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Lok Sabha Debates

Need To Review The Dicision To Merge National Institute Of Miners' Health (Nimh) ... on 29 July, 2019

Seventeenth Loksabha an> Title: Need to review the dicision to merge National Institute of Miners' Health (NIMH) with National Council of Medical Research (NIOH).

SHRI BALUBHAU ALIAS SURESH NARAYAN DHANORKAR (CHANDRAPUR): Thank you, Chairman, Sir. I would like to draw the kind attention of this august House towards two major issues related to Vidarbha region of Maharashtra.

          The first is related to the National institute of Miners Health, Nagpur. It is very shocking for Vidarbha that the Union Cabinet has decided to merge National institute of Miners Health (NIMH) with the National Institute of Occupational Health (NIOH), Ahmedabad, Gujarat under the Ministry of Health.

          NIMH was established in 1990 with the aim of dealing with the diseases of Kolar gold field miners. In 2002, its headquarters was established in Nagpur because Nagpur is the centre of a large number of mines in Vidarbha and Central India. NIMH is an autonomous institute under the Ministry of Mines. It conducts applied research in occupational health and hygiene of miners. 

Sir, a rude shock has been given to thousands of miners of Maharashtra and Central India. Despite a large number of mines in Vidarbha and Central India, why has the Government decided to merge NIMH with NIOH, while Gujarat has very few mines?

          Sir, it is my earnest request to the hon. Minister of Mines to intervene in this matter immediately and stop this merger in the larger interest of miners. If the Government wants to merge this, as already approved in the Cabinet, then it is my humble request that a branch of NIOH should be established in Nagpur and it should remain under the Ministry of Mines.

          Sir, it seems that the Government has decided to subvert all institutions, whether they are constitutional institutions or autonomous institutes like NIMH or Central companies like Ordnance Factory. I may submit that 204 eligible candidates could not get jobs so far on compassionate ground in Ordnance Factory, Chanda since 2017. Their fathers had worked in this factory and died before retirement. As per law, there is a provision to give job on compassionate ground to one person from the family of the deceased worker.

          Sir, I came to know that the Government is going to privatise 41 ordnance factories in the country. If this happens, it would be very unfortunate and fatal for all organised and unorganised workers of these factories. Also, privatisation of the factory may compromise safety and security of the country.

          It is my earnest request to the hon. Minister of Defence to provide jobs to these 204 candidates on compassionate ground and stop the privatisation of these factories.

          Thank you, Sir.  Jai Hind. Jai Maharashtra.

   

*t12 Ttile: Regarding renaming of Allahabad University, High Court, Railway Station and other Central Institutes as 'Prayagraj'.

श्री विनोद कुमार सोनकर (कौशाम्बी) : सभापति महोदय,भारतीय संस्कृति का महत्व प्रत्येक काल खंड में रहा है, चाहे सतयुग हो, द्वापर हो, त्रेता युग हो या अब कलयुग हो । प्रयाग की सुंदरता और महिमा का वर्णन रामचरितमानस में पूज्य तुलसीदास जी ने बड़े सुंदर ढंग से किया है:

“को कहि सकइ प्रयाग प्रभाउ । कलुष पुंज कुंजर मृगराऊ अस तीरथपति देखि सुहावा । सुख सागर रघुबर सुखु पावा॥    प्रयाग की सुदंरता और प्रकृति को जिसने भगवान राम को भी सुख दिया हो, वैसे प्रयाग की महिमा का वर्णन रामचरितमानस में है । आज से 552 साल पहले प्रयाग के साथ अन्याय करके उसका नाम इलाहाबाद कर दिया गया । मैं उत्तर प्रदेश सरकार के मुखिया पूज्य योगी महाराज जी को बधाई दूंगा कि उन्होंने 552 साल बाद प्रयाग के साथ न्याय किया और इलाहाबाद का नाम बदल कर पुन:प्रयाग रखा । अभी भी प्रयाग में जो केन्द्रीय संस्थान, हाई कोर्ट, विश्वविद्यालय,रेलवे स्टेशन या अन्य केन्द्रीय संस्थान हैं,उनका नाम अभी भी इलाहाबाद है ।
मैं आपके माध्यम से भारत सरकार से मांग करता हूं कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय का नाम  बदल कर प्रयाग विश्वविद्यालय,इलाहाबाद हाई कोर्ट का नाम बदल कर प्रयाग हाई कोर्ट और रेलवे स्टेशन का नाम बदल कर प्रयाग रेलवे स्टेशन करें,हवाई अड्डे का नाम भी प्रयाग रखा जाए । धन्यवाद ।
माननीय सभापति: *m02श्री अजय कुमार, *m03  श्री गणेश सिंह और *m04 कुँवर पुष्पेन्द्र सिंह चन्देल को श्री विनोद कुमार सोनकर द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है ।
       
*t13 Title: Need to provide pension to those who took part in J.P. Movement.
श्रीमती रमा देवी (शिवहर): आदरणीय सभापति महोदय, मैं सदन के माध्यम से सरकार का ध्यान आकृष्ट कराना चाहती हूं कि देश में आजादी के बाद संपूर्ण क्रांति के नाम से पहचाने जाने वाला आन्दोलन 18 मार्च 1974 से 21 मार्च 1977 के बीच चला था, जिसे हम लोग जेपी आंदोलन भी कहते हैं ।
यह आंदोलन देश के सभी हिस्सों में था परन्तु बिहार में यह विशेष रूप से चला, जिसमें बिहार के छात्रों एवं नौजवानों ने भाग लिया था । उस वक्त केंद्र की तत्कालीन सरकार ने आंदोलनकारियों को मीसा, डीआइआर जैसे जन विरोधी कानून के तहत जेल में डालने का काम किया था  । इनमें से कई लोग लंबे समय के लिए, कई लोग एक माह के लिए भी जेल गए । इस आंदोलन के दौरान बिहार के कई जनसामान्य छात्रों एवं महिलाओं को बनाए गए मीसा,डीआइआर कानूनों के तहत आंदोलन में भाग लेने के कारण कई तरह की यातनाएं दी गईं,परन्तु मीसा के अंतर्गत छ:महीने से ज्यादा जेल वालों को ही पेंशन दी जा रही है । बिहार में इनकी संख्या 3300 है । जो लोग एक महीने से ज्यादा समय की सजा काट चुके हैं और आंदोलन के दौरान भूमिगत रहे हैं, उनको पेंशन नहीं दी जा रही है । बिहार के अलावा राजस्थान,मध्य प्रदेश,गुजरात एवं महाराष्ट्र में भी जे.पी.आंदोलन में भाग लेने वाले को पेंशन की सुविधा दी गयी है ।
          सभापति महोदय,सदन के माध्यम से सरकार से अनुरोध है कि जे.पी.आंदोलन में भाग लेने वाले एवं जेल जाने वाले जन सामान्य छात्रों एवं महिलाओं को बिना किसी भेदभाव के केंद्र सरकार द्वारा पेंशन दी जाए । धन्यवाद ।
माननीय सभापति : *m02कुँवर पुष्पेन्द्रसिंह चन्देलऔर *m03 डॉ. किरिट पी. सोलंकी को श्रीमती रमा देवी द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है ।
*t14 Title: Need to ensure compliance of the Ministry of Defence circular regarding redevelopment of the buildings located near Defence Establishments.
श्री गोपाल शेट्टी (मुम्बई उत्तर):धन्यवाद सभापति महोदय । मैं एक बहुत ही महत्वपूर्ण मुद्दा इस सदन में फिर एक बार उठाने का प्रयास कर रहा हूं । वर्ष 2012 से आज वर्ष 2019 तक 7 साल पूरे हो गए, देश के विभिन्न भागों में जहां डिफेंस एस्टैबलिशमेंट है, उसके अगल-बगल, प्राइवेट लैंड पर, डिफेंस के लैंड पर नहीं,डेवलपमेंट के सारे काम बंद पड़े हुए हैं, खासकर मुम्बई शहर में । वर्ष 2012 के बाद हमारी सरकार आई है । मैंने और किरीट सोमैया जी, दोनों ने मिलकर कॉलिंग अटेंशन मोशन मूव किया था, पर्रिकर जी द्वारा इसमें मदद करने के बाद वर्ष 2016 में सर्कुलर निकला और काम शुरू हो गए । स्व.पर्रिकर जी ने जो सर्कुलर निकाला,जीआर निकला उसमें तीनों अंगों नेवी,आर्मी और सेंट्रल ऑर्डिनेंस डिपो के बारे में उल्लेख था । इसके बावजूद अभी भी टेक्निकल मुद्दे को पकड़कर नेवी एस्टैबलिशमेंट के लोगों ने काम शुरू करने के परमिशन को रोक रखा है । मैं बहुत आदर और सम्मान के साथ यहां कहना चाहता हूं कि लोग कोर्ट में गए, कोर्ट ने इसका डिसीजन भी दे दिया कि जब वर्ष 2016 के सर्कुलर में इसके बारे में उल्लेख है तो डिफेंस एस्टैबलिशमेंट के ऑफिसर इसमें रूकावट क्यों पैदा करते हैं । इसके बाद भी आज की तारीख तक, मैं आपको बहुत दु:ख के साथ कहना चाहूंगा कि सात सालों में लोगों के घर टूट गए जिनके खुद के मकान थे, वहां की कार्पोरेशन बॉडी ने री-डेवलपमेंट का परमिशन दिया,लोग शिफ्ट हो गए, उन्हें भाड़ा देना भी बंद कर दिया गया है । लोगों के हालात बहुत बुरे होते जा रहे हैं । यह अच्छा नहीं लगता है । इस देश में किसान तो आत्महत्या करते ही है, लेकिन डिफेंस एस्टैबलिशमेंट के आस-पास रहने वालों की स्थिति भी आज यहां तक आ पहुंची है । मैं इस बात से हैरान हूं, आपको पता है कि प्राइवेट मेम्बर बिल के माध्यम से दो बार यहां हाफ एन ऑवर डिस्कशन भी हुआ था । मैं सुभाष भामरे जी का नाम यहां पर कोट करना चाहूंगा, उन्होंने यहां पर आश्वासन दिया था, फिर मैंने उस बिल को विद्ड्रा कर लिया था । इस बारे में फाइल पर नोटिंग है । डिफेंस सेक्रेटरी ने इसकी अनुमति भी दी है, लेकिन उसके बाद पता नहीं क्या चकरी चल गई,यह काम आज तक बंद पड़ा हुआ है । आज तक इसके लिए परमिशन नहीं दी जा रही है । मैं आपके माध्यम से फिर से एक बार इस बात का निवेदन करना चाहूंगा कि पर्रिकर साहब ने जो वर्ष 2016 का सर्कुलर निकाला था, उस सर्कुलर में तीनों अंगों के नाम उल्लेखित हैं । ऐसे सारे लोगों को तुरंत डेवलपमेंट की परमिशन दी जाए । प्राइवेट लैंड पर । इसमें डिफेंस का कोई लेना-देना नहीं है । इस बात की मैं फिर से एक बार मांग करता हूं ।
माननीय सभापति : *m02कुँवर पुष्पेन्द्रसिंह चन्देल श्रीमती गोपाल शेट्टी द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है ।
     
*t15 Title: Regarding problem of irrigation in Jahanabad Parliamentary Constituency, Bihar.
श्री चन्देश्वर प्रसाद (जहानाबाद): सभापति महोदय, कई दिनों के प्रयास के बाद शून्यकाल में बोलने का मौका मिला है । इसके लिए मैं आपको बहुत धन्यवाद देता हूं । हमारा बिहार आज बाढ़ और सुखाड़ की दोहरी मार झेल रहा है । लोकप्रिय मुख्य मंत्री श्री नीतीश कुमार जी ने 27 जुलाई को इस संबंध में एक समीक्षा बैठक की है । पूरे बिहार के सभी पदाधिकारियों के साथ उन्होंने बैठक की है और इसकी समीक्षा की है ।
 
मैं कहना चाहता हूं कि उनके द्वारा तो काफी प्रयास किया जा रहा है, लेकिन जब तक भारत सरकार उसमें मदद नहीं करेगी तब तक बिहार की जो समस्या है, उससे निपटा नहीं जा सकता है । महोदय, 9 जिलों में काफी कम बारिश हुई है,वहां सूखे की स्थिति उत्पन्न हो गई है । उन नौ जिलो में पीने के पानी की समस्या उत्पन्न हो गई है । मेरा संसदीय क्षेत्र जहानाबाद जिला पूर्णत:कृषि पर आश्रित जिला है । वहां की सारी नदियां बरसाती हैं और वहां पर कृषि मानसून पर आधारित है । विगत कुछ वर्षों से मानसून की बारिश अत्यंत कम, असमय एवं असमानुपातिक हो रही है, जिससे सिंचाई भी प्रभावित हो रही है । मेरे ही संसदीय क्षेत्र के अरवल जिले से होकर पुनपुन और सोन नदी गुजरती हैं, जो बारहमासी नदियां हैं । इन दोनों नदियों से बहुत पूर्व से जहानाबाद जिले में पानी को उपलब्ध कराने की मांग की जाती रही है । वर्ष 2000 में पुनपुन सिंचाई योजना की स्वीकृति प्राप्त हुई,जिसके अन्तर्गत हमीदनगर बराज का निर्माण कार्य वर्ष 2015 में पूरा किया जा चुका है । इसके दांया नहर प्रणाली से अरवल जिला का करपी प्रखंड,जहानाबाद जिला का रतनी-फरीदपुर प्रखंड तथा पटना जिला का मसौढ़ी एवं पुनपुन प्रखंड में सिंचाई की जानी है । इस योजना को मार्च 2019 के पूर्व पूरा किया जाना प्रस्तावित था, परन्तु अब तक नहर प्रणाली में कार्य नहीं किया जा सका है । वैकल्पिक रूप से पुनपुन मुख्य नहर के 20.65 किलोमीटर से दांयी तरफ एक फीडर चैनल निकाल कर 5 किलोमीटर के उपरांत बलदैया नदी में जोड़ा जा सकता है । बलदैया से मोरहरा नदी के सीसंबा तक चैनल निर्मित है ।
          महोदय, पुनपुन नहर के ऊपरी भाग से बलदैया नदी तक लिंक चैनल से जोड़ने की संभावना भी देखी जा सकती है । सोन नदी पर डेहरी के पास इन्द्रपुरी बराज काफी पूर्व से निर्मित है एवं इससे सोन नहर प्रणाली निकली है । इस नहर प्रणाली से अरवल जिला का पुनपुन एवं सोन नदी के बीच का भाग भी सिंचित होता है । सोन नदी पर ही अरवल जिले में पूर्व में एक बराज निर्माण की योजना है । उससे पुनपुन नदी एवं पुनपुन से मोरहर तक पानी पहुंचाने हेतु सर्वेक्षण कर डी.पी.आर. तैयार करने की आवश्यकता है ।
माननीय सभापति: चन्देश्वर जी,समाप्त कीजिए ।
श्री चन्देश्वर प्रसाद: वर्तमान में पुनपुन नदी के पंचतीर्थ स्थल से गंगहर नदी और मोरहर नदी जुड़ी हुई है । मोरहर नदी में काफी मात्रा में गाद भरा हुआ है ।
माननीय सभापति: इसमें पूरा भाषण नहीं होता है । दो मिनट में अपनी बात कह देनी चाहिए ।
श्री चन्देश्वर प्रसाद:मेरा केन्द्र सरकार से अनुरोध है कि राज्य सरकार के साथ मिलकर जहानाबाद जिला के लिए एक ऐसी विशेष कार्य योजना बनाए, जिससे जहानाबाद जिले में सिंचाई और पीने के पानी की समस्या का समाधान हो सके, धन्यवाद ।
     
