Lok Sabha Debates
Prof. Vijay Kumar Malhotra Called The Attention Of Minister Of Human Resource ... on 25 August, 2006
an> Title : Prof. Vijay Kumar Malhotra called the attention of Minister of Human Resource Development to the situation arising out of the use of derogatory and insulting language about Hindu Deities in text books of M.A. course of IGNOU and steps taken by the Government in this regard. PROF. VIJAY KUMAR MALHOTRA (SOUTH DELHI): Sir, I call the attention of the Minister of Human Resource Development to the following matter of urgent public importance and request that he may make a statement thereon:
“The use of derogatory and insulting language about Hindu Deities in the text books of M.A. course of IGNOU and steps taken by the Government in this regard. ” मानव संसाधन विकास मंत्री (श्री अर्जुन सिंह) :आदरणीय अध्यक्ष महोदय, सबसे पहले मैं माननीय सदस्य की उन भावनाओं से अपने को जोड़ता हूं जिनमें उन्होंने विवादित अंशों के बारे में आहत होने का जिक्र किया है। मैं भी उतना ही आहत हूं। मैं केवल तथ्यात्मक बात आपके सामने रखना चाहता हूं। विवादित पुस्तक अंग्रेजी में वर्ष २००३ में प्रकाशित की गई और उसका हिन्दी अनुवाद वर्ष २००४ में हुआ।…( व्यवधान) MR. SPEAKER: Silence please. How can I carry on the Business? Silence please. Please go out quietly. श्री अर्जुन सिंह : सबसे पहले अप्रैल, २००६ में एक विद्यार्थी द्वारा आपत्तिजनक अंश की ओर ध्यान आकर्षित किया गया। उसके बाद यह सामग्री विश्वविद्यालय कोर्स के लिए निरस्त की गई। हमें जो दस्तावेज़ उपलब्ध करवाए गए हैं, उनसे यह स्पष्ट नहीं होता कि विश्वविद्यालय में पुस्तकों के लिखवाने और उनके पास की स्वीकृति देने की निर्धारित प्रक्रिया क्या है और किस प्रक्रिया के अनुसार इस किताब को मंजूरी दी गई। ऐसी स्थिति में मैं विश्वविद्यालय की स्वायतता को ध्यान में रखते हुए यही उपयुक्त समझता हूं कि हम विश्वविद्यालय के वज़िटर आदरणीय महामहिम राष्ट्रपति जी से अनुरोध करें कि वे इस संबंध में जांच के
------------------------------------------------------------------------------------------------------- * Placed in Library See No. LT 4908/2006 लिए अनुमति दें ।जिससे न केवल यह तथ्य सामने आया कि ऐसी पुस्तक में आपत्तिजनक हिस्से कैसे शुमार हुए और उसके लिए कौन व्यक्ति जिम्मेदार है ? इस जांच द्वारा उपलब्ध तथ्यों के प्रकाश में ऐसी प्रक्रिया भी निर्धारित की जा सकेगी जिससे भविष्य में इस तरह की गंभीर त्रुटि न हो। प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा : अध्यक्ष महोदय. माननीय मंत्री जी ने जो लखित वक्तव्य दिया और अभी जो वक्तव्य पढ़ा है, उसमें उन्होंने उल्लेख किया है कि वे भावनाओं से सहमत हैं। इस पुस्तक की १५ हजार कापियां देश-विदेश आदि सब जगह जा चुकी हैं इसलिए उनको तुरंत रीकॉल करना चाहिए। इस पुस्तक के कुछ अंशों को मैं आपके सामने पढ़कर बताना चाहता हूं। जिन लोगों ने इस पुस्तक को लिखा है, उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की गयी, उनके लेखकों के विरूद्ध कोई कानूनी कार्रवाई की गयी या उनको कोई सजा दी गयी ? आप उऩ शब्दों को देखें जिनका उल्लेख इस पुस्तक के अंदर किया गया है। इस पुस्तक में सबसे पहले शिवजी के बारे में यह लिखा है कि शिवजी औघड़ तपस्वी थे। उनके बदन पर राख मली होती थी। वह नग्न रहने वाला साधु पुरूष था जो तपस्वियों और देवताओं की पत्नियों का शील भंग करता था। …( व्यवधान) सोमनाथ जी, आपका नाम भगवान शिव के नाम पर है। आप अपना नाम ऐसा नहीं रखेंगे …( व्यवधान) +ÉvªÉFÉ àÉcÉänªÉ : आप शिवजी की भक्ति करते हैं लेकिन हम नहीं करते।
...( व्यवधान)
|ÉÉä. ÉÊ´ÉVÉªÉ BÉÖEàÉÉ® àÉãcÉäjÉÉ : आप ऐसा नाम नहीं रखना चाहेंगे। …( व्यवधान)
अध्यक्ष महोदय : यह क्या हो रहा है ?
