदमे को एकलपीठ द्वारा न सुना जाए बल्कि दो न्यायाधीशों की पीठ के समक्ष सुना जाए..." …( व्यवधान)

श्री राशिद अलवी : अध्यक्ष महोदय, यह स्टेट मैटर है, इसे इस सदन में नहीं उठाया जा सकता।…( व्यवधान)

श्री रामजीलाल सुमन : अध्यक्ष महोदय, न्यायालय का आदेश मेरे हाथ में है। इसमें लिखा है कि कार्यालय को खाली करने की कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। यह लखनऊ पीठ का आदेश है। आज उस पर सुनवाई की तारीख थी। स्थगन आदेश प्राप्त हो गया था। स्थगन आदेश प्राप्त होने के बावजूद वह मकान उ.प्र. सरकार ने खाली करा लिया और अमरमणि त्रिपाठी को आबंटित कर दिया। …( व्यवधान)

श्री राशिद अलवी : अध्यक्ष महोदय, यह स्टेट मैटर है, इस पर यहां बोलने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए।…( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदय : सुमन जी, आप कन्क्लूड कीजिए।

श्री रामजीलाल सुमन : अध्यक्ष महोदय, वह मकान जबरिया खाली कराया गया और श्री त्रिपाठी को दिया गया। हम न्याय चाहते हैं। उत्तर प्रदेश सरकार हमारे साथ सरासर अन्याय कर रही है। यह गम्भीर मामला है।…( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदय : मिस्टर सुमन, चूंकि यह गम्भीर मामला है, इसलिए आपको बोलने का समय दिया। इसका मतलब यह नहीं है कि आप ही बोलते रहेंगे। आपकी पार्टी के दूसरे सांसद कुंवर अखिलेश सिंह ने भी नोटिस दिया है। आप उन्हें भी नहीं बोलने दे रहे हैं। किसे बोलने का मौका देना है और किसे नहीं, यह मुझे तय करना है। मैंने कुंवर अखिलेश सिंह को अपनी बात कहने का अवसर दिया है।

...( व्यवधान)

श्री रामजीलाल सुमन : अध्यक्ष महोदय, कोर्ट का आदेश होने के बावजूद कार्यालय जबरिया खाली कराया गया। यह गम्भीर मामला है। …( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदय : क्या आप अपनी पार्टी के दूसरे मैम्बर को भी नहीं बोलने देंगे ? Kunwar Akhilesh Singh, you can speak on this issue. Your point should be restricted to this issue only.

कुंवर अखिलेश सिंह: अध्यक्ष महोदय, उत्तर प्रदेश के एक अपराधी मंत्री जिनके ऊपर माननीय उच्च न्यायालय ने अभी एक लाख रुपए का जुर्माना किया और जो अब भारतीय जनता पार्टी की सरकार में हैं तथा जिन्हें एक बच्चे के अपहरण के मामले में राजनाथ सिंह की सरकार ने जेल में डाल दिया था।…( व्यवधान)

DR. VIJAY KUMAR MALHOTRA : How can he say that?

… (Interruptions)

श्री अशोक कुमार सिंह चन्देल : अध्यक्ष महोदय, इस प्रकार से किसी व्यक्ति पर, जो इस सदन में उपस्थित नहीं हैं, आरोप नहीं लगाए जा सकते हैं। माननीय सदस्य स्पष्ट आरोप लगा रहे हैं। मेरा आग्रह है कि उन्हें ऐसा करने से रोका जाए। हमें मालूम है इनकी पार्टी में ऐसे-ऐसे नेता हैं जिनके ऊपर १०० मुकदमे चल रहे हैं.…( व्यवधान)

