Lok Sabha Debates
Demanded A Discussion On The Activities Of The Rashtriya Swayam Sewak Sangh (Rss) on 13 March, 2000
मुलायम सिंह यादव :अध्यक्ष महोदय, आपने बड़ी मुश्किल से कृपा की कि हमें बोलने का मौका दिया। हमें कोई खुशी नहीं है कि आर.एस.एस. की गतवधियों पर चर्चा हो, हमारी थोड़ी सी थोड़े शब्दों में मांग है। ५२ साल की आजादी के बाद हम इस विषय पर चर्चा करें कि साम्प्रदायिक शक्तियों पर कैसे रोक लगे, यह कोई अच्छा नहीं लगता, लेकिन आज देश के सामने मजबूरी है। जब संविधान बना था तो संविधान निर्माताओं ने प्रतिज्ञा की थी कि सार्वभौमिक, समाजवादी और धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक गणराज्य की स्थापना की जाएगी। आज उसी पर सीधा हमला हो रहा है और यह आर.एस.एस. के माध्यम से हो रहा है। आज बिहार में भी... (व्यवधान)
श्री मदन लाल खुराना: महोदय, मेरा प्वाइंट ऑफ आर्डर है।
MR. SPEAKER: I have allowed him.
… (Interruptions)
MR. SPEAKER: I have allowed him. खुराना जी, आप बाद में बोल सकते हैं।
श्री मदन लाल खुराना: महोदय, ये अपनी बात कह देते हैं और जब दूसरा कोई बोलने के लिए खड़ा होता है तो उसकी बात नहीं सुनते हैं। ... (व्यवधान)पिछले १५ दिन से यही हो रहा है। ये अपनी बात कह देते हैं और दूसरे की बात नहीं सुनते हैं। मैंने उस दिन भी कहा था कि ये गारंटी दें कि हमारी बात भी सुनेंगे।... (व्यवधान)
अध्यक्ष महोदय : खुराना जी, हमने मुलायम सिंह जी को एलाऊ किया है, आप इनके बाद बोल सकते हैं।
श्री मदन लाल खुराना: महोदय, यह बोलने के बाद हमारी बात भी सुनेंगे।
अध्यक्ष महोदय : आप इनके बाद बोल सकते हैं।
श्री मदन लाल खुराना (दिल्ली सदर): महोदय, मेरा प्वाइंट ऑफ आर्डर है। आर.एस.एस. का विषय हाउस में कितने दिन तक चलेगा? … ( व्यवधान)
अध्यक्ष महोदय : खुराना जी, जीरोऑवर में प्वाइंट ऑफ आर्डर नहीं होता। इनके बाद आप भी बोल सकते हैं।
श्री मदन लाल खुराना: २३ तारीख से जीरोऑवर हो रहा है।... (व्यवधान) महोदय, मेरा यह कहना है कि बजट सत्र में तीन विषयों पर सबसे पहले चर्चा होती है- राष्ट्रपति का अभिभाषण, रेलवे बजट और जनरल बजट। ... (व्यवधान)
MR. SPEAKER: Please take your seat.
… ( व्यवधान)
श्री मदन लाल खुराना: इतने दिन बीत गए हैं, इनमें से किसी पर भी चर्चा नहीं हुई है।... (व्यवधान) महोदय, बिजनेस एडवायज़री कमेटी की मीटिंग बुला कर तय कर लीजिए कि किन विषयों पर चर्चा करानी है।... (व्यवधान)
अध्यक्ष महोदय : खुराना जी, आप मुलायम सिंह जी के बाद बोल सकते हैं।
… (Interruptions)
SHRI VAIKO (SIVAKASI): Mr. Speaker, Sir, I want to make a humble submission. I seek your protection, Mr. Speaker, Sir. I want to make a humble submission.
MR. SPEAKER: Shri Vaiko, please take your seat.
SHRI VAIKO : Sir, please give me only one minute.
MR. SPEAKER: Shri Vaiko, you are well aware of the procedures. When the Chair allowed Shri Mulayam Singh Yadav, how can you interrupt?
SHRI VAIKO : I am not objecting to the speech of Shri Mulayam Singh Yadav. I want to make a humble submission. I am not objecting to his speech. We are ready to listen to him. We take pains, Sir, to give notice in order to raise issues during the ‘Zero Hour’.
MR. SPEAKER: After him, you can submit whatever you want to submit.
SHRI VAIKO : For the past 15 days, we have given notices continuously to raise issues during the ‘Zero Hour’, but we have not been permitted.
MR. SPEAKER: I will allow you after him.
SHRI VAIKO : We are deprived of our basic right in this House.
अध्यक्ष महोदय : मुलायम सिंह जी, आप चेयर की ओर से अपने मैम्बर्स को बोल दीजिए कि बार-बार वैल में आना अच्छा नहीं है।
श्री विनय कटियार (फैजाबाद): सर, उन्होंने क्या इस पर बोलने के लिए नोटिस दिया है, अगर नोटिस नहीं दिया है तो उन्हें बोलने की इज़ाजत नहीं देनी चाहिए।…( व्यवधान )ये रक्षा मंत्री रह चुके हैं। ...( व्यवधान)
MR. SPEAKER: Hon. Member, please take your seat.
