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Lok Sabha Debates

Regarding Situations Arising Due To The Trishul Distribution Programme ... on 5 May, 2003

Title: Regarding situations arising due to the Trishul distribution programme organised by the Vishwa Hindu Parishad in Delhi.

श्री रामजीलाल सुमन (फिरोजाबाद): अध्यक्ष महोदय, विश्व हिन्दू परिषद् के तत्वावधान में देश के वभिन्न प्रांतों में एक त्रिशूल दीक्षा कार्यक्रम हो रहा है। राजस्थान में हुआ, कल दिल्ली में हुआ और यह उस समय हुआ…( व्यवधान)

MR. SPEAKER: He came first and gave his notice. मेरे पास सभी के नाम हैं।

… (Interruptions)

श्री श्रीप्रकाश जायसवाल: अध्यक्ष महोदय, त्रिशूल की नोक पर कांग्रेस है, इसलिए त्रिशूल पर कांग्रेस को पहले बोलने दें। …( व्यवधान)

   

श्री रामजीलाल सुमन : अध्यक्ष महोदय, इस त्रिशूल दीक्षा के कार्यक्रम में भारत सरकार के गृह मंत्री ने विश्व हिन्दू परिषद् के तोगड़िया को निर्देशित किया था कि दीक्षा कार्यक्रम नहीं होना चाहिए। आज अखबारों में सुर्खियों में छपा है कि तोगड़िया ने आडवाणी के निर्देशों की धज्जियां उड़ाईं। दिल्ली में यह कार्यक्रम हुआ और दिल्ली पुलिस भारत सरकार के अधीन आती है। बहुत शांतिपूर्ण तरीके से पर्यावरणविद् विमलभाई, लेखिका गायत्री और छात्रा दुर्गा पोस्टर लिये बैठे ते और कह रहे थे कि त्रिशूल नहीं रोज़गार चाहिए, त्रिशूल नहीं पानी चाहिए - उनकी बेरहमी से पिटाई की गई। पूरे देश में भय और आतंक का वातावरण बनाने की कोशिश की जा रही है। गृह मंत्री बताएं कि उनके निर्देश के बावजूद भी यह दीक्षा कार्यक्रम कैसे चल रहा है। …( व्यवधान)राजस्थान, मध्य प्रदेश और दिल्ली में चुनाव आने वाले हैं। इसलिए जान-बूझकर सांप्रदायिक तनाव पैदा करने की कोशिश की जा रही है। गृह मंत्री ने निर्देशित किया था कि दीक्षा कार्यक्रम नहीं होना चाहिए। उसके बाद भी कार्यक्रम हुआ और सरकार की शह पर हुआ। इस प्रवीण तोगड़िया को पोटा के तहत गिरफ्तार करना चाहिए। पोटा के लिए कोई उपयुक्त केस है तो वह प्रवीण तोगड़िया का है। हमारी आपसे मांग है कि गृह मंत्री आकर बयान दें और प्रवीण तोगड़िया पर पोटा लगाएं।…( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदय : प्लीज़ बैठिये। मेरे पास इसी विषय पर श्री प्रवीण राष्ट्रपाल, श्री रघुनाथ झा और श्री मधुसूदन मिस्त्री के नोटिस आए हैं। मैं श्री प्रवीण राष्ट्रपाल को बोलने की इजाज़त दे रहा हूँ।

SHRI PRAVIN RASHTRAPAL : Sir, this is the issue which has a bearing on law and order in the capital of the country, which is the main responsibility of the Central Government. The Deputy Prime Minister, who is holding the portfolio of Home Minister, has totally failed in maintaining law and order in his constituency, that is, Gandhi Nagar in the State of Gujarat from where he is elected. Yesterday, he miserably failed in maintaining law and order in Delhi, which is the responsibility of the Central Government… (Interruptions)

श्री रामजीलाल सुमन : अध्यक्ष महोदय, गृह मंत्री को यहां बुलवाइए। गृह मंत्री के निर्देश के बावजूद भी त्रिशूल दीक्षा कार्यक्रम हुआ। तोगड़िया को पोटा में गिरफ्तार कीजिए।…( व्यवधान)