...( व्यवधान)
MR. SPEAKER: That has been admitted by the hon. Minister to be wrong. That has been admitted. Nobody can support. अध्यक्ष महोदय : आप बैठ जाइये।
...( व्यवधान)
प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा : अध्यक्ष महोदय, देवी महात्मय दुर्गा को महिषासुर के साथ लड़ते हुए दिखाया गया है। उन्हें इस संघर्ष के दौरान शराब पीते हुए दिखाया गया है। उन्हें शराब पसंद है। वे अट्टहास करती हैं और नशे में उनकी आंखें लाल हो जाती हैं। वह भी गैर सनातनी देवी का चित्र है। अध्यक्ष महोदय, हम सब दुर्गा पूजा करते हैं। सब लोग माता वैष्णो देवी के दर्शन करने जाते हैं। परन्तु दुर्गा शराब पीती हैं, अट्टहास करती हैं, उनकी आंखें लाल हो जाती हैं। …( व्यवधान) BÉÖEàÉÉ®ÉÒ àÉàÉiÉÉ ¤ÉèxÉVÉÉÔ (BÉEãÉBÉEkÉÉ nÉÊFÉhÉ) : यह किताब किस लेखक ने लिखी है ? …( व्यवधान) प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा : मंत्री महोदय ने कहा है कि मैं जांच करूंगा। जिन्होंने यह किताब लिखी है, उनको प्रमोशन दे दिया गया है। मंत्री महोदय, इनका प्रमोशन तो आपके यहां से ही हुआ होगा। पुस्तक में सुश्री नैना दयाल का नाम है। वे रिसर्च स्कॉलर थीं। प्रो. एस. बासु जो इस पुस्तक की संरचना और विषय का सम्पादन कर रहे हैं। उनको प्रमोट करके मंत्रालय में जगह दी गयी है। …( व्यवधान) इस पुस्तक में लिखा है कि वह गैर सनातनी देवी का चित्र है। ये गैर सनातनी देवी नहीं हैं। इसके अलावा दुर्गा के कुछ नकारात्मक गुण और शक्तियां भी हैं जैसे निद्रा और माया की देवी है। दुर्गा के शत्रु पुरुष उन पर आसक्त रहते थे। …( व्यवधान) MR. SPEAKER: It has been said that it is wrong. It has already been admitted by the hon. Minister. |ÉÉä. ÉÊ´ÉVÉªÉ BÉÖEàÉÉ® àÉãcÉäjÉÉ : मैंने आपसे कहा। इस तरह भगवान कृष्ण के बारे में लिखा है। …( व्यवधान) MR. SPEAKER: Prof. Malhotra, you have rightly pointed it out; and the Government has admitted that it is wrong. |ÉÉä. ÉÊ´ÉVÉªÉ BÉÖEàÉÉ® àÉãcÉäjÉÉ : मैं यही कहना चाहता हूं। भगवान कृष्ण के बारे में कहा गया है। …( व्यवधान) अध्यक्ष महोदय : आप लोग बैठ जाइये।
...( व्यवधान)
MR. SPEAKER: Mr. Goyal, it is beyond patience. You are absolutely testing my patience. … (Interruptions)
|ÉÉä. ÉÊ´ÉVÉªÉ BÉÖEàÉÉ® àÉãcÉäjÉÉ : इस बात का उल्लेख बार-बार किया जा रहा है कि यह किताब कब आई ? यह किताब पहली बार …( व्यवधान) MR. SPEAKER: The Government has already said it. The hon. Minister has already said it. I think, you had not listened to him. Nobody can support this, and the Government has also accepted this position. |ÉÉä. ÉÊ´ÉVÉªÉ BÉÖEàÉÉ® àÉãcÉäjÉÉ : यह किताब फस्र्ट टाइम वर्ष २००४-०५, जुलाई में लगायी गयी। वर्ष २००५-०६ में इसका इंगलिश ट्रांसलेशन हुआ। …( व्यवधान) +ÉvªÉFÉ àÉcÉänªÉ : आप लोगों को क्या हो रहा है, यह हम नहीं जानते ?
...( व्यवधान)
MR. SPEAKER: No cross-talk, please.
|ÉÉä. ÉÊ´ÉVÉªÉ BÉÖEàÉÉ® àÉãcÉäjÉÉ : यह नयी बनी है। …( व्यवधान)
MR. SPEAKER: I am trying to control the House. You need not help me now. When I need your help, I would ask for it. Kindly be seated. … (Interruptions)
MR. SPEAKER: I am requesting all the hon. Members to please co-operate.
… (Interruptions)
MR. SPEAKER: You have rightly raised it. I had permitted it[p4] .
Today also, there are so many matters. You have raised it.
PROF. VIJAY KUMAR MALHOTRA : Sir, I will take only two or three minutes more.
MR. SPEAKER: Please co-operate. I would request everyone to co-operate. Today is the last day of this Session. I want to complete the business. प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा : महोदय, इसमें भगवान श्रीकृष्ण के बारे में घोर अश्लील बातें कही गयी हैं। * हमारे प्रधानमंत्री श्री मनमोहन सिंह जी का नाम भी भगवान श्रीकृष्ण के नाम पर आधारित है। इस प्रकार की सारी बातें इसमें शैवों और वैष्णवों के बारे में लिखी गयी हैं। मंत्री जी, आपने कहा कि इस पुस्तक को
-------------------------------------------------------------------------------------------------- * Expunged as ordered by the Chair.