*t16 Ttile: Need to expedite the payment of arrears to sugercane farmers in Uttar Pradesh and waive off their loans.
कुंवर दानिश अली (अमरोहा): सभापति महोदय, धन्यवाद । आपने मुझे एक बहुत ही महत्वपूर्ण प्रश्न उठाने का मौका दिया है । उत्तर प्रदेश के 40 लोक सभा क्षेत्रों में देश का आधा गन्ना पैदा होता है । गन्ना किसान परेशान हैं, क्योंकि चीनी मिलों पर उनका करीब 10 हजार करोड़ से ज्यादा बकाया है, जबकि सरकार ने लोक सभा चुनाव के दौरान बड़े-बड़े वादे किए थे । चौदह दिनों में पूरे   पेमेंट का वादा किया था । यू.पी. के 15 लोक सभा क्षेत्र गन्ना बैल्ट हैं । इन क्षेत्रों के 50 लाख परिवार और दो करोड़ वोटर्स इस पर आश्रित हैं । जो चीनी आपके मुंह में मिठास घोलती है वह किसानों के लिए कड़वाहट का कारण बन गई है । यू.पी. में 40 लोक सभा क्षेत्रों में गन्ने की खेती होती है । सबसे ज्यादा गन्ना उत्पादन करने वाले प्रदेश के इस हिस्से को गन्ना बैल्ट कहते है । इसमें सहारनपुर,कैराना, मुजफ्फरनगर,शामली, बिजनौर,नगीना, बागपत,मेरठ, गाजियाबाद,मुरादाबाद,पीलीभीत, खीरी, शाहजहांपुर,सीतापुर और मेरे संसदीय क्षेत्र अमरोहा में गन्ना किसानों की हालत दिन-प्रतिदिन बद से बद्तर होती जा रही है । किसान कर्ज के बोझ के तले दबा है । गन्ना लगाने की लागत करीब 42 हजार रुपये प्रति एकड़ आती है । किसान कर्ज लेकर गन्ना बोता है, इस पर ब्याज देता है । प्रधान मंत्री फसल बीमा योजना के लिए प्रीमियम भी देता है, जबकि गन्ने का भुगतान उन्हें एक-एक साल तक नहीं मिलता है ।
मेरे संसदीय क्षेत्र अमरोहा में चार बड़ी शुगर फैक्ट्रीज हैं, जिनमें से तीन प्राइवेट बड़ी शुगर फैक्ट्रीज हैं और एक सरकारी फैक्ट्री है,लेकिन सब पर किसानों का पैसा बकाया है ।
          अत:, सभापति जी, मैं आपके माध्यम से सरकार से मांग करता हूं कि गन्ना किसानों की हालत की ओर ध्यान दिया जाए और उनकी बकाया राशि जल्द से जल्द देने का कष्ट करें और उन्हें कर्ज से मुक्ति दिलाएं । धन्यवाद ।
کنوردانشعلی(امروہہ): چیرمینصاحب،آپکا بہتبہتشکریہکہ آپنے مجھےایکبہتہی اہمسوالاٹھانےکا موقعدیاہے۔اترپردیشکے 40لوکسبھاحلقوںمیںملککا آدھاگّناپیداہوتاہے۔گّناکسانپریشانہیں،کیونکہچینیملوںپر انکا قریب 10 ہزارکروڑروپےسے زیادہبقایاہے،جبکہسرکارنے لوکسبھاچناوُکے دورانبڑےبڑےوعدےکئےتھے۔چودہدنوںمیںپوریپیمینٹ کا وعدہکیاتھا۔یو۔پی۔کے 15لوکسبھاحلقےگّنابیلٹہیں۔ان علاقوںکے 50لاکھپریواراور 2 کروڑووٹرساس پرہی منحصرہیں۔جو چینیآپکے مُنہمیںمٹھاسگھولتیہے وہکسانوںکے لئےکڑواہٹکی وجہبن گیہے۔یو۔پی۔میں 40 لوکسبھاپارلیمانیحلقوںمیںگّنےکی کھیتیہوتیہے۔سب سےزیادہگّناپیداکرنےوالےپردیشکے اسحصےکو گّنابیلٹکہتےہیں۔اس میںسہارنپور،کیرانہ،مظفرنگر،شاملی،بجنور،نگینہ،باغپت،میرٹھ،غازیآباد،مرادآباد،پیلیبھیت،کھیری،شاہجہانپور،سیتاپوراورمیرےپارلیمانیحلقہامروہہمیںگّناکسانوںکی حالتدن۔بدنبد سےبدترہوتیجا رہیہے۔کسانقرضکے بوجھکے تلےدباہے۔گّنالگانےکی لاگتقریب 42 ہزارروپئےپرتیایکڑآتیہے۔         کسانقرضلے کرگنّابوتاہے،اس پربیاجدیتاہے۔پردھانمنتریفصل بیما  یوجناکے لئے  پریمیم بھی دیتاہے، جبکہ گّنےک ابھگتان  انہیںایک۔ایک۔سالتک نہیںملتاہے۔میرےاپنےپارلیمانیحلقہامروہہمیںچاربڑیشوگرفیکٹریزہیں،جن میںسے تینپرائیویٹبڑیشوگرفیکٹریزہیںاورایکسرکاریفیکٹریہے،لیکنسب پرکسانوںکا پیسہبقایاہے۔           چیرمینصاحب،اس لئےمیںآپکے ذریعہسے سرکارسے مانگکرتاہوںکہ گّناکسانوںکی حالتکی طرفدھیاندیاجائےاوران کیبقایارقمجلدسے جلددینےکی مہربانیکریںاورانہیںقرضسے نجاتدلائیں۔شکریہ                                                                                                        *t17 Title: Need to include Siliguri in West Bengal under Smart City Mission Project.
श्री राजू बिष्ट (दार्जिलिंग):सर, मैंअपने क्षेत्रका एक बहुतही महत्वपूर्णविषय आपके सामनेरखना चाहूंगा । आपसे मेरानिवेदन है किमैं अपना विषयपूरा कर पाऊं, इसलिएअगर समय थोड़ाज्यादा लगे तोजरूर दे दीजिए ।
          महोदय, दार्जिलिंगहिल्स, तराईऔर डूअर्स क्षेत्रकी जनता काएक सबसे बड़ामुद्दा है – परमानेंटपोलिटिकल सोल्यूशन । हमारी पार्टीने संकल्प पत्रमें वादा कियाहै कि इस क्षेत्रके लोगों कीलम्बित मांगका एक स्थायीराजनीतिक हलढूंढ़ा जाएगा । राष्ट्रीयसुरक्षा के परिप्रेक्ष्यसे भी इसकासमाधान कियाजाना अति आवश्यकहै । इससे सीमापार अवैध घुसपैठको रोकने मेंसहायता मिलेगीऔर भारत केसंवेदनशील ‘चिकननेक’ क्षेत्रकी सुरक्षा व्यवस्थाभी मजबूत होगी । ‍ हिल काउंसिलऔर जीटीए, जोवर्ष 2011 मेंबनी, उसकाएक्सपेरिमेंटपूरी तरह सेफेल हो चुकाहै और वह अवैधरूप से पहाड़में काम कररही है । एकस्थायी राजनीतिकसमाधान से हीइस सीमावर्तीसंवेदनशील क्षेत्रमें बेहतर शासनव्यवस्था सुनिश्चितहोगी तथा इसक्षेत्र मेंजो लोग रहतेहैं, उनकेभविष्य के बारेमें अनिश्चितताकी स्थिति समाप्तहो जाएगी ।
अत: मेराआपके माध्यमसे केन्द्रीयगृह मंत्री जीसे अनुरोध हैकि इस मुद्देसे संबंधित सभीस्टेकहोल्डर्ससे जल्द सेजल्द बातचीतशुरू की जाए । धन्यवाद ।
माननीय सभापति: *m02श्री नारणभाईकाछड़िया और *m03डॉ. किरिटपी. सोलंकीको श्री राजूबिष्ट द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है ।
     
*t18 Title: Regarding regularisation of services of Shiksha Mitra in Uttar Pradesh.
 श्री कौशल किशोर (मोहनलालगंज):सभापति महोदय,मैं आपके माध्यमसे सरकार काध्यान अनुसूचितजाति, अनुसूचितजनजाति और पिछड़ेवर्ग की बैकलागभर्ती की तरफआकर्षित करनाचाहता हूं ।
मान्यवर, 1/1/2018 तकअनुसूचित जातिके 27,499 पदखाली थे, अनुसूचितजनजाति के 12,334 पदऔर अन्य पिछड़ेवर्गों के 9,165 पदखाली पड़े हैं, जिनकीभर्ती नहीं होपाई है । भर्तीन होने की वजहसे अनुसूचितजाति, अनुसूचितजनजाति और अन्यपिछड़े वर्गोंके मेधावी छात्र, जोसर्विस के लिएभागदौड़ कर रहेहैं, उनकेअंदर बड़ी निराशापैदा हो रहीहै । इसलिए इनपदों का भराजाना अत्यंतआवश्यक है ।
मैंचाहता हूं किइसके लिए एककमेटी का गठनकिया जाए औरइस तरह का एकविधेयक संसदमें लाया जाएकि चाहे केन्द्रसरकार की सरकारी, अर्ध-सरकारीऔर स्वायत्तशासी संस्थाएंहों, चाहेराज्य सरकारके अंतर्गत आनेवाली सरकारी, अर्ध-सरकारीऔर स्वायत्तशासी संस्थाएंहों, उनसभी में अनुसूचितजाति, अनुसूचितजनजाति और अन्यपिछड़े वर्गोंकी बैकलाग भर्तीके जो पद खालीपड़े हैं, उनकेलिए यह फिक्सकर दिया जाएकि किसी वर्षमें 31 दिसम्बरतक जो भी पदखाली होते हैं, उनकोपूरा का पूराभर दिया जाए । इस तरह काएक कानून बनानेका काम किया  जाए । आपके माध्यमसे, सरकारसे मेरी यहीमांग है । धन्यवाद ।
माननीयसभापति :
*m02कुँवर पुष्पेन्द्रसिंह चन्देलको श्री कौशलकिशोर द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है ।
     
*t19 Ttile: Regarding reservation of  SCs, STs and OBCs in Private Sector.
डॉ. हिना विजयकुमार गावीत (नन्दुरबार):सभापति महोदय, आपने मुझे अत्यंत महत्वपूर्ण विषय पर बोलने का मौका दिया है, इसके लिए मैं आपको धन्यवाद देती हूं ।
          सभापति महोदय,आज देश में निजी क्षेत्र में बड़ी मात्रा में बढ़ोत्तरी हो रही है । माननीय प्रधान मंत्री जी के नेतृत्व में आज मेक इन इंडिया के तहत कई प्राइवेट कंपनीज हमारे देश में आकर इनवेस्टमेंट कर रही हैं और एक्सपैंशन भी कर रही हैं । केन्द्र सरकार ने सवर्णों को निजी क्षेत्रों में 10 प्रतिशत आरक्षण घोषित किया है । मैं एक जनजातीय क्षेत्र से सांसद हूं । आज जनजातीय क्षेत्र में एससी,एसटी, ओबीसी - सभी नौजवान अलग-अलग प्रकार की शिक्षा स्किल इंडिया के माध्यम से ले रहे हैं,लेकिन निजी क्षेत्रों में एससी, एसटी और ओबीसी के लिए कोई आरक्षण न होने के कारण, उन पर एक प्रकार से अन्याय हो रहा है ।
          मैं आपके माध्यम से सरकार से अनुरोध करती हूं कि एससी,एसटी और ओबीसी नौजवानों के लिए भी निजी क्षेत्र में आरक्षण का प्रावधान करें । धन्यवाद ।
माननीय सभापति :
*m02 श्री नारणभाईकाछड़िया और   *m03डॉ. किरिटपी. सोलंकीको डॉ.हिना विजयकुमार गावीत द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है ।
 
*t20 Title: Need to complete Vijaywada-Ranchi corridor passing through Nabarangpur Parliamentary Constituency in Odisha.
श्री रमेश चन्द्र माझी (नबरंगपुर): सभापतिमहोदय, मेरासंसदीय क्षेत्रनबरंगपुर है । हर साल जबनबरंगपुर औरमलकानगिरी जिलेमें बारिश होतीहै तो कुछ इलाकेकट-ऑफ होजाते हैं । ओडिशाके नबरंगपुरऔर मलकानगिरीजिले में दोदिन बारिश हुईहै और इसकेकारण इस सालभी कई इलाकेकट-ऑफ होचुके हैं । मलकानगिरीजिला के कालीमलाब्लॉक और पोडियाब्लॉक से भीकई इलाके कट-ऑफहो चुके हैं ।
          मेरानिवेदन है किनेशनल हाईवेविजयवाड़ा-राँचीकॉरिडोर का पार्टहै । इसलिए पोटेरूसे एमबी-64 केबीच एक ब्र‍िजबनाया जाए ।एमबी-64 सेकांगरूकोंडाके बीच एक ब्रिजबनाया जाए ।एमबी-90 सेएमबी-126 केबीच एक ब्र‍िजबनाया जाए औरएमबी-72 सेएमबी-96 केबीच में एकब्र‍िज बनायाजाए ।
          मैंनेशनल हाईवेडिपार्टमेंटके मिनिस्टरको दरख्वास्तकर रहा हूंकि इसे जल्दसे जल्द बनायाजाए । धन्यवाद ।
*t21 Title: Regarding NHAI Project in  Tripura.
श्री रेबती त्रिपुरा (त्रिपुरा पूर्व): सर, मैंआपके माध्यमसे केन्द्रीयसरकार से निवेदनकरता हूं किधर्मनगर से अगरतलानेशनल हाईवेजो वहां लाइफ-लाइनके नाम से जानीजाती है । वहांनेशनल हाईवेप्रोजैक्ट काकाम काफी दिनोंसे चल रहा है, लेकिनकाम जल्दी पूरानहीं होने केकारण वाहनोंके आवागमन मेंकाफी दिक्कतहो रही है ।इसलिए आपके माध्यमसे मेरी मांगहै कि इस प्रोजैक्टको जल्द सेजल्द पूरा कियाजाए । सर, मैंदो-तीनपॉइंट्स कहनाचाहता हूं ।
          आमबासासे अमरपुर वायागंडाछरा रोड, जोनेशनल हाईवेप्रोजैक्ट केद्वारा स्वीकृतिमिलने के बावजूदकाम शुरू नहींहुआ है । मेराआपके माध्यमसे निवेदन हैकि इस प्रोजैक्टको जल्द शुरूकराया जाए ।
माननीय सभापति: इसमेंएक ही विषयउठाया जाता है, एकही विषय उठायाजाना चाहिए ।
श्री रेबती त्रिपुरा : सर, गंडाछरासे रायसाबड़ी, रायसाबड़ीसे जतनबाड़ी वायातिर्थमुख, रोडको नेशनल हाईवेप्रोजैक्ट मेंशामिल किया जाए, जिससेतिर्थमुख, जहांपूस संक्रांतिमेला लगता हैऔर डम्बूर लेकजो पर्यटन काबहुत बड़ा क्षेत्रहै, वहांनेशनल हाईवेका काम शुरूकिया जाए । धन्यवाद ।
 
*t22 Ttile: Regarding proposal to privatise 41 Ordnance factories in country.
PROF. SOUGATA RAY (DUM DUM): Sir, I have changed my subject. Actually, the Home Ministry is not giving clearance to the different proposals sent by the West Bengal Government. In 2016, the State Government of West Bengal sent a proposal for permission under the IDR Act to take over two companies, Jessop and Dunlop. Jessop is in my Constituency. For the past three years, the Centre and the Home Ministry have not given permission. I demand that the permission be given immediately.
          Sir, in 2016, the West Bengal Assembly sent a proposal to rename West Bengal as ‘Bangla’. Three years have passed but a simple proposal requiring a Constitutional Amendment has not been accepted by the Centre. We met the hon. Prime Minister the other day and asked him what his objection can be to renaming of West Bengal as ‘Bangla’. We always say, “Abar asibo firey dhansiritir tirey, ei Banglai”. ‘Bangla’ is the name for which the Centre is not giving permission.
Through this august House, I am again pressing that the Centre should give clearance to the proposal sent by West Bengal and to the unanimous proposal from all parties to rename West Bengal as ‘Bangla’ as this is the demand of ten crore people of the State.
     
