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Lok Sabha Debates

Reported Attempts To Destabilise Elected State Governments Thereby ... on 25 April, 2016

Sixteenth Loksabha an> Title: Reported attempts to destabilise elected State Governments thereby undermining the Constitution.   श्री मल्लिकार्जुन खड़गे (गुलबर्गा) : Madam Speaker, I am sorry because  यदि यह बात पहले ही हो जाती कि आप एडजर्नमेंट मोशन के बारे में निर्णय लेकर हमें यह कहते कि आप इसे ज़ीरो आवर में उठा सकते हैं, तो यह मामला...(व्यवधान) माननीय अध्यक्ष  : कृपया आप बैठिए।

...(व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष  :   मैंने आपसे कहा था कि आप ज़ीरो आवर में इसे उठाएँ।

…( व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष  : इतना गुस्ता मत कीजिए। बैठ जाइए।

...(व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष  : ठीक है, लेकिन अभी तो मैं बैठी हूँ न! ...(व्यवधान)

श्री मल्लिकार्जुन खड़गे :  मैं आपकी नोटिस में यह लाना चाहता हूँ कि हमारे देश में, खासकर असंवैधानिक व्यवहारों का जो सिलसिला चल रहा है और attempts of the Union Government to topple an elected Government in the State of Uttarakhand speak for the democratic credentials of the present NDA Government. On the one hand, the Government celebrates the Constitution Day and speaks loud about Dr. Babasaheb Ambedkar and, in contrast, takes every possible measure to strangle democracy and support dissenting views. They want to destabilize the democratically-elected Governments in Uttarakhand, Arunachal and everywhere. … (Interruptions) माननीय अध्यक्ष  : अभी नहीं। I am sorry.

...(व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष  : श्री खड़गे जी, I am sorry,  ऐसा नहीं कहते। मैंने कहा है द मैटर इज सबज्यूडिस। ...(व्यवधान)

SHRI MALLIKARJUN KHARGE: Madam, I am talking about the action of the Government. माननीय अध्यक्ष  : उसी की बात चल रही है। ऐक्शन ऑफ द गवर्नमेंट पर ही चर्चा हो रही है। SHRI MALLIKARJUN KHARGE : I am not talking about the judiciary. I am not talking about the judgment. I am not talking about the High Court’s judgment or the Supreme Court’s remarks. I am only talking about the Government’s actions – how the Government is behaving; how they are trying to purchase MLAs, and how they are trying to pressurize the MLAs. How they are dividing MLAs; they want to destabilise and they want to install the BJP Government everywhere by killing the Constitution. … (Interruptions) What is this? … (Interruptions) HON. SPEAKER: Shri Mullappally Ramchandran.

… (Interruptions)

माननीय अध्यक्ष : आपकी बात हो गयी, बाकी आगे चर्चा नहीं होगी। मैंने कहा है कि the matter is sub judice.

… (Interruptions)

HON. SPEAKER: I am sorry. Now it is over.

श्री मल्लिकार्जुन खड़गे : मैडम, मैं सेंट्रल गवर्नमेंट के एक्शन के बारे में बात कर रहा हूं।...(व्यवधान) माननीय अध्यक्ष : अभी इसकी बात नहीं हो सकती है।

श्री मल्लिकार्जुन खड़गे : रूल 58(7), जो एडजूडिकेशन के बारे में है, मैं उसके बारे में नहीं बोलूंगा। माननीय अध्यक्ष : नहीं, बस इतना ही होता है। I am sorry. Now it is over.

SHRI MALLIKARJUN KHARGE: The Government is systematically planning to pull down the elected Governments of different States where they are in opposition. There appears to be a great hurry shown by the NDA Government to grab power in every State. Perhaps, the Government forgets that there is a democracy in this country, a rule of law and Constitution to defend the inalienable rights of the people. HON. SPEAKER: Now, it is over.

… (Interruptions)

श्री मल्लिकार्जुन खड़गे : अगर आप इस ढंग से चलें।...(व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष : इस विषय पर लम्बा भाषण नहीं देना है।

…( व्यवधान)

श्री मल्लिकार्जुन खड़गे : अगर आप इस ढंग से चले, अगर आप इंटरफियर करते रहे, यूनियन गवर्नमेंट अगर हर स्टेट में डिस्टेबलाइज करने की कोशिश करेगी तो इस देश में डेमोक्रेसी नहीं बचेगी, कांस्टीटय़ूशन नहीं रहेगा, कल के दिन कोई हम इस सदन में नहीं आएंगे।...(व्यवधान) माननीय अध्यक्ष :  इस विषय पर चर्चा नहीं होगी।

…( व्यवधान)

HON. SPEAKER: I am sorry. It is okay. आज इसे चर्चा का विषय नहीं बनाएं।

श्री मल्लिकार्जुन खड़गे : इसलिए हम चाहते हैं कि जो उत्तराखण्ड सरकार पर आर्टिकल 356 इम्पोज किया गया, वह कांस्टीटय़ूशन के खिलाफ था। ...(व्यवधान) माननीय अध्यक्ष : हो गया।

…( व्यवधान)

SHRI MALLIKARJUN KHARGE: Madam, you allow us. … (Interruptions)

माननीय अध्यक्ष : डिसकशन बाद में होगी।

श्री मल्लिकार्जुन खड़गे : इस पर नियम 193 के तहत चर्चा हो।...(व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष : वह आप नोटिस देंगे, फिर बीएसी तय करेगी, न कि मैं। आप नोटिस दे देना। …( व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष : डिसकशन हर चीज पर हो सकता है, अगर हाउस एग्री करे।

…( व्यवधान)

HON. SPEAKER: You give notice. I am sorry.