विदड्रॉ करके जांच कराएंगे, लेकिन जिन लोगों ने यह पुस्तक लिखी, उन लोगों को प्रमोशन क्यों दिया गया? उनको पूरा का पूरा लाकर अपने मंत्रालय का पूरा भार आपने उनके हाथों में क्यों दे दिया? उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही होनी चाहिए। महोदय, मैं यह भी जानना चाहता हूँ कि जो पुस्तकें आपने विदड्रॉ नहीं की हैं, जो पुस्तकें अभी भी १२वीं कक्षा में पढ़ाई जा रही हैं, उनमें भी इसी तरह की बातें हैं। इसी तरह जाटों के बारे में लिखा गया है: “The Jat revolt, led by zamindars, soon became predatory. They plundered. … (Interruptions) MR. SPEAKER: I am not stopping him.
PROF. VIJAY KUMAR MALHOTRA : This is being taught. It has not been withdrawn. … (Interruptions) MR. SPEAKER: Please sit down. He is speaking.
PROF. VIJAY KUMAR MALHOTRA : This book is being taught even today. It has not been withdrawn. “They plundered all and sundry, the rich and the poor, the jagirdars and the peasants, the Hindus and the Muslims. They took active part…” This is what is being taught even today in all the States throughout the country. * जो पुस्तकें पढाई जा रही हैं…( व्यवधान) MR. SPEAKER: Let us apply our discretion. All of us should apply our discretion.
PROF. VIJAY KUMAR MALHOTRA : What about this?ãÉÉäMÉ <ºÉ ÉÊ´ÉÉªÉ {É® 15 ÉÊàÉxÉ] ¤ÉÉäãÉä cé*…( व्यवधान) These are the books being taught. … (Interruptions) MR. SPEAKER: I am not approving any of these things. Do not say that. I am not approving these things. PROF. VIJAY KUMAR MALHOTRA : It has not been withdrawn.
MR. SPEAKER: Very well, he will answer to that.
|ÉÉä. ÉÊ´ÉVÉªÉ BÉÖEàÉÉ® àÉãcÉäjÉÉ : इसमें आगे लिखा है : * Are they all terrorist leaders? उन लोगों के
-------------------------------------------------------------------------------------------------- * Expunged as ordered by the Chair.
बारे में कहा गया है कि वे टेररिस्ट थे। …( व्यवधान)
अध्यक्ष महोदय : यह क्या हो रहा है? आप बैठ जाइए।
...( व्यवधान)
|ÉÉä. ÉÊ´ÉVÉªÉ BÉÖEàÉÉ® àÉãcÉäjÉÉ : * और आज भी यह पढ़ाया जा रहा है। This is in the book. मेरे पास यह किताब है। ..... Was he a terrorist? …. आप क्या पढ़ा रहे हैं? …( व्यवधान) MR. SPEAKER: I am very sorry. The objective with which I allowed this Motion is not being utilised. It is to clarify the matter that the Government has made a categorical statement. PROF. VIJAY KUMAR MALHOTRA : Sir, it is not that book. It is a different book.
MR. SPEAKER: How are you bringing that book? Why are you bringing that book? Please do not do that. PROF. VIJAY KUMAR MALHOTRA : It is being taught even today. It has not been withdrawn. यह वह किताब नहीं है जिसे विदड्रॉ करने की बात कही गयी है। यह किताब आज भी पढ़ाई जा रही है।…( व्यवधान) MR. SPEAKER: Nothing else will be recorded.
(Interruptions) ** MR. SPEAKER: Please take your seat. आप मेहरबानी करके बैठ जाइए।
...( व्यवधान)
MR. SPEAKER: Very well, it seems that you are not serious about the House being run. Then, let me adjourn the House. I cannot stand it any longer. … (Interruptions)
-------------------------------------------------------------------------------------------------- * Expunged as ordered by the Chair.
** Not Recorded.
PROF. VIJAY KUMAR MALHOTRA : What is happening in this House?… (Interruptions)
अध्यक्ष महोदय : आप क्या कर रहे हैं, अब चिल्लाने से क्या होगा?
...( व्यवधान)
PROF. VIJAY KUMAR MALHOTRA : It is written here that * और मंत्री जी ने उन पुस्तकों को वापस नहीं लिया है।…( व्यवधान) अध्यक्ष महोदय : मल्होत्रा जी, इसे छोड़िए।
...( व्यवधान)
प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा : इस प्रकार की पुस्तकें आज भी पढ़ाई जा रही हैं और उनको आज भी विदड्रॉ नहीं किया गया है।…( व्यवधान) MR. SPEAKER: Please do not compare. Do not do that. Do not impute anything please.