*t23 Title: Need to construct over-bridges with escalators at Railway Crossings in Etawah Parliamentary Constituency, Uttar Pradesh.
डॉ. रामशंकर कठेरिया (इटावा): सभापतिजी, मैंआपके माध्यमसे माननीय रेलमंत्री जी काध्यान आकृष्टकरना चाहता हूंकि उत्तर रेलवेमें इटावा एकबहुत पुरानाजंक्शन है ।उस स्टेशन कीहालत बहुत खराबहै । वहां लगातारसौंदर्यीकरणकी मांग होरही है । इटावामें रेलवे लाइनके एक   तरफ60परसेंटशहर का हिस्साहै । जिस तरफ60 परसेंटहिस्सा है, वहपुराना शहर है । वहां एजुकेशनके बहुत सारेसैंटर्स हैं, मार्केटहै और दूसरीतरफ 40 परसेंटहिस्से में नयाशहर है । वहांफर्रुखाबाद फाटकबंद कर दियाहै । वहां लम्बेसमय से स्वचालितसीढ़ियों की मांगहो रही है, जिससेआना-जानासुगमता से होसके । स्टेशनके दूसरी तरफरामनगर फाटकहै, वह भीबंद रहता है । वहां लम्बेसमय से ओवरब्रिज की मांगहो रही है ।वह स्वीकृत भीहो गया है, लेकिनअभी काम शुरूनहीं हुआ । रामनगरओवर ब्रिज बने, उससेपहले स्वचालितसीढ़ियां कानपुरकी तरफ बनाईजाएं, जोफर्रुखाबाद फाटकपर है । इससेवहां के लोगोंकी आने-जानेकी दिक्कत दूरहो सकेगी ।
          मैंआपके माध्यमसे माननीय रेलमंत्री जी सेअनुरोध करताहूं कि रामनगरफाटक पर ओवरब्रिज बने औरफर्रुखाबाद फाटकपर स्वचालितसीढ़ियां बनाईजाएं । इटावारेलवे स्टेशनबहुत पुरानाहै । इसकी जीर्ण-क्षीर्णहालत के सौंदर्यीकरणका काम भी कियाजाए ।
माननीय सभापति:
 
*m02कुँवर पुष्पेन्द्रसिंह चंदेल कोडॉ. रामशंकरकठेरिया द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है ।
*t24 Title: Need to take steps to declare Madurai airport as an international airport.
*SHRI S. VENKATESAN (MADURAI):  Hon.  Speaker, Vanakkam.   Madurai Airport has to be declared as an International Airport.  The statistics which I want to state here may give you a sort of shock.  If you compare with the 20 International Airports in India, the number of passengers who used Madurai airport last year is more than that of nine international airports of the country.   If you make a direct comparison with the Varanasi airport which is in our Hon. Prime Minister’s Constituency.   The number of international passengers who used this Varanasi airport last year was 1,24,950.  But the number of international passengers who used this Madurai airport last year was 254163.  That is exactly twice the number.  Similarly, Tirupati, Imphal, Port Blair and Vijayawada airports have had no international passengers during last year. Still these four airports are considered as international airports by the Union Government.  But even though the Madurai airport was used by 2.5 lakh international passengers last year, it has not been declared as international airport by the Union Government.    Why is there such a partiality?   The figures I quoted are not imaginary.  This is the statistics released by Airports Authority of India.   Madurai airport should be declared as an international airport.  This is my  humble  request.   This is a  demand of  people  belonging  to nine Parliamentary Constituencies of Tamil Nadu. I hope that Hon. Members from Tamil Nadu including …*  in the House will accept this. I urge that Madurai airport should be declared as an international airport immediately. This should be declared as an airport working 24x7, round the clock. Madurai airport should be included as per the BASA agreement. Moreover flight services should be started from Madurai to Singapore, Malaysia and UAE.
माननीय सभापति  : जिन माननीय सांसद का नाम लिया गया है, वह रिकॉर्ड से निकाल दिया जाए ।
*t25 Title: Issue regarding problems caused by breaking of ponds in Dausa Parliamentary Constituency.
श्रीमती जसकौर मीना (दौसा) : माननीयसभापति जी, मैंआपके माध्यमसे अपने संसदीयक्षेत्र का एकअति महत्वपूर्णमुद्दा उठानाचाहती हूं ।
          महोदय, 26, 27और 28 तारीखको चाकसू विधानसभा क्षेत्रमें इतनी भारीवर्षा हुई किवहां तीन बड़ेतालाब एक साथक्षतिग्रस्तहोकर टूट गए, जिससेउनका पानी गांवमें भर गया । मैं आपके माध्यमसे कहना चाहूंगीकि इनके अलावापांच और तालाबहैं, जिन्हेंमैं अपनी आंखोंसे देखकर आईहूं । मैं कलऔर आज, दोनोंदिन वहीं थी । ये पांचोंतालाब भी टूटनेवाले हैं । मैंनेजिला प्रशासनऔर राजस्थानसरकार से बातकी है । मैंआपके ध्यान मेंलाना चाहती हूंकि न तो उन्होंनेकिसानों की सुधली और न हीउन लोगों कीसुध ली, जिनकेघरों में पानीभर गया और अनाजभीग गया । जिनघरों में खानेकी व्यवस्थानहीं है, नही उनकी सुधली ।
          मैंनेजब सिंचाई विभागके कर्मचारियों, अधिकारियोंऔर जिला प्रशासनसे बात की तोउससे एक आश्चर्यजनकस्थिति सामनेआई कि ग्रामपंचायतों केपास आर्थिक व्यवस्थानहीं है । नगरपालिका का एकबहुत बड़ा तालाबजब टूटा तोनगर पालिका मेंएक चौकीदार केअलावा कोई कर्मचारीतैनात ही नहींथा । वहां सारेपद खाली हैं । वहां बीडीओभी नहीं है । ऐसी परिस्थतिमें चौकीदारया जमादार हीवहां के कामदेख रहे हैं । यह पूरा इलाकाजलमग्न है ।भीगे हुए कपड़ोंमें सैंकड़ोंमहिलाएं मेरेसामने आईं ।
          माननीयसभापति जी, वहांकिसी भी तरहकी मदद नहींपहुंच रही  है । वहां तीन लोगोंकी जानें गईहैं, दोबच्चे पानी मेंबह गए और एकबच्चा करंट लगनेसे मर गया, लेकिनइसके बावजूदप्रशासन ने इससमस्या की ओरकोई ध्यान नहींदिया है । राजस्थानसरकार ने इनबांधों और तालाबोंको सुरक्षितकरने का कोईउपाय नहीं कियाहै ।
          मैंआपके माध्यमसे यह कहनाचाहती हूं किइस गंभीर समस्यापर राजस्थानसरकार का ध्यानजाना चाहिए औरकेन्द्र सरकारका ध्यान भीइस पर जानाचाहिए । राजस्थानमें जल प्रबंधनकी अति सुंदरऔर मजबूत व्यवस्थाहोनी चाहिए, लेकिनइसकी कोई पूर्वतैयारी नहींकी गई है । वहांपूर्व में मिट्टीका एक कट्टाभी भरकर नहींरखा गया, ताकिइस आपदा सेबचा जा सके । यह बहुत गंभीरसमस्या है ।मैं इस समस्याके निदान केलिए आपका सहयोगचाहती हूं ।धन्यवाद ।
*t26 Title: Need to merge seven railway stations of Srikakulam Parliamentary Constituency  in Andhra Pradesh with Waltair division.
SHRI RAM MOHAN NAIDU KINJARAPU (SRIKAKULAM): Sir, I would like to raise a matter of urgent public importance and that is the creation of a new railway zone for the State of Andhra Pradesh. Time and again we have been demanding for this railway zone both inside and outside the House. Earlier this year, the Central Government had agreed and created a new railway zone for Andhra Pradesh under the name of South Coastal Railway Zone. But before we could feel happy that a new zone has been created, there have been further announcements from the Railway Minister himself which have led to huge disappointment and pain among the people of Andhra Pradesh especially the people of North Andhra. The Central Government has decided to take away the Waltair Division which has been there for 125 years. It is very difficult to create a new Division and the Ministry of Railways very well understands that it is equally difficult to take away an existing Division. There is no meaningful reason for taking away this Waltair Division. Like I said, it has been there for 125 years. It has been one of the most profitable Divisions in the country. It has established a great work culture which is a matter of pride for Indian Railways. So, I request the Central Government to take this demand into consideration and continue with the existing Waltair Division. The Government wants to divide the Waltair Division into two parts and merge one with Vijayawada Division and give away the other to Odisha.
19.45 hrs                       (Hon. Speaker in the Chair) If you look at the Waltair Division, it is comprised of three districts of Andhra Pradesh. The Government is trying to merge it with Vijayawada Division, which makes it a huge division comprising of six districts of Andhra Pradesh. It will be very difficult to manage, to administer, to create new infrastructure, and to handle all the employees who come under this division. Therefore, I request the Central Government again to continue the Waltair Division as it is.

Also, there are seven railway stations in the district of Srikakulam which come under the Khurda Road Division. Palasa, Mandasa, Summadevi, Baruva, Jhadupudi, Ichchpuram and Sompeta are the seven railway stations in Khurda Road Division which need to be included in the new South Coast Railway Zone. I also demand the Central Government to take this demand into        consideration and to fulfil the creation of new railway zone in full letter and spirit. That is the requirement of the people of Andhra Pradesh.

Thank you very much, Sir.

*t27 Title: Issue regarding increasing incidents of sexual assault against girls in the country.

श्रीमती सुप्रिया सदानंद सुले (बारामती):अध्यक्ष जी, मैं आज देश की बेटियों के लिए न्याय मांगने के लिए खड़ी हुई हूं । इस हफ्ते दो घटनाएं हुई हैं । एक घटना उन्नाव की है और दूसरी घटना हरियाणा की है । उन्नाव में जो घटना हुई है, मैं उसकी निंदा करती हूं । मैं सरकार को विनती करती हूं कि वह बेटी बचाओ,बेटी पढ़ाओ का नारा लगा रही है,लेकिन ग्राउण्ड रियलिटी कुछ अलग है । इसकी एक डिटेल्ड एनक्वायरी होनी चाहिए । हरियाणा में एक घटना हुई है, जो स्कूल की बच्चियां हैं,वे रोज स्कूल जाती थीं और उनके साथ छेड़छाड़ हुआ करती थी । मानेसर में उन्होंने पहले स्कूल में कहा,लेकिन कुछ नहीं हुआ । उसके बाद वे पुलिस स्टेशन गईं, फिर भी कुछ नहीं हुआ । अब वे बच्चियां हाई कोर्ट जा रही हैं । आप सोचिए उन्नाव में जो पीड़ित लड़की है,उसके फादर की सस्पीशियस डैथ भी हुई । एक उन्नाव की घटना हुई है और हरियाणा की भी घटना है । आज हर बेटी खुद को सरक्षित महसूस नहीं कर रही है ।

माननीय अध्यक्ष: ऐसा नहीं है,हर बेटी अपने आपको सुरक्षित महसूस कर रही है । ये स्टेट के विषय हैं ।

श्रीमती सुप्रिया सदानंद सुले : अध्यक्ष जी, दो बड़ी घटनाएं हुई हैं ।

*t28 Title: Issue regarding alighnment of bridge between Digha and Nayagaon in Bihar.

श्री राजीव प्रताप रूडी (सारण): अध्यक्ष महोदय, मेरे राजनीतिक जीवन का पार्लियामेंट के भीतर और विधान सभा से लेकर यहां तक 27 वां या 28 वां वर्ष है । कई बार मैं सोचता हूं कि हम लोग अपने राजनीतिक जीवन में कुछ प्रस्ताव देते हैं और कुछ बातें रखते हैं । मैं अपने सारण संसदीय क्षेत्र में जाता रहता हूं । मैं 26 साल से उस सड़क पर जा रहा हूं, उस पुल को पार कर रहा हूं, उस गांव में जा रहा हूं । इस सदन के बाकी सदस्य भी मुझे इस बात की सलाह दें कि 26-27 साल से जो व्यक्ति अपने संसदीय क्षेत्र में जाता है, क्या उसकी जानकारी जो अधिकारी साल या दो साल पहले आता है, उससे कम है या ज्यादा है? यह पीड़ा हमेशा बनी रहती है । मैं 27 साल से वहां जा रहा हूं और जो अधिकारी सचिवालय में बैठकर आता है, वह एक या डेढ़ साल के लिए आता है । व्यवस्था का यह एक ऐसा स्वरूप है, जिसमें संचिका उसके पास आती है । शायद वह मेरे जिले में कभी न गया हो, लेकिन पटना में बैठे-बैठे उसको सपना आता है कि यह काम बहुत अच्छा है और संचिका में अनुबंधित करके उसे कैबिनेट में ले जाता है और एप्रूव कराकर ले आता है । इससे वह हमारे 26 साल की इस राजनीतिक यात्रा को शून्य कर देता है । मैं समझता हूं कि यह सभी जिलों में लागू है । मैं समझता हूं कि आपको भी अपने राजनीतिक जीवन में कोटा में कोटा शहर से लेकर कोटा के गांवों तक जानकारी होगी,हो सकता है कि पहले चरण में न हो । मैं 30 साल से अपने संसदीय क्षेत्र में घूम रहा हूं और जो विषय मैं लेकर आ रहा हूं, उसमें मेरी पीड़ा कहां है । बिहार 400 किलोमीटर गंगा नदी से बंटा हुआ है, जिसे हम उत्तर बिहार और दक्षिण बिहार कहते हैं । सरकार की नीतियों के हिसाब से पूरब क्षेत्र में गंगा के ऊपर महात्मा गांधी सेतु बना । श्रीमती गांधी ने उसका उद्‌घाटन किया था । उसके बाद भागलपुर और साहेबगंज तक कई पुलों का निर्माण हुआ, जो पूरब  क्षेत्र में बिहार को उत्तर बिहार और दक्षिण बिहार से जोड़ने के लिए पर्याप्त थे । उसके पश्चात् एक रेल पुल था,जिसे अंग्रेजों ने मोकामा में बनाया था । जब राम विलास जी रेलवे मंत्री थे तो उन्होंने सोनपुर और दीघा के बीच रेल पुल की स्वीकृति दी,जिससे उसको पटना से सोनपुर तक जोड़ना था । फिर किसी अधिकारी को अच्छा लगा कि यह पुल बन गया है तो पुल के ऊपर एक सड़क चढ़ा दी जाए । उसके बाद वह पुल वापस लौटकर उल्टी दिशा में पश्चिम दिशा की तरफ चला जाता है ।

अभी बिहार सरकार ने एक पुल के लिए चार लेन की स्वीकृति दी है । मैं बिहार के मुख्य मंत्री जी का आभार व्यक्त करना चाहूंगा कि उन्होंने राज्य के खजाने से इसका निर्णय किया है । दूसरे, केन्द्र सरकार ने पश्चिम दिशा में दिघवारा-शेरपुर और सारण जिलों के बीच में एक और चार लेन का पुल दिया है । लेकिन मेरी पीड़ा इस विषय पर है और मैं इसके साथ ही अपनी बात को समाप्त करूंगा कि यह दीघा से लेकर सोनपुर तक का जो पुल है, वह व्यक्ति जो अधिकारी है,जिसने संचिका में दस्तखत किया है और जो उस क्षेत्र में कभी गया भी नहीं है, उसने वहां पर बैठे-बैठे जो अलाइनमेंट तय कर दिया है,वह पूरी तरह से गलत है । मैं हाल-फिलहाल बिहार के मुख्य मंत्री जी के साथ एक मंच पर था । हमारे क्षेत्र के एक 70 साल के बुजुर्ग राघव जी हैं, मुख्य मंत्री जी ने उनको बुलाकर पूछा कि यह अलाइनमेंट सही है या नहीं सही है? उन्होंने कहा कि पूरे राजनीतिक जीवन की लड़ाई थी कि दीघा से लेकर नयागांव के बीच में पुल निकले,लेकिन इन लोगों ने उस अलाइनमेंट को बदल दिया है ।

          अध्यक्ष महोदय,मैं आपके माध्यम से और अपने वर्षों के अनुभव से यह कहना चाहता हूं कि हम सब राजनीतिक लोग जब कोई प्रस्ताव सरकार के पास लाते हैं और जो अधिकारी उसकी जानकारी नहीं रखते हैं, तो बड़ा दुख होता है । एक बड़ा निर्णय जो हजार वर्षों तक रहेगा, उसमें उसका आक्षेप होता है । कहीं न कहीं ऐसे बड़े निर्णय जिसमें हजार-डेढ़ हजार करोड़ रुपये खर्च होते हैं, उसमें वहां के स्थानीय जन-प्रतिनिधियों का भी मंतव्य लिया जाए । मैं आपके माध्यम से बिहार सरकार से आग्रह करूंगा कि दीघा और नयागांव के बीच का जो अलाइनमेंट है, उसे ठीक किया जाए । ऐसा ही निर्णय जो कहीं-कहीं पर माननीय सांसदों के क्षेत्रों में भी होता है,उनकी भी सलाह ली जाए और उनके राजनीतिक अनुभव का लाभ उठाया जाए ।

माननीय अध्यक्ष :

 
*m02कुँवर पुष्पेन्द्रसिंह चन्देलऔर   *m03 श्री नारणभाईकाछड़िया को श्रीराजीव प्रतापरूडी द्वाराउठाए गए विषयके साथ संबद्धकरने की अनुमतिप्रदान की जातीहै ।
*t29 Ttile: Issue regarding increasing air pollution in the country.
SHRI FEROZE VARUN GANDHI (PILIBHIT): Hon. Speaker, Sir, I rise to speak on the issue of air pollution. Sir Gangaram Hospital in New Delhi conducted a survey last year where they said that 30 years ago, approximately 90 per cent of those who had lung cancer were smokers. But in the survey that they conducted last year, they found that 64 per cent of those people in our country today who have lung cancer are non-smokers. The demographics of people who today have lung cancer are completely different. Thirty-eight per cent           people in India who have lung cancer are under the age of 45 as opposed to 4 per cent of people two decades ago.
Chronic obstructive pulmonary disease which is a severe lung condition, is the second biggest killer in India after heart disease today. Rising industrial emissions, crop burning, dirty diesel, exhaust fumes and construction dust are the causes. In Delhi, there was a flagrant example of the destruction of our aerial environment with very little benefit to our economy which was the Badarpur Thermal Power Plant. It was shut down last year. It was made with technology from the 1940s from the erstwhile Soviet Union and the Czech Republic. In all developed countries, technology commissioned before 1985 has been termed obsolete because it is severely polluting and it does not produce merely enough energy. At its peak, the Badarpur Thermal Power Plant gave five per cent of Delhi’s electricity while giving 18 per cent of Delhi’s PM 2.5 particulate matter. Despite being seen as clean, the emission levels of sulphur dioxide were four times that of permissible limits of coal power plants. A population of 200,000 people lives in a six-kilometre radius near the power plant. They have 15 times higher incidents of cancer than if they lived 15 kilometres away. There are more than 400 such operational thermal power plants in India today which have 19 million people around what the Indian Government has termed as cancer circles in India. The Supreme Court has mandated retro-fitting of clean technologies. The Power Ministry has said that it will phase them out by 2022. There is no action that we have seen as yet.
When we look at what the solutions are, today the industrial plants and factories hire a third party to come and audit their factories. These auditors check pollution levels three times a year and give an audit report at the end of the year. Sir, I want to ask you, which auditor is going to speak against the factory which is signing their cheques? The Indian Government’s data states that 59 per cent factories have violated Indian pollution norms while only seven per cent have been cited.
          Sir, I would seek your protection for two minutes more.  In the case of Gujarat, they decided to do three very interesting things; no company was allowed to hire their own auditors - the Government gave them the auditors -,  no auditor was sent to the factory twice thinking that they would make a relation perhaps with the owner, and if they gave information about pollution, they were paid a bonus.  It led to a 28 per cent reduction in air pollution in one year in Ahmadabad. 
          It will be interesting to look at the fact that Germany, France, and Sweden are using ethanol-laced petrol, which is completely non-toxic and biodegradable.  It gives more output than gasoline.  Why are we not using it?  It curbs the emission of Sulphur dioxide.  Sir, it is a long topic.  I can continue with it later.
 