श्री मोहन रावले (मुम्बई दक्षिण-मध्य) :अध्यक्ष जी, क्या बिना नोटिस के मैम्बर ऑफ पार्लियामेंट इस तरह से बोल सकता है।?
श्री विनय कटियार (फैजाबाद): अध्यक्ष महोदय, हम आपसे जानना चाहते हैं कि क्या बिना नोटिस के कोई मैम्बर बोल सकता है।
MR. SPEAKER: This is too much, Shri Swain; Shri Katiyar, this is too much, please take your seat. This is not your business, please take your seat.
… (Interruptions)
MR. SPEAKER: This is not your business, please take your seat. This is not your business.
… (Interruptions)
MR. SPEAKER: Shri Katiyar, this is too much; this is not your business, please take your seat.
श्री मुलायम सिंह यादव :अध्यक्ष जी, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का लक्ष्य इस देश को हिंदू राष्ट्र घोषित करना है। …( व्यवधान )अभी पॉल्यूशन के बारे में चर्चा हो रही थी। हमारे जो गरीब लोग हैं, उनके लिए शौचालय का प्रबंध नहीं है, उसकी बात होनी चाहिए, किसान की बात होनी चाहिए, मजदूर की बात होनी चाहिए। हम चाहते हैं कि पूरा का पूरा संविधान रद्द करके दुबारा संविधान बनाया जाए।…( व्यवधान )यह संविधान अंग्रेजी मानसिकता का है। क्या महात्मा गांधी, पंडित जवाहर लाल नेहरू, डा. राजेन्द्र प्रसाद की मानसिकता अंग्रेजों की थी? अगर किसी की थी तो आर.एस.एस. की थी जिन्होंने आजादी की लड़ाई में गांधी जी का विरोध किया था। गृह मंत्री जी यहां हैं प्रधान मंत्री जी नहीं हैं। …( व्यवधान )
श्री साहिब सिंह (बाहरी दिल्ली) : यह आर.एस.एस. पर आरोप लगा रहे हैं लेकिन ये खुद ही देश में साम्प्रदायिकता पैदा करना चाहते हैं।…( व्यवधान )
THE MINISTER OF PARLIAMENTARY AFFAIRS AND MINISTER OF INFORMATION TECHNOLOGY (SHRI PRAMOD MAHAJAN): Sir, is he going to discuss the whole subject here?… (Interruptions)
MR. SPEAKER: Sahib Singhji, please cooperate with the Chair.
श्री मुलायम सिंह यादव (सम्भल): मैं पूछना चाहता हूं कि अगर मुसलमान युवक-युवतियां आपस में शादी करें तो क्या पाप है?… (Interruptions)
MR. SPEAKER: Nothing should go on record.
(Interruptions)* अध्यक्ष महोदय : मुलायम सिंह जी, आपने जो नोटिस दिया है वह बात आप कह चुके, वह नोटिस अब इन्फ्रक्चुअस हो गया है। आप अपनी बात को अब कैसे रिपीट कर सकते हैं।
श्री मुलायम सिंह यादव (संभल): अध्यक्ष जी, हम पूरी बात कहना चाहते हैं, आप हमें बोलने नहीं दे रहे हैं।
MR. SPEAKER: If you want to discuss this issue, then you have to give a fresh notice because this notice has become infructuous.
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*NotRecorded श्री मुलायम सिंह यादव :अध्यक्ष महोदय, मैं खत्म करने वाला हूं और यह मुझे बोलने नहीं दे रहे हैं। इस पर बहस होनी चाहिए और देश के सामने यह बात आऩी चाहिए। यह इनकी कार्य शैली बन गई है। गुजरात के बाद अब उत्तर प्रदेश में यह होने जा रहा है। वहां धार्मिक स्थल कानून बनने जा रहा है। इसलिए बिहार के राज्यपाल का आचरण भी ऐसा है...( व्यवधान) हमें इस बात पर सोचना पड़ेगा कि आर.एस.एस.
के लोगों को उच्च पदों पर रहने का हक होगा और क्या राज्यपाल संघ परिवार के होंगे? ये संघ परिवार से जुड़े लोग हैं। इसलिए बिहार के राज्यपाल ने ऐसा काम किया जो असंवैधानिक था। ऐसे राज्यपाल को बर्खास्त करना चाहिए। ...( व्यवधान) अध्यक्ष महोदय, यह मानसिकता है। इस मानसिकता के खिलाफ लड़ाई लड़ना बड़ा मुश्किल काम है। इसलिए हम चाहते हैं ...( व्यवधान)
अध्यक्ष महोदय: मुलायम सिंह जी, राज्यपाल के बारे में चर्चा करने के लिए सैपरेट नोटिस चाहिए और सबस्टैंटिव नोटिस चाहिए। आप बिना नोटिस दिए इसे नहीं उठा सकते।
श्री मुलायम सिंह यादव: यह लम्बित है।
अध्यक्ष महोदय: ऐसा कोई नोटिस नहीं है।
...( व्यवधान)
MR. SPEAKER: Whatever notice you have given that has become infractuous. Please understand that.