PROF. VIJAY KUMAR MALHOTRA : I am not imputing. महोदय, तीसरी, चौथी और पांचवीं कक्षाओं में भी ऐसी पुस्तकें पढ़ाई जा रही हैं।…( व्यवधान) THE MINISTER OF DEFENCE (SHRI PRANAB MUKHERJEE): I wanted to clarify one point which Prof. Malhotra had referred. … (Interruptions) MR. SPEAKER: What is this?
प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा : अगर आप हमें बोलने नहीं देंगे तो हम आपको कैसे बोलने देंगे? रामायण और महाभारत के बारे में इस किताब में लिखा गया है कि …( व्यवधान) Why that text book has not been withdrawn?… (Interruptions) MR. SPEAKER: Let us not please complicate the matter any longer.
… (Interruptions)
-------------------------------------------------------------------------------------------------- * Expunged as ordered by the Chair.
MR. SPEAKER : I allowed it because you felt it. I wanted to know the Government’s views. The Government has clarified. It has been removed. It has been stopped. Even then all these things are going on. … (Interruptions)
MR. SPEAKER : I am sorry. I will not allow it.
… (Interruptions)
प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा : ये किताबें वापस नहीं हुई हैं, अब भी पढ़ाई जा रही हैं। अर्जुन सिंह जी ने इन्हें विदड्रा नहीं किया है। उस पुस्तक में यह भी कहा है कि महाभारत काल्पनिक है।…( व्यवधान) MR. SPEAKER : I am sorry. This opportunity is being misused. Shri Santosh Gangwar, will you speak? … (Interruptions)
MR. SPEAKER : It is being misused.
PROF. VIJAY KUMAR MALHOTRA : No, Sir. It is not being misused. It is such an important matter. … (Interruptions) MR. SPEAKER : The Leader of the House wants to say something.
… (Interruptions)
MR. SPEAKER : I have called him.
SHRI PRANAB MUKHERJEE: Prof. Malhotra, would you just allow me for one second? I would like to just seek one clarification. It is our belief and it is written in Saptasati in chapter 3 that Goddess Durga was saying, before killing Mahishasur :
गर्ज गर्ज क्षणं मूढ मधु यावत्पिबाम्यहम्।
मया त्वयि हतेअत्रैव गर्जिष्यन्त्याशु देवता:॥ । It means that ‘You go on shouting; I will kill you after I finish my drinks’. … (Interruptions) A lot of interpretation is there, all the tikas and verses are there. … (Interruptions) This is what Goddess Durga said. You cannot distort the scriptures, you cannot distort the Saptasati. It is an authentic document. … (Interruptions) It is an authentic document. … (Interruptions) MR. SPEAKER : I am sorry.
… (Interruptions)
SHRI PRANAB MUKHERJEE : Every Hindu reads this. It is in the religion. … (Interruptions) MR. SPEAKER : I am sorry, this is not the way.
… (Interruptions)
MR. SPEAKER : I will not allow it.
… (Interruptions)
MR. SPEAKER : What are you trying to do? I do not know. … (Interruptions)
MR. SPEAKER : Not one word will be recorded.
(Interruptions) * MR. SPEAKER : क्या करोगे? You are not completing. You have taken more than ten minutes. I will not allow any further. … (Interruptions)
MR. SPEAKER : You are misusing the opportunity. … (Interruptions)
MR. SPEAKER : Everything will be deleted. You bring it to me. I will delete everything. … (Interruptions)
SHRI ARJUN SINGH : Sir, I would like to say something. … (Interruptions) MR. SPEAKER : Please sit down once. Please sit down. Shri Harin Pathak, what is happening here? … (Interruptions)
MR. SPEAKER : You please sit down. यह सही नहीं है। You have again come. … (Interruptions)
MR. SPEAKER : The House stands adjourned till 1 p.m.
-------------------------------------------------------------------------------------------------- * Not Recorded.
12.48 hrs. The Lok Sabha then adjourned till Thirteen of the Clock[krr5] .
