Lok Sabha Debates
Need To Check Female Infanticide With A View To Maintain Sex Ration In The Country. on 2 May, 2012
> Title: Need to check female infanticide with a view to maintain sex ration in the country.
श्री पन्ना लाल पुनिया (बाराबंकी):सभापति महोदय, मैं आपका आभारी हूं कि आपने मुझे एक अत्यंत महत्वपूर्ण विाय पर बोलने का अवसर दिया। आज पूरा देश जनसंख्या और जनसंख्या में पुरूा एवं महिलाओं के अनुपात को लेकर चिन्तित है। हाल में की गई जनगणना वाऩ 2011 में एक हजार पुरूााो पर केवल 940 महिलाएं हैं। यह अनुपात अत्यंत गंभीर है। इससे भी चौकाने वाला तथ्य यह है कि जीरो से छ: वाऩ तक की आयु में लिंग अनुपात एक हजार बालकों के बदले केवल 914 बालिकाएं हैं। वाऩ 1950 में इन बालिकाओं की संख्या 914 की जगह 976 थी। यह आंकड़ा व्यस्क अनुपात से काफी कम है। राज्यवार आंकड़ों पर नजर डालें तो पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और महाराट्र में प्रति एक हजार बालकों के लिए नौ सौ से भी कम बालिकाओं का अनुपात है। यह घोर चिन्ता का विाय है। पूरे समाज को लालच से ऊपर उठ कर सभी डॉक्टरों को इस प्रवृति को रोकने के प्रयास में भागीदारी करनी चाहिए। इससे यह सीधा प्रतीत होता है कि कन्या भ्रुण हत्या पूरे देश भर में हो रही है। भारत के पड़ौसी देशों में पुरूााो एवं महिलाओं का अनुपात भी हमसे बेहतर है। बंग्लादेश में एक हजार पुरूााो पर 978 महिलाएं, पाकिस्तान में एक हजार पुरूााो पर 943 महिलाएं, श्रीलंका में एक हजार पुरूााो पर 1034 महिलाएं हैं।
13.00 hrs. चीन में एक हजार पुरुााो पर 926 महिलाएं हैं।
अतः मैं आपके माध्यम से अनुरोध करना चाहूंगा कि महिलाओं और पुरुााो की जन्म दर को बराबर रखे जाने की आवश्यकता है। कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए वर्तमान कानून में संशोधन कर सख्ती से कार्रवाई करने की आवश्यकता है।
SHRIMATI BOTCHA JHANSI LAKSHMI (VIZIANAGARAM): Mr. Chairman, Sir, I am also associating with Shri P.L. Punia on the issue of maintaining the population male-female sex ratio in the country.