SHRI PRAVIN RASHTRAPAL : Sir, the leader of the Delhi City Youth Congress was arrested from his residence by the Delhi Police. I want to know from Shri Arun Jaitley and Shrimati Sushma Swaraj, who are sitting here, what was the offence committed by the Youth Congress President of Delhi and under which section he was arrested from his home. He just wanted to stage a demonstration for peace. On the other side three people, whose names were mentioned by my colleague Shri Ramjilal Suman, were simply sitting with posters that they want water and not Trishul. They were not protected by Delhi Police and they were mercilessly beaten and have been admitted to hospital.

I would like to know from the Central Government whether it is in favour of a man who is creating problems all over the country by conducting the programme of distribution of Trishul and charging Rs.50/-, Rs.75/- and Rs. 250/-. In fact, it is not a distribution, it is a sale of arms and ammunition. And whether it is in Rajasthan or Gujarat or Madhya Pradesh or Delhi, I would like to know under what rule that man is creating law and order problems in this country. The Deputy Prime Minister should inform the House about the failure of the Central Government. … (Interruptions)

MR. SPEAKER: Col. (Retd.) Sona Ram Choudhary, Shri K.A. Sangtam, and Shri Satyavrat Chaturvedi have also given notices on this subject. May I now request Shri Satyavrat Chaturvedi to speak?

… (Interruptions)

SHRI PRAVIN RASHTRAPAL : Sir, I want a reply from the Central Government. … (Interruptions)

श्री रघुनाथ झा (गोपालगंज): अध्यक्ष महोदय, हमने भी लिखकर दिया है। …( व्यवधान)

MR. SPEAKER: I allow all these Members to associate themselves with the main issue.

… (Interruptions)

श्री सत्यव्रत चतुर्वेदी (खजुराहो): माननीय अध्यक्ष महोदय,…( व्यवधान)

श्री रघुनाथ झा : अध्यक्ष महोदय, हमारा भी नोटिस है। पोटा का इस्तेमाल इस मामले में होना चाहिए, जबकि वाइको पर हो रहा है।…( व्यवधान)

श्री सत्यव्रत चतुर्वेदी :माननीय अध्यक्ष महोदय, कल दिल्ली में श्री प्रवीण तोगड़िया, विश्व हिन्दू परिषद् और उनके कुछ साथियों ने तथाकथित त्रिशूल दीक्षा का कार्यक्रम किया।

माननीय अध्यक्ष महोदय, ये सारे कार्यक्रम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ तथा उस परिवार के अन्य संगठनों द्वारा आयोजित किए जा रहे हैं। यह बात स्पष्ट रूप से बिलकुल साफ हो चुकी है कि इसे पूरा संरक्षण और पूरा सहयोग भारतीय जनता पार्टी की नीति और केन्द्रीय सरकार का प्राप्त है। कल जो त्रिशूल दीक्षा का कार्यक्रम दिल्ली में हुआ, वह इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार और उनके नेतृत्व में दोमुंहे पाखंडी राजनीतिक कार्यक्रम के जरिए पूरे देश के अन्दर साम्प्रदायिक सौहार्द के वातावरण को बर्बाद करने और धार्मिक आधार पर पूरे जनमानस को विभाजित करने का एक षडयंत्र अपने संकीर्ण राजनीतिक स्वार्थों के लिए किया जा रहा है।

श्री मदन लाल खुराना: अध्यक्ष महोदय, ये उनको हीरो बना रहे हैं। …( व्यवधान)

श्री सत्यव्रत चतुर्वेदी :मैं आपसे अनुरोध करना चाहता हूं और आपके माध्यम से सरकार से चेतावनी के साथ कहना चाहता हूं कि इस कार्यक्रम पर तत्काल अंकुश नहीं लगा और प्रवीण तोगड़िया जैसे …* पर तत्काल अंकुश नहीं लगाया गया,…( व्यवधान)

MR. SPEAKER: I remove that word from the record.

