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Lok Sabha Debates

Regarding Response By Shri P. Chidambaram On 10 Th May, 2012 On Reported  ... on 11 May, 2012

> Title: Regarding response by Shri P. Chidambaram on 10th May, 2012 on reported  irregularities in Aircel-Maxis deal.

 

श्रीमती सुषमा स्वराज (विदिशा):अध्यक्ष महोदया, नेता सदन ने जो बात कही है वह बिलकुल बजा है। जहां तक आपका सवाल है, आप उसका जवाब दे दें। जो विषय यहां उठाया गया था, इस समय वह मुद्दा नहीं है। मैं कल यहां सदन में नहीं थी, लेकिन आपकी अनुमति से कल श्री यशवंत सिन्हा जी ने एक विषय उठाया था और चाहा था कि प्रणब मुखर्जी जी उसका जवाब दें। लेकिन बजाय प्रणब मुखर्जी के जवाब देने के यहां तत्कालीन वित्त मंत्री श्री पी. चिदम्बरम आए और उन्होंने बजाय एक पर्सनल एक्सप्लेनेशन के अपने पुत्र का एक पत्र पढ़ा। मैं केवल आपसे एक निवेदन करना चाहती हूं, मैं आपसे यह चीज़ पूछना चाहती हूं कि हमारे नियमों में पर्सनल एक्सप्लेनेशन का भी प्रावधान है और सुओ-मोटो स्टेटमेंट का भी प्रावधान है। लेकिन उन दोनों का नियमावली में नियम लिखा है कि पहले वह अध्यक्ष को बताते हैं कि हम पर्सनल एक्सप्लेनेशन देना चाहते हैं या हम सुओ-मोटो स्टेटमेंट देना चाहते हैं। अध्यक्ष उसकी एडमिसीब्लिटी तय करके उसकी इजाज़त देती हैं। उसके बाद वह आर्डर पेपर में यानी जो कार्य सूची आती है, उसमें लगता है और अगर वहीं की वहीं भी दिया जाए तो बंटता है। उन्होंने वह पर्सनल एक्सप्लेनेशन न देकर अपने पुत्र कार्ति ने क्या कहा, वह यहां पढ़कर सुनाया। हमारे लोग यहां कहते रहे कि आप किस नियम के तहत पढ़ रहे हैं, आप बताइए कि आप पर्सनल एक्सप्लेनेशन दे रहे हैं या सुओ-मोटो स्टेटमेंट दे रहे हैं। पुत्र का पत्र पढ़कर अगर यहां सुनाने की इजाज़त दी जाएगी तो कल को पता नहीं कौन-कौन अपने-अपने परिवार के सदस्य का क्या-क्या यहां पढ़ेगा? यहां मामला सत्ता पक्ष और विपक्ष का होता है। मैम्बर और मिनिस्टर के बीच में होता है। मिनिस्टर अपनी बात कहे, वह समझ में आता है, लेकिन पुत्र के पत्र, उसमें भी ईसा मसीह की नसीहतें पुत्र के माध्यम से कि ये लोग अज्ञानी हैं, जानते नहीं हैं कि क्या कर रहे हैं। अगर इसकी इजाज़त यहां दी जाएगी तो कैसे होगा? इसलिए मेरा निवेदन प्रणब दा से नहीं है, वह जवाब दें, जो आपने इश्यू उठाया, आप जवाब दें। मेरा निवेदन आपसे है कि तत्कालीन सभापति ने इसकी इजाज़त क्यों दी और चिदम्बरम साहब ने किस नियम के तहत यह पढ़ा? यह मामला प्वाइंट ऑफ आर्डर का है। यह मामला प्वाइंट ऑफ प्रोपराइटी का है।...( व्यवधान) इसलिए मैं आपसे जानना चाहती हूं कि चिदम्बरम जी ने जो बयान यहां पढ़ा, वह किस नियम के तहत पढ़ा? इस सदन में नियम की अवहेलना हुई है, पार्लियामेन्टरी रूल्स की अवमानना हुई है, यह विषय मैं आपके सामने रखना चाहती हूं।

MADAM SPEAKER:  Please sit down.

… (Interruptions)

MADAM SPEAKER: I have called the hon. Minister, Shri Pawan Kumar Bansal. Please take your seats.

… (Interruptions)

 MADAM SPEAKER: Please take your seats. Let the hon. Minister speak. Please sit down.