कुंवर अखिलेश सिंह: माननीय अध्यक्ष जी, मेरा आपसे यह कहना है कि इस मामले में माननीय उच्च न्यायालय, लखनऊ पीठ ने एक स्थगन आदेश दिया और उसके अनुसार माननीय उच्च न्यायालय ने समाजवादी पार्टी के युवजन सभा कार्यालय की यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया, लेकिन उत्तर प्रदेश के अंदर लखनऊ में ं लोकतंत्र का चीरहरण हुआ।

पुलिस ने विधान परिषद में समाजवादी पार्टी के विरोधी दल के नेता…( व्यवधान)श्री अहमद हसन की पिटाई की। उन्हें घसीट कर गिरफ्तार किया।

अध्यक्ष महोदय : अलवी जी, आप बोलिए।

…( व्यवधान)कुंवर अखिलेश सिंह: महोदय, हमारी बात पूरी होने दीजिए।…( व्यवधान)

श्री चन्द्रनाथ सिंह (मछलीशहर): अध्यक्ष महोदय, हमारा भी नोटिस है।…( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदय : मैं सभी को बोलने की इजाजत नहीं दूंगा। जो विषय है, वह सदन के सामने आ गया है, मैं सभी को बोलने की इजाजत नहीं दे सकता हूं।

…( व्यवधान)कुंवर अखिलेश सिंह: महोदय, अलवी जी बोलें, हमें इस पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन हमें अपनी बात पूरी कहने दीजिए। मैं दो मिनट में अपनी बात पूरी कर दूंगा। माननीय उच्च न्यायालय, लखनऊ पीठ ने जो आदेश दिया है, उसका अनुपालन नहीं किया गया। विधान परिषद में समाजवादी पार्टी के, विरोधी दल के नेता अहमद हसन सहित कई विधायकों और विधान सभा सदस्यों को गिरफ्तार करके, न्यायालय के आदेशों की अवहेलना करके जबरदस्ती उत्तर प्रदेश की मुख्य मंत्री के इशारे पर …( व्यवधान)समाजवादी युवजन सभा के कार्यालय को खाली कराया गया।

अध्यक्ष महोदय : यह कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट होगा।

…( व्यवधान)अध्यक्ष महोदय : इस विषय को यहां बोलने की क्या जरूरत है?

…( व्यवधान)कुंवर अखिलेश सिंह: महोदय, सभी राज्यों में सभी दलों के कार्यालय हैं, अगर इस हरकत पर अंकुश नहीं लगाई गई,…( व्यवधान) तो किसी पार्टी का कार्यालय सुरक्षित नहीं रहेगा ।

अध्यक्ष महोदय : यह लोक सभा का विषय नहीं बन सकता है, यह विधान सभा का विषय है। मैं इसके लिए यहां बोलने की इजाजत नहीं दूंगा।

…( व्यवधान)अध्यक्ष महोदय : आप इसके लिए कोर्ट में जा सकते हैं।

…( व्यवधान)श्री चन्द्रनाथ सिंह : महोदय, हमारा भी नोटिस है।…( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदय : देखिए, बहुत से लोग बोलने वाले हैं। चन्द्रनाथ सिंह जी, आप तो बहुत समझदारी से काम करते हैं, बहुत अच्छे माननीय सदस्य हैं।

श्री राशिद अलवी : अध्यक्ष महोदय, मुझे सिर्फ इतना ही कहना है कि इस लोक सभा और पार्लियामेंट की गरिमा अगर नहीं रहेगी तो किसी भी बहस का कोई मतलब नहीं रहेगा।…( व्यवधान)महोदय, ये फिर बीच में बोल रहे हैं।…( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदय : आप यदि सोचते हैं कि इन्हें बोलने का अधिकार नहीं है तो मैं आपकी बात से सहमत नहीं हूं। अलवी जी, आप बोलिए, आप जो बोलेंगे मैं उसे रिकार्ड पर लूगा।

…( व्यवधान)अध्यक्ष महोदय : कृपा कर आप बैठ जाइए। अलवी जी, कितना भी शोर मचे, आपको जो बोलना है, वह बोलिए और जल्दी अपनी बात पूरी कीजिए।

…( व्यवधान)श्री अशोक कुमार सिंह चन्देल : महोदय, आपने हमें आदेश दिया कि आप बैठ जाएं तो हम बैठ गए। इन्हें भी दूसरे की बात को सुनना चाहिए।…( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदय : मैंने इन्हें बैठने के लिए कहा है।

…( व्यवधान)MR. SPEAKER: Shri Rashid Alvi, you may be as brief as possible.

