Lok Sabha Debates
Regarding The Conditions Of Labourers Working In Sree Mata Vaishno Devi Temple In ... on 19 March, 2008
> Title: Regarding the conditions of labourers working in Sree Mata Vaishno Devi Temple in Jammu and Kashmir.
चौधरी लाल सिंह (उधमपुर): उपाध्यक्ष महोदय, ब्रीफ में नहीं, सर मसला बड़ा संगीन है।
उपाध्यक्ष महोदय : आपको सिर्फ यह पूछना है कि आपको सेंट्रल गवर्नमेंट से क्या चाहिए।
चौधरी लाल सिंह : उपाध्य़क्ष महोदय, जब आप सुनेंगे, तभी तो मैं सेंट्रल गवर्नमेंट से पूछूंगा।
उपाध्यक्ष महोदय : मैं जरूर सुनूंगा।
चौधरी लाल सिंह : उपाध्यक्ष महोदय, पहले आप मेरी रिक्वैस्ट सुनें। आप गरीबों के मसीहा हैं। आप मेरी बात नहीं सुनेंगे, तो मेरे बोलने का क्या फायदा है।
उपाध्यक्ष महोदय : मैं आपकी बात जरूर सुनूंगा।
चौधरी लाल सिंह : सर, मैं आपके माध्यम से अपनी गवर्नमेंट से बड़े दुखी मन से कहना चाहता हूं कि हमारे यहां वैष्णो देवी की जो लेबर है, उसके बारे में मैंने कई बार यहां कहा है कि वहां 17 हजार लेबरर्स हैं। इनमें पहले नंबर पर आता है पिट्ठू वाला, दूसरे नंबर पर आता है पौनी वाला और तीसरे नंबर पर आता है पालकी वाला। जो एक्सप्लॉयटेशन लेबर की वहां होती है, वैसी दुनिया में कहीं नहीं है। वहां लेबर से टैक्स लिया जाता है। मैंने कई बार कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए, लेकिन मुझे इस बात का दुख है कि किसी के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। मैं बताना चाहता हूं कि पिट्ठू वाले का रेट 162 रुपए है। इतने रुपए में वह कटरा से भवन तक यात्री का सामान ले जाता है। उससे 33 रुपए टैक्स लिया जाता है। उसके बाद वहां के ठेकेदार उससे 9 रुपए टैक्स लेते हैं। आप कृपया मेरी बात को ध्यान से सुनिए, मैं इस बारे में बहुत सीरियस हूं। इस प्रकार पिट्ठू वाले को 162 में से केवल 120 रुपए ही मिलते हैं।
उपाध्यक्ष महोदय : आप केन्द्र सरकार से क्या चाहते हैं, वह बोलिए।
चौधरी लाल सिंह : सर, आगे सुनिए। दूसरा पौनी वाला है। पौनी वाला लेबर जो है उसमें एक घोड़ा है और दूसरा इंसान है। पौनी वाले को 243 रुपए मिलते हैं और 33 रुपए टैक्स लगता है। आप हैरान होंगे कि लेबर पर 33 रुपए टैक्स लगता है और 10 रुपए ठेकेदार लेता है। इस प्रकार देखें तो एक घोड़े और एक लेबर को कुल मिलाकर 200 रुपए मिलते हैं। इसके बाद आता है पालकी वाला। ...( व्यवधान) सर, पालकी के साथ चार लोग चलते हैं। पालकी किसी और की होती है। यदि सर, आप मुझे नहीं सुनेंगे तो मैं प्रोटैस्ट करूंगा। ...( व्यवधान) मुझे दुख है सर कि इन लेबरर्स से टैक्स लिया जाता है। ...( व्यवधान)
उपाध्यक्ष महोदय : आप केन्द्र सरकार से क्या चाहते हैं, वह बताइए।
चौधरी लाल सिंह : सर, मैं पूछना चाहता हूं कि दुनियां में और देश में कहीं लेबर पर टैक्स लगता है? ...( व्यवधान)
श्री बसुदेव आचार्य (बांकुरा) : कहीं नहीं है।
चौधरी लाल सिंह : फिर वैष्णो देवी के लेबरर्स से क्यों टैक्स लिया जा रहा है? मेरी बात क्यों अनसुनी की जा रही है? ...( व्यवधान)
उपाध्यक्ष महोदय : आपकी बात हमने सुन ली।
चौधरी लाल सिंह : सर, और सुनें, उसे भोजनालय में जाने की इजाजत नहीं है। वह वहां जाकर खाना नहीं खा सकता। रात को सोने हेतु उसके लिए कोई शैल्टर नहीं है। उनके शैल्टर्स छीन लिए गए हैं। हर वर्ष टैंडर होता है। मैं इसलिए कह रहा हूं कि अभी वहां टैंडर देने का काम किया जा रहा है। लेबर के लिए किस बात का टेंडर, इसमें लेबर को मिलता क्या है? सर, मेरी सब्मीशन है कि वहां 17 हजार लेबर रो रही है। यहां से कमीशनें फ्रॉड हुईं, हैलीकॉप्टर लगा दिए। 14 बैटरी कारें लग गईं लेकिन मसला हल नहीं हुआ। मुझे बताओ गरीब आदमी का कौन है? जब हम बात करते हैं, तो हमें कहा जाता है कि सेंटर और स्टेट का मामला है। यह जो लूट हो रही है, उसके लिए कौन रेस्पोंसीबल है? ...( व्यवधान)
उपाध्यक्ष महोदय : आपका पाइंट आ गया। अब आप बैठ जाइए। श्री बसुदेव आचार्य।
…( व्यवधान)
चौधरी लाल सिंह : नो, नो सर। मेरी बात सुन लीजिए। ...( व्यवधान)
श्री अशोक प्रधान (खुर्जा) : जे. एंड के. तथा केन्द्र की सरकार इसके लिए रेस्पोंसीबल है। ...( व्यवधान)[r10] उपाध्यक्ष महोदय : यदि आप अपनी सीट पर जाकर नहीं बोलेंगे तो आपका कुछ भी रिकार्ड में नहीं जाएगा।
...( व्यवधान) * 13.05 hrs. The Lok Sabha then adjourned till Five Minutes past Fourteen of the Clock.[r11] * Not recorded 14.07 hrs. The Lok Sabha re-assembled after Lunch at Seven Minutes past Fourteen of the Clock.
(Shri Devendra Prasad Yadav in the Chair) MATTERS UNDER RULE 377 MR. CHAIRMAN : Now, the House shall take up item no. 30, Matters under Rule 377.
Dr. Arvind Sharma - Not present Shri Jivabhai A. Patel - Not present Shri V.K. Thummar - Not present Shri Bagun Sumbrui - Not present.
संसदीय कार्य मंत्री तथा सूचना और प्रसारण मंत्री (श्री प्रियरंजन दासमुंशी): सभापति महोदय, मैं 377 के बीच में बाधा नहीं डालना चाहता, मैं आपके माध्यम से सदन को सिर्फ यह सूचित करना चाहता हूं कि अभी-अभी उपाध्यक्ष जी को मैंने लिखित रूप से प्रस्ताव पेश किया है कि कुछ मंत्रियों की डिमांड्स फॉर ग्राण्ट्स हैं, उनको चार बजे यहां ले करने की अनुमति दे दें। यह मैं लिखित रूप से पेश करूंगा, सदन को मैं यह सूचित करना चाहता हूं।
सभापति महोदय : ठीक है।