State Consumer Disputes Redressal Commission
Irshad Ali vs Sriram General Isurance Co. Ltd And ... on 2 November, 2022
Cause Title/Judgement-Entry STATE CONSUMER DISPUTES REDRESSAL COMMISSION, UP C-1 Vikrant Khand 1 (Near Shaheed Path), Gomti Nagar Lucknow-226010 First Appeal No. A/953/2022 ( Date of Filing : 14 Sep 2022 ) (Arisen out of Order Dated 10/08/2022 in Case No. C/2019/64 of District Rampur) 1. Irshad Ali S/o Sri Munna Nagar panchayat Dist. Rampur ...........Appellant(s) Versus 1. Sriram General Isurance CO. Ltd and others E-8 E.P.I.P Sitapura Industrial Area Jaipur ...........Respondent(s) BEFORE: HON'BLE MR. JUSTICE ASHOK KUMAR PRESIDENT PRESENT: Dated : 02 Nov 2022 Final Order / Judgement
राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग , उत्तर प्रदेश , लखनऊ।
मौखिक अपील संख्या-९५३/२०२२ (जिला उपभोक्ता आयोग, रामपुर द्धारा परिवाद सं0-६४/२०१९ में पारित प्रश्नगत निर्णय एवं आदेश दिनांक १०-०८-२०२२ के विरूद्ध) इरशाद अली पुत्र मुन्ना निवासी नगर पंचायत मसवासी तहसील स्वार, जिला रामपुर।
........... अपीलार्थी/परिवादी।
बनाम
१. जनरल मैनेजर, श्री राम जनरल इंश्योरेंस कं0लि0, ई-8, ई.पी.आई.पी., सीतापुर इण्डस्ट्रियल एरिया, जयपुर, पिन-३०२०२२.
२. ब्रान्च मैनेजर, श्री राम ट्रान्सपोर्ट फाइनेंस कम्पनी लि0, मोदी होटल के सामने, शहजाद नगर, जिला-रामपुर।
३. ब्रान्च मैनेजर, श्री राम जनरल इंश्योरेंस कं0लि0, ब्रान्च आफिस, लाल पैथालाजी के सामने, शाहबाद गेट, तहसील-सदर, जिला रामपुर।
............ प्रत्यर्थीगण/विपक्षीगण।
समक्ष :-
१. मा0 न्यायमूर्ति श्री अशोक कुमार, अध्यक्ष।
अपीलार्थी की ओर से उपस्थित :- श्री आफाक जकी खान विद्वान अधिवक्ता।
प्रत्यर्थीगण की ओर से उपस्थित :- कोई नहीं।
दिनांक :- ०२-११-२०२२.
मा0 न्यायमूर्ति श्री अशोक कुमार , अध्यक्ष द्वारा उदघोषित निर्णय प्रस्तुत अपील, अपीलार्थी/परिवादी इरशाद अली द्वारा जिला उपभोक्ता आयोग, रामपुर द्धारा परिवाद सं0-६४/२०१९ में पारित प्रश्नगत निर्णय एवं आदेश दिनांक १०-०८-२०२२ के विरूद्ध योजित की गई है।
वाद के तथ्य संक्षेप में इस प्रकार हैं कि परिवादी के कथनानुसार परिवादी ने वाहन सं0-यू0पी0 २२ टी ४८४४ विपक्षी सं0-२ फाइनेंस कम्पनी से ऋण लेकर क्रय किया था जिसका बीमा विपक्षी बीमा कम्पनी से कराया था। दिनांक ११-०३-२०१८ को मिलक से मसवासी जाते समय वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया और पूरी तरह से डैमेज हो गया।
-२-परिवादी ने घटना की सूचना थाने में दी। बीमा कम्पनी को भी घटना की सूचना दी गई। परिवादी उक्त क्षतिग्रस्त वाहन को विपक्षी सं0-२ के अधिकृत वर्कशाप मित्तल मोटर्स के यहॉं ले गया, जहॉं बीमा कम्पनी ने अपना सर्वेयर भेजकर वाहन का सर्वे कराया। सर्वेयर ने वाहन की मरम्मत में ४,०९,२७३.०० रू० का अनुमानित खर्च बताया। परिवादी ने सर्वेयर द्वारा बताए गए खर्च के अनुमानित ऐस्टीमेट को विपक्षी सं0-१ को उपलब्ध कराया परन्तु कोई कार्यवाही नहीं की गई। वाहन खड़ी रहने से परिवादी को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ा और वह लोन की किश्त नहीं जमा कर पा रहा था। विपक्षी सं0-१ बीमा कम्पनी ने क्लेम का भुगतान न करके सेवा में कमी की। विवश होकर प्रश्नगत परिवाद विद्वान जिला फोरम के सम्मुख प्रस्तुत किया गया।
