State Consumer Disputes Redressal Commission
Akash Goyal vs Imperia Structures Ltd on 7 January, 2020
Cause Title/Judgement-Entry STATE CONSUMER DISPUTES REDRESSAL COMMISSION, UP C-1 Vikrant Khand 1 (Near Shaheed Path), Gomti Nagar Lucknow-226010 Complaint Case No. CC/68/2019 ( Date of Filing : 07 Mar 2019 ) 1. Akash Goyal S/O Late Devendra Nath Goyal R/O 19 Om Nagar Chitaipur POst Sunderpur P.S. Lanka Distt. Varanasi ...........Complainant(s) Versus 1. Imperia Structures Ltd Through its Director named Shyam Sunder Having Tegistered Office at A-25 Mohan Co-Operative Industrial Estate New Delhi ............Opp.Party(s) BEFORE: HON'BLE MR. Udai Shanker Awasthi PRESIDING MEMBER HON'BLE MR. Gobardhan Yadav MEMBER For the Complainant: For the Opp. Party: Dated : 07 Jan 2020 Final Order / Judgement सुरक्षित राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, उ0प्र0, लखनऊ। परिवाद संख्या-68/2019 Akash Goyal (HUF) S/O Late Devendra Nath Goyal, R/O-19, Om Nagar, Chtaipur, Post Sunderpur, P.S.-Lanka, District-Varanasi. परिवादी बनाम् 1.
Imperia Structures Limited through its Director named Shyam Sunder Having Registered Office at A-25, Mohan Co-operative Industrial Estate, New Delhi.
2. Imperia Structres Limited through its Authorized Signatory having Local Office at Plot no.44 & 45, KP V, Greater Noida.
विपक्षीगण समक्ष:-
1. माननीय श्री उदय शंकर अवस्थी, पीठासीन सदस्य।
2. माननीय श्री गोवर्द्धन यादव, सदस्य।
परिवादी की ओर से : श्री रमेश कुमार राय, विद्वान अधिवक्ता। विपक्षीगण की ओर से : कोई नहीं। दिनांक 28.01.2020 मा0 श्री उदय शंकर अवस्थी, पीठासीन सदस्य द्वारा उदघोषित निर्णय
प्रस्तुत परिवाद, प्रश्नगत फ्लैट का कब्जा दिलाये जाने अथवा जमा की गयी धनराशि की मय ब्याज वापसी तथा क्षतिपूर्ति की अदायगी हेतु योजित किया गया है।
संक्षेप में तथ्य इस प्रकार हैं कि परिवादी के कथनानुसार परिवादी ने विपक्षीगण, इम्पीरिया स्ट्रक्चर्स लिमिटेड के समक्ष 1 बीएचके अपार्टमेंट -2- क्षेत्रफल 425 वर्गफिट स्थित फ्लैट संख्या-44 & 45 सेक्टर-KP-V, ग्रेटर नोयडा उत्तर प्रदेश के आवंटन हेतु आवेदन किया था। इस फ्लैट का प्रस्तावित विक्रय मूल्य 14,96,000/- रूपये निर्धारित था। इस संदर्भ में परिवादी तथा विपक्षीगण के मध्य मेमोरेण्डम आफ अण्डरस्टैण्डिंग दिनांक 27.04.2010 को निष्पादित किया गया। इस मेमोरेण्डम आफ अण्डरस्टैण्डिंग की शर्त संख्या-2 के अनुसार परिवादी ने 12,51,625/- रूपये एकमुश्त भुगतान करने का विकल्प चुना। तदनुसार परिवादी ने तीन चेकों द्वारा 2,63,500/- रू0 + 7,97,775/- रू0 + 1,90,650/- रू0 का भुगतान किया। परिवादी द्वारा 14,96,000/- रूपये में से 12,51,625/- रूपये का भुगतान करने के उपरांत शेष धनराशि 2,44,375/- रूपये का भुगतान मेमोरेण्डम आफ अण्डरस्टैण्डिंग की शर्तों के अनुसार फ्लैट का कब्जा प्राप्त करते समय किया जाना था। मेमोरेण्डम