Lok Sabha Debates
Regarding Expeditious Implementation Of Smart City Project In Jaipur, ... on 9 February, 2021
Seventeenth Loksabha > Title: Regarding expeditious implementation of Smart City project in Jaipur, Rajasthan-laid.
श्री रामचरण बोहरा (जयपुर): जयपुर का स्मार्ट सिटी में चयन होने पर परकोटे के भीतर अनेक विकास कार्य करने की कार्य-योजना तैयार की गई थी । यदि ये कार्य निर्धारित समयावधि में पूरे होते हैं तो मैं समझता हूं कि जयपुर की भव्यता एवं सौन्दर्य में चार चांद लगेंगे ।
माननीय प्रधानमंत्री जी के स्मार्ट सिटी के सपने को साकार करने के लिए जयपुर के विकास के लिए लगभग 2401 करोड़ रुपये की कार्य-योजना बनाई गई थी, जिससे जयपुर में अनेक विकास कार्य करना प्रस्तावित था । लेकिन इन तीन वर्षों में लगभग 78 करोड़ रुपये से मात्र 21 कार्य ही पूर्ण हो पाए हैं एवं लगभग 535 करोड़ रुपये के 52 कार्यों के लिए वर्क ऑर्डर जारी हुए हैं । उसमें भी लगभग 164 करोड़ रुपये ही खर्च हुए हैं और लगभग 32 करोड़ रुपये से होने वाले 13 कार्यों के तो अभी तक टेंडर ही नहीं हुए हैं ।
जब से राज्य में कांग्रेस सरकार बनी है, स्मार्ट सिटी के कार्यों में लचीलापन आ गया है, जिसके कारण ये विकास कार्य समय पर पूर्ण नहीं हो पा रहे हैं । यदि ऐसे ही इन कार्यों में ढिलाई बरती गई तो स्मार्ट सिटी के कार्यों को निर्धारित समयवाधि से मूर्तरूप देना आसान नहीं होगा, क्योंकि लगभग 464 करोड़ रुपये से होने वाले 86 कार्यों में अभी तक लगभग 239 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं । यह राज्य सरकार की कार्यों के प्रति उदासीनता एवं ढीलापन दर्शाने के लिए पर्याप्त हैं । लगता है राज्य सरकार इन कार्यों को लेकर गंभीर नहीं है ।
माननीय प्रधानमंत्री जी हमेशा से ही निश्चित समयावधि में कार्य पूर्ण करने के पक्षधर रहे हैं और इनकी कार्यशैली है विकास के नए आयाम स्थापित करना, जिसका आज हर भारतवासी कायल है ।
मैं स्वयं भी शहरी विकास स्थाई समिति का सदस्य हूं और मैंने समिति में भी इस मुद्दे को प्रमुखता से रखा है कि राज्य सरकार अपनी इच्छानुसार बार-बार स्मार्ट सिटी की कार्य-योजना में बदलाव कर अनावश्यक हस्तक्षेप कर रही है । ऐसे ही समार्ट सिटी के अनुक कार्य हैं, जिनमें राज्य सरकार मनमर्जी से परिवर्तन कर रही है, जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं ।
अत: मैं आवास एवं शहरी विकास मंत्री जी से आग्रह करूंगा कि स्मार्ट सिटी के कार्यों में राज्य सरकार के अनावश्यक हस्तक्षेप को रोका जाए ताकि स्मार्ट सिटी के विकास कार्य को निर्धारित समयावधि में मूर्तरूप दिया जा सके ।