Legal Document View

Unlock Advanced Research with PRISMAI

- Know your Kanoon - Doc Gen Hub - Counter Argument - Case Predict AI - Talk with IK Doc - ...
Upgrade to Premium
[Cites 0, Cited by 7]

State Consumer Disputes Redressal Commission

U P S E B vs Ram Nath Yadav on 2 July, 2015

  	 Cause Title/Judgement-Entry 	    	       STATE CONSUMER DISPUTES REDRESSAL COMMISSION, UP  C-1 Vikrant Khand 1 (Near Shaheed Path), Gomti Nagar Lucknow-226010             First Appeal No. A/2000/931  (Arisen out of Order Dated  in Case No.  of District State Commission)             1. U P S E B  a ...........Appellant(s)   Versus      1. Ram Nath Yadav  a ...........Respondent(s)       	    BEFORE:      HON'BLE MR. Jitendra Nath Sinha PRESIDING MEMBER    HON'BLE MR. Ram Charan Chaudhary MEMBER          For the Appellant:  For the Respondent:     	    ORDER   

राज्‍य उपभोक्‍ता विवाद प्रतितोष आयोग, उ0प्र0, लखनऊ।

(मौखिक)                                                                                   अपील संख्‍या :931/2000 (जिला मंच, इलाहाबाद द्धारा परिवाद सं0 1081/1995 में पारित निर्णय/आदेश दिनांक 16.3.1998 के विरूद्ध) Executive Engineer, Electricity Distribution Division, U.P. State Electricity Board, Allahabad.

           ........... Appellant/Opp.Paity                                                                          Versus        Ram Nath Yadav S/o Late Ram Kishun, R/o Ganeshipur, Pargana Kewai, Tehsil Handia, Distt. Allahabad.                       

                              .......... Respondent/Complainant समक्ष :-

मा0 श्री जितेन्‍द्र नाथ सिन्‍हा, पीठासीन सदस्‍य मा0 श्री संजय कुमार, सदस्‍य अपीलार्थी के अधिवक्‍ता : श्री दीपक मेहरोत्रा प्रत्‍यर्थी  के अधिवक्‍ता  : श्री एस0के0 शुक्‍ला दिनांक :31.8.2015 मा0 श्री जे0एन0 सिन्‍हा, पीठासीन सदस्‍य द्वारा उदघोषित निर्णय     परिवाद संख्‍या-1081/1995 रामनाथ यादव बनाम अधिशाषी अभियंता, विद्युत वितरण खण्‍ड द्वितीय, इलाहाबाद में जिला मंच, इलाहाबाद द्वारा दिनांक 16.3.1998 को निर्णय पारित करते हुए निम्‍नलिखित आदेश पारित किया गया कि, "विपक्षी की आर सी0 दिनांक 06.12.97 कोड संख्‍या 935/7024/009264 जो रू0 50,616.00 के लिए है, निरस्‍त की जाती है।
विपक्षी 06 वर्ष तक कनेक्‍शन स्‍वीकृत होने के बाद भी वादी को कनेक्‍शन न देने के कारण हुये एक आर0सी0 भेजन के कारण हुये मानसिक त्रास की क्षतिपूर्ति में रू0 5,000.00 क्षतिपूर्ति एवं फलस के सिचाई न हो पाने के कारण हुए नुकसान की क्षतिपूर्ति में रू0 3,000.00 एवं वाद व्‍यय रू0 500.00 भी देगे। विपक्षी वादी को यह सम्‍पूर्ण धनराशि आदेश मिलने के दो माह के अन्‍दर अदा करेंगे।"
उपरोक्‍त वर्णित आदेश से क्षुब्‍ध होकर विपक्षी/अपीलार्थी की ओर से वर्तमान अपील योजित की गई है।
  -2-
अपीलार्थी की ओर से विद्वान अधिवक्‍ता श्री श्री दीपक मेहरोत्रा तथा प्रत्‍यर्थी की ओर से विद्वान अधिवक्‍ता श्री एस0के0 शुक्‍ला उपस्थित आये। यह अपील वर्ष-2000 से पीठ के समक्ष विचाराधीन है, अत: पीठ द्वारा उभय पक्ष के विद्वान अधिवक्‍तागण को सुना गया और प्रश्‍नगत निर्णय व उपलब्‍ध अभिलेखों का गम्‍भीरता से परिशीलन किया गया।
परिवाद पत्र का अभिवचन संक्षेप में इस प्रकार है कि परिवादी द्वारा वॉछित औपचारिकताएं पूरी करने के पश्‍चात भी उसे विद्युत कनेक्‍शन उपलब्‍ध नहीं कराया गया एवं गलत ढंग से बिना विद्युत कनेक्‍शन उपलब्‍ध कराये रू0 50,616.00 का बिल भेज दिया गया और आर0सी0 की कार्यवाही अमल में लायी गई।
विपक्षी द्वारा परिवाद का विरोध किया गया और यह कहा गया कि परिवादी को कनेक्‍शन उपलब्‍ध करा दिया गया और कम से कम दो वर्षो तक न्‍यूनतम मूल्‍य देना आवश्‍यक था।
उभय पक्ष के अभिवचन एवं तर्कों पर विचार करते हुए जिला मंच द्वारा उपरोक्‍त वर्णित निर्णय/आदेश पारित किया गया, जिससे क्षुब्‍ध होकर वर्तमान अपील योजित है।
वर्तमान प्रकरण में यह पाया जाता है कि प्रश्‍नगत विद्युत कनेक्‍शन का उपलब्‍ध कराया जाना नहीं पाया जाता है और इस संदर्भ में जिला मंच द्वारा दिये गये निष्‍कर्ष में किसी प्रकार की त्रुटि नहीं है और ऐसी स्थिति में आर0सी0 जो बिजली बिल बकाया के लिए निर्गत किया गया था, उसका निरस्‍त किया जाना विधि अनुकूल पाया जाता है, परन्‍तु वर्तमान प्रकरण में क्षतिपूर्ति के रूप में रू0 8,000.00 का जो आदेश पारित किया गया है, उसके संदर्भ में कोई ठोस आधार होना नहीं पाया जाता है। सम्‍भावना के आधार पर क्षतिपूर्ति का आदेश विधि अनुकूल होना नहीं कहा जा सकता है। अत: प्रस्‍तुत अपील अंशत: स्‍वीकार करते हुए जिला मंच द्वारा पारित प्रश्‍नगत आदेश में  रू0 5,000.00 और रू0 3,000.00 कुल रू0 8,000.00 क्षतिपूर्ति हेतु पारित आदेश अपास्‍त किये जाने योग्‍य है।
आदेश      प्रस्‍तुत अपील अंशत: स्‍वीकार करते हुए जिला मंच, इलाहाबाद द्वारा परिवाद संख्‍या-1081/1995 रामनाथ यादव बनाम अधिशाषी अभियंता, विद्युत वितरण खण्‍ड द्वितीय, इलाहाबाद में पारित ओदश दिनांक -3- 16.3.1998 में रू0 5,000.00 और रू0 3,000.00 कुल रू0 8,000.00 क्षतिपूर्ति हेतु पारित आदेश अपास्‍त किया जाता है एवं निर्णय/आदेश के शेष भाग की पुष्टि की जाती है।
        
         (जे0एन0 सिन्‍हा)                    (संजय कुमार) 

 

         पीठासीन सदस्‍य                   सदस्‍य

 

हरीश आशु.,

 

कोर्ट सं0-3             [HON'BLE MR. Jitendra Nath Sinha]  PRESIDING MEMBER 
     [HON'BLE MR. Ram Charan Chaudhary]  MEMBER