*m02 माननीय अध्यक्ष : आप इस मामलेपर एक बार लिखकरदीजिए । आपकाअच्छा विषय है, अगलेसत्र में कभीसमय मिलेगा तोडिबेट कराएँगे ।
SHRI FEROZE VARUN GANDHI : I will do that, Sir.
*m03 माननीय अध्यक्ष : कुँवर पुष्पेन्द्र सिंह चन्देल को श्री फिरोज़ वरुण गांधी द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है ।
       
*t30 Title: Issue regarding waiving of farmers loan in Madhya Pradesh.
श्री गणेश सिंह (सतना): माननीयअध्यक्ष महोदय, मैंआपका बहुत-बहुतआभारी हूँ किआपने एक बहुतमहत्वपूर्ण विषयको उठाने कीअनुमति दी ।मैं आपके माध्यमसे भारत सरकारका ध्यान दिलानाचाहता हूँ किमध्य प्रदेशसरकार ने जो10 दिनोंमें किसानोंकी कर्ज माफकरने का वायदाकिया था, वहमात्र घोषणारह गया । अभीवहाँ प्रदेशका जो बजट पारितहुआ है, उसमेंमात्र 8 हजारकरोड़ रुपये कृषिविभाग को दिएगए, जबकिपूरे प्रदेशके किसानों काकर्जा दो लाखरुपये तक माफकरने की बातकही गई थी औरउसके लिए 45 हजारकरोड़ रुपयेकी जरूरत थी । यह किसानोंके साथ एक बड़ाधोखा साबित हुआ । बेरोजगार युवओंको बेरोजगारीभत्ता देने कीबात कही गईथी, उससेभी प्रदेश सरकारपूरी तरह सेमुकर गई । यहभी करोड़ों युवाओंके साथ धोखाकिया गया । गरीबोंतथा किसानोंके कल्याण केलिए पूर्ववर्तीभाजपा की सरकारने जो योजनाएँचला रखी थीं, उन्हेंएक-एक करकेसब को बंद करदिया गया । प्रदेशसरकार पहले दिनसे ही मात्रस्थानांतरण उद्योगचला रही है । सुबह ट्रांसफरहोता है, शामको निरस्त होजाता है । यहखेल जिले सेलेकर राजधानीतक चल रहा है । कर्मचारियोंका स्थानांतरणतो हो ही रहाहै, इन दिनोंपूरे देश कीमीडिया में एकचर्चा का विषयहै कि 46 कुत्तोंका स्थानांतरणकिया गया है । मध्य प्रदेशसरकार ने कुत्तोंका ट्रांसफरकिया है औरयह पूरे देशकी मीडिया मेंछाया हुआ है । मध्य प्रदेशकी सरकार पूरीतरह से विफलहो चुकी है ।…(व्यवधान)
माननीय अध्यक्ष :
*m02कुँवर पुष्पेन्द्र सिंह चन्देल को श्री गणेश सिंह द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है ।
*t31 Title: Need to extend Chennai-Bengaluru industrial corridor to Kochi via Coimbator.
SHRI BENNY BEHANAN (CHALAKUDY): Thank you, Speaker, Sir.  My submission, through you, to the august House is with regard to the extension of Chennai-Bengaluru Industrial Corridor to Kochi via Coimbatore.
          Presently, the Government of India is developing five industrial corridors in the country; namely, Delhi-Mumbai Industrial Corridor, Chennai-Bengaluru Industrial Corridor, Bengaluru-Mumbai Economic Corridor, Amritsar-Kolkata Industrial Corridor, and East Coast Economic Corridor.  Development of the Chennai-Bengaluru Industrial Corridor is progressing with the completion of the master plan for the identified nodes along the KCIC.
          The Government of Kerala had requested the Government of India to take up the proposal of Kochi-Coimbatore Industrial corridor.  In response, the Union Minister directed the State Government to submit a proposal to the National Industrial Corridor Development and Implementation Trust.  A report on the Kochi-Bengaluru Industrial Corridor prepared by the KSIDC, the nodal agency, was submitted to the NICDIT.  The approval of the Corridor is to be accorded by the NICDIT, Government of India.
          The GAIL pipeline, which was held up, is now getting completed in this area.  To leverage optimally and promote use of natural gas as industrial fuel and feedstock in industries, it is desirable to develop an industrial corridor with all requisite basic infrastructure.
20.00 hrs This would promote pollution-free industrialisation and would generate jobs.

Therefore, I would urge upon the Government to take steps for the extension of Chennai – Bengaluru Industrial Corridor to Kochi via Coimbatore.

माननीय अध्यक्ष : श्रीमतीज्योत्स्ना चरणदासमहंत ।

          मैंसभी माननीय सदस्योंसे कहना चाहताहूँ कि आपकाविषय लंबा होगा, तोमैं समझ जाऊँगा, बाकीविषय ही ऐसाहो, तो उसेलंबा न खीचें, एक-एकमिनट में अपनीबात कह दें ।

सभीमाननीय सदस्य, मेरीइस बात से सहमतहोंगे ।

श्री एंटो एन्टोनी (पथनमथीट्टा):सर, दो-दो मिनट का समय दे दीजिए ।

 

*t32 Title: Need to increase coverage of Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana.

श्रीमती ज्योत्स्ना चरणदास महंत (कोरबा):महोदय, आपनेमुझे जीरो ऑवरमें बोलने कासमय दिया, इसकेलिए आपका धन्यवाद ।

          प्रधानमंत्री फसल बीमायोजना के संदर्भमें मैं बहुतज्यादा आंकड़ेऔर तर्क प्रस्तुतनहीं करना चाहतीहूँ । मैं केवलइतना कहना चाहतीहूँ कि यह बहुतसामान्य सी बातहै कि किसानभाइयों की बीमाके प्रीमियमकी राशि बैंकोंके माध्यम सेकाट ली जातीहै । राशि काटनातो ठीक है, परंतुइसके साथ शासनयह भी व्यवस्थासुनिश्चित करेकि हमारे किसानभाइयों को बीमाके भुगतान कीराशि के विषयमें अगर कोईभी जानकारी प्राप्तकरनी हो, तोउन्हें यह जानकारीउनके अपने बैंकके माध्यम सेही सुनिश्चितहो । एक बहुतबड़ी समस्या यहहै कि जब हमारेकिसान भाई अपनीबीमा राशि केविषय में बैंकसे संपर्क करतेहैं, तोउन्हें यह उत्तरमिलता है किबीमा के विषयमें वे कुछनहीं जानते हैं ।

          मेराआपसे अनुरोधहै कि बीमाराशि के विषयमें जो भी जानकारीवे प्राप्त करनाचाहें, वहजानकारी सरकारउन्हें दे ।किसान की फसलके बीमा कीप्रीमियम राशिबैंक से काटीजाती है, लेकिनउसे ठीक तरहसे यह भी पतानहीं होता हैकि उसका बीमाकिस कंपनी सेहुआ है और वहअपने बीमा केविषय में जानकारीके लिए किससेसंपर्क करे । यह उनके लिएएक समस्या है । योजना की व्यवस्थाजनित जो येखामियाँ हैं, उनकोदूर किया जानाअति आवश्यक है ।

          महोदय, मेरायह भी अनुरोधहै कि प्रधानमंत्री फसल बीमायोजना में केवलप्रकृति जनितआपदाओं को शामिलकिया गया है । इसमें व्यक्तिजनित आपदाओंको भी शामिलकिया जाना चाहिए, जैसेकि चोरी होना, आगलगना आदि, क्योंकिआपदा आखिर आपदाहै, चाहेवह व्यक्ति जनितहो या प्रकृतिजनित । मेरायह मानना हैकि किसानों कोउनकी फसल कीक्षति राशि काबीमा वास्तविकरूप से मिलनाचाहिए । धन्यवाद ।

*t33 Title: Issue regarding enhancement of licence fees of the fishing mechanised boats in Kerala.

SHRI M. K. RAGHAVAN (KOZHIKODE): Thank you, hon. Speaker, Sir.

          I wish to raise a very important issue related to the enhancement of licence fees on fishing merchants’ mechanised boats by the Government of Kerala recently.

          The Government of Kerala has increased the licence fee of the fishing mechanised boats to Rs.52,000 per annum from Rs.5,000, which is ten times the existing fee and a fee for violation of fishing norms has also been increased to Rs. 3 lakh. Similarly, smaller boats are now charged Rs. 21,000 per annum from Rs. 2,000. This is happening when other coastal States are collecting only Rs.500 as a fee.

          Therefore, the State Government’s  policy has adversely affected the fishing sector of Kerala.

          The fishing industry which provides one per cent of the GDP, is now in deep trouble with the depleting marine resources and increasing input costs.

          Therefore, I urge upon the Government to intervene immediately and ensure that the status quo is maintained and all the necessary help should be extended to this industry in the State, especially keeping in view that the fishermen community is one of the most unsecured sections, both financially and employment-wise. Thank you, Sir.

 *t34 Title: Need to give compensation to farmers whose crops got damaged due to heavy rains in Sikar Parliamentary Constituency, Rajasthan.

श्री सुमेधानन्द सरस्वती (सीकर): महोदय,मैं एक बहुत ही महत्वपूर्ण विषय आपके सामने उपस्थित कर रहा हूँ । अभी चार-पाँच दिन पहले मेरे लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र सीकर में अचानक बहुत भारी बारिश हुई और उसमें नदी-नाले अचानक बहे । बहुत सारे लोग इस प्रकार के थे, जो खेतों में काम कर रहे थे या पशु चरा रहे थे । नदी, नाले में बहकर चार व्यक्तियों की मृत्यु हो गई । एक व्यक्ति की मृत्यु दीवार गिरने के कारण हुई । बहुत सारे लोगों की फसलें पानी में बही हैं । मैं स्वयं लगातार दो दिन अपने लोक सभा क्षेत्र में जाकर लोगों से मिलकर आया हूँ । जिन पाँच व्यक्तियों की मृत्यु हुई है, मैं उन पाँचों व्यक्तियों के परिवार वालों के पास गया हूँ । वे पाँचों बहुत ही गरीब आदमी हैं । एक व्यक्ति की तो ऐसी स्थिति थी कि जब मैं उसके घर गया, तो उसके परिवार के पास खाने के लिए अनाज नहीं था । मैंने लोगों से कहकर उनके लिए व्यवस्था कराई ।

          महोदय, मेरा आपके माध्यम से भारत सरकार से निवेदन है कि वह इस प्रकार के गरीब किसान लोगों को मदद करे और जिनकी फसल खराब हुई है,उनको भी मुआवजा देने का कष्ट करे । धन्यवाद ।

*t35 Title: Regarding atrocities on Hindus in Pakistan.

श्री शंकर लालवानी (इन्दौर): महोदय, आपने मुझे जीरो ऑवर में बोलने का समय दिया, इसके लिए आपका धन्यवाद । मैं आपका ध्यान एक बहुत ही महत्वपूर्ण विषय की तरफ दिलाना चाहता हूँ । इन दिनों पाकिस्तान में हिन्दू समाज के ऊपर बहुत अत्याचार हो रहा है । 9 अप्रैल, 1950 में नेहरू-लियाकत समझौता हुआ था,उस समझौते में इंडो-पाकिस्तान एग्रीमेंट के तहत दोनों देशों की माइनोरिटी की जान-माल की रक्षा,पूजा-पाठ,धर्म की स्वतंत्रता आदि बातों का जिक्र है ।

लेकिन, बड़े दु:ख के साथ यह कहना पड़ रहा है कि हमारे यहां तो माइनॉरिटी के लोग अच्छी तरह से पूजा कर रहे हैं, सड़कों पर नमाज़ पढ़ रहे हैं, लेकिन पाकिस्तान में मन्दिर, गुरुद्वारे तोड़े जा रहे हैं । यही नहीं, लूट-खसोट की जा रही है, किडनैप कर हत्या की जा रही है । अभी हाल ही में हमने यह देखा कि किस प्रकार बालिकाओं का धर्म परिवर्तन किया जा रहा है और वे डंके की चोट पर कहते हैं कि हम उनका धर्म परिवर्तन करेंगे । 50 से ज्यादा हिन्दू लड़कियों का धर्म परिवर्तन इसी माह किया गया है । वहां का पूरा हिन्दू समाज बहुत आक्रोशित है और उनका पूरा ध्यान भारत की तरफ और मोदी जी की सरकार की तरफ है ।

          महोदय, मैं आपके माध्यम से सरकार का ध्यान इस ओर दिलाना चाहता हूं कि इस मुद्दे को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उठाएं । जो नेहरू-लियाकत समझौता हुआ था, उसका पालन कराने के लिए सरकार कड़े कदम उठाए ।

माननीय अध्यक्ष: जोमाननीय सदस्यअपने को संबद्धकरना चाहते हैं, वेलिख कर दे दें ।

…( व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष:

*m02श्री जगदम्बिकापाल, *m03श्री अजय कुमार, *m04श्री बिद्युतबरन महतो, *m05श्री संजयसेठ, *m06श्री अनुरागशर्मा, *m07श्री अनिलफिरोजिया, *m08श्री राजेन्द्रअग्रवाल, *m09श्री गणेशसिंह, *m10डॉ. संजयजायसवाल, *m11डॉ. सत्यपालसिंह, *m12श्री सुमेधानन्दसरस्वती एवं *m13श्री हनुमानबेनीवाल को श्री शंकर लालवानी द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है ।
*t36 Title: Issue regarding irregular detention of 34 students in KUS-1, Tripati, Andhra Pradesh.
SHRI BALLI DURGA PRASAD RAO (TIRUPATI):  Sir, I would like to thank you for giving me this opportunity to express my views on the issue of irregular detention of 44 students in KVS-1, Tirupati, Andhra Pradesh which is my Parliamentary Constituency. 
          Sir, coming to the issue, a total of 134 students are studying in 9th class in this KVS.  A total of 35 students out of 134 students have passed in all subjects except science.  A supplementary examination was conducted in the month of April, 2019, but only one student passed and the remaining 34 students failed again which is very surprising to me.  I came to know from the parents of the students and others that these students are very bright.  They have failed only in one subject, i.e., science. 
          In this regard, parents met the teacher, the principal and the officers concerned of the KV.  But all of them have given a very intelligent advice of joining some other school.  This issue appeared in the local newspaper also.  I am concerned about these 34 students who are future generation of our country.  Some one from them may become our country’s great scientist or a missileman of India like Shri Abdul Kalam Ji. 
          Our Government is putting in its best efforts to increase the literacy percentage in the country through various schemes.  I approached all the concerned and have also given letters to the Ministry concerned but so far no action has been taken.  I would request for your kind intervention so that this issue is solved as early as possible.
माननीय अध्यक्ष: श्रीजगदम्बिका पालजी ।
जगदम्बिकापाल जी रोजबोलने वाले लोगोंमें हैं ।
*t37 Title: Need to start helicopter service of Pawan Hans Limited in Budh circuit Civil Aviation Pilgrimage.
श्री जगदम्बिका पाल (डुमरियागंज):माननीय अध्यक्षमहोदय, मुझेलगता है किइसीलिए मुझेअवसर नहीं मिलरहा है । आपकोयाद होगा, पिछलेदिनों जब आपइस चेयर परथे, मुझेआपने बोलने केलिए कहा था, लेकिनमुझे अवसर मिलानहीं था । आजआपने मुझे बोलनेका अवसर दिया, इसकेलिए आपको धन्यवाद ।
          अध्यक्षमहोदय,  हमारीसरकार ने बौद्धसर्किट की प्राथमिकताको सर्वोच्चस्तर पर निर्धारितकिया था । आजबौद्ध धर्म कोमानने वाले दुनियाके तमाम देशोंके लोग बौद्धधर्म के स्थलोंपर आते हैं । सौभाग्य से, उत्तरप्रदेश में चारस्थल हैं - सारनाथ, कुशीनगर, कपिलवस्तु, जोगौतम बुद्ध काजन्म स्थान हैऔर जो सिद्धार्थनगरजनपद में है, औरश्रावस्ती । येबौद्ध सर्किटमें हैं । चाहेजापान हो, इंडोनेशियाहो, थाइलैंडहो, सिंगापुरहो, हांगकांगहो, इन सारेराष्ट्रों सेलोग यहां आतेहैं । यहां कोईपवन हंस कीहेलिकॉप्टर सर्विसया अन्य कोईहेलिकॉप्टर सर्विसके न होने केकारण वे अपनीयात्रा वाराणसीके पास सारनाथसे शुरू करतेहैं ।
डॉ. संजय जायसवाल (पश्चिम चम्पारण):आप मांग कीजिएकि कुशीनगर एयरपोर्टचालू करें ।
श्री जगदम्बिका पाल: महोदय, हमारेचीफ व्हिप साहबबिल्कुल ठीककह रहे हैंकि कुशीनगर एयरपोर्टचालू हो जाएऔर उसे बोधगयाके साथ भी जोड़दिया जाए । एकबौद्ध सर्किटको कम से कमसारनाथ-बोधगया-कुशीनगर-कपिलवस्तु-श्रावस्तीके साथ जोड़ाजाए । आप जानतेहैं कि आज दुनियामें बौद्ध धर्मको मानने वालेसर्वाधिक राष्ट्रोंके लोग हैं । ‘बुद्धम्शरणम् गच्छामि’ और ‘धम्मम्शरणम् गच्छामि’, ‘संघम् शरणम्गच्छामि’ औरइस बौद्ध धर्मके प्रवर्तकऔर उसको माननेवाले लोगों सेहमें केवल पर्यटनकी दृष्टि सेही नहीं देखनाहै, बल्किइससे राजस्वकी भी आमदनीहोगी । पर्यटनकी दृष्टि सेभी हमारे देशमें एक बौद्धसर्किट की सर्वोच्चप्राथमिकता है । मैं आपके माध्यमसे यह चाहताहूं कि केन्द्रसरकार इस सर्किटपर पवन हंसकी हेलिकॉप्टरसर्विस को उपलब्धकराए ।
          धन्यवाद ।
माननीय अध्यक्ष:
*m02 कुँवरपुष्पेन्द्रसिंह चन्देलको श्री जगदम्बिका पाल द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है ।
   