…( व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष : अभी इस पर चर्चा नहीं करेंगे। आप चर्चा मांग लो किसी भी नियम के अंतर्गत।           महताब जी, आप बोलिए।

SHRI BHARTRUHARI MAHTAB (CUTTACK): Madam, we have given notice to discuss the imposition of Article 356 in different States. As the matter has been raised here in ‘Zero Hour’, just allow me two sentences to speak.           The matter is in Court. We will wait for the Court’s verdict. We are confident that Courts would deliver justice. As the responsible political party, we are against any arbitrary imposition of Article 356 which will undermine the democracy and the federal structure of the country. … (Interruptions) HON. SPEAKER: Nothing will go on record except the Home Minister’s statement. … (Interruptions)…*   गृह मंत्री (श्री राजनाथ सिंह) :अध्यक्ष महोदया, श्री खड़गे जी ने जो कहा है, जो एक संकट पैदा हुआ है उत्तराखण्ड और अरुणाचल प्रदेश की सरकारों के समक्ष, उसके बारे में मैं स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि यह संकट हमारी पार्टी के द्वारा अथाव एनडीए के द्वारा पैदा नहीं किया गया है।...(व्यवधान) मेरी बात सुनिए।...(व्यवधान) HON. SPEAKER: Nothing will go on record except the Home Minister’s statement. इसके अलावा कोई भी बात रिकॉर्ड में नहीं जाएगी, कोई भी उठकर बोलेगा, वह रिकॉर्ड में नहीं जाएगी। … (Interruptions)… * श्री राजनाथ सिंह : यह जो संकट पैदा हुआ है, यह सब इनके दल का आन्तरिक संकट है, जिसके परिणामस्वरूप एक ऐसी स्थिति वहां पैदा हुई। ...(व्यवधान) मैंने आपकी बात सुनी है, अब आप मेरी बात सुन लीजिए, उसके बाद जो कहना हो, कहिए।...(व्यवधान) माननीय अध्यक्ष : यह अभी चर्चा का विषय नहीं है।

श्री राजनाथ सिंह : खड़गे जी, मैंने आपकी पूरी बात सुनी है, आप मेरी बात सुन लीजिए। ...(व्यवधान) आप मेरी पूरी बात सुन लीजिए।...(व्यवधान) माननीय अध्यक्ष : गृहमंत्री जी आप चेयर को एड्रेस करिए।

श्री राजनाथ सिंह : अध्यक्ष महोदया, मेरा यह कहना है कि आपका जो यह फैसला है कि यह मामला सब-जुडिश है, इस पर कोई चर्चा नहीं हो सकती है, उसका मैं स्वागत करता हूं। यदि चर्चा होनी भी है तो प्रोक्लमेशन ऑफ प्रेसिडेंट रूल है, उस पर चर्चा लोक सभा में होनी है और राज्य सभा में भी होनी है। जब उस पर चर्चा होगी तो मैं समझता हूं कि सभी दल उस पर अपनी बात रखेंगे।...(व्यवधान) HON. SPEAKER: Shri Mullapally Ramchandranji. Only Shri Mullapally Ramchandran, if he wants to say something, will go on record. Nothing else is going on record. … (Interruptions)…* माननीय अध्यक्ष : आपकी बात हो गयी है।

…( व्यवधान)

श्री मल्लिकार्जुन खड़गे : महोदया, आप मेरी एक मिनट बात सुन लीजिए।...(व्यवधान) माननीय अध्यक्ष :  आप मुद्दे की बात नहीं बोलते हैं, केवल बोलते जाते हैं।

श्री मल्लिकार्जुन खड़गे : मैडम, जो मुद्दे की बात है, मैं वही बोल रहा हूं। 

       इस सदन में चर्चाएं हुई हैं। अरुणाचल पर हुई है, बाबरी मस्जिद पर हुई है, इशरत जहां पर हुई है। मैं आपको कितने उदाहरण दूं कि जो मामले कोर्ट में पेंडिंग हैं, उन पर यहां डिसकशन हुआ है। यह सब सबजुडिस मैटर्स हैं। सबजुडिस मैटर होने के बावजूद भी आपकी पररमिशन लेकर हम यहां चर्चा कर सकते हैं...(व्यवधान) माननीय अध्यक्ष :  आप चर्चा के लिए नोटिस तो दीजिए। किसी ने चर्चा के लिए नोटिस नहीं दी है। इस तरह से चर्चा नहीं हो सकती है।        श्री मुल्लापल्ली रामचन्द्रन जी।

…( व्यवधान)

श्री मल्लिकार्जुन खड़गे : मंत्री जी ने कहा कि आंतरिक झगड़े की वजह से यह सब कुछ हुआ है।...(व्यवधान) माननीय अध्यक्ष : आप यह सब उस समय चर्चा के दौरान बोल दीजिएगा।

…( व्यवधान)

श्री मल्लिकार्जुन खड़गे : लेकिन मैं कहना चाहता हूं कि 28 तारीख तक रोक कर आप वहां किसके पास मेजोरिटी है, इसको देख सकते थे। बोम्मई केस के मुताबिक आप तय कर सकते थे, लेकिन 28 तारीख की बजाय आपने 26 को ही निर्णय ले लिया...(व्यवधान) HON. SPEAKER: Nothing will go on record.

… (Interruptions)… * माननीय अध्यक्ष : आप लम्बा भाषण मत कीजिए, क्योंकि इस पर चर्चा होनी है।