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13.00 hrs. The Lok Sabha re-assembled at thirteen of the Clock (Mr. Speaker in the Chair) |ÉÉä. ÉÊ´ÉVÉªÉ BÉÖEàÉÉ® àÉãcÉäjÉÉ (nÉÊFÉhÉ ÉÊnããÉÉÒ): अध्यक्ष जी, मैं आपसे कह रहा था कि माननीय मंत्री महोदय ने इग्नू में जो पुस्तक लगाई थी, उसके बारे में कहा कि उसको विदड्रा कर लिया गया है। परन्तु उसी तरह की बातें जिन पुस्तकों में लिखी हैं, हम चाहेंगे कि वे उनको भी विदड्रा करें। ऐसी जो नयी किताबें लगी हैं…( व्यवधान) अध्यक्ष महोदय : आप किताबों के नाम दे दें।
प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा : ऐसी जो किताबें लगी हैं उनमें जातिवाचक शब्दों का प्रयोग है जोकि अपराध है। अगर उन शब्दों का बाहर कोई प्रयोग कर ले तो उसे ६ महीने से लेकर ६ साल तक की सजा का प्रावधान है। उन जाति-सूचक शब्दों को मैं यहां कहना नहीं चाहता हूं। ऐसे जाति-सूचक शब्दों का अनुसूचित जाति के व्यक्तियों के लिए प्रयोग अपराध है, तब उन्हें हम अपनी पाठय-पुस्तकों में क्यों पढ़ा रहे हैं? वे पाठय-पुस्तकें अभी लगी हैं। ऐसे अंशों को उन पुस्तकों में से निकालना चाहिए। उन पुस्तकों के अंदर बहुत सी गलत बातें कही गयी हैं। दूसरे हाउस में जब इस विषय में बात आई थी तो सभी दलों के सदस्यों ने इसका विरोध किया था। उनका विरोध आउट ऑफ कंटैक्स्ट नहीं है। इसलिए ऐसे अंशों को विदड्रा करना चाहिए। पुस्तकें ऐसी होनी चाहिए जो बच्चों को पढ़ाई जा सकें। पुस्तकों को जातिवाचक शब्दों या अन्य चीजों के साथ नहीं जोड़ना चाहिए, जो बच्चों पर गलत प्रभाव डालें। दूसरा, ऐसे कुछ इतिहासकार हैं जो परवर्ट माइंड के हैं जिन्होंने कहा है कि रामायण और महाभारत कभी नहीं हुईं - ऐसी सब बातें कही गयी हैं, उनको भी कृपया मोडीफाई करें या उनको पुस्तकों में से निकाल दें। जो गलत बातें, जाटों के बारे में, सिखों के बारे में और आर्य समाज के बारे में कही गयी हैं उनको भी निकाल दें। BÉÖEàÉÉ®ÉÒ àÉàÉiÉÉ ¤ÉèxÉVÉÉÔ : सर, खुदीराम बोस को टैरेरिस्ट बोला है।…( व्यवधान) अध्यक्ष महोदय : वह सब्जैक्ट मैटर में नहीं है। उससे रैस्पैक्टेड कोई है क्या? उसकी हम दिल से पूजा करते हैं। कोई ऐसी बात कह देगा तो क्या खुदीराम बोस बर्बाद हो जाएगा। उन लोगों को छोटा मत कीजिए। वे बहुत बड़े हैं। उनकी वजह से हम यहां बैठे हैं। KUMARI MAMATA BANERJEE : Sir, bad lessons should not go to the students. … (Interruptions) MR. SPEAKER: I fully agree with you.
श्री संतोष गंगवार (बरेली) : अध्यक्ष जी, प्रश्न केवल इग्नू की पुस्तक का नहीं है। मेरा आग्रह है कि अगर समाज में हम ऐसी पुस्तकें पढ़ाते हैं जिनका समाज पर बुरा असर पड़ता है तो यह मानव संसाधन मंत्रालय की जिम्मेदारी है कि ऐसी पुस्तकों की समीक्षा करे और दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई करे। मैं दो-तीन बातें बताना चाहता हूं। जैसा माननीय मल्होत्रा जी कह रहे थे कि कुछ लोगों ने लिखा* MR. SPEAKER: Please do not refer to anything. I will not allow it to be recorded. आप किताब का नाम दे दीजिए, किताब के पन्ने का नम्बर दे दीजिए।
…( व्यवधान)
श्री संतोष गंगवार : ........* MR. SPEAKER: Any and every book under the sun cannot be discussed here. श्री संतोष गंगवार : ऐसी बातें हम लोगों को बहुत प्रताड़ित करती हैं। ऐसी कुछ बातें हैं जो हम लोगों की भावनाओं पर चोट करती हैं। आपने इग्नू के संबंध में कहा। आपसे आग्रह है कि चाहे एनसीआरटी या और दूसरी जो भी ऐसी किताबें पढ़ाई जाती हैं उनके लिए एक समति बनाए जो सारी किताबों की समीक्षा करे। ऐसी मानसिकता के लोग भी हैं जो हमारी बातों को बहुत गलत ढंग से प्रस्तुत कर रहे हैं…( व्यवधान) MR. SPEAKER: Unfortunately, you are not named. Therefore, not one word of yours is being recorded. Why are you speaking? gÉÉÒ ºÉÆiÉÉäÉ MÉÆMÉ´ÉÉ® : जो लोग ऐसी किताबों के लिए जिम्मेदार हैं उनके खिलाफ आपके द्वारा कार्रवाई की जाएगी।…( व्यवधान)
-------------------------------------------------------------------------------------------------- * Expunged as ordered by the Chair.
