Lok Sabha Debates
Regarding Alleged Threat To Hon. Member Of Parliament. on 22 July, 2008
> Title: Regarding alleged threat to hon. Member of Parliament.
अध्यक्ष महोदय : मिस्टर ब्रजेश पाठक, आप बोलिए। आपकी बात सुनने के लिए हम तैयार हैं, केवल एक नोटिस देने से हमें आपकी बात मालूम होती है। …( व्यवधान)
MR. SPEAKER: I will call you after him, Mr. Gandhi.
।
श्री ब्रजेश पाठक (उन्नाव) : माननीय अध्यक्ष जी, बड़ी विनम्रता के साथ मैं आपसे आग्रह करना चाहता हूं। आज सुबह जब लोकसभा के विशेष सत्र के लिए हम अपने घर साउथ एवेन्यू से निकलने वाले थे, तो एक शख्स हमसे मिलने के लिए आया और कुछ कागज उसके हाथ में थे। उसने हमारे लोगों से अनुरोध किया कि मुझे मिलना है। मैंने कहा कि कागज दे दो, मैं लोकसभा जा रहा हूं, जल्दी में हूं। लेकिन उसने कहा कि नहीं, मुझे सांसद जी से कुछ विशेष बात करनी है, तो हम उसे बाहर बरामदे तक लेकर आए। उसने कहा कि आज सरकार में ...( व्यवधान) अध्यक्ष महोदय : यह सब एडमिसिबिल नहीं है।
…( व्यवधान)
MR. SPEAKER: You are teaching me! …( व्यवधान)
MR. SPEAKER: I am trying to find out. Will you take your seat?
…( व्यवधान)
श्री ब्रजेश पाठक : उसने बताया कि आज सरकार के पक्ष में मतदान होना है। आज आपको निर्णय लेना है। कल आपने हाउस में बहुजन समाज पार्टी की ओर से सरकार का इतना विरोध किया, यह बात ठीक नहीं है। आप अपने सांसदों से या तो सदन के मतदान में सरकार के पक्ष में मतदान कराओ या सदन के बाहर चले जाओ अन्यथा परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहो। ...( व्यवधान) अध्यक्ष महोदय : ठीक है, छोड़िए।
…( व्यवधान)
श्री ब्रजेश पाठक : उसने यह भी कहा, ...( व्यवधान) मैं पूरी बात बताना चाहता हूं, उसने कहा कि हमारी नेता बहन कुमारी मायावती जी, जो देश के दलितों का सम्मान हैं, दलित समाज का सम्मान हैं, अगर सरकार विश्वास मत हारती है, तो उनको सीबीआई के द्वारा जेल भेज दिया जाएगा। ...( व्यवधान) अध्यक्ष महोदय : सुनिए। ब्रजेश जी, हमें कुछ बोलने दीजिए।
…( व्यवधान)
श्री ब्रजेश पाठक : उसने यह भी कहा ...( व्यवधान)
अध्यक्ष महोदय : आप बोलिए।
…( व्यवधान)
अध्यक्ष महोदय : आप लोग मेहरबानी करके सीट पर जाइए।
…( व्यवधान)
श्रीमती कृष्णा तीरथ (करोलबाग) : महोदय, ये मनगढ़ंत कहानियां कह रहे हैं। ...( व्यवधान) श्री ब्रजेश पाठक : महोदय, सदन में बहुमत...( व्यवधान) यह गंभीर मामला है। ...( व्यवधान) श्री प्रभुनाथ सिंह (महाराजगंज, बिहार) : सरकार बहुमत के लिए इस तरह का काम करेगी, तो यह स्वीकार नहीं किया जाएगा। ...( व्यवधान) अध्यक्ष महोदय : सुनिए, आपने उसका कोई आइडेंटिटी नहीं दिया।