… (Interruptions)MR. SPEAKER: I have associated the names of Shri C.N. Singh, Shri Ravi Prakash Verma and Prof. S.P. Singh Baghel with the motion which was moved by him. ये एसोसिएट कर रहे हैं।

…( व्यवधान)श्री चन्द्रनाथ सिंह : महोदय, मेरा अलग नोटिस है।…( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदय : अगर आपका अलग नोटिस है तो मैं आपको बाद में बोलने का मौका दूंगा।

…( व्यवधान)अध्यक्ष महोदय : मेरे पास २२ नोटिस हैं, क्या दूसरे माननीय सदस्यों को बोलने का अधिकार नहीं है?

श्री चन्द्रनाथ सिंह : महोदय, आप मुझे आधा मिनट बोलने की इजाजत दे दीजिए।

अध्यक्ष महोदय : अभी मैं आपको आधा मिनट का समय भी बोलने के लिए नहीं दूंगा, बाद में दूंगा।

…( व्यवधान) अध्यक्ष महोदय : आप इस मामले को यहां नहीं उठा सकते, इसके लिए कोर्ट है।

…( व्यवधान)MR. SPEAKER: I should have rejected it at the first instance itself. When I considered your case, you have no sympathy for other Members! …( व्यवधान)अध्यक्ष महोदय : यदि आप सोचते हैं कि यह महत्वपूर्ण विषय है तो मैं फिर कहूंगा कि यह स्टेट सब्जैक्ट है, विधान सभा में आ सकता है।

…( व्यवधान)कुंवर अखिलेश सिंह: महोदय, विधान सभा चल नहीं रही है।…( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदय : आप कोर्ट में जाइए, वहां आपको इस विषय का उत्तर मिलेगा, यहां नहीं।

…( व्यवधान)MR. SPEAKER: Shri Rashid Alvi, you can only make a statement that this is all wrong. That is all.

… (Interruptions)

श्री राशिद अलवी : अध्यक्ष महोदय, मैं ज्यादा लम्बी बात नहीं करना चाहता और न ही मैं किसी राजनीतिक दल के खिलाफ कुछ बोलना चाहता हूं। मैं पहले अपनी पार्टी से बात शुरू करता हूं। अगर मेरी पार्टी के लोग या मैं खुद लोक सभा के नियम तोड़ूं तो आप सख्त से सख्त कार्यवाही करें।…( व्यवधान)महोदय, ये फिर बीच में बोल रहे हैं। अगर इस लोक सभा की गरिमा नहीं रहेगी तो कोई बात करने का, किसी डिसकशन का मतलब नहीं रहेगा ।लोक सभा कोई कुश्ती लड़ने का दंगल नहीं है।…( व्यवधान)

कुंवर अखिलेश सिंह: उत्तर प्रदेश में ये रोज दंगल करा रहे हैं।…( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदय : आप बैठिये, आपकी पार्टी का नाम भी उन्होंने नहीं लिया। Please sit down.

… (Interruptions)

अध्यक्ष महोदय : आपको मेरा पूरा संरक्षण है, आप बोलिये।

श्री राशिद अलवी : जिस अंदाज में यह सब हो रहा है, देश के अन्दर इसका कोई अच्छा संकेत नहीं जा रहा है।…( व्यवधान)

श्री रामजीलाल सुमन : अध्यक्ष महोदय, हम आपका संरक्षण चाहते हैं। जब वहां विधान सभा नहीं चलती है तो इनसे पूछिये कि कहां जायें। ये उत्तर प्रदेश विधान सभा का सत्र बुला दें तो हम आपको यहां कष्ट नहीं देंगे। हम विधान सभा में बात करने के लिए तैयार हैं, लेकिन विधान सभा में जब अविश्वास प्रस्ताव पर नेता प्रतिपक्ष को बोलने नहीं दिया जाये, बजट बगैर बहस के पास हो जाये तो क्या किया जाये?

…( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदय : इसके लिए आपको राज्यपाल का संरक्षण लेना चाहिए, यहां क्यों संरक्षण मांग रहे हो।

श्री राशिद अलवी : अगर असेम्बली में इनकी इतनी दिलचस्पी है तो इन सब को वहां भिजवा दीजिए, इससे लोक सभा भी ठीक चलेगी और असेम्बली में ये जो चाहेंगे, करेंगे। एक तो मैं आपसे दरख्वास्त करूंगा कि एम.पीज. को, मैं खास तौर से इनका नाम नहीं लेता, बुलाकर यह समझा दीजिए कि लोक सभा किस तरह चलती है। हमारे पूर्वजों ने जो…( व्यवधान)

कुंवर अखिलेश सिंह: ये बताएंगे कि लोक सभा कैसे चलेगी?विधान सभा का तो इन्होंने कबाड़ा कर दिया, राज्य का तो इन्होंने कबाड़ा कर दिया, अब ये आपको नसीहत दे रहे हैं। …( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदय : आप नहीं बोलना चाहते हैं क्या?मैंने तीन बार आपको बोलने का मौका दिया, लेकिन आप विषय छोड़कर बोल रहे हैं कि लोक सभा कैसे चलनी चाहिए, विधान सभा कैसे चलनी चाहिए। यह विषय यहां थोड़े ही है, यह जीरो ऑवर में नहीं चल सकता। प्रभुनाथ सिंह जी, आप बोलिये, आप दोनों बैठिये।

श्री प्रभुनाथ सिंह : आप हमें बोलने दीजिए, स्पीकर साहब हमें बुला रहे हैं। …( व्यवधान)

श्री राशिद अलवी : आप मुझे बोलने नहीं देंगे तो यह तो गलत बात होगी। आप मुझे बोलने की इजाजत तो दीजिए।…( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदय : आप उनकी तरफ देखकर क्यों बोलते हैं?

SHRI RASHID ALVI : Sir, the House will be conducted by you and not by anybody else. When you have given me a chance, why are they creating this problem?… (Interruptions)

अध्यक्ष महोदय : प्रभुनाथ सिंह जी, इनको दो सेंटेंस बोलने दीजिए। आप चार्जेज का तो खंडन नहीं करते और दूसरी बातें कह रहे हैं। कोड ऑफ कंडक्ट पर कमेटी में हम लोग चर्चा करेंगे, यहां नहीं।

श्री राशिद अलवी : मेरा इतना ही कहना है कि हाउस को ठीक तरह से कंडक्ट करना चाहिए। …( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदय : ये आपको कुछ नहीं बोल रहे हैं, आप क्यों गुस्से में होते हैं, बैठिये। आपको कुछ नहीं बोलते हैं, तो भी आप खड़े होते हैं, आपको सुबह-सुबह क्या हुआ? आप घर से यहां गुस्सा करके आये हैं क्या?