अध्यक्ष महोदय :आपके मोशन को भी अलाओ करेंगे।
...( व्यवधान)
श्री संतोष गंगवार : महोदय, जो व्यक्ति जिम्मेदार है, उसके खिलाफ कार्यवाही की जाए। श्रीमती नीता पटैरिया (सिवनी) : अध्यक्ष महोदय, आज यहां सदस्यों को बालने से आप मत रोकिए। यह आस्था पर प्रहार है। हिंदू धर्म का अपमान है, हिंदू देवी देवताओं का अपमान है, जिसकी पूरा देश निंदा करता है। लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं और आस्था पर चोट पहुंची है। औरंगजेब ने तो केवल प्रतिमाओं को ही खंडित किया था * MR. SPEAKER: Sorry, but it should not be recorded.
(Interruptions)** MR. SPEAKER: It is very unfortunate.
(Interruptions)
THE MINISTER OF PARLIAMENTARY AFFAIRS AND MINISTER OF INFORMATION AND BROADCASTING (SHRI PRIYA RANJAN DASMUNSI): Sir, this cannot be allowed. All this should not go on record. All this is without sense. … (Interruptions) Is this a proper sentence to be made in the House? This is not allowed. … (Interruptions) MR. SPEAKER: I am opposing it. It will be expunged.
… (Interruptions)
MR. SPEAKER: It will not only be expunged, but I am expressing my great disapproval of this. … (Interruptions)
MR. SPEAKER: This is not the way to do it.
… (Interruptions)
__________________________________________________________________ * Expunged as ordered by the Chair.
** Not Recorded.
MR. SPEAKER: You are a responsible Member of Parliament. No, this is not the way to do it. It is much much beyond the scope of the Calling Attention before us. Please sit down. … (Interruptions)
SHRI PRIYA RANJAN DASMUNSI: Sir, this should not be allowed.
MR. SPEAKER: I have already made my observation regarding this issue. … (Interruptions)
MR. SPEAKER: It is absolutely shameful. I have expunged it, and I have also condemned it. What more can I do? … (Interruptions)
MR. SPEAKER: Please sit down.
… (Interruptions)
अध्यक्ष महोदय :हमने उन्हें कहा है। हम अपोज कर रहे हैं।
...( व्यवधान)
अध्यक्ष महोदय :आप लोग बैठ जाइए।
...( व्यवधान)
प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा : महोदय, यूपीए सरकार हिंदू धर्म का अपमान कर रही है। …( व्यवधान) MR. SPEAKER: Shrimati Neeta Pateriya, do you want to continue or not? … (Interruptions)
MR. SPEAKER: Shri Goyal, please sit down.
… (Interruptions)
श्रीमती नीता पटैरिया : माननीय अध्यक्ष जी, हिंदुस्तान में कुछ ऐसे लोग हैं जो हिंदू देवी देवताओं, हिंदू सभ्यता, संस्कृति के विरुद्ध हैं और इतिहास को गलत तरीके से पेश कर रहे हैं। हिंदुस्तान के सुंदर इतिहास को विकृत कर रहे हैं।…( व्यवधान) यह लोगों की आस्था पर प्रहार है।…( व्यवधान) MR. SPEAKER: Next to speak is Yogi Aditya Nath.
… (Interruptions)
MR. SPEAKER: You are only entitled to put one question under the rules. … (Interruptions)
अध्यक्ष महोदय :मुंशी जी, आप इन्हें कंट्रोल कीजिए।
...( व्यवधान)
MR. SPEAKER: Please do not record anything. Only Yogi Aditya Nath’s submissions should be recorded. (Interruptions) * MR. SPEAKER: Now, I will name you. Just now I will name you.
… (Interruptions)
MR. SPEAKER: Nothing is being recorded.
… (Interruptions)
MR. SPEAKER: You are misusing the opportunity given to you.
… (Interruptions)
SHRI PRIYA RANJAN DASMUNSI : Sir, I strongly condemn such kind of utterances in the House irresponsibly by a lady Member of this House. … (Interruptions) MR. SPEAKER: Nothing is being recorded.
… (Interruptions)
SHRI PRIYA RANJAN DASMUNSI : It is against the tradition and culture. … (Interruptions) I strongly condemn it. … (Interruptions) MR. SPEAKER: Mr. Malhotra, I will adjourn this Calling Attention.
… (Interruptions)
MR. SPEAKER: She cannot do this. She is only entitled to ask a question. … (Interruptions)
MR. SPEAKER: I am sorry, but I would not allow it. Nothing will go on record. (Interruptions) * ________________________________________________________________ * Not Recorded.
MR. SPEAKER: What are you doing?
… (Interruptions)
SHRI PRIYA RANJAN DASMUNSI : Sir, I would like to ask this from the Leader of the BJP. Was this a proper point, which was made by her, namely, that these people are not Hindu? … (Interruptions) MR. SPEAKER: Shrimati Neeta Pateriya, will you please take your seat? Please take your seat. … (Interruptions)
SHRI PRIYA RANJAN DASMUNSI: Sir, there is a limit to this thing. … (Interruptions) MR. SPEAKER: The House stands adjourned till 2 o’clock.
13.09 hrs. The Lok Sabha then adjourned till Fourteen of the Clock.