…( व्यवधान)
श्री ब्रजेश पाठक : मैं पूरी बात तफसील से बताऊंगा। ...( व्यवधान)
अध्यक्ष महोदय : ठीक है, बोलिए। अपने दोस्तों को कहिए कि सब शांत हो जाएं। …( व्यवधान)
श्री ब्रजेश पाठक : हमने उससे कहा कि तुम इस बात को कैसे कह सकते हो? आप मुझे धमकी दे रहे हैं। ...( व्यवधान) अध्यक्ष महोदय : यह क्या हो रहा है? आप बोलिए।
…( व्यवधान)
श्री ब्रजेश पाठक : आप अगर धमकी देंगे, तो हम दबने वाले या डरने वाले नहीं हैं। हम इस बात पर कैसे भरोसा करें कि आप सीबीआई के जिम्मेदार अफसर हैं। ...( व्यवधान) अब देखिए, सदन में क्या हो रहा है?...( व्यवधान) अध्यक्ष महोदय : क्या हो रहा है? आप ही मुझे बताइए।
…( व्यवधान)
श्री ब्रजेश पाठक : मैं क्या कभी बीच में टोकाटाकी किया हूं? मुझे बोलने दीजिए। ...( व्यवधान) अध्यक्ष महोदय : हम तो आपकी बात सुन रहे हैं, आप बोलिए।
…( व्यवधान)
श्री ब्रजेश पाठक : लालू जी अगला नंबर आपका है। ...( व्यवधान)
रेल मंत्री (श्री लालू प्रसाद) : आप यहां से वहां चले गए। ...( व्यवधान) श्री अकबर अहमद ‘डंपी’ : आप यहां से वहां चले गए। वे यहां थे, वहां चले गए। ...( व्यवधान) MR. SPEAKER: Go to your seat please. आप बोलिए।
…( व्यवधान)
श्री ब्रजेश पाठक : उसने कहा कि अगर सरकार के पक्ष में आप लोग मतदान नहीं करते हैं, तो वह हमारी नेता बहन कुमारी मायावती जी को सीबीआई के माध्यम से फंसा करके जेल भेज देंगे और उन्हें दंडित करेंगे। ...( व्यवधान) उसने हमें कुछ डाक्यूमेंट्स दिए। उसने अपनी बात को सही साबित करने के लिए कुछ डाक्यूमेंट्स दिए, जिन्हें मैं सदन के पटल पर रखना चाहता हूं। उसने यह भी कहा कि यह वे गंभीर पत्र हैं, गंभीर चिट्ठियां हैं, जिनसे यह साबित होता है कि हमारी नेता निर्दोष हैं।[p50] केवल सीबीआई के डायरैक्टर ने निर्णय लिया है, इसलिए डायरैक्टर के माध्यम से हम आपकी नेता को बचा देंगे। नीचे के अधिकारियों ने हमारी नेता, बहन कुमारी मायावती जी को क्लीन चिट दी है। चूंकि यह निर्णय डायरैक्टर स्तर पर हुआ है, इसलिए यह हमारे हाथ में है। आप दो घंटे में निर्णय लेकर बता दीजिए कि यदि सरकार के पक्ष में मतदान करेंगे तो आपकी नेता को सीबीआई साफ-साफ बचा देगी।...( व्यवधान) अध्यक्ष महोदय : आप लोग बैठ जाइए।
…( व्यवधान)
MR. SPEAKER: Please don’t get up from your seats.
