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State Consumer Disputes Redressal Commission

U P P C L vs Sher Singh on 25 January, 2023

  	 Cause Title/Judgement-Entry 	    	       STATE CONSUMER DISPUTES REDRESSAL COMMISSION, UP  C-1 Vikrant Khand 1 (Near Shaheed Path), Gomti Nagar Lucknow-226010             First Appeal No. A/2003/545  ( Date of Filing : 03 Mar 2003 )  (Arisen out of Order Dated  in Case No.  of District State Commission)             1. U P P C L  Muzaffarnagar ...........Appellant(s)   Versus      1. Sher Singh  Muzaffarnagar ...........Respondent(s)       	    BEFORE:      HON'BLE MR. JUSTICE ASHOK KUMAR PRESIDENT            PRESENT:      Dated : 25 Jan 2023    	     Final Order / Judgement    

(मौखिक) '' विशिष्‍ट लोक अदालत '' राज्‍य उपभोक्‍ता विवाद प्रतितोष आयोग, उ0प्र0, लखनऊ अपील संख्‍या-545/2003 सब डिविजनल आफिसर, इलैक्ट्रिसिटी डिस्‍ट्रीब्‍यूशन सब डिवीजन-।। आदि बनाम शेर सिंह दिनांक: 25.01.2023 माननीय न्‍यायमूर्ति श्री अशोक कुमार, अध्‍यक्ष द्वारा उदघोषित निर्णय प्रस्‍तुत अपील आज ''विशिष्‍ट लोक अदालत'' के सम्‍मुख प्रस्‍तुत की गयी, जो इस न्‍यायालय के सम्‍मुख जिला उपभोक्‍ता आयोग, मुजफ्फरनगर द्वारा परिवाद संख्‍या-307/1998 में पारित निर्णय एवं आदेश दिनांक 31.01.2003 के विरूद्ध प्रस्‍तुत की गयी है, जो कि विगत लगभग 20 वर्ष से लम्बित है।

मेरे द्वारा अपीलार्थी की ओर से उपस्थित विद्वान अधिवक्‍ता श्री दीपक मेहरोत्रा को सुना तथा जिला उपभोक्‍ता आयोग द्वारा पारित निर्णय/आदेश का सम्‍यक परिशीलन एवं परीक्षण किया गया। प्रत्‍यर्थी की ओर से कोई उपस्थित नहीं है।

मेरे द्वारा अपीलार्थी के विद्वान अधिवक्‍ता के कथनों को सुना गया तथा विद्वान जिला उपभोक्‍ता आयोग द्वारा पारित प्रश्‍नगत निर्णय/आदेश एवं पत्रावली पर उपलब्‍ध समस्‍त अभिलेखों के परिशीलनोंपरांत यह पाया गया कि विद्वान जिला उपभोक्‍ता आयोग द्वारा पारित निर्णय/आदेश विधि सम्‍मत है, परन्‍तु जिला उपभोक्‍ता आयोग द्वारा अपने प्रश्‍नगत आदेश में जो प्रत्‍यर्थी/परिवादी को आर्थिक क्षति के मद में रू0 10,000.00 व मानसिक क्षतिपूर्ति के मद में रू0 1,000.00 तथा वाद व्‍यय के मद में रू0 1,000.00 अदा करने हेतु आदेशित किया गया है, उसे केस के तथ्‍य एवं परिस्थितियों तथा अपीलार्थी के विद्वान अधिवक्‍ता के कथन को दृष्टिगत रखते हुए निम्‍न प्रकार से परिवर्तित किया जाना उचित पाया जाता है अर्थात यह कि -2- आर्थिक क्षति के मद में रू0 3,000.00 व मानसिक क्षतिपूर्ति के मद में रू0 500.00 तथा वाद व्‍यय के मद में रू0 500.00 में परिवर्तित/संशोधित किया जाता है, प्रश्‍नगत निर्णय/आदेश का शेष भाग यथावत कायम रहेगा। तदनुसार प्रस्‍तुत अपील आंशिक रूप से स्‍वीकार की जाती है। 

 अपीलार्थी को आदेशित किया जाता है कि वह उपरोक्‍त आदेश का अनुपालन 30 दिन की अवधि़ में किया जाना सुनिश्चित करें। अंतरिम आदेश यदि कोई पारित हो, तो उसे समाप्‍त किया जाता है।

आशुलिपिक/वैयक्तिक सहायक से अपेक्षा की जाती है कि वह इस निर्णय/आदेश को आयोग की वेबसाइट पर नियमानुसार यथाशीघ्र अपलोड कर दें।

                                       (न्‍यायमूर्ति अशोक कुमार)                                                                         अध्‍यक्ष                                                                                                                 हरीश आशु., कोर्ट नं0-1         [HON'BLE MR. JUSTICE ASHOK KUMAR] PRESIDENT