_____________ 14.00 hrs. The Lok Sabha re-assembled at Fourteen of the Clock.
(Mr. Speaker in the Chair) MR. SPEAKER: Hon. Members, I would request you again to please follow the rules. I am trying to allow everybody. As you are aware, only one clarificatory question can be asked. … (Interruptions)
अध्यक्ष महोदय: मेहरबानी करके आप चुप रहिए।
…( व्यवधान)
MR. SPEAKER: This is the last day of the Session. Please put only one question, as per the rules. … (Interruptions)
अध्यक्ष महोदय: योगी जी, केवल एक क्वैश्चन पूछिए।
योगी आदित्यनाथ (गोरखपुर) : अध्यक्ष जी, इन्दिरा गांधी ओपन यूनिवर्सिटी के एम.ए. के इतिहास के पाठयक्रम में जो बातें पढ़ायी जा रही हैं, उनसे संबधित माननीय मंत्री जी ने अपना वक्तव्य यहां दिया है। माननीय मंत्री जी ने स्वीकार किया है कि जुलाई २००४ में उनका प्रकाशन हुआ था और उसके उपरान्त एमए इतिहास के पाठयक्रम में उन्हें शामिल करके लागू किया गया था। महोदय, एनसीईआरटी या इग्नू में जो कुछ भी पढ़ाया जा रहा है, वह भारतीय परम्परा और संस्कृति के बिल्कुल विपरीत है। अध्यक्ष महोदय: आप क्या पूछना चाहते हैं?
योगी आदित्यनाथ : भगवतगीता में कहा गया है कि"gÉrÉ´ÉÉxÉ ãÉ£ªÉiÉä YÉÉxÉàÉÂ" किस प्रकार की श्रद्धा भारत की परम्परा और संस्कृति के प्रति व्यक्त करना चाहते हैं। आज जो बातें यहां पर सदन के नेता माननीय प्रणव मुखर्जी जी ने कहीं हैं वे बड़ी आपत्तिजनक हैं। अध्यक्ष महोदय: वह बात अभी नहीं है। आप उसे छोड़िए।
ªÉÉäMÉÉÒ +ÉÉÉÊniªÉxÉÉlÉ : वे आपत्तिजनक हैं और इसलिए हैं कि उन्होंने जिन बातों का उद्धरण दिया है, अगर हम इस बात को कहते हैं कि …( व्यवधान) MR. SPEAKER: Sorry, I have called the name of Shri Ganesh Singh.
अध्यक्ष महोदय: आप प्रश्न पूछिए।
योगी आदित्यनाथ : मैं प्रश्न पर ही आ रहा हूं।
अध्यक्ष महोदय: आप प्रश्न पर आइए।
ªÉÉäMÉÉÒ +ÉÉÉÊniªÉxÉÉlÉ : जिस प्रकार आपत्तिजनक बातें कही गई हैं, उनको एक्सपंज करना चाहिए। अगर हम कहते हैं कि हमारी सेना किसी दुश्मन सेना की खून की प्यासी है तो क्या उसका मतलब यह हो जाएगा …( व्यवधान) MR. SPEAKER: Nothing more will be recorded.
(Interruptions) * अध्यक्ष महोदय: आपकी बात रिकॉर्ड में नहीं आ रही है।
…( व्यवधान) * अध्यक्ष महोदय: इस बारे में कॉलिंग अटैंशन नहीं है। श्री गणेश सिंह, आप प्रश्न पूछिए। …( व्यवधान)
MR. SPEAKER: Nothing more will be recorded.
(Interruptions) * अध्यक्ष महोदय: मैं आपकी बहुत कद्र करता हूं और आदर भी करता हूं। It seems it is being misused. योगी आदित्यनाथ : उन पंक्तियों को हटाने केर् ौलए क्या प्रयास हुआ है? जो दोषी हैं, जिन के द्वारा हिन्दू धर्म और संस्कृति पर इस प्रकार कीचड़ उछैंलने का प्रयास हुआ है क्या सरकार उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करके कार्रवाई करेगी? अध्यक्ष महोदय: गणेश सिंह जी, केवल एक प्रश्न पूछिए।
gÉÉÒ MÉhÉä¶É É˺Éc (ºÉiÉxÉÉ) : अध्यक्ष महोदय, मैं आपके माध्यम से माननीय मंत्री जी से पूछना चाहता था कि पिद्वले कुछ दिनों से देश भर में लगातार शिक्षा जगत में देश के गौरवशाली र्इौतहास तथा वभिन्न धर्मों की आस्था के प्रतीक और स्वतंत्रता आन्दोलन से जुड़े महापुरुषों के खिलाफ …( व्यवधान) अध्यक्ष महोदय: वह इग्नू में नहीं है। आपका कॉलिंग अटैंशन डेयटिज पर है।
श्री गणेश सिंह : मैं एक आम बैंत कह रहा हूं और उससे जुड़ा प्रश्न है। आपत्तिजनक उद्धरण पाठयव्रड्ढम में शामिल हो रहे हैं। यह निश्च्िैंत तौर पर देश की युवा पीढ़ी को गुमराह करने की साजिश हो रही है। मैं जानना चाहता हूं कि यह इतना गम्भीर विषय है, क्या इस पर तत्काल कार्रवाई नहीं होनी चाहिए थी? ह्मैं बताना चाहता हूं कि १९ जुलाई को माननीय मंत्री जी का एक बयान अखबार में छपा था कि इन उद्धरणों _________________________________________________________________ * Not Recorded.