…( व्यवधान)
श्री राजीव रंजन सिंह 'ललन' (बेगूसराय) : यह बहुत गंभीर सवाल है।...( व्यवधान) अध्यक्ष महोदय : ब्रजेश जी, आप अपने साथियों को थोड़ा मना कीजिए। पहले इनका बोलना बंद करवाइए, उसके बाद बोलिए। …( व्यवधान)
प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा (दक्षिण दिल्ली) : हमारे दो मैम्बर्स जो एयरपोर्ट पर बैठे हैं...( व्यवधान) उन्हें डायरैक्शन दीजिए कि उन्हें दिल्ली आने दिया जाए।...( व्यवधान) श्री ब्रजेश पाठक : उसने यह भी कहा कि आप दो बजे तक निर्णय ले लीजिए अन्यथा परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहिए।...( व्यवधान) मैं अभी घर नहीं जा पा रहा हूं। यह स्थिति है।...( व्यवधान) MR. SPEAKER: You are under my protection. Nobody can do anything. …( व्यवधान)
श्री ब्रजेश पाठक : आपको निर्णय लेना है कि हिन्दुस्तान में जनतंत्र का किस तरह से गला घोंटा जाएगा। आज पूरा देश देख रहा है।...( व्यवधान) लोकतंत्र का गला घोंटने वाले...( व्यवधान) अध्यक्ष महोदय : आप थोड़ा धीरे बोलिए, थोड़ा शान्ति से बोलिए।
…( व्यवधान)
श्री ब्रजेश पाठक : आप हमारे गार्जियन हैं, आपको इस पर निर्णय लेना चाहिए और तत्काल सरकार को निर्देश देना चाहिए ।...( व्यवधान) अध्यक्ष महोदय : आप क्या बोल रहे हैं, मैं समझ नहीं पा रहा हूं।
…( व्यवधान)
अध्यक्ष महोदय : आप थोड़ा धीरे बोलिए।
…( व्यवधान)
अध्यक्ष महोदय : आप सब लोग बैठ जाइए, नहीं तो हम कुछ नहीं सुनेंगे। आप मेहरबानी करके बैठ जाइए। हम इनकी बात सुन रहे हैं। ब्रजेश जी, आप थोड़ा धीरे बोलिए। …( व्यवधान)
श्री ब्रजेश पाठक : माननीय अध्यक्ष जी, मेरा अनुरोध है कि ऐसे गंभीर मामले में आप तत्काल सरकार को निर्देश दें कि इस तरह से लोकतंत्र का गला घोंटकर अगर सरकार विश्वास मत जीतने का काम करेगी तो हिन्दुस्तान की पीढ़ियां उसे कभी माफ नहीं करेंगी।...( व्यवधान) MR. SPEAKER: In the presence of everybody I am sending the paper given by Shri Brajesh Pathak immediately to the Home Minister to make an investigation with a request to let us know the position. …( व्यवधान)
अध्यक्ष महोदय : आप सब एक-एक करके बोलिए।
…( व्यवधान)
MR. SPEAKER: Please speak one by one.
…( व्यवधान)
श्री प्रभुनाथ सिंह : क्या आप यह पेपर होम मिनिस्टर को देंगे?…( व्यवधान) अध्यक्ष महोदय : फिर किसे देंगे?
…( व्यवधान)
श्री प्रभुनाथ सिंह : आप हाउस की कमेटी बनाकर जांच करवाइए।...( व्यवधान) अध्यक्ष महोदय : ठीक है, हम सोचेंगे।
…( व्यवधान)
अध्यक्ष महोदय : आपने अभी पेपर दिए हैं, हमें सोचने दीजिए। आपको सरकार के ऊपर भरोसा नहीं है, हमारे ऊपर है, आपकी बहुत मेहरबानी है। …( व्यवधान)
अध्यक्ष महोदय : क्या आप सरकारी जांच नहीं चाहते हैं?