... ( व्यवधान)
श्री मुलायम सिंह यादव (सम्भल) : इस सवाल को लेकर एक फर्जी केस बनाया गया था और कहा गया कि इसमें आई.एस.आई. का हाथ है। इसके बाद एक अदालत के माध्यम से इसकी जांच कराई गई ...( व्यवधान)
SHRI VAIKO : Sir, you should follow minimum procedure… (Interruptions) You cannot give … (Interruptions)
MR. SPEAKER: Nothing should go on record except what Shri Khurana is speaking.
(Interruptions)* श्री मुलायम सिंह यादव : मेरी मांग है कि इस विषय पर बहस करने के लिए तारीख और समय तय किया जाए।...( व्यवधान)
श्री मदन लाल खुराना :अध्यक्ष महोदय, हम २३ तारीख से हाउस में देख रहे हैं ...( व्यवधान) मेरा इतना ही कहना है कि आप चाहे जिस विषय पर बहस करवाएं। हमें उसमें कोई एतराज नहीं है। ...( व्यवधान)
SHRI VAIKO : If we have to shout to get an opportunity, then we can also shout in this House … (Interruptions)
MR. SPEAKER: Nothing should go on record except what Shri Khurana is speaking.
(Interruptions)*
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*Not Recorded.
श्री मदन लाल खुराना: अध्यक्ष महोदय, मैं उस दिन भी कह रहा था कि इस सदन के अन्दर जो कुछ हो रहा है, उसमें ये लोग अपनी बात पांच-दस मिनट में कह देते हैं, लेकिन उसके बाद जवाब देने का समय आता है तो हमारी बात सुनते नहीं हैं और हाउस एडजर्न करवा देते हैं। ,,( व्यवधान) मुझे याद है जब हम छोटे बच्चे होते थे तो स्कूल में क्रिकेट खेलते थे। एक पहलवान आकर कहता था क पहले मुझे खिलाओ, वरना किसी को खेलने नहीं दूंगा। हम कहते थे कि पहले फील्िंडग कर लो, बाद में बैटिंग कर लेना। उसकी बात न मानने पर वह गिल्लियां उठा कर ले जाता था और खेलने नहीं देता था। इनकी हालत भी वैसी हो गई है। यह चाहते हैं कि जैसा वे चाहें, वैसे हाउस चले, वरना हम हाउस नहीं चलने देंगे। पिछले कई दिनों से यही कुछ हो रहा है। संविधान और संसदीय नियमों के अनुसार बजट सैशन में तीन मुख्य मुद्दे होते हैं - पहला राष्ट्रपति जी का अभिभाषण, दूसरा रेल बजट और तीसरा आम बजट। २३ तारीख से सदन शुरु हुआ। इतने दिन हो गए हैं लेकिन आज तक इन तीनों में से किसी भी विषय पर बहस शुरु नहीं हो पाई। केवल चार दिन शेष रह गए हैं। ...( व्यवधान)
*MR. SPEAKER: I have allowed Shri Khurana.
… (Interruptions)
MR. SPEAKER: Nothing should go on record except what Shri Khurana is speaking.
श्री मदल लाल खुराना: यह देश की समस्याओं को रखने के अगर इच्छुक हैं तो चर्चा के दौरान अपनी बात रख सकते हैं। इनके सामने केवल दो विषय हैं - एक आर.एस.एस. इशू और दूसरा बिहार इशू। हम इस पर चर्चा करने से डरते नहीं हैं। आप अपने कमरे में बैठक बुला कर इन पर चर्चा करवा सकते हैं। आपने नियम १९३ के अधीन इस पर चर्चा करने की इजाजत दी लेकिन कहने लगे कि इस पर नियम १८४ के अधीन चर्चा करायी जाए। प्रधान मंत्री ने कहा कि हम नियम १८४ के अन्तर्गत इस पर चर्चा करने को तैयार हैं। ऐसे में ये फिर पीछे हट गए।
अब ये कहते हैं कि नियम १८४ में लो। लेकिन जैसा ये चाहेगें, जैसा ये करेंगे, अब यह नहीं होगा। इसलिए मेरा आपसे निवेदन है कि चाहे आर.एस.एस. का मुद्दा हो, चाहे कोई और मुद्दा हो, आप इनको अपने कमरे में बुला लें और इनको क्या चाहिये, यदि आप ने इनको अनुमति देनी हो तो दें। यह आपका अधिकार है। मेरा आपके माध्य़म से इन से निवेदन है कि अब हाउस चलने दें क्योंकि चार दिन रह गये हैं, यह ऑब्लिगेटरी काम है जो इस हाउस को चलने दें।…( व्यवधान)...