Lok Sabha Debates
Need To Frame Regulations For The Welfare Of Labour In The Country. on 25 February, 2016
Sixteenth Loksabha an> Title: Need to frame regulations for the welfare of labour in the country.
श्री रमेश बिधूड़ी (दक्षिण दिल्ली) : उपाध्यक्षमहोदय, मैं आपके माध्यम से संसद का ध्यान देश में मजदूरों के साथ कम्पनियों द्वारा किए जा रहे अन्याय की तरफ दिलाना चाहता हूं। हालांकि ये बात पहले भी माननीय सदस्यों द्वारा की जा चुकी है। मौजूदा सरकार की नीतियों के साथ ही मजदूरों के साथ न्याय किया जा सकता है। देश के राज्यों में काम कर रहे मजदूर भी अलग-थलग राज्यों से आते हैं और मजदूरी को अपने परिवार का एकमात्र सहारा समझते हैं। देश में मजदूर भी जवानों और किसानों की तरह ही देश के विकास में अह्म भूमिका निभाते हैं लेकिन आज देश में कांग्रेस के 60 वर्षों के शासन में मजदूरों को कभी न्याय नहीं मिल पाया है। आज देश की फैक्ट्रियों और कंपनियां मजदूरों को मनचाही मजदूरी पर काम करवा कर उनका शोषण कर रही हैं, विशेषकर बड़े शहरों में जहां मजदूरों को प्रतिदिन औसतन पांच सौ रुपये मिलने चाहिए उसकी जगह कंपनियां उन्हें औसतन दो सौ रुपये ही दे रही हैं, ऊपर से उन्हें रोज दलालों को भी अलग से अपनी मजदूरी से कमीशन देना पड़ता है। किसान हल चलाकर सोना उगाता है उसी प्रकार एक मजदूर भी अपने लगन और मेहनत से किसी प्लॉन के मूर्त रूप को अपना पसीना बहा कर यथार्य कर देता है। आज देश में मजदूरों की हालत किसानों की तरह होने लगी है, अगर इन प्राइवेट और सेमी गवर्नमेंट फर्म्स द्वारा उनका शोषण ऐसे ही होता रहा तो वो दिन दूर नहीं जब इस देश में किसानों की तरह मजदूर भी अपनी मजबूरियों और अन्याय से तंग आकर आत्महत्या करने लगेगा और मजदूरों की ऐसी हालत की जिम्मेदार मैं कांग्रेस पार्टी को मानता हूं, जिसने हमेशा उन्हें हेय दृष्टि से देखा और उनके साथ वर्षों के अन्याय को देखते हुए मूकदर्शक बनी रही। इनकी सरकार को देश के किसानों से कोई मतलब नहीं था, वैसे ही इन्होंने के साथ वैसी ही नीति अपना कर उन्हें अन्याय का शिकार बनाया है। मैं आपके माध्यम से सरकार से निवेदन करना चाहता हूं कि मजदूरों के लिए फैक्ट्रियों और कंपनियों के लिए रेगुलेशन बनाए जिससे उन्हें एक तय मजदूरी के आधार पर हर कंपनी में एक मिनिमम वेज का बोर्ड बना कर मजदूरों के लिए सैलरी जैसा मैकेनिज्म बनाया जाए तथा कंपनियों के सामने मजदूरी संबंधी जानकारी मुहैया कराने के लिए इन्फॉर्मेशन बोर्ड लगाया जाए जिसमें उनके प्रतिदिन के वेजज की डिटेल हो, जिससे मजदूर कंपनियों, फैक्ट्रियों और दलालों का शिकार न बन पाएं। हमारी सरकार ने जैसे सब के लिए स्किल इंडिया जैसी योजनाओं की शुरूआत कर मजदूर भाई-बहनों को कौशल प्रदान कर कुशल बनाया है, वैसे ही अगर हम उन्हें उनके कौशल के आधार पर एक मानक मजदूरी दिलाते हैं तो ये उनकी जीत होगी और हम उनके साथ पूरी तरह न्याय कर पाएंगे साथ ही सत्यमेव जयते को हम चरितार्थ कर सकेंगे। माननीय प्रधानमंत्री जी का गरीबों के उत्थान का सपना साकार होगा।
HON. DEPUTY-SPEAKER: Shri Bhairon Prasad Mishra is permitted to associate with the issue raised by Shri Ramesh Bidhuri.