…( व्यवधान)
MR. SPEAKER: Mr. Home Minister, kindly return it to me. They want me to inquire. …( व्यवधान)
अध्यक्ष महोदय : हम इस बारे में बहुत गंभीरता से सोचेंगे, यह आपसे वायदा करते हैं। …( व्यवधान)
श्री ब्रजेश पाठक : माननीय अध्यक्ष जी, चूंकि यह गंभीर मामला है, इसलिए मैं आपसे अनुरोध करूंगा कि आप डम्पी साहब को दो मिनट बोलने का वक्त दे दीजिए।...( व्यवधान) *m02 SHRI AKBAR AHMAD ‘DUMPY’ (AZAMGARH): Mr. Speaker, Sir, it is a matter of grave concern. On the day of voting on the Confidence Motion, the CBI goes to Mr. Brajesh Pathak’s house and threatens that if he does not come in line and vote with the Government … (Interruptions) My only submission is that it is a grave concern that the CBI is being used to pressurize Members of this House to vote in favour of the Government and we are being threatened that if we don’t, then our leader Kumari Mayawati, who was exonerated … (Interruptions)[R51] We have proof… (Interruptions) Sir, is he the Presiding Officer?… (Interruptions) अध्यक्ष महोदय: यह क्या हो रहा है? आप हमें एड्रैस कीजिए।
…( व्यवधान)
अध्यक्ष महोदय: आप सब बैठ जाइये। हम एक-एक करके सबको सुनेंगे।
…( व्यवधान)
श्री बेनी प्रसाद वर्मा (कैसरगंज) : अध्यक्ष महोदय, क्या हमारा नम्बर आयेगा? अध्यक्ष महोदय: आपका नम्बर आयेगा। आप बोलिये, ज्यादा टाइम नहीं है। अभी डिबेट भी शुरू करनी है। …( व्यवधान)
SHRI AKBAR AHAMAD ‘DUMPY’ : Sir, Behen Kumari Mayawati was exonerated by the Income Tax Tribunal… (Interruptions) She was exonerated by the Investigating Officer… (Interruptions) अध्यक्ष महोदय: हमारी समझ में नहीं आ रहा कि क्या हो रहा है? हम आपको सुन रहे हैं इसलिए आप बोलिये। …( व्यवधान)
SHRI AKBAR AHAMAD ‘DUMPY’ : To put pressure on BSP MPs, the CBI is being illegitimately used… (Interruptions) But we stand against the Government… (Interruptions) अध्यक्ष महोदय: यह बहुत खतरनाक बात है। My only appeal to you is that you are in the House. You do not feel threatened. You vote according to your conscience, whatever you decide. I will give you full protection here. SHRI AKBAR AHAMAD ‘DUMPY’ : But what about protection outside?
अध्यक्ष महोदय: आउटसाइड भी हम बोल देंगे। हमारी इतनी पुलिस नहीं है। हम होम मिनिस्टर साहब को बोल देते हैं कि वे आपको प्रोटेक्शन दें। …( व्यवधान)
SHRI AKBAR AHAMAD ‘DUMPY’ : Sir, just because Behen Kumari Mayawati is a Dalit, they are trying to pressurize us… (Interruptions) They are pressurizing us because we withdrew support to them… (Interruptions) अध्यक्ष महोदय: यह सीरियस मुद्दा है।
…( व्यवधान)
अध्यक्ष महोदय: आप सुनिये। बहुत हो गया।
MR. SPEAKER: Mr. Pathak and you have raised a very important matter. You want me to look into the matter. I have kept the record. I will look into it. So far as the question of protection is concerned, in the presence of all of you, and the nation is also listening to me, I am requesting the hon. Home Minister to see that all Members of Parliament get full protection. … (Interruptions)
SHRI AKBAR AHAMAD ‘DUMPY’ : Sir, just because we are opposing the Government does not mean that Dalits can be pressurized… (Interruptions) अध्यक्ष महोदय: आपने बोल दिया है इसलिए अब आप बैठ जाइये। श्री बेनी प्रसाद वर्मा जी आप बोलिये। …( व्यवधान)
श्री बेनी प्रसाद वर्मा (कैसरगंज) : आप इनको बोलिये कि ये हमारी बात सुनें। ...( व्यवधान) अध्यक्ष महोदय: अहमद जी, आपको हमने सुन लिया है इसलिए आप बैठ जाइये।
…( व्यवधान)
SHRI AKBAR AHAMAD ‘DUMPY’ : Sir, we want full protection… (Interruptions) SHRI BASU DEB ACHARIA (BANKURA): Sir, I would like to say something on this issue… (Interruptions) MR. SPEAKER: I will hear you, Mr. Acharia.
… (Interruptions)
MR. SPEAKER: He cannot speak indefinitely.
SHRI AKBAR AHAMAD ‘DUMPY’ : Sir, we want a House Committee to look into the matter… (Interruptions) We do not trust the Government. We do not trust the Home Minister. We want a House Committee to be set up to look into the matter. PROF. VIJAY KUMAR MALHOTRA : Sir, it is a very serious matter.