को हम हटायेंगे। २० जुलाई को विश्वविद्यालय के कुलपति ने सैंत सदस्यीय एक समति बनाई और उन्होंने कहा कि हम इसकी समीक्षा करेंगे। मैं कुछ उद्धरण यहां बताना चाहता हूं। MR. SPEAKER: No, more. म आपको बोलने का मौका देते हैं।
श्री गणेश सिंह : मैं सिर्फ पृष्ठों के नम्बर बता रहा हूं और अन्य कुछ नहीं बता रहा हूं। मैं चाहता हूं कि इसकी जांच हो। खंड-१ में जो किताब है, उसमें पृष्ठ संख्या द्भ ३,१४,१५,२२,२३, ३०,३५,३८ और ४५ तथा खंड-दो में पृष्ठ संख्या २३ और २५, खंड-३ में ३,६,१६,१७,२८,२९,३२,३४ और ३८ हैं। अध्यक्ष महोदय : लगता है आपने बहुत ध्यान से पढ़ा है।
श्री गणेश सिंह : खंड-चार में ८ से ११, तथा १५ से १७ हैं।
अध्यक्ष महोदय : आप लिखकर भेज दीजिए, मनिस्टर साहब ने बोला है, वह देखेंगे। श्री गणेश सिंह : खंड-पांच में ३, ५ से लेकर १२,१४ और १९ हैं।
मैं मंत्री जी से मांग करना चाहता हूं कि इन सभी पृष्ठों में इतने आपत्तिजनक शब्दों को उपयोग हुआ है कि किसी भी धर्म के मानने वालों को इन्हें किसी भी तरह से स्वीकार करना संभव नहीं हो सकेगा। MR. SPEAKER: Nothing more will be recorded.
gÉÉÒ MÉhÉä¶É É˺Éc : मैं एक उदाहरण और देना चाहता हूं…( व्यवधान)
MR. SPEAKER: Sorry. Do not misuse the opportunity. I have complete faith in you. Please keep my faith. म आपसे विनती करते हैं कि आप बैठ जाइये। आप सब जानते हैं ह्ल( व्यवधान)
अध्यक्ष महोदय : छाेड़िये, आप लोग हमें गुमराह कर रहे हैं, आप हाउस को भी गुमराह मत कीजिए। gÉÉÒ +ÉVÉÇÖxÉ É˺Éc : सर, कालिंग अटैन्शन नोटिस के बारे में मुझे जो कहना था, मैंने पूर्व में ही कह दिया है। उसके बारे में मैं और कुछ नहीं कहना चाहता हूं। मैं एक वक्तव्य आपकी अनुमति से सदन के पटल पर रखना चाहता हूं, उसे आप स्वीकार कर लें। उसमें विस्तार से मैंने ये सब बैंतें कही हैं। मैं सदन का अधिक समय लेने की आवश्यकता नहीं समझता…( व्यवधान) अध्यक्ष महोदय : आप जिस्ट बोल दीजिए।
…( व्यवधान)
अध्यक्ष महोदय : आप सुनिये, आप क्या बैंत कर रहे हैं। आप सदन का टाइम भी बर्बाद करते हैं और सनते भी नहीं हैं। gÉÉÒ +ÉVÉÇÖxÉ É˺Éc : मैं समय बर्बाद नहीं कर रहा हूं। मल्होत्रा साहब से मेरा पुराना परिचय है।…( व्यवधान) |ÉÉä. ÉÊ´ÉVÉªÉ BÉÖEàÉÉ® àÉãcÉäjÉÉ ( nÉÊFÉhÉ ÉÊnããÉÉÒ) : मुझे मालूम है…( व्यवधान) श्री अर्जुन सिंह : महोदय, जहां तक अन्य पुस्तकों के बारे में कहा गया है, कल इसी विषय पर राज्य सभा में चर्चा हुई थी और मैंने वहां यह कहा है कि सबके बारे में हम समीक्षा करेंगे। वही बैंत हम यहां कह रहे हैं। बार-बार उस हाउस की बैंत को इन्होंने यहां संदर्भ से बाहर लाकर पढ़ना शुरू कर दिया, अब मैं उसका क्या उत्तर दूं। प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा : इन सारी पुस्तकों की समीक्षा होगी, जितनी पुस्तकें…( व्यवधान) अध्यक्ष महोदय : उन्होंने बोल दिया है कि कार्रवाई करेंगे और ऑलरेडी कार्रवाई की भी है और आगे करने वाले हैं। योगी आदित्यनाथ : सर, इन पुस्तकों के उद्धरणों को हटा दिया जाना चाहिए।…( व्यवधान) ---------------