State Consumer Disputes Redressal Commission
O I C vs Royal Handicrafts on 8 September, 2022
Cause Title/Judgement-Entry STATE CONSUMER DISPUTES REDRESSAL COMMISSION, UP C-1 Vikrant Khand 1 (Near Shaheed Path), Gomti Nagar Lucknow-226010 First Appeal No. A/379/2015 ( Date of Filing : 27 Feb 2015 ) (Arisen out of Order Dated 29/11/2014 in Case No. c/72/2014 of District Jyotiba Phule Nagar) 1. O I C Amroha Amroha UP ...........Appellant(s) Versus 1. Royal Handicrafts Amroha Amroha UP ...........Respondent(s) BEFORE: HON'BLE MR. SUSHIL KUMAR PRESIDING MEMBER HON'BLE MR. Vikas Saxena JUDICIAL MEMBER PRESENT: Dated : 08 Sep 2022 Final Order / Judgement
(मौखिक) राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग , उ0प्र0 , लखनऊ।
अपील सं0 :- 379 / 20 15 (जिला उपभोक्ता आयोग, अमरोहा द्वारा परिवाद सं0- 72/2014 में पारित निर्णय/आदेश दिनांक 29/11/2014 के विरूद्ध) The Oriental Insurance Company Through its Regional Manager (HUB), Regional Office, 2nd Floor, L.I.C Investment Building 43, Hazratganj.
Appellant Versus M/S Royal Handicrafts, Hasanpur Rahra Bye Pass, Jakdi Chauraha, Hasanpur, Amroha, Though its Proprietor, Arshad Hussain S/O Sri Ahmad Hussain, R/O Hasanpur Holiwala, Sambhal Road, P.S-Hasanpur, District-Amroha Branch Manager, Prathma Bank, Branch-Hasanpur, Amroha.
Respondents समक्ष मा0 श्री सुशील कुमार, सदस्य मा0 श्री विकास सक्सेना, सदस्य उपस्थिति:
अपीलार्थी की ओर से विद्वान अधिवक्ता:- श्री आशुतोष कुमार सिंह प्रत्यर्थीगण की ओर से विद्वान अधिवक्ता:- कोई नहीं।
दिनांक:-08.09.2022 माननीय श्री सुशील कुमार , सदस्य द्वारा उदघोषित निर्णय जिला उपभोक्ता आयोग, अमरोहा द्वारा परिवाद सं0- 72/2014 मेसर्स रायल हेण्डी क्राफ्ट बनाम शाखा प्रबंधक दि ओरियण्टल इंश्योरेंस कम्पनी लिमिटेड में पारित निर्णय/आदेश दिनांक 29/11/2014 के विरूद्ध यह अपील विपक्षी बीमा कम्पनी द्वारा इस आधार पर प्रस्तुत की गयी है कि जिला उपभोक्ता मंच ने पालिसी की शर्तों का पॉलिसी में सुरक्षा कवर के संबंध में गलत व्याख्या की है। पॉलिसी सं0 253502/11/2014/72 स्टॉक की सुरक्षा के लिए थी तथा पॉलिसी सं0 253502/48/2014/248 Burgilary से संबंधित है। अग्नि आदि से सुरक्षा के लिए नहीं थी, जबकि जिला उपभोक्ता मंच ने फर्नीचर में आग लगने के कारण क्षति का आदेश दिया है, जो विधि विरूद्ध है, चूंकि यह पॉलिसी केवल Burgilary के लिए थी।
केवल अपीलार्थी के विद्धान अधिवक्ता को सुना। प्रत्यर्थी की ओर से कोई उपस्थित नहीं है।
परिवाद में वर्णित तथ्यों के अवलोकन से ज्ञात होता है कि परिवादी द्वारा उपरोक्त वर्णित 2 पॉलिसी प्राप्त की गयी, जिनमें से पॉलिसी सं0 253502/48/2014/248 फर्नीचर की सुरक्षा के लिए थी। दिनांक 27.10.2003 को विद्युत शार्ट सर्किट के कारण आग लग जाने से लकड़ी, वेन्टीलेटर, चौखट आदि जलकर राख हो गये और प्रत्यर्थी सं0 1/परिवादी का 5,00,000/- रूपये का नुकसान हुआ। फर्नीचर की सुरक्षा के लिए जारी की गयी पॉलिसी पत्रावली दस्तावेज सं0 14 के रूप में मौजूद है। इस पॉलिसी के अनुसार बेसिक सुरक्षा Burgilary के लिए की गयी है जबकि स्वयं प्रत्यर्थी सं0 1/परिवादी के तथ्य के अनुसार Burgilary की कोई घटना नहीं हुई है, इसलिए कोई बीमा क्लेम देय नहीं था। जिला उपभोक्ता मंच द्वारा पारित किया गया निर्णय अपास्त किये जाने योग्य है। तदनुसार अपील स्वीकार किये जाने योग्य है।
अपील स्वीकार की जाती है। प्रश्नगत निर्णय व आदेश अपास्त किया जाता है। परिवादी का परिवाद खारिज किया जाता है।
अपील में उभय पक्ष अपना वाद व्यय स्वयं वहन करेंगे।
आशुलिपिक से अपेक्षा की जाती है कि वह इस निर्णय/आदेश को आयोग की वेबसाइट पर नियमानुसार यथाशीघ्र अपलोड कर दें।
(विकास सक्सेना) (सुशील कुमार) सदस्य सदस्य संदीप, आशु0 कोर्ट नं0-2 [HON'BLE MR. SUSHIL KUMAR] PRESIDING MEMBER [HON'BLE MR. Vikas Saxena] JUDICIAL MEMBER