अध्यक्ष महोदय: ठीक है, हम देखेंगे। यह क्या बात है?
…( व्यवधान)
प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा : अध्यक्ष जी, यहां पर प्रधान मंत्री जी ...( व्यवधान) MR. SPEAKER: Nothing to be recorded.
(Interruptions) …* MR. SPEAKER: Do not record it. Mr. Malhotra, you are misusing your position. Nothing else will be recorded except the submission by Shri Beni Prasad Verma. (Interruptions) …* अध्यक्ष महोदय: आप सब बैठ जाइये।
…( व्यवधान)
अध्यक्ष महोदय: हम बेनी प्रसाद वर्मा जी के बाद आपको सुनेंगे।
…( व्यवधान)
प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा : अध्यक्ष जी, हमारे दो सदस्यों को यहां आने से रोका जा रहा है।...( व्यवधान) अध्यक्ष महोदय: हम छः बजे वोटिंग करेंगे।
...( व्यवधान)
प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा : मंत्री जी उन्हें पहले आने नहीं दे रहे हैं? ...( व्यवधान) अध्यक्ष महोदय: उनको कौन नहीं आने दे रहा?
…( व्यवधान)
* Not recorded.
अध्यक्ष महोदय: नहीं, छोड़िये। I do not know what will happen.
… (Interruptions)
अध्यक्ष महोदय: आप मेहरबानी करके बैठिये।
…( व्यवधान)
SHRI AKBAR AHAMAD ‘DUMPY’ : Sir, we request you to look into this serious matter… (Interruptions) MR. SPEAKER: I will look into it. What more can I say now?
… (Interruptions)
श्री बेनी प्रसाद वर्मा : अध्यक्ष महोदय, अगर भाजपा के लोग किसी को बोलने नहीं देंगे, तो हम भी उनको बोलने नहीं देंगे। ...( व्यवधान) अध्यक्ष महोदय: आपको जो बोलना है, वह आप बोलिये।
…( व्यवधान)
श्री बेनी प्रसाद वर्मा : अध्यक्ष महोदय, ये लोग क्यों नहीं बैठते हैं? ...( व्यवधान) अध्यक्ष महोदय: क्या यह हमारे हाथ में है? हाउस में कोई भी हमारी बात नहीं सुनता है। ये सीनियर मैम्बर्स पहले सब मिनिस्टर्स थे। कोई भी हमारी बात नहीं सुनता है। उनके खड़े होने पर भी आप बोलिये। …( व्यवधान)[MSOffice52] श्री बेनी प्रसाद वर्मा : अध्यक्ष जी, आप इस सदन के वरिष्ठतम सदस्यों में से हैं, विद्वान भी और अध्यक्ष के आसन पर हैं। आप अच्छी तरह से जानते हैं कि कौन सा विषय किस उद्देश्य से उठाया जा रहा है। क्या विपक्ष अपनी हार को देखते हुए इस तरह के विषय उठा रहा है।...( व्यवधान) प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा : अध्यक्ष महोदय, यह क्या बात कह रहे हैं।...( व्यवधान) श्री बेनी प्रसाद वर्मा : इन लोगों में सुनने की क्षमता नहीं है। ये लोग किसी की बात सुन नहीं सकते हैं।...( व्यवधान) अध्यक्ष महोदय : ठीक है, आपकी बात हो गयी। अब आप बैठिए।
…( व्यवधान)
SHRI BRAJESH PATHAK : Sir, this is a very serious matter.… (Interruptions) अध्यक्ष महोदय : ठीक है, अब आप बैठ जाइए।
…( व्यवधान)
श्री प्रभुनाथ सिंह : महोदय, माननीय सदस्य श्री ब्रजेश पाठक जी ने जिस मामले को उठाया है, मैं नहीं जानता हूं कि वह सत्य है या असत्य है, लेकिन इतना जरूर कह सकता हूं कि माननीय पाठक जी इस सदन के सदस्य हैं और जो बात उन्होंने उठायी है, वह पूरी जिम्मेदारी से उठाई होगी। जिम्मेदारीपूर्वक जो बात उठाई गयी है, उस पर ध्यान देना चाहिए। अगर इस तरह से किसी सदस्य के डेरे पर जाकर सीबीआई का कोई पदाधिकारी, सरकार के इशारे पर, इस तरह से धमकी देता है, तो यह बहुत गंभीर बात है। आप कह रहे हैं कि आप इसकी