*t38 Title: Need to take steps for the welfare of people in Laddakh Parliamentary Constituency.
श्री जामयांग शेरिंग नामग्याल (लद्दाख):  अध्यक्ष महोदय, आपने मुझे शून्य काल में बोलने के लिए मौका दिया, इसके लिए मैं आपका धन्यवाद करता हूं ।
महोदय, हम सभी लोग 26 तारीख को कारगिल विजय दिवस की 20वीं एनिवर्सरी बड़े गर्व के साथ मना रहे थे । उसके दो दिन बीतने के बाद आज मैं अपनी कंस्टि्टुएन्सी होकर आया हूं ।  हम सभी को भारतीय सेना पर गर्व है, जिन्होंने यह विजय प्राप्त की थी । पूरे देशवासियों के साथ-साथ हमारे लद्दाखवासी भी उनको सलाम करते हैं ।
          अध्यक्ष महोदय,मैं आपके माध्यम से सरकार का ध्यान आकर्षित करना चाहता हूं कि जिस कारगिल युद्ध में भारतीय सेना ने विजेता प्राप्त किया था,उसमें हमारे सिविलियन का भी काफी कंट्रीब्यूशन था, इसलिए उनको भी रेकग्नाइज़ किया जाए । मैं आपकी अनुमति से इस विषय पर एक मिनट बोलना चाहूंगा । गारखोन गांव का रहने वाला ताशी नामग्याल वह शख्स है, जिन्होंने भारतीय सेना को इनफॉर्मेशन देकर देश के प्रति अपनी ड्यूटी निभाई थी । आज ताशी नामग्याल के गांव सहित आसपास के जो क्षेत्र युद्ध प्रभावित हैं, वहां किसी प्रकार का विकास कार्य नहीं होने के कारण गंभीर संकट से गुजर रहा है । महोदय, उसके बारे में मैं संक्षेप में बोलना चाहूंगा । वर्ष 1999 के वार में हमारे सिविलियन लोगों ने वालंटियर के रूप में सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर वार में पार्टिसिपेट किया था । वही सिविलियन लोग आर्मी में पोर्टर के तौर पर रिक्रूट होते थे, लेकिन आज वह काम नहीं हो रहा है । उनके बारे में ऐसा कहा जाता है कि आपकी आयु 45 वर्ष से ऊपर है और आपका कद छोटा है । उस वक्त इन सारी चीजों को नहीं देखा गया था कि आपकी आयु कितनी है ।  उस वक्त हमें यह भी पता नहीं था कि हमारे वालंटियर वापिस जिंदा आएंगे या नहीं आएंगे,लेकिन आज उनकी कैटेगरी देखी जा रही है, जो बड़े ही दुर्भाग्य की बात है । उस वक्त जो वार हो रहा था,हमारे ट्रांसपोर्टर के पास जो बस तथा ट्रक अवेलेबल होता था, उसको उन्होंने देश के प्रति समर्पित किया था । उनको यह पता नहीं था कि वह घड़ी वापस आएगी या नहीं आएगी,किराया भी मिलेगा या नहीं मिलेगा,लेकिन आज उनको कैटेगराइज़ किया जा रहा है । उनसे कहा जाता है कि आपका विन्‍टेज 15 साल से ज्यादा समय का हो गया है, इसलिए हम उसको नहीं लेंगे । हम बाहर से बड़े ट्रांसपोर्ट वाले का विन्टेज लाएंगे । जिनके पास 200-300 ट्रक होते हैं । हमारे ट्रांसपोर्टर का जो ट्रक होता है, वह केवल रोजी-रोटी कमाने का साधन होता है,लेकिन आज उनको एक्सेप्ट नहीं किया जा रहा है ।
          महोदय, इसके साथ ही मैं आपका ध्यान आकर्षित करना चाहूंगा कि उस वक्त जो युद्ध हो रहा था, उसमें हमारी माताओं-बहनों ने भी कंट्रीब्यूट किया था । उनके घर में जो मैटेरियल अवेलेबल था, जैसे सत्तू के आटे से बनी हुई जो रोटी या ब्रेड थी, उसके माध्यम से भी हमारे वालंटियर्स ने कंट्रीब्यूट किया था । आज हमारे फार्मर्स सफर कर रहे हैं । उनको कहा जाता है कि आपके आलू का साइज छोटा है, प्याज का साइज छोटा है,गाजर का साइज छोटा है, आपकी फसलों का साइज ऑफ स्पेसिफिकेशन नहीं है ।
माननीय अध्यक्ष: बहुत अच्छा विषय है । आप कोई अच्छा विषय जरूर बोलिए ।
श्री जामयांग शेरिंग नामग्याल:  अध्यक्ष महोदय, मैं अपनी बात जरूर समाप्त करना चाहूंगा । आज उनके फसलों का साइज ऑफ स्पेसिफिकेशन ढूंढा जा रहा है । मैं आपके माध्यम से जानना चाहूंगा,क्योंकि वह क्षेत्र हाई अल्टिट्यूड तथा बर्फीला है । हम उस एरिया में दिल्ली और मुम्बई की तरह कहां से इतने बड़े-बड़े आलू का उत्पादन करेंगे? हाई अल्टीट्यूड में जो उत्पादन होता है, उसका न्यूट्रीशन वैल्यू भी होता है और वह ऑर्गेनिक भी होता है । इसके लिए मैं आपके माध्यम से माननीय गृह मंत्री जी से भी रिक्वेस्ट करना चाहूंगा, क्योंकि यह केवल उन ट्रांसपोर्टर्स,सिविलियन तथा फार्मर्स की इनकम के लिए ही नहीं,बल्कि देश की सीमा सुरक्षा और बॉर्डर एरिया के निवासियों का भरोसा कायम करने के लिए बहुत जरूरी है,इसलिए इन सारी चीजों को कंसिडर किया जाए ।
          अध्यक्ष महोदय,जिस ताशी नामग्याल का मैंने नाम लिया,उसने देश के प्रति अपना कर्तव्य निभाया था । उस ताशी नामग्याल को भारत के राष्ट्रीय लेवल पर रेकग्नाइजेशन मिलना चाहिए,ताकि जो लोग बॉर्डर पर देश के प्रति अपना कर्तव्य निभाते हैं, उनकी हौसला-अफजाई हो सके । साथ ही साथ मैं यह भी कहना चाहता हूं कि ताशी नामग्याल के गांव के साथ-साथ बॉर्डर एरिया के किसी भी गांव में अभी तक टेलीकम्यूनिकेशन की सुविधा नहीं पहुंची है । यह बड़े दुर्भाग्य की बात है कि उस युद्ध में जो स्कूल्स प्रभावित हुए थे,अभी तक उनका रेस्टोरेशन नहीं हुआ है । वहां के लोग आज भी ड्रिंकिंग वाटर के लिए तड़प रहे हैं । आज मैं अपने आप से यह सवाल पूछता हूं कि क्या वाकई हम विजय दिवस मना रहे हैं?
मैं अपने आप से सवाल पूछता हूं कि क्या हम वाकई विजय दिवस मना रहे हैं? यह सवाल मेरा अपने आपसे है । मैं न किसी के पक्ष में बोलूंगा और न ही विपक्ष में बोलूंगा । ग्राउंड रियलिटी को लेकर आज मैं इस सदन में निष्पक्ष भाव से बोल रहा हूं । हम उस एरिया के डेवलपमेंट को देखें तो क्या हम वाकई विजय दिवस मना रहे हैं? एक बार फिर से वंदे मातरम । हमारी भारतीय सेना को एक बार फिर से सेल्यूट करते हुए, मुझे मौका देने के लिए फिर से आपको धन्यवाद देता हूं । भव‍िष्य में भी अगर देश को जरूरत पड़े,तो हमारे लद्दाखवासी तन, मन और धन बिना पूछे देश को समर्पित करने के लिए तैयार हैं ।
          महोदय, एक महत्वपूर्ण विषय और है । हमारे यहां फार्मर्स की 4 से 8 कनाल की छोटी-मोटी खेती होती है । जब युद्ध हुआ,तब वहां सेना के टैंक लाए गए,गड्ढा खोदा गया,तो उस वक्त हमने कोई ऑब्जेक्शन नहीं किया, क्योंकि देश संकट में था, देश को उस समय जरूरत थी । वार खत्म होने के 20 साल बीतने के बाद आज भी हमारे फार्मर्स के खेत वापस नहीं किए गए हैं ।
          मेरा भारत सरकार से विनम्रतापूर्वक निवेदन है कि हमारे यहां के फार्मर्स के खेत वापस किए जाएं और हमारे किसानों की इनकम को ध्यान दें ।
माननीय अध्यक्ष :
 
*m02कुँवर पुष्पेन्द्रसिंह चन्देलऔर   *m03श्री भर्तृहरिमहताब को श्रीजामयांग शेरिंग नामग्यालद्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है ।
     
*t39 Title: Issue regarding Guru Granth Sahib.
 श्री रवनीत सिंह (लुधियाना):स्पीकर सर,आज आपने मुझेटाइम से पहलेटर्न दी है,इसके लिए मैंआपका आभारी हूं,क्योंकि आमतौर पर जब लेटहोता है, तभी मौका देतेहैं । आज मैंजो मुद्दा उठानेजा रहा हूं,वह मुद्दानहीं है । गुरुग्रंथ साहब जी,उनको माननेवाले हम जैसेलोग, उसेलिविंग गॉड मानतेहैं, वह हमारेलिए जिंदा ग्रंथहै । सर, यहआपको भी पताहै, सारेदेश को पताहै कि 1 जून,को गांव बुद्धजवाहरसिंहवालासे गुरु ग्रंथसाहब चोरी हुआ । मैं वर्ष 2015की बात बतारहा हूं । उसकेबाद 25 सितम्बरबरगाडी में सैक्रीलेजके पोस्टर्सलग गए कि हमगुरु ग्रंथ साहबको इस दिन इसकेअंगों को यहांपर फेकेंगे,आप अगर रोकसकते हो, तो रोक लो । उस सरकार कोउन्होंने चैलेंजकिया । ये एकडेरे के लोगथे । इसमें एफआईआर117 दर्ज हुई । 12 अक्टूबरको जो उन्होंनेडेट दी थी,उन्होंने कहाथा कि 12 अक्टूबरको गुरु केअंग हम यहांपर फेकेंगे,तो उसी तरीकेसे उन्होंनेवे अंग बरगाडीमें वहां कीगली-गली मेंफेके । एफआईआर128 वहां परदर्ज हुई । इसकेबाद सिखों काबहुत बड़ा रोषहुआ । उस टाइमपर अकाली दल,बीजेपी कीसरकार थी, उसने सीबीआईको यह केस रेफरकर दिया । अबनवंबर, 2015 का केस ट्रांसफरहुआ है । इसकेऊपर 3 एसआईटीबनीं । एक अकालीदल, बीजेपीके टाइम की,एक एसआईटीअब बनी, जोडीआईजी रणवीरसिंह खटरा केअंडर में है । जब ये एफआईआरदर्ज हुईं,एक एफआईआरउस दिन दर्जहुई । जिस दिनउन्होंने यहबीड़ साहब कीचोरी की, एक दिन जब उन्होंनेअंग फेकें,सीबीआई नेतीनों एफआईआरक्लब करके यहकेस शुरू करदिया । इस केसमें बिट्टू,सनी और शक्तिसिंह, तीनलोग वर्ष 2015में पकड़े गए । …(व्यवधान)
सर, मैं मुद्दे पर आ रहा हूं । वर्ष 2015 में ये तीनों एफआईआर क्लब करके सीबीआई ने तीनों को एसआईटी की मदद से पकड़ लिया । ज्वाइंट इनवेस्टिगेशन हुई तो तीनों ने कोर्ट के सामने यह माना कि बीड़ साहब हमने चुराई,हमने ये पोस्टर लगाए, हमने ये बीड़ साहब के अंग फेकें । अब क्या हुआ? सबसे खतरनाक बात, आप हैरान होंगे कि 4 जुलाई को सीबीआई ने क्लोज़र रिपोर्ट जारी कर दिया  कि  इस  केस  में  कुछ  नहीं  मिला । पंजाब  की  सरकार  बदल  गई । डीजीपी बदलना पड़ गया । उस टाइम इलेक्शन्स थे । …(व्यवधान)जब सीबीआई ने केस वापस मांगा था, तब तो दिया नहीं ।…(व्यवधान)सर, एक मिनट दीजिए । यह गुरु ग्रंथ साहब का मामला है । …(व्यवधान)       
अब क्या हुआ, बिट्टु सबसे बड़ा कलप्रिट था । सबसे बड़ी जेल नाभा में महेन्द्र पाल बिट्टु 22 तारीख को जेल के अंदर मारा गया,जो हाई सिक्युरिटी जेल है । उस समय भी इलेक्शन था,अब भी राजनीति हो रही है । हरियाणा में इलेक्शन है । गुरुग्रंथ साहिब के नाम पर आप पंजाब और हरियाणा में वोट लेंगे । 
*t40 Title : Issue regarding recent political developments in Jammu & Kashmir.
श्री हसनैन मसूदी (अनन्तनाग): अध्यक्षमहोदय, गंभीरऔर तपशीसनाकमामले को उठानेके लिए मैंआपका शुक्रगुजारहूं । अमरनाथयात्रा बड़े अमनके साथ चल रहीहै, साढ़ेतीन लाख यात्रीदर्शन के बादवापस आ रहेहैं और बड़ीतादाद में टूरिस्टजा रहे हैं । सरकार की तरफसे अचानक यहऐलान हुआ किकोई सौ कंपनियांमजीद सिक्युरिटीफोर्सेज कश्मीरभेजी जा रहीहैं । यही नहींहुआ बल्कि यहभी एडवाइजरीऐलान हुई किचार महीने केलिए राशन स्टोरकीजिए, ड्रिकिंगवॉटर स्टोर कीजिए । इससे तशवीशफैल गई है, सारेअवाम में पैनिकफैल गया है । कोई जवाज़ नहींहै । …(व्यवधान)
   
