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State Consumer Disputes Redressal Commission

Manager Bayer Crop.Science Ltd vs Ved Prakah on 13 October, 2022

  	 Cause Title/Judgement-Entry 	    	       STATE CONSUMER DISPUTES REDRESSAL COMMISSION, UP  C-1 Vikrant Khand 1 (Near Shaheed Path), Gomti Nagar Lucknow-226010             First Appeal No. A/1035/2019  ( Date of Filing : 29 Aug 2019 )  (Arisen out of Order Dated 12/06/2019 in Case No. C/750/2016 of District Kanpur Nagar)             1. Manager Bayer Crop.Science Ltd  Bayer House Central Avenue hiranandani State Distt.Tane (West) Mahrastra ...........Appellant(s)   Versus      1. Ved Prakah   S/O Late Gangacharan R/O Lal Shah  Purva Post Bhadaosi Distt. Kannauj ...........Respondent(s)       	    BEFORE:      HON'BLE MR. JUSTICE ASHOK KUMAR PRESIDENT            PRESENT:      Dated : 13 Oct 2022    	     Final Order / Judgement    

( मौखिक ) राज्‍य उपभोक्‍ता विवाद प्रतितोष आयोग , उ0प्र0 लखनऊ।

 

अपील संख्‍या :1035/ 2019 (जिला उपभोक्‍ता आयोग, कानपुर नगर द्वारा परिवाद संख्‍या-750/2016 में पारित निर्णय एवं आदेश दिनांक 12-06-2019 के विरूद्ध)   मैनेजर वायर क्राप साइंस लि0 , वायर हाउस सेन्‍ट्रल एवेन्‍यू हीरानदानी स्‍टेट, जिला ढाणे ( पश्चिम) महाराष्‍ट्र।                               

अपीलार्थी/विपक्षी संख्‍या-2 बनाम् वेद प्रकाश, पुत्र स्‍व0 गंगाचरन निवासी लालशाह पुरवा पोस्‍ट भदौसी, जिला कन्‍नौज।        प्रत्‍यर्थी/परिवादी प्रो0 पाल कृषि सेवा केन्‍द्र यादव मार्केट, मकनपुर, कानपुर नगर।                                

                 प्रत्‍यर्थी/प्रत्‍यर्थी संख्‍या-1 समक्ष  :-

     1-मा0 न्‍यायमूर्ति श्री अशोक कुमार,       अध्‍यक्ष। 

 

 

 

      उपस्थिति :

 

     अपीलार्थी  की ओर से उपस्थित-   श्री आलोक सिंन्‍हा।

 

     प्रत्‍यर्थी  की ओर से उपस्थित-         श्री अखिलेश त्रिवेदी।  

 

 दिनांक : 13-10-2022 

 

 

 

 मा0  न्‍यायमूर्ति श्री अशोक कुमार ,  अध्‍यक्ष   द्वारा उदघोषित निर्णय

 

     परिवाद संख्‍या-750/2016 वेद प्रकाश बनाम प्रो0 पाल कृषि सेवा केन्‍द्र व एक अन्‍य में जिला उपभोक्‍ता आयोग, कानपुर नगर द्वारा पारित निर्णय और आदेश दिनां‍क 12-06-2019  के विरूद्ध  यह अपील उपभोक्‍ता संरक्षण अधिनियम-1986 के अन्‍तर्गत इस न्‍यायालय के सम्‍मुख प्रस्‍तुत की गयी है।

  -2-

     ''आक्षेपित निर्णय के द्वारा जिला आयोग ने परिवाद आंशिक रूप से  स्‍वीकार करते हुए  निम्‍न आदेश पारित किया है :-