गृहमंत्री से जांच कराएंगे। अगर सीबीआई का इस्तेमाल हो रहा है तो वह गृहमंत्री और प्रधानमंत्री के कार्यालय से होता होगा। ऐसी परिस्थिति में कभी भी इस जांच के मामले में सरकार पर भरोसा नहीं किया जा सकता है। इसकी जांच के लिए आप सदन की एक कमेटी गठित कीजिए और अगर मायावती जी दोषी हों तो वे जेल जाएं, हमें उससे कुछ लेना-देना नहीं है, लेकिन अगर किसी पदाधिकारी के माध्यम से धमकाया जाता है या हस्तक्षेप किया जाता है, तो उन लोगों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए, यही हमारी आपसे मांग है। अध्यक्ष महोदय : ठीक है, हमने आपकी पूरी बात ध्यान से सुनी है, हम इसके बारे में सोचेंगे। …( व्यवधान)
श्री बेनी प्रसाद वर्मा : महोदय, मैं अपनी बात कहना चाहता हूं।...( व्यवधान) अध्यक्ष महोदय : वर्मा जी, आप बैठ जाइए। आपने अपनी बात कह ली है।
SHRI BASU DEB ACHARIA (BANKURA): It is unfortunate that when today Confidence Motion is being taken up, a Member of this House belonging to Bahujan Samaj Party has been threatened by the CBI officers and he was asked to remain absent; not only he but other Members of BSP also. The way the CBI is being misused to get the majority is most condemnable. We condemn it and I demand that an impartial inquiry should be held, should be ordered and that can be done only by constituting a House Committee. So, we demand that a House Committee be constituted to inquire into this serious matter. MR. SPEAKER: Your suggestion will be kept in mind.
… (Interruptions)
MR. SPEAKER: All of you want a Committee.
… (Interruptions)
प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा : महोदय, इस सदन के दो सदस्यों को एयरपोर्ट पर रोका जा रहा है। प्रफुल्ल पटेल जी की ओर से इसके लिए निर्देश दिए गए हैं कि उनको वहां न जाने दिया जाए। MR. SPEAKER: These are serious charges which are being made. I have no manner standing up; I cannot go and bring him by a plane. … (Interruptions)
प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा : महोदय, उनको वहां जाने से रोका जा रहा है।...( व्यवधान) अध्यक्ष महोदय : मैं आपकी बात सुन रहा हूं।
…( व्यवधान)
SHRI ANANTH KUMAR (BANGALORE SOUTH): Sir, we want a direction from you.… (Interruptions) MR. SPEAKER: With all humility, I can only say that no hon. Member, who attempts to come to the House, will be interfered with. …( व्यवधान)
अध्यक्ष महोदय : इतना बोल दिया है, अब और क्या कहूं।
…( व्यवधान)[R53] MR. SPEAKER: I cannot send a plane. I have no plane. … (Interruptions) प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा : आप उन्हें कह तो सकते हैं। MR. SPEAKER: Any and every allegation is being made here. Now, Shri Dasgupta.
SHRI GURUDAS DASGUPTA (PANSKURA): Mr. Speaker, Sir, this is a very serious complaint, and never before this House ever heard such a complaint from any Member of the House. … (Interruptions) MR. SPEAKER: Never this House has heard some of the speeches I have heard. SHRI GURUDAS DASGUPTA : Sir, please listen to me.
MR. SPEAKER: I am listening.