*t41 Title: Issue regarding naming tiger reserve extended from Satara-Tapola to Chandoli in the name of chief of Shiv Sena Party.
श्री राहुल रमेश शेवाले (मुम्बई दक्षिण-मध्य): अध्यक्षमहोदय, आपनेमुझे महत्वपूर्णविषय पर बोलनेका मौका दिया, धन्यवाद । आज इंटरनेशनलटाइगर डे है । आज ही के दिनमाननीय प्रधानमंत्री जी नेऑल इंडिया टाइगरऐस्टिमेशन-2018 रिलीजकिया है । हमारेदेश में टाइगर्सकी संख्या तीनहजार के करीबहै । सेंटपिट्सबर्गमें निर्णय लियागया था कि टाइगर्सकी संख्या डबलकी जाए । भारतने 2022 केपहले ही टाइगर्सकी संख्या डबलकर ली है ।
          मैंमाननीय प्रधानमंत्री और माननीयमंत्री जी काअभिनंदन करताहूं । महाराष्ट्रमें भी नेशनलटाइगर रिजर्वहै । महाराष्ट्रमें सतारा-तापोलाऔर चंदौली तकफैला एक टाइगररिजर्व है जोसतारा, सांगली, रत्नागिरीऔर कोल्हापुरके चार डिस्ट्रिक्ट्समें आता है । माननीय हिन्दूहृदय सम्राटशिव सेना प्रमुखजी भी टाइगरके संरक्षण औरसंख्या बढ़ानेमें दिलचस्पीलेते थे । माननीयशिव सेना प्रमुखउद्धव जी भीटाइगर रिजर्वेशनके लिए कामकर रहे हैं ।
          मैंआपके माध्यमसे सरकार सेअनुरोध करताहूं कि तापोलासे चन्दौली तकफैले टाइगर रिजर्वको माननीय हिन्दूहृदय सम्राटशिव सेना प्रमुखटाइगर रिजर्वका नाम दियाजाए, जोइनके ही क्षेत्रमें है ।
माननीय अध्यक्ष :
*m02श्रीरंग आप्पा बारणे और *m03डॉ श्रीकांत एकनाथ शिंदे को श्री राहुल रमेशशेवाले द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है ।
*t42 Title: Need to take steps to maintain ponds.
श्री भागीरथ चौधरी (अजमेर): अध्यक्ष महोदय, मैं आपका धन्यवाद करता हूं कि आपने मुझे किसानों की एक-दो ज्वलंत समस्याओं के बारे में बोलने का मौका दिया । मैं गांव और किसान की बात करना चाहूंगा । यह बहुत ही ज्वलंत समस्या है । सबसे बड़ी समस्या है,आज पूरे राजस्थान में जो तालाब को ग्राम पंचायत को हैंडओवर कर दिया है, ग्राम पंचायत कह रही है कि हमारे पास फंड नहीं है इसलिए तलाबों में पानी नहीं जा रहा है । पानी के सारे आवक अवरुद्ध हो गए हैं । अभी सीकर के एमपी साहब कह रहे थे कि भयंकर बारिश हुई । इससे भी गई गुना ज्यादा बारिश होती थी । परंतु दुर्भाग्य है कि प्रकृति से इतनी छेड़खानी कर दी गई, इसलिए अब पानी के आवक के सारे रास्ते अवरुद्ध हो गए हैं इस वजह से बाढ़ आ रही है । आज तालाबों की रखरखाव हो जाए तो किसान के लिए बहुत बड़ा वरदान साबित हो जागा ।
          किसानों की सबसे बड़ी समस्या लवारिस पशु और जंगली पशु है । वह किसान की फसल को बर्बाद कर रहा है । चाहे गर्मी हो, चाहे वर्षा या चाहे सर्दी हो, किसान को रात को पहरा देना पड़ता है । पशु उनकी फसल को पशु चौपट कर देते हैं ।
मेरा आपके माध्यम से जलशक्ति मंत्री और किसान कृषि मंत्री जी से निवेदन है कि चारागाह भूमि पर अभायरण्य बनाया जाए और पशुओं का बंदोबस्त किया जाए ताकि किसान की खेती बर्बाद न हो । 
माननीय अध्यक्ष : भागीरथचौधरी जी, यहकाम राज्य सरकारकरेगी, सीधेकेंद्र सरकारनहीं करेगी ।
…( व्यवधान)
माननीय अध्यक्ष : माननीयसदस्यगण, मेराआपसे आग्रह हैकि शून्यकालएक महत्वपूर्णसमय है । इसमेंअति महत्वपूर्णविषय उठाए जातेहैं । मेरा आपसभी से आग्रहहै कि कोशिशयह करें किकेंद्र सरकारसे संबंधित विषयको उठाएं । राज्यसरकार का विषयऐसा हो जो थोड़ाकेंद्र से संबंधितहो, उसकोनिश्चित रूपसे उठाएं । अविलम्बमहत्व के मुद्देशून्काल मेंउठाए जाते हैंजो आज घटनाघटित हो ।
श्री जगदम्बिका पाल: अध्यक्षमहोदय, शून्यकालमें केवल एकविषय होना चाहिए ।
माननीय अध्यक्ष : ठीकहै ।
     
*t43 Title: Issue regarding concerns over the rising intolerance in the country.
SHRI ANTO ANTONY: Thank you, Speaker Sir, for allowing me to participate and present to the House and to the Government through you a matter of grave concern.
          The freedom of expression is the cornerstone of a democracy.  The very same fundamental right is being lashed over and over again today in this country when concerns are being raised by world renowned and nationally acclaimed personalities. A veteran filmmaker, Padma Vibhushan, Shri Adoor Gopalakrishnan, he is from my Constituency, who has received more than 15 national awards, was blatantly disrespected for writing an open letter to the Prime Minister along with 48 other eminent personalities from the literary world for expressing their concerns over the rising intolerance in our country. 
          Padma Vibhushan Gopalakrishnan was told to migrate to some other planet when he expressed his concerns over mob lynching and rising intolerance.
          Hence, I request the Government to condemn this behaviour immediately.
       
*t44 Ttile: Need to take safety measures in the whole Konkan area in Maharashtra keeping in view the possibilities of landslides  on the railway track during the rainy season.
SHRI SUNIL DATTATRAY TATKARE (RAIGAD): Sir, you are aware of the fact that 1,050 passengers including nine pregnant women and a one-month old baby on board Kolhapur bound Mahalaxmi Express were stranded until the wee hours of Saturday morning, dated 27th July, 2019, near Vangani Station in Thane District for over 17 hours.
          I would like to know whether the hon. Minister has received any report as to why the train was allowed to leave Badlapur Station amid heavy rainfall and water logging situation.  Unfortunately, despite this situation, the GM, Mumbai Railways, stated that he is not responsible for this incident.  This is very serious. 
          Therefore, I would like to request the hon. Minister of Railways to initiate a high-level inquiry in this regard. 
          Due to heavy rains, the Ghot River of Mangaon was also overflowing.  As a result, the Ratnagiri-Dadar train was halted at Veer while Diva-Sawantwadi Local was stopped at Kolad.  The Mangla Expresse was stopped at Karanjadi and Mandvi was stopped at Roha wherein a huge number of passengers were stranded for more than three hours. 
          Therefore, I would also request the Government to take safety measure in the whole Konkan area where there are always possibilities of landslides on the railway tracks during the rainy season.
          Thank you very much.
 
*t45 Title: Need to open Kendriya Vidyalaya in Botad district in Bhavnagar Parliamentary Constituency, Gujrat.
डॉ. भारतीबेन डी.श्याल (भावनगर):धन्यवाद अध्यक्ष महोदय । मेरे मत क्षेत्र में दो डिस्ट्रिक्ट्स आते हैं- एक भावनगर और एक बोटाद । जब हमारे माननीय प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र भाई मोदी साहब गुजरात के चीफ मिनिस्टर थे,तब वर्ष 2013 में उन्होंने खुद आकर बोटाद को नया जिला घोषित किया था और उसके बाद वहां सेंट्रल गवर्नमेंट और स्टेट गवर्नमेंट की बहुत सारी कचहरियां कार्यरत हो गई हैं । इसकी वजह से हमारे यहां सेन्ट्रल गवर्नमेंट,स्टेट गवर्नमेंट,रेलवे के बहुत सारे कर्मचारी और आर्मी के लोग भी वहां रह रहे हैं । उनके बच्चों को पढ़ने के लिए,मैं लास्ट टाइम भी इसके लिए बार-बार मांग करती रही हूं कि हमारे बोटाद नए जिले में एक केंद्रीय विद्यालय खोला जाए । लेकिन, अभी तक नहीं खुल पाया है । मैं आपके माध्यम से माननीय एचआरडी मिनिस्टर से मांग करती हूं कि हमारे बोटाद जिले में केंद्रीय विद्यालय खोला जाए, जिससे हमारे स्थानिक और हमारे कर्मचारियों के बच्चे अच्छे से एजुकेशन ले सकें । धन्यवाद ।
     
*t46 Title: Need to set up a laboratory at Sonauli crossing at Nepal border to test vegetable, fruits and milk etc. श्री पंकज चौधरी (महाराजगंज):धन्यवाद अध्यक्षमहोदय, मेराक्षेत्र नेपालसे सटे बार्डरपर है । सोनौलीबार्डर पर हमारेकिसानों का सैंकड़ोंट्रक सब्जी, फलऔर दूध निर्यातहोता था । 
वह बड़े अच्छे तरीके से जाता था, जो नेपाल की भी पूर्ति करता था और किसानों को लाभ होता था, लेकिन नेपाल सरकार जांच के नाम पर तीन-चार ट्रकों को खड़ा रख रही है,जिससे किसानों का काफी नुकसान हो रहा है । मेरी भारत सरकार से यही मांग है कि नेपाल सरकार से बातचीत करके उनकी जो काठमांडु में लेबोरेट्री है,उसको वहां पर शिफ्ट कराए या भारत मदद करके सोनौली में प्रयोगशाला स्थापित कराए,ताकि किसानों का नुकसान न हो ।
माननीय अध्यक्ष :
*m02श्री कुँवर पुष्पेन्द्र सिंह चन्देल को श्री पंकज चौधरी द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है ।
*t47 Title: Need to regularize the services of contract workers in AIIMS and Ayurveda Hospital in Bhopal Madhya Pradesh.
साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर (भोपाल): धन्यवाद, अध्यक्ष महोदय । हमारे संसदीय क्षेत्र भोपाल में एम्स हॉस्पिटल है, वहां जो ठेकेदारी की व्यवस्था है, उस ठेकेदारी व्यवस्था के अन्तर्गत जो सफाई कर्मचारी आते हैं, वे 15-15 वर्षों से काम कर रहे है और 15 वर्ष के बाद अचानक उनको निकाल दिया जाता है तो वे एकदम निराश्रित हो जाते है । महोदय, एम्स के इतने सफाई कर्मचारियों को निकालने के साथ ही उनको कोई नोटिस नहीं दिया जाता है । ठेकेदारी व्यवस्था में भी यह होता है कि जब हम व्यवस्था परिवर्तन करेंगे तो उनको नोटिस दिया जाएगा । उसी के क्रम में आयुर्वेदिक हास्पिटल में ठेकेदारी व्यवस्था के अन्तर्गत जो टैक्नीशियन आते हैं, महिला और पुरुष जो पंचकर्म के लिए निपुण माने जाते हैं, परन्तु टैक्नीशियन के स्थान पर जिन लोगों को रखा जाता है,उनको मजदूरी व्यवस्था में रखा जाता है और मजदूरी व्यवस्था के रहते-रहते उनको 8 से 10 साल हो जाते हैं । वे निपुण भी हो जाते हैं तो महोदय, हमारी यही मांग है कि उन्हें टैक्नीशियन का प्रमाण पत्र देकर स्थायी किया जाए ।
माननीय अध्यक्ष :
*m02श्री कुँवर पुष्पेन्द्र सिंह चन्देल को साध्वी प्रज्ञासिंह ठाकुर द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है ।
आज सुरेश पुजारी जी का जन्मदिन है । आपको जन्मदिन की बहुत-बहुत बधाई ।
*t48 Title: Need to install the statue of Veer Surendra Sai, a freedom fighter, inside the Parliament premises.
श्री सुरेश पुजारी (बारगढ़): महोदय, मेरा अहोभाग्य है कि आपका आशीर्वाद मुझे मिला और महामहिम राष्ट्रपति जी का भी आशीर्वाद मुझे मिला । Thank you, very much for that.  As we all know, India is going to celebrate the 150th Birth Anniversary of Mahatma Gandhi this year.  The Government of India has also decided to celebrate the 150th Birth Anniversary of Gandhi ji throughout the year.  It will be followed by the 75th Independence Day of our country. महोदय, मेरी छोटी सी बात है Can we not take this opportunity to compile the heroic sacrifices of all the unsung heroes of India? मैं जिस क्षेत्र से आया हूं वहां सुरेन्द्र साई नाम के एक क्रांतिकारी थे, जो वर्ष 1857 के 28 साल पहले, 28 years before the First War of Independence अंग्रेजों के खिलाफ लड़े थे । उन्होंने 37 साल जेल में बिताए थे । Can we not take this opportunity to also compile the achievements and sacrifice of Veer Surendra Sai and install his statue inside the Parliament premises?  That will be a tribute to one of the greatest heroes of mother India.
     
*t49 Ttile: Need to re-start railway service between Balaghat, Madhya Pradesh and Nagpur, Maharashtra.
डॉ. ढालसिंह बिसेन (बालाघाट): मेरे लोक सभा क्षेत्र में पिछले फरवरी माह में बालाघाट से नागपुर के लिए एक ट्रेन चालू हुई थी, जिसका क्रमांक 68814 और 68815 था । अचानक पिछले 10-15 दिनों पहले 10 दिन के लिए कहकर उस ट्रेन को बंद कर दिया गया । फिर अभी जानकारी मिली कि अब एक माह के लिए बंद कर दी गई । अध्यक्ष महोदय,मैं आपके माध्यम से कहना चाहता हूं कि मेरे क्षेत्र के लोग जो इलाज के लिए या मजदूर अपने काम के लिए नागपुर जाते थे,उस ट्रेन के बंद होने से लोगों को, पढ़ने वाले बच्चों को, आने जाने वाले किसानों को और व्यापारियों को भारी दिक्कतें हो रही हैं । वे बालाघाट से नागपुर के लिए तीन बजे जाते थे । यदि उसका समय बालाघाट से सुबह 6 बजे से और नागपुर से 7 बजे से आने का कर दिया जाए तो राजस्व की भी वृद्धि होगी और वहां जाने वाले सभी लोगों को सुविधा होगी ।
     
*t50 Title: Need to demolish building in front of runway in Nagaur.
श्री हनुमान बेनीवाल (नागौर): अध्यक्ष महोदय,धन्यवाद कि आपने मुझे शून्यकाल पर बोलने का मौका दिया । मेरे संसदीय क्षेत्र नागौर के अन्दर जिला मुख्यालय पर हवाई पट्टी के रनवे के सामने अवैध रूप से एक बहुमंजिला बिल्डिंग बनी है । जिला कलक्टर ने उसको तोड़ने के भी कई बार आदेश भी जारी किए है । उसका पट्टा भी रिजेक्ट किया गया है ।
अध्यक्ष महोदय, अभी भी उस रनवे के सामने जो बहुमंजिला इमारत है, वहां होटल मेघ माउण्ट नाम से होटल चल रहा है । अभी पिछले दिनों बिहार के राज्यपाल वहां आए थे, उनका चार्टर्ड प्लेन दुर्घटनाग्रस्त होते-होते बचा था ।…(व्यवधान)विशेषज्ञों ने भी बताया है कि यह विश्व की पहली ऐसी हवाई पट्टी है, जिसके रनवे के सामने इस तरह की अवैधानिक बिल्डिंग बना दी गई है । आपके माध्यम से, नागरिक उड्डयन मंत्री जी से मेरा निवेदन है कि इस बिल्डिंग को तोड़ने के आदेश सरकार जारी करे तो बहुत अच्छा होगा । …(व्यवधान)
       
*t51 Title: Need to run Mahwa-Bandra train (19030), Mahua-Bandra Train (22993) and Surat-Mahua train (12945) weekly.
श्री नारणभाई काछड़िया (अमरेली): धन्यवाद, अध्यक्षजी ।
          मैंअपने संसदीयक्षेत्र अमरेलीके बारे मेंपिछले पांच सालोंसे यह इश्यूउठा रहा हूं, लेकिनअभी तक इसकासोल्यूशन नहींहुआ है । मेरेक्षेत्र की जनताके लिए महुवा-बांद्राट्रेन (19030), महुवा-बांद्राट्रेन (22993) औरसूरत-महुवाट्रेन (12945), इनतीनों ट्रेनोंको वीक मेंएक दिन ही चलायाजाता है, इससेमेरे क्षेत्रके साथ बहुतही अन्याय होरहा है । येट्रेन्स चारजिलों से होकरनिकलती हैं – भावनगर, महुवा, सुरेन्द्रनगर और जूनागढ़ । इनसे तीनोंजिलों के संसदीयक्षेत्रों मेंलोगों को लाभमिलता है । मेरेक्षेत्र के 20 लाखसे ज्यादा लोगसूरत, अहमदाबाद, बड़ौदाऔर मुंबई मेंरहते हैं । वहांप्रतिदिन 300 सेज्यादा लग्जरीबसें सूरत, अहमदाबाद, बड़ौदाऔर मुंबई केलिए निकलती हैं, उनमेंभारी किरायाहोने के कारणलोग यात्रा नहींकर पाते हैं । इसलिए इन तीनोंट्रेन्स को वहांसे चलाया जाए, यहीमैं आपके माध्यमसे सरकार सेमांग करता हूं । …(व्यवधान)
       