Lumpsum) रू0 3,00,000/- अदा करे तथा रू0 5000/- परिवाद व्‍यय, अदा करे।''         जिला आयोग के आक्षेपित निर्णय व आदेश से क्षुब्‍ध होकर परिवाद के विपक्षी संख्‍या-2  की ओर से यह अपील प्रस्‍तुत की है।
     अपील के निर्णय हेतु संक्षिप्‍त सुसंगत तथ्‍य इस प्रकार है कि परिवादी एक किसान है तथा वह दूसरों की कृषि भूमि प्रतिवर्ष का किराया देकर कृषि कार्य करता है। परिवादी ने बहसुईया निवासी श्रीकांत, उमाकांत, रमाकांत व रविकांत की कृषि भूमि किराये पर लेकर मु0 रू0 1,61,000/-रू0 किराया अदा कर 18 बीधा कृषि भूमि पर आलू बुआई की थी, जिस पर आलू बुआई करने के पूर्व बीज शोधन हेतु विपक्षी संख्‍या-1 से मानसेरिन दवा एक लीटर सील्‍ड मु0 रू0 780/- में क्रय किया। परिवादी ने विपक्षी के बताये अनुसार दवा का छिड़काव किया किन्‍तु समय अवधि बीत जाने के उपरान्‍त भी एक भी बीज अंकुरित न होने पर परिवादी ने इसकी शिकायत विपक्षी संख्‍या-1 से की। विपक्षी संख्‍या-1 ने विपक्षी संख्‍या-2 निर्माता कम्‍पनी को जरिये टेलीफोन इसकी शिकायत की। उक्‍त शिकायत पर दवा निर्माता कम्‍पनी का अधिकृत प्रतिनिधि/व्‍यक्ति दीपक चौहान जिसका मोबाइल नम्‍बर था, आये एवं खेत का निरीक्षण किया और नष्‍ट फसल का मूल्‍यांकन करते हुए क्षतिपूर्ति का भुगतान शीघ्र करने का आश्‍वासन किया किन्‍तु अनेकों बार फोन से वार्ता   -3-  करने पर उनके द्वारा कोई संतोषजनक उत्‍तर नहीं दिया गया जो कि विपक्षीगण के स्‍तर से सेवा में कमी है अत: विवश होकर परिवादी ने परिवाद जिला आयोग के समक्ष योजित किया है।
     विपक्षीगण को रजिस्‍टर्ड डाक से नोटिस भेजी गयी यद्धपि विपक्षी संख्‍या-1 उपस्थित आये परन्‍तु पर्याप्‍त अवसर दिये जाने के बावजूद उनके द्वारा परिवाद पत्र के खण्‍डन में जवाबदावा अथवा साक्ष्‍य दाखिल नहीं किया गया।  बावजूद तामीला विपक्षी संख्‍या-2 उपस्थित नहीं आया और न ही विपक्षी संख्‍या-2 की ओर से, परिवाद पत्र के खण्‍डन में जवाबदावा अथवा साक्ष्‍य/शपथ पत्र दाखिल किया गया। अत: जिला आयोग के आदेश दिनांकित 19-04-2018 के द्वारा विपक्षीगण के विरूद्ध एकपक्षीय कार्यवाही प्रारम्‍भ की गयी।
     जिला आयोग ने परिवादी के विद्धान अधिवक्‍ता को सुनने के पश्‍चात एकपक्षीय रूप से विपक्षी संख्‍या-2 की सेवा में कमी पाते हुए प्रश्‍नगत निर्णय एवं आदेश पारित किया है। 
      अपील की सुनवाई के समय अपीलार्थी के विद्धान अधिवक्‍ता श्री आलोक सिन्‍हा उपस्थित। प्रत्‍यर्थी की ओर से विद्धान अधिवक्‍ता श्री अखिलेश त्रिवेदी उपस्थित। 
     मेरे द्वारा  उभयपक्ष के विद्धान अधिवक्‍तागण के तर्क को सुना गया तथा पत्रावली पर उपलब्‍ध समस्‍त प्रपत्रों एवं जिला आयोग द्वारा पारित निर्णय एवं आदेश का अवलोकन किया गया।
     अपीलार्थी के विद्धान अधिवक्‍ता का तर्क है कि विद्धान जिला आयोग द्वारा पारित निर्णय साक्ष्‍य एवं विधि के विरूद्ध है। उनकी ओर से सेवा में कोई -4- कमी नहीं की गयी है। जिला आयोग के समक्ष वह उपस्थित नहीं हो सके थे और जिला आयोग द्वारा बिना उन्‍हें साक्ष्‍य और सुनवाई का अवसर प्रदान किये एकपक्षीय रूप से निर्णय एवं आदेश पारित किया गय है अत: उन्‍हें न्‍यायहित में साक्ष्‍य एवं सुनवाई का एक अवसर प्रदान किया जावे।
     प्रत्‍यर्थी के विद्धान अधिवक्‍ता का तर्क है कि विद्धान जिला आयोग द्वारा पारित निर्णय एवं आदेश विधि अनुसार है अत: अपील निरस्‍त किये जाने योग्‍य है। 
     उभयपक्ष के विद्धान अधिवक्‍तागण को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्‍ध  समस्‍त प्रपत्रों एवं जिला आयोग द्वारा पारित निर्णय एवं आदेश का भली-भॉंति परिशीलन एवं परीक्षण करने के उपरान्‍त मैं इस मत का हूँ कि विद्धान जिला आयोग द्वारा अपीलार्थी को बिना सुने एकपक्षीय रूप से निर्णय एवं आदेश पारित किया है अत: अपीलार्थी को साक्ष्‍य एवं सुनवाई का एक अवसर प्रदान किया जाना न्‍यायोचित प्रतीत होता है। तदनुसार अपील स्‍वीकार किये जाने योग्‍य है।
आदेश      अपील स्‍वीकार की जाती है। विद्धान जिला आयोग द्वारा पारित निर्णय एवं आदेश अपास्‍त किया जाता है तथा पत्रावली जिला आयोग को इस निर्देश के साथ प्रत्‍यावर्तित की जाती है कि जिला आयोग परिवाद को अपने पुराने नम्‍बर पर पुर्नस्‍थापित करते हुए उभयपक्ष को साक्ष्‍य और सुनवाई का समुचित अवसर प्रदान करते हुए परिवाद का निस्‍तारण गुणदोष के आधार पर 06 माह की अवधि में किया जाना सुनिश्चित करें।
     उभयपक्ष जिला आयोग के समक्ष दिनांक 22-11-2022 को उपस्थित हों।
  -5-
     अपील में उभयपक्ष अपना-अपना वाद व्‍यय स्‍वयं वहन करेंगे।
     आशुलिपिक से अपेक्षा की जाती है कि वह इस निर्णय/आदेश को आयोग की वेबसाइट पर नियमानुसार यथाशीघ्र अपलोड कर दें।
   
(न्‍यायमूर्ति अशोक कुमार) अध्‍यक्ष प्रदीप मिश्रा , आशु0 कोर्ट नं0-1                     [HON'BLE MR. JUSTICE ASHOK KUMAR] PRESIDENT