Lok Sabha Debates
Need To Declare 1984 Anti-Sikh Riots As Genocide. on 7 January, 2019
Sixteenth Loksabha an> Title: Need to declare 1984 anti-sikh riots as genocide.
श्री प्रेम सिंह चन्दूमाजरा (आनंदपुर साहिब): मैडम स्पीकर,पिछले दिनों ऑनरेबल दिल्ली हाई कोर्ट ने 1984 के कत्लेआम के आरोपियों को सजा सुनाते हुए बहुत महत्वपूर्ण टिप्पणियां की हैं। …(व्यवधान) मैं सरकार से आग्रह करना चाहता हूं कि इस पर रिएक्शन होना चाहिए। पहली बात, पहली बार अदालत ने कहा है कि यह जेनोसाइड था, …(व्यवधान) इसमें एक स्वरूप, एक धर्म के लोगों को मारा गया। इसके बारे में गुरु गोबिंद सिंह जी ने कहा था “खालसा मेरे रूप है खास, खालसे में हूं करूं निवास।
खालसा मेरी जिंद प्राण, खालसा मेरा सज्जन सूरा।” उस खालसे को किसने मारा? चार पुत्र शहीद करवाकर गुरु साहेब ने कहा था – “इन पुत्तन के सीस पे वार दिए सुत चार, चार मुए तो क्या हुआ, जब जीवत कई हजार।” मैं चाहता हूं इसे जेनोसाइड डिक्लेयर किया जाए, दूसरी ऑब्जर्वेशन है, उन्होंने कहा कि यह पोलिटिकल प्लेयर थे। …(व्यवधान)
माननीय अध्यक्ष : श्री भैरों प्रसाद मिश्र, श्री अनुराग ठाकुर, कुँवर पुष्पेन्द्र सिंह चन्देल, श्री शरद त्रिपाठी और श्री निशिकान्त दुबे को श्री प्रेम सिंह चन्दूमाजराद्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है।