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Lok Sabha Debates

Need To Include The Bengali Namo-Sudra Caste In The List Of Scheduled Castes In ... on 21 December, 2015

Sixteenth Loksabha an> Title: Need to include the Bengali Namo-Sudra Caste in the list of Scheduled Castes in respect of Chhatisgarh.

श्री विक्रम उसेंडी (कांकेर): माननीय उपाध्यक्ष महोदय, आपको धन्यवाद कि आपने मुझे एक अत्यंत महत्वपूर्ण मुद्दे पर बोलने का मौका दिया। बांग्लादेश और पूर्वी पाकिस्तान के विस्थापित बंगाली नमोशूद्र भाइयों को देश के विभिन्न हिस्सों के साथ तत्कालीन मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ राज्य में भी बसाया गया था। छत्तीसगढ़ राज्य में बस्तर संभाग से सरगुजा संभाग तक बंग समुदाय निवासरत है। सुदूर अंचलों में पुनर्वास से बसे लाखों की संख्या में बंग नमोशूद्र समुदाय जिसमें निखिल भारत उद वास्तु समन्वय समिति के बैनर तले छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 30 हज़ार से ज्यादा बंग समुदाय के लोगों द्वारा वहाँ निवासरत बंगाली नमोशूद्र पौण्ड एवं राजवंशी समुदाय को अनुसूचित जाति की मान्यता देने हेतु एवं बंग समुदाय के ही वैश्य, नाई, लुहार को अन्य पिछड़ी जाति की मान्यता देने हेतु एक दिवसीय धरना राजधानी रायपुर में 20 दिसम्बर को किया गया था। आज 21 दिसम्बर को छत्तीसगढ़ विधान सभा का घेराव करने का भी इनके द्वारा प्रयास किया गया।

          माननीय उपाध्यक्ष महोदय, अन्य राज्यों में नमोशूद्र बंगाली भाइयों को एस.सी. जाति की मान्यता मिली है। इनकी मांग है कि जैसे इन आठ राज्यों में पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम, त्रिपुरा, मणिपुर, मेघालय, मिज़ोरम, अरुणाचल प्रदेश में इनकी मान्यता है, उसी प्रकार उन्हें भी अनुसूचित जाति की मान्यता प्रदान की जाए।

          माननीय उपाध्यक्ष महोदय, बस्तर संभाग में सबसे ज्यादा कांकेर जिला अंतर्गत पखांजुर (परलकोट) क्षेत्र में 133 गांवों में बंगाली भाई निवासरत हैं। इसके साथ ही साथ जिला कोण्डागाँव, बोरगाँव, जिला जगदलपुर में धरमपुरा, जिला दंतेवाड़ा में किरंदुल कैंप, बचेली कैंप, भांसी कैंप, रायपुर जिला में माना कैम्प, धरसिवाँ, रायगढ़ जिले में धरमजयगढ़ कैम्प, सागरपुर कैम्प, सरगुजा जिले में चिरमिरी, तातापानी, रामानुजगंज और आरागाही में प्रमुख रूप से नमोशूद्र बंगाली भाई निवासरत हैं। इसके अतिरिक्त अन्य जिलों में भी आंशिक रूप से बंग बंधु निवासरत हैं।

          माननीय उपाध्यक्ष महोदय, 30 नवंबर, 2007 को एक अशासकीय संकल्प मेरे द्वारा छत्तीसगढ़ विधान सभा में चर्चा हेतु प्रस्ताव लाया गया था और सर्वानुमति से विधान सभा से प्रस्ताव पारित होने के बाद केन्द्र सरकार को भेजा गया था लेकिन अब तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

          मैं आपके माध्यम से अनुरोध करता हूँ कि राज्य छत्तीसगढ़ में निवासरत बंगाली नमोशूद्र पौण्ड एवं राजवंशी समुदाय को अनुसूचित जाति एवं बंग समुदाय के वैश्य, नाई, लुहार को अन्य पिछड़ा वर्ग की मान्यता प्रदान की जाए। ...(व्यवधान)

          मैं आपके माध्यम से माननीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री जी का ध्यान आकृष्ट करते हुए निवेदन करना चाहता हूँ कि इनकी मांगों के अनुसार एवं आठ राज्यों में इनकी दी गई जाति व्यवस्था के अनुसार इनको अनुसूचित जाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग की मान्यता प्रदान की जाए।

HON. DEPUTY-SPEAKER:

 
Kunwar Pushpendra Singh Chandel is permitted to associate with the issue raised by Shri Vikram Usendi.