SHRI GURUDAS DASGUPTA : I have never heard such a complaint. This is a very serious complaint which has been made for the first time in the 14th Lok Sabha. I do not say that he is right. I do not say that he is wrong. But this is a complaint from a hon. Member of this House. Therefore, the House should take cognizance of this matter and not the Government. The House should take cognizance of this matter and suo motu the hon. Speaker, on behalf of the House, should ensure that a House Committee is formed to go into the details and find out the truth. Sir, it has very serious implications. It has nothing to do with vote. It has nothing to do with Shri Lalu Prasad. … (Interruptions) MR. SPEAKER: Your point will be taken note of. I will consider your suggestion. SHRI GURUDAS DASGUPTA : Sir, the same thing may happen to them also when this side came to power. Therefore, I want the House to take cognizance of this matter and set up a Committee. Sir, kindly do it here and now. MR. SPEAKER: It is a wonderful suggestion! You want the Report also to come here and now! Now, Shri Anant Geete.
… (Interruptions)
SHRI DEVENDRA PRASAD YADAV (JHANJHARPUR): Sir, I am on a point of order. … (Interruptions) MR. SPEAKER: What is your point of order?
SHRI DEVENDRA PRASAD YADAV : Rule 369 says:
“A paper or a document to be laid on the Table of the House shall be duly authenticated by the Member presenting it.” Sir, he has not authenticated the document. … (Interruptions)
MR. SPEAKER: I am sure that he will authenticate it. Shri Brajesh Pathak, उनके द्वारा अथोंटिकेट करने के बाद हमारे पास आएगा। You are right. I uphold your point of order.
Now, Shri Anant Geete.
श्री अनंत गंगाराम गीते : अध्यक्ष जी, सदन में इसके पहले भी कई बार विश्वास मत के प्रस्ताव पेश हुए हैं और उन पर चर्चा हुई है। MR. SPEAKER: Anything is being discussed except the Motion of Confidence.
श्री अनंत गंगाराम गीते : मैं प्रस्ताव पर नहीं बोल रहा हूं। मैं यह कहना चाहता हूं कि पहले कभी भी किसी विश्वास मत के प्रस्ताव पर किसी सांसद ने इस प्रकार की शिकायत नहीं की कि प्रस्ताव के समर्थन में मदद देने के लिए उसे धमकाया गया हो। अध्यक्ष महोदय: मैंने इस पर कहा है।
श्री अनंत गंगाराम गीते : माननीय सांसद को धमकाया जा रहा है और वह भी सीबीआई के द्वारा। कल तो मैंने इतना ही कहा था कि आज इस प्रस्ताव को पारित करने के लिए जो घिनौने प्रयास किए जा रहे हैं, तो मुझे लालू जी ने याद दिलाया कि यह रिवीजन हो सकता है। अब लालू जी कुछ भी नहीं बोल रहे हैं। जब एक सांसद डाक्युमेंट को अथोंटिकेट करके दे रहा है, अध्यक्ष महोदय: अभी नहीं दिया है।
श्री अनंत गंगाराम गीते : यह जो सदन में मामला आया है और कहा गया है कि इसकी जांच करने के लिए सदन के सदस्यों की एक समिति बनाई जाए, तो मैं इसका समर्थन करता हूं और चाहता हूं कि समिति बनाई जाए, जो इस मामले की जांच करे। MR. SPEAKER: I agree with you.
Now, let us go back to the discussion on the Motion of Confidence.
Shri K. Yerrannaidu, what do you want to say? Everything has been said.
SHRI KINJARAPU YERRANNAIDU (SRIKAKULAM): Sir, I support the views expressed by Shri Gurudas Dasgupta and other hon. Members on this issue. … (Interruptions) अध्यक्ष महोदय: जो-जो सपोर्ट करते हैं, वे स्लिप भेज दें।
...( व्यवधान)
MR. SPEAKER: I have taken note of your serious concern. I will look into it after the authenticated document has been received from you. You have no faith in the Government. I hope, you have faith in me. अब इसे छोड़िए। अब प्रस्ताव पर चर्चा होने दें।