… (Interruptions)

श्री सत्यव्रत चतुर्वेदी :अध्यक्ष महोदय, उनके ऊपर कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए और इसे राष्ट्रीय अपराध घोषित कर के उन्हें तत्काल गिरफ्तार करना चाहिए। …( व्यवधान)

MR. SPEAKER: I will expunge unparliamentary words from the record.

श्री रामजीलाल सुमन : अध्यक्ष महोदय, गृह मंत्री महोदय के निर्देश के बावजूद यह कार्यक्रम दिल्ली में हुआ। …( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदय : श्री प्रभुनाथ सिंह जी, आप अपनी बात कहिए।

श्री रामजीलाल सुमन : अध्यक्ष महोदय, गृह मंत्री महोदय ने निर्देश दिया था कि दिल्ली में त्रिशूल दीक्षा का कार्यक्रम नहीं होना चाहिए, लेकिन यह कार्यक्रम दिल्ली में हुआ। क्या इस कार्यक्रम हेतु उनकी भी मूक सहमति थी ? महोदय, श्री तोगड़िया के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। …( व्यवधान)

* Expunged as ordered by the Chair डॉ. विजय कुमार मल्होत्रा: अध्यक्ष महोदय, ये यहां इस प्रकार, जो बार-बार कह रहे हैं, मैं बताना चाहता हूं कि त्रिशूल दीक्षा के कारण कोई घटना दिल्ली में नहीं हुई। फिर भी ये बार-बार कह रहे हैं कि उनको पकड़ लो, उन्हें गिरफ्तार कर लो। …( व्यवधान)

श्री सत्यव्रत चतुर्वेदी :अध्यक्ष महोदय, जो लोग रोटी और पानी मांग रहे थे, उन्हें पीटा गया, मारा गया। उनके विरुद्ध पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। उन्हें पुलिस ने परेशान किया।…( व्यवधान)

श्री रामजीलाल सुमन : अध्यक्ष महोदय, उस घटना में एक लेखिका गायत्री थीं, इसी प्रकार एक छात्रा थी, जिनकी पिटाई की गई। …( व्यवधान)

डॉ. विजय कुमार मल्होत्रा: अध्यक्ष महोदय, चाकू पर, छुरी पर, किसी पर बैन नहीं है। …( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदय : श्री प्रभुनाथ सिंह जी, क्या आप नहीं बोलना चाहते हैं ?

…( व्यवधान)

डॉ. विजय कुमार मल्होत्रा: अध्यक्ष महोदय, त्रिशूल बांटो या न बांटो, इससे हमारी पार्टी का कोई ताल्लुक नहीं है। …( व्यवधान)और न हमारा कोई कार्यक्रम है। …( व्यवधान)

श्री सत्यव्रत चतुर्वेदी :अध्यक्ष महोदय, मल्होत्रा जी से मेरा कहना है कि इस प्रकार के काम करके देश को बर्बाद न करें। आप लोगों से मेरा निवेदन है कि चुनावी राजनीतिक लाभ पहुंचाने के लिए आप सारे देश को विभाजित करने पर तुले हुए हैं, ऐसा न करें।…( व्यवधान)

डॉ. विजय कुमार मल्होत्रा: अध्यक्ष महोदय, औरंगजेब ने त्रिशूल पर बैन लगाया था। चार इंच के त्रिशूल पर औरंगजेब ने बैन लगा दिया, तो क्या त्रिशूल बंटना बन्द हो गयाऔर क्या आप इस प्रकार की बातें कहकर त्रिशूल का बंटना बन्द करा देंगे ? …( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदय : मंत्री जी चाहें तो जवाब दे सकते हैं, मैं उन्हें फोर्स नहीं कर सकता हूं।

…( व्यवधान)अध्यक्ष महोदय : सदन में दूसरे विषय भी बहुत से हैं।

…( व्यवधान)श्री मधुसूदन मिस्त्री (साबरकांठा): महोदय, मैं भी एसोसिएट कर रहा हूं।

अध्यक्ष महोदय : मैंने सभी का नाम एसोसिएट किया है।

…( व्यवधान)