*t52 Ttile: Need to find a permanent solution to GIP dam, which requires frequent maintenance and repair.
डॉ. श्रीकांत एकनाथ शिंदे (कल्याण): अध्यक्ष महोदय,आपने मुझे शून्य काल में बोलने का मौका दिया,इसके लिए मैं आपको धन्यवाद देता हूं ।
          सबसे पहले मैं आपको धन्यवाद देता हूं, आपके प्रति आभार प्रकट करता हूं कि मेरे संसदीय क्षेत्र में दो दिन पहले जब भारी बारिश के कारण फ्लड सिचुएशन आ गई थी, तब आपने स्वयं फोन करके,वहां की सिचुएशन का जायजा लिया था । इसके लिए मैं आपको बहुत-बहुत धन्यवाद देता हूं ।
          अध्यक्ष जी,मेरे संसदीय क्षेत्र में अम्बरनाथ में जीआईपी डैम है, जो रेलवे के अंडर है । यह ब्रिटिश कालीन डैम है । इस जीआईपी डैम के रिटेनिंग वॉल का पार्ट टूट गया है, उससे लाखों लीटर पानी खेतों में जा रहा है, जिससे हजारों किसानों का नुकसान हो चुका है । आज रेलवे का रेल नीर प्लांट उसके तट पर स्थित है, वहां पर रेलवे का नीर प्लांट काम कर रहा है और उससे पानी लिया जाता है । इसलिए आपके माध्यम से रेल मंत्रालय और रेल मंत्री से मेरी दरख्वास्त है कि आये दिन इस डैम में कुछ न कुछ होता ही रहता है,पिछले साल भी इस डैम को नुकसान पहुंचा था और उसे रिपेयर किया गया था, इसलिए इस डैम का कोई परमानेंट सोल्यूशन निकाला जाए और इस डैम को रिपेयर करने का काम किया जाए,जिससे आस-पास के शहरों – अम्बरनाथ,उल्हास नगर,कल्याण, डोंबिली,बदलापुर आदि को बचाया जा सके,क्योंकि यदि यह डैम टूट जाता है तो लाखों लोग प्रभावित होंगे,उनकी जान को भी खतरा हो सकता है । इसलिए जल्द से जल्द इस डैम का एक परमानेंट सॉल्यूशन निकाला जाए । धन्यवाद ।
माननीय अध्यक्ष:
*m02श्री श्रीरंग आप्पा बारणे और *m03श्री राहुल रमेश शेवाले को डॉ.श्रीकांत एकनाथ शिंदे द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है ।
     
*t53 Ttile: Need to re-instate funding share pattern in postmatric scholarship scheme.
श्री संतोख सिंह चौधरी (जालंधर): अध्यक्षमहोदय, मैंदेश के 62 लाखअनुसूचित जातिके विद्यार्थियोंकी बात यहांरखना चाहता हूं । पोस्ट मैट्रिकस्कॉलरशिप मिनिस्ट्रीऑफ सोशल जस्टिसका फ्लैगशिपप्रोग्राम हैऔर इसकी फण्डिंगहमेशा सेंट्रलगवर्नमेंट कीकमिटेड लायबिलिटीरही है । लेकिनअब एक नया प्रपोजलबना है, जिसकेतहत फण्डिंगशेयर में स्टेट्सका हिस्सा 40 प्रतिशतकर दिया गयाहै और सेंटरका शेयर 60 प्रतिशतकर दिया गयाहै । मैं यहकहना चाहता हूंकि बहुत-सेप्रान्त ऐसेहैं, जिनकीआर्थिक स्थितिठीक नहीं है, वेआर्थिक संकटमें हैं । इसलिएमैं समझता हूंकि इस फण्डिंगशेयर पैटर्नके साथ पोस्टमैट्रिक स्कॉलरशिपकी यह स्कीमडाइल्यूट होजाएगी । ऐसालगता है किभारत सरकार अपनीजिम्मेदारी सेपीछे हट रहीहै । मैं आपकेमाध्यम से निवेदनकरना चाहता हूंकि इस प्रपोजलको वापस लियाजाए और पहलेजो फण्डिंग शेयरपैटर्न चल रहाथा – 90 प्रतिशतसेंटर और 10 प्रतिशतस्टेट्स का शेयरजारी रखा जाए । धन्यवाद ।
माननीय अध्यक्ष : जोमाननीय सदस्यगणशुक्रवार कोबोल चुके हैं, उनकाअगले टर्म मेंनम्बर आएगा । जो माननीयसदस्य आज बोलचुके हैं, उनकानम्बर चार दिनोंबाद आएगा ।
     
*t54 Ttile: Need to give compensation to farmers whose lands are along border fencing area.
श्री निहाल चन्द (गंगानगर): अध्यक्षमहोदय, मैंराजस्थान प्रदेशसे आता हूं । राजस्थान प्रदेशभारत और पाकिस्तानसीमा पर है । विभाजन केबाद, भारतके सीमावर्तीक्षेत्र मेंएक एकड़ जमीनमें कँटीले तारलगाए गए थे, वेदो तरफ से लगाएगए थे । पिछलीकेन्द्र सरकारने कँटीले तारमें आई हुईजमीन का मुआवजादिया है, लेकिनसीमावर्ती क्षेत्रमें एक एकड़में किसान कीजो जमीन गईहै, अभीतक केन्द्र सरकारने उसका मुआवजानहीं दिया है । किसान सीमापर नहीं जासकते हैं । किसानसीमा पर कामनहीं कर सकतेहैं । वहां परएक फीट से ज्यादाकिसान फसल नहींबो सकते हैं ।
आपकेमाध्यम से केन्द्रसरकार से आग्रहहै कि हमारेराजस्थान प्रदेशकी 1,060 किलोमीटरलाइनिंग, जिसकीएक नहर राजस्थानसे पाकिस्तानसे होते हुए, वापसराजस्थान मेंआती है और हमउस नहर की साफ-सफाईभी नहीं करसकते हैं, सीमावर्तीक्षेत्र मेंरहने वाले किसानपरेशान हैं औरसीमा पर किसानखेत सिंचित नहींकर सकते हैं ।
          आपकेमाध्यम से केन्द्रसरकार से मेराआग्रह है किसीमावर्ती क्षेत्रमें आई हुईकिसानों की एकएकड़ भूमि, राजस्थानकी 160 किलोमीटरजमीन, जोकँटीले तारोंमें आई है, उसकामुआवजा केन्द्रसरकार दे, ताकिवहां के किसानबस सकें ।
     
*t55 Title: Need to take steps not to privatise Railway Coach Factory, Kapurthala.
श्री जसबीर सिंह गिल(खडूर साहिब): स्पीकरसाहब, मैंआपके माध्यमसे सरकार काध्यान रेल कोचफैक्ट्री कपूरथलाकी ओर ले जानाचाहता हूं ।पंजाब में शांतिलाने के लिए ‘राजीवलोंगोवाल समझौता' हुआ, उससमझौते के तहतमेरे क्षेत्रकपूरथला मेंएक रेल कोचफैक्ट्री लगाईगई, जिसकीसैंक्शन्ड स्ट्रेंथ7,500 थीऔर उसका टारगेट1000 कोचबनाना था । इसफैक्ट्री नेकमाल किया ।इस फैक्ट्रीने इंडिया कासबसे पहला थ्रीटियर एसी कोच, उदयकोच, डबलडेकर कोच बनायाऔर इस रेल कोचफैक्ट्री सेम्यांमार, बांग्लादेश, सेनेगलएवं कई अन्यदेशों में इसकेकोचेज एक्सपोर्टहुए ।
          सर, इसरेल कोच फैक्ट्रीमें सबसे बढ़ियावर्क कल्चर है, इसमेंसबसे बढ़िया एथिक्सहै, इसमेंसबसे बढ़िया टेक्नोलॉजीयूज हो रहीहै । सबसे बढ़ियाबात यह है किइस रेल कोचफैक्ट्री नेअपने सारे वार्षिकटारगेट पूरेकिए हैं । इनकीसामर्थ्य 1000 कोचेजप्रति वर्ष बनानेकी है, लेकिनपिछले साल इन्होंने1334 कोचेज़बनाए ।
          सर, इसेप्राइवेटाइजकिया जा रहाहै । मैं इससदन में हाथजोड़ कर विनतीकरता हूं किकृपया सरकारइधर ध्यान दे । यह फैक्ट्रीखून देकर बनाईगई है । इससेपंजाब के लोगोंका सेंटीमेंटलअटैचमेंट है । कृपा करकेइसे प्राइवेटाइजनहीं किया जाए । इस फैक्ट्रीपर 100   एनसीलिरी यूनिट्स डिपेंडकरते हैं । धन्यवाद ।
 
*t56 Title: Issue regarding awareness programme about religious for students to be included in school curriculum.
SHRI RAGHU RAMA KRISHNA RAJU (NARSAPURAM): Sir, I will not take much time. I would like to speak on an important national subject regarding the need for creating awareness among all the students on religion at a very young age from somewhere around 7th or 8th standard. I am a Hindu. But I know I have very limited knowledge on Islam or Christianity. Very recently, from my dear friend, Jasbir Singh Ji, I have learnt about Sikhism, Khalsa, Guru Nanak and Guru Gobind Singh. So, at the young age, before the children get prejudiced to any one religion, if education on the awareness of religion is given to them, everyone would realise that at the end of the day, all religions are more or less the same.
I would request, through you, Sir, to the Minister of Human Resource Development that at around 7th or 8th standard, before they get prejudiced to one religion, let awareness be brought among the children as to what is Quran, what is Bible, what is Gita and what is Khalsa. All these things should be known to everyone. This is my request, through you, Sir, to the HRD Department. Thank you, Sir.
माननीय अध्यक्ष :
 
*m02कुँवर पुष्पेन्द्रसिंह चन्देलको श्री कानुमुरूरघु राम कृष्णराजू द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है ।
*t57 Title: Demand to form an apex body to regulate yoga and naturapathy course in the country.
SHRI TALARI RANGAIAH (ANANTAPUR): Thank you, Speaker, Sir, for giving me an opportunity to speak on yoga and naturopathy education and practice. There are 33 colleges which are offering Bachelor’s degree in naturopathy and yoga. They are also providing Post-Graduation and PhD courses. But there is no apex body to regulate the education and practice of yoga and naturopathy so far. As a result, there is lack of uniform professional curriculum, set standards for quality education and centre of registration for practitioners in our country. All these things are leading to quacks in the field of naturopathy and yoga.
          Through you, I request the Government to form an apex body to regulate these yoga and naturopathy courses in India.  Thank you, Sir.
     
*t58 Title: Issue regarding missing of an Indian employed in a shipping company in Dubai.
श्री तीरथ सिंह रावत (गढ़वाल): अध्यक्ष जी, मेरा विषय कुछ और था, लेकिन यह घटना अभी घटित हुई है, इसलिए आपके माध्यम से सरकार का ध्यान इस तरफ दिलाना चाहता हूं । श्री आयुष चौधरी, पुत्र श्री अनूप चौधरी निवासी कोटद्वार,वर्तमान जे-46सैक्टर-22, नोएडा, उत्तर प्रदेश में रहते हैं, जो कि दुबई की शिपिंग कम्पनी में दो माह पूर्व नियुक्त हुए थे । शिप दुबई से ईरान पहुंचा और पोर्ट के समीप खड़ा था । बताया गया कि आयुष चौधरी मिसिंग हो गया है । शिप के कप्तान मास्टर द्वारा दिनांक 17.7.2019 को रात्रि 11 बजे परिवार वालों को फोन पर बताया गया कि आयुष चौधरी पिंक रोज शिप में कार्य कर रहा था और वह अचानक समुद्र में गिर गया । आयुष चौधरी को बचाने का प्रयास किया,किंतु तेज लहर उसे बचा नहीं पाई और वह मिसिंग हो गया ।
          महोदय, आज दस दिन बाद भी यह पता नहीं कि वह कहां है । मास्टर द्वारा भेजी गई रिपोर्ट भी संदिग्ध पाई जाती है । यह शक है कि बेटा शिप में है या कहां है? इन निम्न बिंदुओं की तरफ आपका ध्यान दिलाना चाहता हूं । जिस कम्पनी द्वारा भेजा गया, प्रथम कम्पनी बोकर प्रांजल पुंडीर डायरेक्टर आरएएस शिपिंग कम्पनी लिमिटेड सैक्टर-15नोएडा मे है । इस कम्पनी की छानबीन की जाए कि वह बच्चा कहां गया । परिवार परेशान है । जब तक बच्चे का पता नहीं चल जाता, तब तक शिप वहां रहे । मैं आपके माध्यम से विदेश मंत्रालय से कहूंगा कि मामले की जांच की जाए ।
माननीय अध्यक्ष : *m02कुँवर पुष्पेन्द्रसिंह चन्देल को श्री तीरथ सिंह रावत द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है ।
 
*t59 Title: Demand to sanction a medical college in Tiruvallur Parliamentary Constituency, Tamil Nadu.
DR. K. JAYAKUMAR (TIRUVALLUR): Speaker, Sir, many thanks for the opportunity. Today this House has passed the National Medical Commission Bill, 2019. While the hon. Health Minister was replying to the queries raised in the House, he has also assured that he would sanction some medical colleges to the large districts where there are no medical colleges.
          Sir, my Constituency, Tiruvallur is one of the largest constituencies in Tamil Nadu with 22 lakh voters and 2200 booths, running to the length of 130 kilometers to 50 kilometers in width. It has no Government medical college.
          Through you, I make an appeal to the hon. Minister of Health to kindly sanction a medical college for my Constituency.
       
*t60 Title: Issue regarding private practice by doctors.
DR. KALANIDHI VEERASWAMY (CHENNAI NORTH): Sir, thank you very much for this opportunity. If the National Medical Commission Bill, 2019 which has been introduced by the Government, is passed in its present form where community health workers are permitted to practice medicine, who are non-medicos, it is going to open a pandora’s box.
          The reason I say this is because the policies of the Central Government and the State Governments are different in terms of private practice by doctors. Doctors in the Central Government are not allowed to do private practice and they are entitled to a Non-Practice Allowance (NPA) whereas in the State Government, doctors are allowed to do private practice.
          Sir, I am saying this because if you are going to allow community health workers to start practising in private, you are going to do a grave injustice by promoting quacks. And, if you are not going to allow them to practice in private, you are denying them an opportunity to practice in private where the economically weaker sections are being treated poorly. By doing this, you are bringing out the saying “Damned, if you do it and damned, if you don’t.”  So, I would request, through you Sir, the Health Minister to kindly consider this and take an appropriate action in this regard.
          Thank you.
     
*t61 Title: Need to give scheduled tribes status to Bot Rana Caste and Bonjara caste.
श्री अजय मिश्र टेनी (खीरी) : माननीयअध्यक्ष जी, मेरेलोक सभा क्षेत्रलखीमपुर खीरीमें बोट राणाजाति के लोगरहते हैं । येलोग लाखों कीसंख्या में हैं । जम्मू कश्मीरसे लेकर सिक्किमतक ये लोग हिमालयकी तलहटी मेंबसे हुए हैं । जम्मू कश्मीरऔर सिक्किम मेंइनको जनजातिका दर्जा प्राप्तहै, लेकिनहमारे यहां इनकोउसका प्रमाणपत्र नहीं मिलाहै । ऐसे हीहिन्दू बंजाराजाति को कईप्रदेशों मेंयह दर्जा प्राप्तहै । गड़रियाकी उप-जातियांबघेल आदि कोभी यह दर्जाप्राप्त है ।
          माननीयअध्यक्ष जी, हमारेसंविधान के अनुच्छेद341 मेंयह कहा गयाहै कि अनुसूचितजातियां आदेश1950 केउपबंधों के अधीनजातियों, उप-जातियोंया जनजातियोंया उनका कोईभाग या समूहजो कि राज्यविशेष से संबंधितअनुसूची (भाग1 से16 तक) मेंहै, इस आदेशके अधीन स्थायीया क्षेत्रीयनिवास के आधारपर उस जाति, उप-जातिके सदस्यों कोअनुसूचति जातिया जनजाति कासदस्य समझा जाएगा ।
          अध्यक्षजी, मेराआपके माध्यमसे सरकार सेयह अनुरोध हैकि हमारे जिलेमें रहने वालेबोट जाति केलोगों को जनजातिका दर्जा औरहिन्दू बंजाराजाति के लोगोंको भी जनजातिका दर्जा दियाजाए । पाल, बघेलआदि, जोगड़रिया की उप-जातियांहैं, उनकोअनुसूचित जातिका दर्जा देनेकी कृपा कीजाए । धन्यवाद ।
     
*t62 Title: Need to enhance railway service for Sirsaganj in Ferozabad.
श्री चन्द्र सेन जादौन (फिरोजाबाद) : अध्यक्ष महोदय, आपनेमुझे बोलने काअवसर प्रदानकिया, इसकेलिए आपका धन्यवाद ।
          मैंफिरोजाबाद लोकसभा से आताहूं । मेरे संसदीयक्षेत्र फिरोजाबादकी विधान सभासिरसागंज मेंआलू प्रधान रूपसे पैदा कियाजाता है । यहांतकरीबन 100 कोल्डस्टोरेज हैं, लेकिनकोल्ड स्टोरेजके व्यापारियोंव अन्य व्यापारियोंको दिल्ली, लखनऊजाने के लिएकोई एक्सप्रेसगाड़ी नहीं है । विधान सभासिरसागंज मेंएकमात्र कोरारारेलवे स्टेशनहै, जहांकोई एक्सप्रेसगाड़ी नहीं रुकतीहै । कोरारारेलवे स्टेशनसे सुबह केसमय दिल्ली जानेके लिए मगधएक्सप्रेस वशाम को वापसकोरारा आने केलिए पूर्वा एक्सप्रेसचलाई जाए । इसकेसाथ ही टूंडलाजंक्शन, जोकि अति महत्वपूर्णस्टेशन है, इसकासौन्दर्यीकरणकिया जाए, क्योंकियह जंक्शन विदेशीसैलानियों केआने-जानेके लिए अतिमहत्वपूर्ण है । यहां इन ट्रेनोंका स्टॉपेज दियाजाए - नीलांचल, शताब्दी, महाबोधी, कैफियत, रीवा, वंदेभारत, प्रयागराज, लिच्छवी, नन्दनकानन ।
माननीय अध्यक्ष : आपबाकी विषय केसंबंध में मंत्रीजी से मिल लीजिएगा ।
       