आफ अण्डरस्टैण्डिंग के निष्पादन से पूर्व विपक्षीगण द्वारा यह आश्वस्त किया गया कि विपक्षीगण 12,513/- रूपये जुलाई 2010 से फ्लैट का कब्जा प्रदान करने की तिथि तक कमिटेड रिटर्न के रूप में भुगतान करेंगें, किंतु विपक्षीगण ने 31.03.2012 तक ही कमिटेड रिटर्न का भुगतान किया। तदोपरांत परिवादी द्वारा बार-बार अनुरोध करने के बावजूद कमिटेड रिटर्न की धनराशि का भुगतान नहीं किया गया और न ही प्रश्नगत फ्लैट का कब्जा प्रदान किया गया। परिवादी का यह भी कथन है कि परिवादी को विपक्षीगण का आवंटन पत्र दिनांकित 28.04.2012 प्राप्त हुआ, जिसके द्वारा विपक्षीगण ने परिवादी से बकाया धनराशि 2,44,375/- रूपये का भुगतान पत्र प्राप्ति के 15 दिन के अन्दर किये जाने की मांग की तथा इस पत्र द्वारा विपक्षीगण ने परिवादी को फ्लैट संख्या-सी-116 आवंटित किया तथा यह भी सूचित किया कि फ्लैट का निर्माण जून 2012 तक पूर्ण हो जाएगा। विपक्षीगण द्वारा यह भी सूचित किया गया कि विपक्षीगण ग्रेटर नोयडा डेवलेमेंट -3- अथारिटी को भवन का निर्माण पूर्ण होने की सूचना प्रेषित कर रहे हैं। आवंटन पत्र दिनांकित 28.04.2012 प्राप्त करने के उपरांत परिवादी ने विपक्षीगण के संबंधित अधिकारी से बकाया धनराशि एवं अन्य खर्चों के भुगतान के संबंध में सम्पर्क किया, किंतु विपक्षीगण द्वारा विक्रय पत्र निष्पादित नहीं किया गया और न ही प्रश्नगत फ्लैट का कब्जा प्रदान किया गया। विपक्षीगण द्वारा कमिटेड रिटर्न का भुगतान रोके जाने का भी कोई स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं किया गया। विपक्षीगण ने परिवादी की निरंतर मांग के बावजूद परिवादी द्वारा जमा की गयी धनराशि वापस नहीं की और न ही फ्लैटका कब्जा प्रदान किया। परिवादी के कथनानुसार प्रश्नगत फ्लैट का कब्जा बुकिंग की तिथि से 24 माह के अन्दर दिया जाना था, किंतु विपक्षीगण ने फ्लैट का कब्जा निर्धारित अवधि में प्रदान नहीं किया और न ही परिवादी द्वारा जमा की गयी धनराशि वापस की। परिवादी के कथनानुसार परिवादी ने प्रश्नगत फ्लैट के निर्माण की वस्तुस्थिति का पता किया तो परिवादी को यह ज्ञात हुआ कि प्रश्नगत फ्लैट का निर्माण कार्य अभी जारी है तथा राजकीय अनुमोदन की औपचारिकता भी अभी लम्बित है। इस प्रकार विपक्षीगण द्वारा अनुचित व्यापार प्रथा कारित करते हुए सेवा में त्रुटि की गयी। तदोपरांत परिवादी ने परिवाद संख्या-68/2014 जिला मंच, वाराणसी में योजित किया, जो क्षेत्राधिकार के अभाव में दिनांक 07.07.2014 को निरस्त कर दिया गया, इस आदेश के विरूद्ध परिवादी ने इस आयोग में अपील संख्या-1399/2017 योजित की, यह अपील इस आयोग द्वारा पारित आदेश दिनांक 20.11.2018 द्वारा निरस्त कर दी गयी। अत: परिवादी द्वारा प्रस्तुत परिवाद इस आयोग में योजित किया गया।
विपक्षीगण को प्रतिवाद पत्र प्रस्तुत करने हेतु पंजीकृत डाक से नोटिस दिनांक 14.03.2019 को जारी की गयी, किंतु नोटिस बिना तामील -4- वापस प्राप्त हुई। अत: इस आयोग द्वारा पारित आदेश दिनांक 16.04.2019 द्वारा विपक्षीगण द्वारा नोटिस की तामीला पर्याप्त मानी गयी। विपक्षीगण द्वारा कोई प्रतिवाद पत्र प्रस्तुत नहीं किया गया।
