Lok Sabha Debates
Need To Write Off Loans Taken From Financial Institutions By Farmers Living ... on 15 July, 1998
nt> Title: Need to write off loans taken from financial institutions by farmers living alongside of Narmada river in Madhya Pradesh. श्री रामेश्वर पाटीदार (खरगोन) : सभापति महोदय, मध्य प्रदेश के नर्मदा नदी के किनारे बसे जिलों के हजारों किसानों ने बार-बार पड़ने वाले अकाल एवं अवर्षा से बचने के लिए एवं देश और प्रदेश को अकाल के समय खाद्यान्न एवं अन्य फसलें पैदा करके देने के लिए नर्मदा नदी को उद्वहन सिंचाई योजना राष्ट्रीयकृत बैंकों से कर्ज लेकर पाइप लाइन डालकर अपने खेतों में सिंचाई का प्रबन्ध किया। इसके लिए एक लाख रुपये से लेकर दस लाख रुपये तक कर्ज लिया। बैंक के कृषि अधिकारियों और विशेषज्ञों ने सही राय नहीं दी और अलाभकारी पाइप लाइन योजनाएं डलवा दीं। रासायनिक खाद, बीज, दवा, मजदूरों में दो से दुगने से भी अधिक व्ृाद्धि हो गई। प्रतिकूल मौसम और संक़ामक रोगों के कारण वर्ष दर वर्ष किसान घाटे में चला गया। आज उस पर बैंक की ब्याज दर भी १० से बढ़ाकर १५ प्रतिशत कर दी गई है। इन सब कारणों से किसान का कर्ज दोगुना हो गया। इससे अधिक बढ़ गया है। मध्य प्रदेश सरकार की कर्ज मुकित और केन्द्र सरकार की कर्ज मुकित का लाभ भी इन किसानों को नहीं मिल पाया है। आज हजारों किसान बर्बादी के कगार पर खड़े हैं। उनकी आर्िथक हालत जर्जर हो गई है। आज वे इस स्िथति में नहीं हैं कि कर्ज चुका सकें। लघु उद्योग जितना ही रुपया इन्होंने भी खर्च किया है, उसमें ही मजदूर किसानों के यहां काम करते हैं। इन किसानों की खेती को भी बीमार मानकर बीमार उद्योगों जैसा ही इनका कर्जा माफ किया जाये। कर्ज माफी के बाद भी सरकार घाटे में नहीं रहेगी, कयोंकि इन किसानों ने देश का जितने एकड़ का सिंचाई रकबा बढ़ाया है, सरकारी बांध, तालाब सिंचाई योजना से उसका आधा रकबा भी सिंचित नहीं हो पाता। देश को सिंचाई रकबे का सिंचाई लाभ हो गया है। इन बैंकों द्वारा किसानों से सख्ती से वसूली की जा रही है। इनकी भूमियां बिक जायें, तब भी ये सारा कर्जा नहीं चुका सकते। यही ठीक समय है जब किसानों को सच्ची राहत दी जा सकती है। MR. CHAIRMAN : Shri Suresh Chandel.
... (Interruptions)
SHRI TAPAN SIKDAR (DUMDUM): Sir, stern action should taken against that lady. That lady is the wife of the Member of Parliament who was removed from the House yesterday....(interruptions)...Yes, you should take stern action against her. MR. CHAIRMAN: The report will come very soon. Shri Suresh Chandel.
... (Interruptions)
SHRI JUAL ORAM : Sir, I am on a point of order.
MR. CHAIRMAN: Under what rule do you want to raise your point of order?
SHRI JUAL ORAM (SUNDARGARH): It is under Rule 376. I can quote it, if you permit me. I have got a copy of the rule book with me...(interruptions) मेरा यह कहना है कि हम किसी भी पब्िलक गैलरी के लिए या वी.आई.पी. गैलरी के लिए जो पास देते हैं, वे लोग सदस्यों के जरिये आते हैं। ... (व्यवधान)उस पास में अंडरटेकिंग है कि जो वहां जाएंगे ... (व्यवधान)
MR. CHAIRMAN: Please sit down. This is not a point of order. This is not related to Matters under Rule 377. Shri Suresh Chandel. ... (Interruptions) डा. शकील अहमद (मधुबनी) : वे एकस. एम.पी. हैं। श्री जुआल उराम : वे तो पीछे हैं। आप बोल ही सकते हैं, जो एकस. एम.पी. हैं ... (व्यवधान) श्री रघुवंश प्रसाद सिंह (वैशाली): इसको बहस का विषय नहीं बनाया जा सकता। ... (व्यवधान) श्रीमती सूर्यकांता पाटील (हिंगोली) : यह बहस का विषय नहीं होना चाहिए। तुम लोग एक तो महिलाओं का अपमान करते हो ... (व्यवधान)यह तो महिलाओं का अपमान करना होगा।
... (व्यवधान)
SHRIMATI KRISHNA BOSE (JADAVPUR): No, you cannot say that.
MR. CHAIRMAN: No, no. This is not a point of order. Please sit down. Shri Suresh Chandel. ... (Interruptions)
MR. CHAIRMAN: Please sit down. Shri Suresh Chandel.
... (Interruptions) श्री चन्द्रशेखर साहू (महासुमन्द): यह बिल केवल कांग्रेसियों के कारण नहीं आया। आप कया बात करते हैं, यह सारी कांसप्रेसी कांग्रेस की है। ... (व्यवधान) श्रीमती सूर्यकांता पाटील : यह चर्चा का विषय नहीं हो सकता।
... (व्यवधान) सभापति महोदय : उसकी सूचना हम मंगा रहे हैं। यह आपका पाइंट ऑफ ऑर्डर नहीं है। ... (व्यवधान) श्री सुदीप बंदोपाध्याय (कलकत्ता उत्तर-पश्िचम) : आप ऐसा बोलते हैं। उनकी ही चलेगी। हिम्मत से चलती है। ... (व्यवधान) सभापति महोदय : श्री सुरेश चन्देल की बात रिकार्ड पर जायेगी, बाकी की बात नहीं जायेगी। (व्यवधान)। ... (Interruptions)
MR. CHAIRMAN (SHRI BENI PRASAD VERMA): Shri Chavan, please control your Members. ... (Interruptions)
MR. CHAIRMAN: Please sit down.
... (Interruptions)
MR. CHAIRMAN: Your point of order is out of order.
... (Interruptions)
MR. CHAIRMAN: There is no point of order. Shri Suresh Chandel.
... (Interruptions) सभापति महोदय: श्री सुरेश चन्देल के अलावा और किसी की बात रिकार्ड में नहीं जाएगी (व्यवधान) ... (कार्यवाही-व्ृात्तान्त में सम्िमलित नहीं किया गया।) @ MR. CHAIRMAN: Ruling has been given by the Chair. You please sit down. Now, Shri Suresh Chandel. ... (Interruptions)
MR. CHAIRMAN: Nothing will go on record.
(Interruptions)* ______________________________________________________________________________ *Not Recorded.