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Lok Sabha Debates

Demand For Suspension Of Justice Ganguly. on 13 December, 2013

> Title: Demand for suspension of Justice Ganguly.

श्रीमती सुषमा स्वराज (विदिशा):  अध्यक्षा जी, मैंने प्रश्न काल स्थगन का नोटिस दिया है और आपसे अनुरोध किया है कि महिला यौन उत्पीड़न का एक मामला...(व्यवधान)

अध्यक्ष महोदया :  प्रश्न काल स्थगन न करें, मगर आप अपनी बात संक्षेप में कह लें।

…( व्यवधान)

श्रीमती सुषमा स्वराज : अध्यक्षा जी, मैं आपकी बहुत ही शुक्रगुजार हूं। मैंने आपसे प्रश्न काल स्थगन करने का अनुरोध किया है। महिला यौन उत्पीड़न का मामला, जो अभी जस्टिस गांगुली से संबंधित आया है, मैं उसके विषय में कुछ बात कहना चाहती हूं और बहुत ही पीड़ा से इस सदन में अपनी बात कहने के लिए खड़ी हुई हूं।

          अध्यक्षा जी, पिछले वर्ष 16 दिसम्बर को जब निर्भया बलात्कार कांड की घटना घटी थी, तो पूरा का पूरा देश आक्रोषित हो गया था।  केवल दिल्ली में ही नहीं, बल्कि देश के विभिन्न नगरों में कैंडल मार्च निकाल-निकाल कर लोगों ने दोषियों को फांसी देने की बात कही थी। उस आक्रोश का संज्ञान लेते हुए संसद ने उस कानून को और ज्यादा सख्त बनाया था, जो  कानून महिलाओं के प्रति अपराध से संबंधित था।..(व्यवधान)

11.07 hrs At this stage, Shri M. Venugopala Reddy, Shri Y.S. Jagan Mohan Reddy and some other hon. Members came and stood  on the floor near the Table.

 

श्रीमती सुषमा स्वराज : उस दिन एक उम्मीद जगी थी कि अब ऐसी घटनाएं दोबारा नहीं दोहराई जायेंगी। लेकिन मुझे बहुत ही दुख और आश्चर्य के साथ यह कहना पड़ रहा है कि उस कानून के सख्त होने के बाद घटनाएं कम होने की बजाय बढ़ी हैं और इससे भी ज्यादा दुख की बात यह है कि अब तो हर क्षेत्र का व्यक्ति आरोपी हो गया है। बड़े से बड़े पद पर बैठा हुआ राजनेता हो, धर्माचार्य हो, मीडिया के तथाकथित प्रतिष्ठित पत्रकार हों या सुप्रीम कोर्ट तक के न्यायाधीश हों। ...(व्यवधान)

          अध्यक्षा जी, यह जो घटना अभी तुंत सामने आयी है, उसमें सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश पर जो वर्तमान में पश्चिम बंगाल के मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष हैं, उन पर एक इंटर्न ने आरोप लगाया है। मैं पुनः कहना चाहूंगी कि एक इंटर्न ने आरोप लगाया है। इसी तरह तहलका में एक जूनियर पत्रकार ने अपने बॉस पर आरोप लगाया है। ये रिश्ते गार्जियन और वार्ड के रिश्ते हैं, ये रिश्ते विश्वास के रिश्ते हैं और अगर विश्वास के रिश्ते इस तरह के आरोपी बनते हैं, तो घटना और भी ज्यादा गंभीर हो जाती है। कई बार लोग कहते हैं कि बड़े रुतबे के लोगों पर आप बात क्यों कर रही हैं?

11.08 hrs At this stage, Shri Shailendra Kumar and some other hon. Members came and stood on the floor near the Table.