श्री राशिद अलवी : स्टेट मैटर्स अगर लोक सभा में रोज उठाएंगे और अगर एडजर्नमेंट मोशन दे देंगे…( व्यवधान)

कुंवर अखिलेश सिंह: ये लोकतंत्र के हत्यारे हैं।…( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदय : मैंने उन्हें बोलने की परमीशन दी है। Please do not disturb him now. आप रुकावट मत डालिये, आप बैठिये। रुकावट डालने की कोई जरूरत नहीं है। राशिद अलवी जी, आप बोलिये। आपको अध्यक्ष का इतना संरक्षण होते हुए जो मूल मुद्दा है, आप उस पर नहीं बोलते।

श्री राशिद अलवी : अध्यक्ष महोदय, ये लोग रोजाना एडजर्नमेंट मोशन दे देते हैं, आप इन्हें यहां इजाजत दे देते हैं और ये यहां हंगामा करते हैं। मैं यही कहना चाहता हूं, मेरा यही बोलने का मकसद है।

अध्यक्ष महोदय : मैं इस विषय पर आपको बोलने नहीं दूंगा, क्योंकि इजाजत देने का मेरा अधिकार है और उस अधिकार से मैं काम कर रहा हूं। इनको इजाजत देना या नहीं देना मेरा काम है, वह मैं करूंगा। इसके लिए मुझसे चैम्बर में आकर मिलें, मैं बता दूंगा, क्या करना है।

श्री अशोक कुमार सिंह चन्देल : आपको हमारे नेता को सुनने के लिए दो मिनट का माद्दा तो रखना चाहिए।…( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदय : मैं उन्हें पूरा संरक्षण दे रहा हूं, लेकिन ये विषय पर बोलते ही नहीं हैं।

...( व्यवधान)

श्री अशोक कुमार सिंह चन्देल : आपके आदेश का हम पूरा अनुपालन कर रहे हैं, लेकिन आप खड़े हो जाते हैं। …( व्यवधान) दूसरे लोग यहां दुनिया भर के विषय ला सकेंगे…( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदय : मैं आपके नेता को संरक्षण दे रहा हूं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वे.....

...( व्यवधान)

श्री अशोक कुमार सिंह चन्देल : हमारे नेता को भी बोलने दिया जाये। …( व्यवधान)

श्री प्रभुनाथ सिंह : अध्यक्ष महोदय, मैं एक निवेदन करना चाहता हूं, हम लोग बैठकर सुनते रहते हैं और जब आप हमारा नाम पुकारते हैं तो ये समय नहीं देते हैं। इस व्यवस्था को ये लोग अव्यवस्था न बनायें, नहीं तो हम लोगों को भी अव्यवस्था करनी पड़ेगी। हम लोग बैठकर सुनते हैं, जब आप नाम पुकारते हैं तो इनको भी बैठना चाहिए, यह क्या मजाक बनाकर रखा हुआ है, यह अच्छी बात नहीं है। …( व्यवधान)

MR. SPEAKER: This is the last time I am giving you a warning that you must speak on this subject and not on anything else.

श्री राशिद अलवी :अध्यक्ष महोदय, जीरो ऑवर में कोई दूसरा मुद्दा उठाने का मेरा मकसद नहीं है। मेरा मकसद यही है कि यह हाउस ठीक तरह चलना चाहिए, नियम के अनुसार चलना चाहिए। …( व्यवधान)

MR. SPEAKER: I totally agree with you and I support you.

श्री रामजीलाल सुमन : अध्यक्ष महोदय, ये हाउस का समय बर्बाद कर रहे हैं। …( व्यवधान)

श्री राशिद अलवी : अध्यक्ष महोदय, हाउस ठीक तरह से चलना चाहिए, नियमों के अनुसार चलना चाहिए। …( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदय : मैं आपसे सहमत हूं।

...( व्यवधान)

श्री राशिद अलवी : यह न हो कि कोई भी इश्यू उठा दिया जाये, यही मैं कहना चाहता हूं। इसके अलावा मुझे कुछ और नहीं कहना है। …( व्यवधान)

MR. SPEAKER: I agree with you.

श्री प्रभुनाथ सिंह : अध्यक्ष महोदय, यह देश कानून का देश है और कानून पर ही यह देश चलता है लेकिन इस देश का एक भाग …( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदय : मुझे खुशी है कि सभी लोग कानून और नियम की बात कर रहे हैं।

...( व्यवधान)