हमने परिवादी के विद्वान अधिवक्ता श्री रमेश कुमार राय के तर्क सुने एवं अभिलेखों का अवलोकन किया।
अपने कथन के समर्थन में परिवादी की ओर से श्री आकाश गोयल (HUF) द्वारा शपथपत्र दिनांक 06.03.2019 तथा 02.09.2019 प्रस्तुत किये गये, इन शपथपत्रों द्वारा परिवादी ने परिवाद के अभिकथनों की पुष्टि की। इसके अतिरिक्त परिवादी ने परिवाद के साथ पक्षकारों के मध्य निष्पादित मेमोरेण्डम आफ अण्डरस्टैण्डिंग की फोटोप्रति पृष्ठ संख्या-18 लगायत 23 के रूप में दाखिल की तथा विपक्षीगण को चेक द्वारा किये गये भुगतान से संबंधित रसीदों की फोटोप्रति पृष्ठ संख्या-24 लगायत 26 के रूप में दाखिल की। विपक्षीगण द्वारा कमिटेड रिटर्न के भुगतान के संदर्भ में अपने बैंक आफ बड़ौदा स्थित खाता संख्या-30860100002909 से संबंधित पासबुक तथा संबंधित पृविष्टियों की फोटोप्रति पृष्ठ संख्या-28 लगायत 32 के रूप में दाखिल की। इसके अतिरिक्त विपक्षीगण द्वारा परिवादी को भेजे गये पत्र दिनांकित 28.04.2012 की फोटोप्रति पृष्ठ संख्या-33 लगायत 35 के रूप में दाखिल की साथ ही जिला मंच, वाराणसी द्वारा परिवाद संख्या-68/2014 में पारित आदेश दिनांक 07.07.2014 एवं इस आयोग द्वारा अपील संख्या-1399/2017 में पारित निर्णय दिनांकित 20.11.2018 की प्रमाणित प्रतियों की फोटोप्रतियां दाखिल की, जिनके अवलोकन से परिवाद के अभिकथनों की पृष्टि हो रही है।
अत: परिवादी को एक निश्चित अवधि के मध्य प्रश्नगत फ्लैट का कब्जा दिलाये जाने हेतु विपक्षीगण को निर्देशित किया जाना अथवा यह संभव न होने पर परिवादी द्वारा जमा की गयी धनराशि मय ब्याज -5- दिलाया जाना एवं कमिटेड रिटर्न की शेष धनराशि दिलाये जाने हेतु निर्देशित किया जाना उपर्युक्त होगा। परिवाद तदनुसार आंशिक रूप से स्वीकार किये जाने योग्य है।
आदेश प्रस्तुत परिवाद, आंशिक रूप से स्वीकार किया जाता है। विपक्षीगण को निर्देशित किया जाता है कि वह इस निर्णय की प्रति प्राप्ति की तिथि से 06 माह के अन्दर परिवादी को प्रश्नगत फ्लैट संख्या-सी-116 का कब्जा प्रदान करें अथवा इस अवधि में परिवादी को उसके द्वारा जमा की गयी धनराशि 12,51,625/- रूपये (बारह लाख इक्यावन हजार छ: सौ पच्चिस रूपये) का मय ब्याज भुगतान करें। इस धनराशि पर धनराशि का भुगतान किये जाने की तिथि से सम्पूर्ण धनराशि की अदायगी तक परिवादी 10 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज प्राप्त करने का अधिकारी होगा।
विपक्षीगण को यह भी निर्देशित किया जाता है कि इस अवधि में परिवादी को कमिटेड रिटर्न के रूप में 10,26,312/- रूपये (दस लाख छब्बिस हजार तीन सौ बारह रूपये) का भी भुगतान करें। इसके अतिरिक्त विपक्षीगण को यह भी निर्देशित किया जाता है कि परिवादी को 10,000/- रूपये वाद व्यय के रूप में भी उपरोक्त निर्धारित अवधि में भुगतान करें।
उभय पक्ष को इस निर्णय एवं आदेश की सत्यप्रतिलिपि नियमानुसार उपलब्ध करा दी जाये।
(उदय शंकर अवस्थी) (गोवर्द्धन यादव) पीठासीन सदस्य सदस्य लक्ष्मन, आशु0, कोर्ट-1 [HON'BLE MR. Udai Shanker Awasthi] PRESIDING MEMBER [HON'BLE MR. Gobardhan Yadav] MEMBER