 

…( व्यवधान)

श्रीमती सुषमा स्वराज :     अध्यक्षा जी, मैं कहना चाहती हूं कि रुतबा जितना बड़ा, अपराध उतना बड़ा, रुतबा जितना बड़ा, सजा उतनी ज्यादा मिलनी चाहिए। किसी व्यक्ति का रुतबा उसके  बचाव की ढाल बनने की बजाय उसकी सजा का  कारण बनना चाहिए।

          अध्यक्षा जी, नीति  कहती है कि छोटे व्यक्ति द्वारा किये गये बड़े  अपराध को भी क्षमा किया जा सकता है, लेकिन बड़े पदों पर बैठे हुए व्यक्ति द्वारा किये गये छोटे अपराध को भी क्षमा नहीं किया जाना चाहिए। उसे सजा मिलनी चाहिए और यहां तो सुप्रीम कोर्ट के तीन सदस्यीय पैनल ने उन्हें इनडाइट किया है। अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि this is an unwelcome behaviour. इसलिए चाहिए तो यह था, नैतिकता का तकाजा था कि जस्टिस गांगुली, जैसे ही आरोप लगा था तभी त्याग पत्र देते। कम से कम यह रिपोर्ट आने के बाद तो त्याग-पत्र देते, लेकिन ढीठ बनकर वह अपने पद पर बैठे हुए हैं। इसलिए मैं आपके माध्यम से पूरे सदन की भावनाओं को व्यक्त करते हुए यह कहना चाहती हूं कि जस्टिस गांगुली को तुंत अपने पद से त्याग-पत्र देना चाहिए, नहीं तो उन्हें तुंत हटा देना  चाहिए। एक क्षण भी वे अपने पद पर बने रहने के अधिकारी नहीं हैं और ये यौन उत्पीड़न की घटनाएं जो आये दिन हमें शर्मसार करती हैं, लगभग हर दिन, अध्यक्षा जी, मैं दोहराती हूं, लगभग हर दिन इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं। इसको रोकने का उपाय यह है कि अगर कोई बड़ा व्यक्ति घेरे में आता है,…( व्यवधान) तो सबसे पहले उसे सज़ा दी जाए ताकि छोटे लोगों को भी इस बात का पता चल सके कि यदि बड़ा व्यक्ति नहीं बच सकता, तो छोटा व्यक्ति बिल्कुल नहीं बच सकता।…( व्यवधान) इसलिए मैं जस्टिस गांगुली से त्यागपत्र देने की मांग करती हूं, नहीं तो उन्हें तुरन्त बर्खास्त करने की मांग करती हूं। …( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदया : 

 
श्री अनुराग ठाकुर तथा   श्री महेन्द्र सिंह चौहान अपने को श्रीमती सुषमा स्वराज द्वारा उठाये गये विषय से संबद्ध करते हैं। …( व्यवधान)
MADAM SPEAKER: Now Shri Sudip Bandyopadhyay will speak. Thereafter, we will proceed with Question Hour. … (Interruptions)
  SHRI SUDIP BANDYOPADHYAY (KOLKATA UTTAR): Madam Speaker, we endorse the views expressed by Shrimati Sushma Swaraj. Justice Ganguly should resign immediately. … (Interruptions) Being a Justice, he is holding the position of Chairman, Human Rights Commission of West Bengal. … (Interruptions) In spite of demand from the people of West Bengal, he has straightaway denied to tender his resignation. … (Interruptions) We will request that such type of heinous allegation, which has been raised against Justice Ganguly, is to be dealt with very firmly and we demand on the floor of the House that such type of a person should not be allowed to function as the Chairman of the Human rights Commission of West Bengal. … (Interruptions)           We hope that the whole House will respond to this appeal and will see that this man is immediately removed from his assignment. Thank you. … (Interruptions)
MADAM SPEAKER: Now, we will proceed with the Question Hour.
          Shri M. Krishnasswamy.
… (Interruptions)
MADAM SPEAKER: I will take up it in the ‘Zero Hour’.
… (Interruptions)
11.11 hrs At this stage, Shri C. Sivasami and some other hon. Members came and stood on the floor near the Table.

… (Interruptions)

MADAM SPEAKER: Dr. Thambidurai, I will take up it in ‘Zero Hour’. इसका नोटिस नहीं है। इसे ज़ीरो आवर में ले लेंगे।

… (Interruptions)

श्री मुलायम सिंह यादव  : हमारी भाषाओं की उपेक्षा हो रही है। …( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदया : श्री मुलायम सिंह जी आपको क्या बोलना है?

…( व्यवधान)

श्री मुलायम सिंह यादव : महोदया, पहले ये बोलना चाहते हैं। …( व्यवधान)