विपक्षी सं0-१ बीमा कम्पनी की ओर से विद्वान जिला फोरम के सम्मुख प्रतिवाद पत्र प्रस्तुत किया गया जिसमें कथन किया गया कि क्षतिग्रस्त वाहन की स्वतन्त्र सर्वेयर से जांच करवाई गई थी परन्तु परिवादी ने अधिक कीमत का ऐस्टीमेट बनाया। मान्यता प्राप्त सर्वेयर अजय कुमार ने परिवादी के वाहन में हुई क्षति का निर्धारण कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जिस पर नियमानुसार कार्यवाही की जा रही थी। परिवादी को उचित क्लेम देने से कभी मना नहीं किया गया। सर्वेयर की रिपोर्ट के आधार पर १,१०,०००/- रू० का भुगतान विपक्षी सं0-२ को चेक के जरिए किया गया, इसकी जानकारी परिवादी को दी गई क्योंकि विपक्षी सं0-२ ट्रक की फाइनेंस कम्पनी है, उसका प्रथम चार्ज बनता है। विपक्षी बीमा कम्पनी द्वारा सेवा में कोई कमी नहीं की गई।
उभय पक्ष को सुनने एवं सम्पूर्ण प्रपत्रों व साक्ष्यों पर विचार करने के उपरान्त विद्वान जिला फोरम ने यह पाया कि बीमा कम्पनी द्वारा मान्यता प्राप्त सर्वेयर के ऐस्टीमेट के अनुसार वाहन मरम्मत खर्च की प्रतिपूर्ति राशि सम्बन्धित फाइनेंस कम्पनी को अदा कर दी गई है, ऐसी स्थिति में यह नहीं माना जा सकता कि बीमा कम्पनी ने परिवादी को दी जाने वाली सेवा में कोई कमी की है। तद्नुसार परिवादी का परिवाद निरस्त कर दिया।
इस निर्णय से क्षुब्ध होकर वर्तमान अपील प्रस्तुत की गई है।
-३-मेरे द्वारा द्वारा अपलीर्थी के विद्वान अधिवक्ता श्री आफाक जकी खान को सुना गया तथा पत्रावली पर उपलब्ध समस्त अभिलेखों एवं प्रश्नगत निर्णय का परिशीलन व परीक्षण किया गया। प्रत्यर्थीगण की ओर से कोई उपस्थित नहीं हुआ।
अपीलार्थी के विद्वान अधिवक्ता ने इस न्यायालय के सम्मुख यह तर्क प्रस्तुत किया गया कि अधिकृत वर्कशॉप मित्तल मोटर्स द्वारा बनाया गया ऐस्टीमेट बीमा कम्पनी को प्रस्तुत किया गया परन्तु दौरान बहस अधिवक्ता अपीलार्थी द्वारा ऐसा कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया जिससे यह साबित हो सके कि मित्तल मोटर्स एक स्वतन्त्र सर्वेयर की भांति ऐस्टीमेट तैयार करने हेतु अधिकृत है अत्एव मेरे विचार से विद्वान जिला फोरम द्वारा दिया गया निर्णय पूर्णत: विधि सम्मत है और उसमें किसी प्रकार के हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है। तदनुसार प्रस्तुत अपील निरस्त की जाती है।
आशुलिपिक से अपेक्षा की जाती है कि वह इस निर्णय/आदेश को आयोग की वेबसाइट पर नियमानुसार यथाशीघ्र अपलोड कर दें।
(न्यायमूर्ति अशोक कुमार) अध्यक्ष प्रमोद कुमार, वैयक्तिक सहायक ग्रेड-१, कोर्ट नं0-१.
[HON'BLE MR. JUSTICE ASHOK KUMAR] PRESIDENT