… (Interruptions)

SHRI THOL THIRUMAAVALAVAN:  Madam, we are going to celebrate the 60th Anniversary of the Indian Parliament. But we are insulting  Dr. B.R. Ambedkar. … (Interruptions)  Please allow discussion on this important issue. … (Interruptions)

MADAM SPEAKER:  Please take your seat.  You have made your point.  Please allow the Minister to speak.

… (Interruptions)

SHRI THOL THIRUMAAVALAVAN:  How can he speak?  How can we keep mum? Please allow discussion on this important issue. … (Interruptions)  It is a great insult to Dr. B.R. Ambedkar. … (Interruptions)  While we are going to celebrate the 60th Anniversary of the Indian Parliament, we are insulting Dr. B.R. Ambedkar. … (Interruptions)  Please allow some time for discussion. … (Interruptions)

MADAM SPEAKER:  It is all right. Please take your seat.

… (Interruptions)

श्री शैलेन्द्र कुमार: महोदया, डॉ. अम्बेडकर से संबंधित यह बहुत महत्वपूर्ण मामला है। संविधान की धज्जियां उड़ाई गई हैं।...( व्यवधान)

MADAM SPEAKER: Let him speak.  I have called Shri Pawan Kumar Bansal.

… (Interruptions)

MADAM SPEAKER: Nothing will go in record.

(Interruptions)* MADAM SPEAKER: I will give you a chance after Shri Pawan Kumar Bansal.

… (Interruptions)

THE MINISTER OF PARLIAMENTARY AFFAIRS AND MINISTER OF WATER RESOURCES (SHRI PAWAN KUMAR BANSAL): अध्यक्ष महोदया, माननीय सदस्य ने जो मामला उठाया है, उसकी सूचना मैं एचआरडी मिनिस्टर को इसके एकदम बाद दे दूंगा।...( व्यवधान) I will inform the Minister of H.R.D. … (Interruptions)

SHRI THOL THIRUMAAVALAVAN:  Madam, this is an insult to the Constitution. This is an insult to the Nation.… (Interruptions) This is an insult to Dr. B.R. Ambedkar.… (Interruptions)

MADAM SPEAKER: I take one minute. Please take your seat.

… (Interruptions)

MADAM SPEAKER: I allow the hon. Minister to speak and then I will give you a chance to speak.

… (Interruptions)

श्री पवन कुमार बंसल : अध्यक्ष महोदया, मैं माननीय सदस्यों को बताना चाहता हूं कि एकदम इसके बाद मैं माननीय मानव संसाधन मंत्री जी को इस चीज की सूचना दे दूंगा। ...( व्यवधान)

श्री शैलेन्द्र कुमार: अध्यक्ष महोदया, यह बहुत ही गंभीर मामला है।...( व्यवधान)

MADAM SPEAKER:  Hon. Member, please go back to your seat.

… (Interruptions)

श्री पवन कुमार बंसल : अध्यक्ष महोदया, कल जब माननीय श्री यशवंत सिन्हा जी ने ज़ीरो ऑवर के लिए या उससे पहले प्रश्नकाल को स्थगित करने के लिए आपको नोटिस दिया था, उन्होंने यह नहीं कहा था जो रूल्स के तहत अनिवार्य है,...( व्यवधान)

MADAM SPEAKER:  Hon. Member, please go back to your seat. What is this happening in spite of my telling you?

… (Interruptions)