*t63 Tilte: Need to enquire alleged irregularities in IIT, Mandi, Himachal Pradesh.
श्री रामस्वरूप शर्मा (मंडी) : माननीय अध्यक्ष जी, मैं आपके माध्यम से मानव संसाधन मंत्रालय का ध्यान आईआईटी कमांद,मंडी, हिमाचल प्रदेश की ओर आकर्षित करना चाहता हूं । आईआईटी संस्थान में केन्द्रीय विद्यालय खोलने का विशेष प्रावधान है, लेकिन दस वर्ष व्यतीत होने पर भी केन्द्रीय विद्यालय नहीं खोला गया । केन्द्र सरकार द्वारा भवन का निर्माण करने के उपरांत भी निदेशक,आईआईटी ने यह भवन (माइंड-ट्री संस्था)को स्कूल चलाने के लिए ठेके पर दे रखा है, जो कि अनुचित है और सरकार के निर्देशों व व्यवस्थाओं का खुला उल्लंघन है ।
          माननीय अध्यक्ष महोदय, मैंने पिछले मानसून सत्र में भी आईआईटी,मंडी में व्याप्त घोटालों की जांच के लिए सदन में मांग की थी, लेकिन मानव संसाधन मंत्रालय के उच्च अधिकारियों ने आदरणीय केन्द्रीय मंत्री जी के कहने पर भी कोई समिति गठित नहीं की । मंत्रालय के अधिकारियों का आंखें मूंदकर बैठना भी कई सवाल खड़े करता है । आईआईटी मंडी संस्थान में सेवारत अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा सेंट्रल विजिलेंस कमीशन दिल्ली में भी कई शिकायतें की गईं । इन सभी शिकायतों को मंत्रालय के पास कार्रवाई के लिए भेज दिया गया,लेकिन मजे की बात यह है कि वहां से हर बार शिकायतों को आईआईटी, मंडी में आरोपित अधिकारियों के पास ही भेज दिया जाता था, जिस कारण यहां भ्रष्टाचार का भारी बोलबाला हो गया ।
          माननीय अध्यक्ष जी, मेरा आपके माध्यम से मानव संसाधन विकास मंत्री जी से आग्रह है कि वे एक विशेष समिति गठित करें,जो आईआईटी,मंडी में हो रही अनियमितताओं की जांच कर सरकार को सौंपे, ताकि दोषियों पर कार्रवाई की जा सके । आपका बहुत-बहुत धन्यवाद ।
     
*t64 Ttile: Issue regarding resettlement of weavers in Maharanipur in Jhansi Parliamentary Constituency.
श्री अनुराग शर्मा (झांसी): अध्यक्ष महोदय, आपने मुझे बोलने का मौका दिया, इसके लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद । यह मामला 30 हजार परिवारों के संबंध में है । मैं बुन्देलखण्ड से आता हूं और झांसी क्षेत्र से सांसद हूं । झांसी से 70 किलोमीटर दूर महारानीपुर जगह है । यह बुनकरों के लिए बहुत प्रसिद्ध है । यहां पर 30 हजार बुनकरों के परिवार रहते हैं । कुछ सालों में इनका काम-धंधा बिल्कुल ही चौपट कर दिया गया है । जब यहां बसपा और सपा की सरकारें थीं,तो इन्होंने बिजली के दर इतने बढ़ाए कि हैण्डलूम सैक्टर बेकार हो गया । यहां पर 6 करोड़ से 8 करोड़ का धंधा हर महीने होता था और रानीपुर टैरीकॉट के नाम से यह पूरे विश्व में प्रसिद्ध था । यहां से सब जगह एक्सपोर्ट होता था । महोदय, मैं आपके माध्यम से अपने यहां एक पॉलिसी चेंज के लिए गवर्नमेंट से रिक्वेस्ट करना चाहता हूं । गवर्नमेंट हमारे यहां एक क्लस्टर पॉलिसी लेकर आई है, जहां इन लोगों को जमीन देकर इनका रीसैटलमेंट किया जा रहा है । इस पॉलिसी में यह डिफैक्ट है कि इनसे तुरंत कुछ पैसे मांगे जा रहे हैं । महोदय,ये परिवार बिल्कुल नष्ट हो चुके हैं । मेरे दो आग्रह हैं । एक आग्रह यह है कि गवर्नमेंट इनसे धीरे-धीरे करके पैसे ले,जिससे ये लोग वहां पर सैटल हो जाएं । दूसरा आग्रह यह है कि ये लोग 8-8.50 रुपये बिजली का यूनिट नहीं दे सकते हैं । अगर गवर्नमेंट वहां पर सोलर उपकरण लगा देगी तो उनको बिजली 3 रुपये में उपलब्ध हो जाएगी और ये 30 हजार परिवार वहां पर सैटल हो जाएंगे ।
माननीय अध्यक्ष :
 *m02कुँवर पुष्पेन्द्रसिंह चन्देलको श्री अनुरागशर्मा द्वाराउठाए गए विषयके साथ संबद्धकरने की अनुमतिप्रदान की जातीहै ।
       
*t65 Title: Need to take steps to promote tourism in Rajahmundry Parliamentary Constituency, Andhra Pradesh.
SHRI MARGANI BHARAT (RAJAHMUNDRY):  Mr. Speaker, Sir, thank you for allowing me to speak during the ‘Zero Hour’.
          Hon. Members are raising many worthy issues during the ‘Zero Hour’. I would like to know on how many issues raised by the hon. Members the Departments concerned have taken action. Through you, I would like to ask this question to the hon. Ministers.
          Last time I raised an issue regarding sports. The Budget has allotted only Rs. 2,000 crore for development of sports. Today, I would like to raise an issue regarding tourism.  In this world, so many countries are dependent on tourism. Our country is having a lot of natural resources. So, there is a lot of scope to improve tourism in our country. Is the Central Government considering tourism as one of the revenue-generating sources for our country? If we attract foreign tourists, we can get a lot of dollar inflow and in turn our economy will also grow. Hence, I request the Hon. Minister of Tourism, through you, to concentrate on tourism as much as he could.
          I would like to point out an issue regarding my Constituency, Rajahmundry.  In Rajahmundry, we have a Havelock Bridge. It is a heritage Bridge. We have to concentrate on our heritage tourism. A lot of olden and ancient treasures and historic monuments can be restored and can be made tourist attractions so that we can earn a lot of revenue from tourism.
       
*t66 Title: Need to take steps to commence FM services in Tribal Areas.
श्री गजेंद्र उमराव सिंह पटेल (खरगौन): माननीय अध्यक्ष महोदय, धन्यवाद । मैं मध्य प्रदेश की ऐसी जनजाति लोक सभा से आता हूं,जो इन्दौर से 150 किलोमीटर दूर है और इस लोक सभा का 70 प्रतिशत भाग जनजाति बाहुल्य है, जो विकास की गति से काफी दूर है । वहां पर जंगल और पहाड़ों में रहने वाला समुदाय मोबाइल और टी.वी. की सुविधाओं से काफी दूर है । पिछले वर्ष दूरदर्शन केंद्र द्वारा 12वीं योजना के तहत वहां पर 100 वाट क्षमता का एफ.एम. रिले ट्रांसमीटर स्वीकृत हुआ है । यह योजना पिछले साल से स्वीकृत होकर पड़ी हुई है । हमारे जनजाति समुदाय के लोग चारागृह और मजदूरी का काम करते हैं । इस योजना के माध्यम से उनको स्वास्थ्य की जानकारी मिलना,कृषि के संबंध में जानकारी मिलना और सरकार के समाचार का जो संदेश मिलता था, वह मिल सकेगा । महोदय, यह योजना शीघ्र चालू की जाए । मैं आपके माध्यम से सरकार का ध्यान इस ओर आकर्षित करना चाहता हूं कि इस प्रकार के पिछड़े जनजाति समुदाय के लिए एफ.एम. शीघ्र शुरू किया जाए,जो खरगोन और बड़वानी दोनों जिलों में स्वीकृत शेष है, इसको शुरू किया जाए ।
21.00 hrs         *t67 Ttile: Need to start a special drive of employment for the Scheduled Castes, Scheduled Tribes and OBCs.

SHRI ASIT KUMAR MAL (BOLPUR): Sir, thank you very much for giving me a chance to say something in Zero Hour.

Hon. Speaker, Sir, I would like to draw your kind attention that 70 years have passed since India has gained Independence, but it is a matter of great regret that a vast number of people belonging to Scheduled Castes, Scheduled Tribes and Other Backward Communities are still living in lowest rung in the society. 

Though the Government has been maintaining the rehabilitation policy for all-round development of these downtrodden people, it is very sad that these people could not enter into the mainstream of the society. Hon. Prime Minister has again and again proclaimed everybody’s prosperity. …(Interruptions)

So, I request the hon. Prime Minister to start a special drive of employment for the Scheduled Castes, Scheduled Tribes and OBCs. Thank you.

   

*t68 Title: Need to have a railway crossing from Katehari Bajar to Ninampur road in Ambedkar Nagar in Shravasti Parliamentary Constituency, Uttar Pradesh.

श्री राम शिरोमणि वर्मा(श्रावस्ती) : अध्यक्ष महोदय, आपने मुझे बोलने का अवसर प्रदान किया है, इसके लिए मैं आपको हृदय से धन्यवाद देता हूं । मैं, मेरे गृह जनपद अंबेडकर नगर व संसदीय क्षेत्र श्रावस्ती में रेलवे के कुछ महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर रेल मंत्रालय का ध्यान आकृष्ट कराना चाहता हूं । अंबेडकर नगर के कटेहरी बाजार से निनामपुर रोड पर रेलवे फाटक के न होने से आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं । वहां पर एक रेलवे फाटक लगाना अति आवश्यक है । अंबेडकर नगर में ओवर ब्रिज के नीचे बंद रेलवे क्रासिंग को खुलवाने की आवश्यकता है,जिससे वहां पर स्थित विद्यालय के बच्चों एवं व्यापारियों को सुविधा मिल सके ।

          महोदय, ट्रेन संख्या 12571/12572 व 15705/15706 हमसफर एक्सप्रेस जो कि देश की राजधानी नई दिल्ली के लिए जाती है, उसका ठहराव तुलसीपुर में कराया जाए । इस क्षेत्र में काफी तादाद में लोग अपनी रोजी-रोटी कमाने के लिए दिल्ली जाते हैं । ग्रामीण क्षेत्रों की जनता के आवागमन हेतु गोण्डा-बढ़नी-गोरखपुर रेल मार्ग पर यात्री गाड़ियों की संख्या बढ़ाई जाए । गोरखपुर वाया बढ़नी-बलरामपुर-लखनऊ के रास्ते हरिद्वार तक एक एक्सप्रेस ट्रेन चलाई जाए । गोण्डा-वाराणसी इंटरसिटी को बलरामपुर तक जोड़ा जाए । एक इंटरसिटी एक्सप्रेस बलरामपुर से लखनऊ के लिए शाम के समय चलाई जाए । बलरामपुर वाया गोण्डा-अयोध्या-वाराणसी इंटरसिटी ट्रेन प्रातः 10 बजे चलाई जाए । इंटरसिटी ट्रेन संख्या 15069/15070 गोरखपुर-बलरामपुर और बादशाह नगर पर ठहराव के साथ ही साथ झारखंडी-बलरामपुर में ठहराव की व्यवस्था की जाए । एक एक्सप्रेस ट्रेन सुबह लखनऊ-बलरामपुर से होते हुए गोरखपुर तक चलाई जाए । बलरामपुर से सायं 4 बजे से लखनऊ के लिए एक ट्रेन एक्सप्रेस ट्रेन चलाई जाए ।…(व्यवधान)

   

माननीय अध्यक्ष : माननीयसदस्य, आपएक ही दिन मेंसारी ट्रेनेंचलवा देंगे ।

…( व्यवधान)

श्री राम शिरोमणि वर्मा: अध्यक्ष महोदय, बहराइच श्रावस्ती-खलीलाबाद रेलमार्ग का अतिशीघ्र निर्माण कराया जाए । बलरामपुर में एनएच 730 और झारखंडी रेलवे क्रासिंग पर फ्लाइओवर का निर्माण कराया जाए ।

     

*t69 Title: Need to take steps to release water from Hathinikund Barrage to western UP and make cleaning of canals.

डॉ. सत्यपाल सिंह (बागपत) : अध्यक्षमहोदय, मुझेआपने बोलने काअवसर प्रदानकिया है, इसकेलिए मैं आपकाआभार प्रकट करताहूं । मैं आपकेमाध्यम से पश्चिमीउत्तर प्रदेशके तीन जिले - सहारनपुर, शामलीऔर बागपत केलगभग साढ़े चारलाख किसानोंकी गंभीर समस्याकी तरफ केन्द्रसरकार और राज्यसरकार का ध्यानआकृष्ट करानाचाहता हूं । 

यमुना नदी का पानी हरियाणा, दिल्ली और यूपी में बांटा जाता है । हथिनीकुंड एक जगह है, वहाँ से हमारे क्षेत्र में पानी आता है । लेकिन पिछले कई वर्षों से नहरों में पानी नहीं आ रहा है, नहरों की सफाई नहीं होती है ।

अध्यक्ष महोदय, हर साल लगभग 90 सेंटीमीटर पानी का जल-स्तर नीचे जा रहा है । डार्क जोन्स घोषित हो गए हैं । किसानों को बिजली का बिल ज्यादा देना पड़ रहा है । अध्यक्ष महोदय, मैं आपके माध्यम से सरकार से निवेदन करूँगा कि हथिनीकुंड बैराज से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पानी छोड़ा जाए,नहरों की ठीक से सफाई की जाए । किसानों के लिए पर्याप्त पानी छोड़ा जाए । आपका बहुत-बहुत धन्यवाद ।

   

माननीय अध्यक्ष : माननीय सदस्य,जिन्होंने आज रिक्वेस्ट की है,उनको नेक्स्ट टू डेज में बोलने का मौका दिया जाएगा ।

          डॉ.संजय जायसवाल ।

     

*t70 Title: Issue regarding alleged GST scam at India-Nepal border.

डॉ. संजय जायसवाल (पश्चिम चम्पारण): अध्यक्ष महोदय,माननीय वित्त राज्य मंत्री जी भी यहाँ मौजूद हैं, मैं आपका ध्यान भारत-नेपाल सीमा पर करोड़ों रुपये के जीएसटी घोटाले की तरफ आकृष्ट करना चाहता हूँ । गृह मंत्रालय द्वारा 139 करोड़ रुपये में इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट खोला गया, जहाँ पर सारे एक्सरे स्कैनर्स लगे हुए हैं, जिससे कि ट्रक्स इंडिया से नेपाल जा सकें । गृह मंत्रालय का जो कस्टम विभाग है, वह आज भी उस आई.सी.पी. पर शिफ्ट नहीं किया है,आधा समय वहाँ रहता है और आधा समय शहर के बीच में रहता है । जो भी गाड़ियाँ इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट से जाती हैं, लौटते समय वे सब नो-मैन्स लैंड में रुक जाती हैं और फिर रात को 10-11 बजे के बाद इंडियन कस्टम से पास कर जाती हैं, जबकि सरकारी कानून है कि जहाँ भी इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट है,वहीं सारी कस्टम की एक्टिविटीज होनी चाहिए । रात भर ये गाड़ियाँ चलती हैं । ये गाड़ियाँ नेपाल जाकर सारे जीएसटी का टैक्स बेनिफिट ले लेती हैं और वापस इंडिया आकर सारा सामान बेचने का काम करती हैं । इसलिए मेरा आपके माध्यम से माननीय वित्त मंत्री से यह अनुरोध रहेगा कि जब इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट रक्सौल में खुल गई है तो कस्टम डिपार्टमेंट पूरे तौर पर उस आई.सी.पी.में शिफ्ट कर जाना चाहिए । आपका बहुत-बहुत धन्यवाद ।

     

माननीय अध्यक्ष : कोई बहुत अविलम्ब का विषय हो, कोई आज घटना घटी हो तो वह बोल सकता  है । बाकी मैं कल और परसों लोगों को बोलने का मौका दूँगा ।

सभा की कार्यवाही कल दिनांक 30 जुलाई, 2019 को सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित की जाती है ।

21.07 hrs The Lok Sabha then adjourned till Eleven of the Clock   on Tuesday, July 30, 2019/Shravana 8, 1941(Saka)   * Not recorded * Not recorded * Not recorded * Not recorded * English translation of the speech originally delivered in Tamil.

* Not recorded.

* Not recorded * English translation of  the speech originally delivered in Tamil.

* English translation of  the speech originally delivered in Tamil.

 

* Not recorded