श्री पवन कुमार बंसल : अगर किसी माननीय सदस्य के खिलाफ कोई निजी इल्जाम किसी ढंग का लगाना होता है तो उसके लिए भी नोटिस दिया जाता है, वह भी रूल्स में दर्ज है। ऐसा नहीं हुआ था। आपने इजाजत दी थी और उस इजाजत के बाद जब वह खड़े होकर अपनी बात कह रहे थे, उन्होंने अपनी बात को सिर्फ उन तथ्यों तक ही सीमित नहीं रखा जो रिकार्ड का हिस्सा है" "।  कौन सी तारीख को कब हुआ, अगर उसमें कोई शंका हो तो मैं फिर पढ़कर बता सकता हूं। उन्होंने उससे आगे बढ़कर माननीय गृह मंत्री व उनके बेटे का जिक्र करके बिल्कुल स्पष्ट तौर पर उन पर इल्जाम लगाया था और उसके कारण जब उनको इस चीज का पता लगा और दूसरी तरफ उनके बेटे ने वहां जब वह स्टेटमेंट दी थी तो माननीय गृह मंत्री वह स्टेटमेंट पढ़ने के लिए यहां नहीं आए थे। माननीय गृह मंत्री ने अपनी तरफ से अपनी क्लेरिफिकेशन देने के लिए क्योंकि उनको बिना नोटिस, जो नोटिस देना अनिवार्य होता है, उनको बिना नोटिस के इन्होंने उनका जिक्र किया था जो उन पर एक तरह का इल्जाम था और बहुत गंभीर इल्जाम उन पर लगाये गये थे। इसलिए यह जरुरी था और यही ये मांग कर रहे थे कि वह आकर अपनी बात कहें। जब उन्होंने अपनी बात कही...( व्यवधान) जब माननीय गृह मंत्री ने अपनी बात कही तो उसके बीच में यह अनिवार्य था कि उसका जिक्र आता जो एक वक्तव्य उनके बेटे ने वहां दिया था। सिर्फ उन्होंने वह नहीं पढ़ा बल्कि उन्होंने कैटेगॉरीकली इस बात का खंडन किया था कि उनका इस चीज से कोई ताल्लुक है और उससे पहले अलग अलग तारीखों को इस सदन में भी जिक्र हो चुका है। ...( व्यवधान) उनके तहत यह बात स्पष्ट है और मैडम, कल उस बात की जरुरत थी और उसके लिए कोई एडवांस नोटिसेज की नहीं, आप नहीं थीं लेकिन जो उस वक्त माननीय चेयरमैन साहब प्रिजाइड ओवर कर रहे थे, उनकी इजाजत के साथ ही उन्होंने खड़े होकर बोला। उनकी इजाजत के बिना कोई खड़ा होकर अपने आप बात नहीं कह सकता। इसी कारण उन्होंने यह बात कही थी और जो नसीहतों की बात करते हैं, ...( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदया : अभी रुक जाइए। आपको बुलाएंगे।

…( व्यवधान)

11.13 hrs At this stage, Shri Shailendra Kumar came and stood on the floor near the Table.

11.13 ¼  hrs At this stage, Shri Shailendra Kumar went back to his seat.

श्री पवन कुमार बंसल : उन नसीहतों की बात उन्होंने अपने बेटे की नहीं कही थी।...( व्यवधान) मैडम, पहली बात तो यह है कि कल किसी बात का कहीं कोई उल्लंघन नहीं हुआ, कुछ भी नियमावली के विपरीत नहीं हुआ।...( व्यवधान) यह अनिवार्य था। यह उम्मीद की जा रही थी कि इस बात पर गृह मंत्री आकर अपनी बात कहें और यह स्पष्ट कर देना सही था कि जो इल्जाम उन पर लगाये गये हैं, वे इल्जाम गैर-जिम्मेदाराना हैं। इररेस्पांसिबिल और रेकलैस इल्जाम उन पर लगाये जा रहे थे।...( व्यवधान) वे सारे इल्जाम गैर-जिम्मेदाराना हैं और तथ्यों पर आधारित नहीं हैं।...( व्यवधान)

और मैं वह पढ़कर बता सकता हूं कि दोनों तरफ...( व्यवधान) माननीय यशवंत सिन्हा जी ने दोनों केसेज को जोड़कर एक बना दिया।...( व्यवधान) एक बात जून की थी और एक बात अक्टूबर की थी।...( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदया : बैठ जाइए।

…( व्यवधान)

 

11.14 hrs At this stage,  Shri Shailendra Kumar and Shri Thol. Thirumaavalavan  came and stood on the floor near the Table.

… (Interruptions)

11.14 ¼  hrs At this stage, Shri Shailendra Kumar and Shri Thol. Thirumaavalavan went back to their seats.

 

MADAM SPEAKER:  Hon. Member, please take your seat. Hon. Member, what are you doing? I am calling your name and you are here. Please go back to your seat.

… (Interruptions)

 11.15 hrs

(ii) Re: Cartoon showing disregard to Dr. B. R. Ambedkar and Pandit Jawahar Lal Nehru in school text book published by NCERT.

 

MADAM SPEAKER: Go back to your seat. This is a very sensitive matter. It has just been brought to my notice. I would request the Government to look into it. In the meanwhile, I would request the hon. Member, Shri Thol Thirumaavalavan, to please speak.

THE MINISTER OF FINANCE (SHRI PRANAB MUKHERJEE): I would ask the HRD Minister to come and make a full-fledged statement about the whole matter, about Dr, Ambedkar’s cartoon.                                                                         

… (Interruptions)