Lok Sabha Debates
Non-Supply Of Foodgrains As Relief Measure To The Drought Affected Areas Under ... on 9 March, 2006
> Title : Non-supply of foodgrains as relief measure to the drought affected areas under Antyodaya Scheme (Food for work) in Rajasthan. श्रीमती किरण माहेश्वरी : अध्यक्ष महोदय, पूरे देश के किसानों और राजस्थान की जनता के संदर्भ में बहुत महत्वपूर्ण मामला है, लेकिन इस बात को कहने से पूर्व एक महत्वपूर्ण विषय, जिस के संदर्भ में क्वैश्चन आवर के समय आपने कहा था कि जीरो आवर में उठाएं। कृपलानी जी ने आपसे जीरो आवर में मामला उठाने की रिकवैस्ट की है। …( व्यवधान) अध्यक्ष महोदय: मैं उनको भी बुलाऊंगा।
…( व्यवधान)
MR. SPEAKER: I will allow him to raise it. If you want to raise your issue, do so.
…( व्यवधान)
अध्यक्ष महोदय: आपका कुछ रिकॉर्ड नहीं होगा। आप कुछ मत बोलिए।
...( व्यवधान)...* MR. SPEAKER: Shrimati Kiran Maheswari, do you want to speak on your issue?
… (Interruptions)
MR. SPEAKER: I thought I could request the leadership of the party! I have called the first four names from your party and this is the type of interference and reflection on the Chair. श्री श्रीचन्द कृपलानी : आपने १२ बजे बुलाने के लिए कहा था। …( व्यवधान)
अध्यक्ष महोदय: मैंने ऐसा नहीं कहा था कि १२ बजे ही बुलाऊंगा। During this time. It is for me to decide. All these are very important issues concerning the poor people of the country. Do not try to browbeat me. It will be wrong on your part to do that[KMR15] . * Not Recorded.
श्रीमती किरण माहेश्वरी : मैं आपके माध्यम से सदन का ध्यान इस ओर आकर्षित कराना चाहती हूं कि ए.पी.एल. और बी.पी.एल. को मिलने वाले गेहूं के बारे में पूरे देश में भ्रम फैला हुआ है। एक तरफ सरकार यह दावा करती है कि ए.पी.एल. को ३५ किलोग्राम गेहूं प्रति परिवार, प्रति माह दे रहे हैं वहीं दूसरी तरफ जब प्रश्न पूछा गया था, तब जवाब में कहा गया था कि उसे ३५ किलोग्राम से घटाकर २० किलोग्राम प्रति परिवार, प्रति माह कर दिया गया है। आज ए.पी.एल. को गेहूं कहीं नहीं मिल रहा है। यही नहीं बी.पी.एल. को पूर्व में ३५ किलोग्राम गेहूं प्रति माह मिल रहा था, उसे घटाकर २० किलोग्राम प्रति परिवार, प्रति माह कर दिया गया है। आज सरकार बी.पी.एल. के प्रति परिवार को प्रति माह गेहूं भी उपलब्ध नहीं करा पा रही है जिसकी वजह से पूरे हिन्दुस्तान में बी.पी.एल. परिवार, जो हमेशा कहते रहे हैं “कांग्रेस का हाथ गरीब के साथ है” लेकिन सरकार उन बी.पी.एल के लोगों को, गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोगों को प्रति परिवार, प्रति माह गेहूं सप्लाई नहीं करवा पा रही है। मैं सरकार का ध्यान इस ओर आकर्षित कराना चाहती हूं।…( व्यवधान) अध्यक्ष महोदय : यह भाषण देने का समय नहीं है, महत्वपूर्ण विषय उठाने का समय है। This `Zero Hour’ will go. … (Interruptions)
श्रीमती किरण माहेश्वरी : अंत्योदय योजना “काम के बदले अनाज” शुरू हुई थी, इस योजना के तहत अकाल राहत कार्य शुरू हो गया है, अकाल राहत कार्य के तहत काम के बदले अनाज देने में सरकार सक्षम नहीं है और पर्चियां दे रही है।…( व्यवधान) अध्यक्ष महोदय : ठीक है। यह क्या हो रहा है?
...( व्यवधान)
श्रीमती किरण माहेश्वरी : वहां गरीब लोग जो काम कर रहे हैं, जिन्हें काम के बदले अनाज मिलना चाहिए, लेकिन उन्हें अनाज नहीं मिल रहा है केवल पर्चियां मिल रही हैं। इसलिए मैं आपका ध्यान आकर्षित करना चाहती हूं कि सरकार इस ओर ध्यान दे। बी.पी.एल. परिवार, गरीब परिवार जिन्हें सरकार की ओर से गेहूं मिलता था, वह नहीं दिया जा रहा है…( व्यवधान) MR. SPEAKER: Please take your seats, hon. Members. Let there be some order in the House. आप इसे खत्म कीजिए। ...( व्यवधान)
श्रीमती किरण माहेश्वरी : यह बहुत महत्वपूर्ण विषय है। सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए। जो दावा करने वाली सरकार है, वह यहां जवाब दे कि बी.पी.एल. परिवारों को गेहूं क्यों नहीं मिल रहा है।…( व्यवधान) MR. SPEAKER: Hon. Members, are we doing justice to ourselves? I would like to humbly ask the hon. Members. It is a matter for raising issues. I am allowing the hon. Members. There are interruptions all the time. Within a reasonable time, we have to conclude this. This is not a debate. Are we utilising this important time? I am appealing to all of you. Somebody has to be there to regulate the proceedings of the House. You are trying to impose all your decisions on the Chair. Who will speak and when? Whether one will speak or not? Everything is being decided by yourselves? … (Interruptions)
अध्यक्ष महोदय : यहां क्या हो रहा है? हमने आपको बोलने का मौका दिया है, आप इसे जल्दी खत्म कीजिए। बहुत लंबे भाषण का समय नहीं है। ...( व्यवधान)
श्रीमती किरण माहेश्वरी : सरकार को जवाब देना चाहिए कि गेहूं जनता को कब देंगे?…( व्यवधान)
अध्यक्ष महोदय : अभी जवाब नहीं मिलेगा। श्री श्रीचन्द कृपलानी।
…( व्यवधान)
अध्यक्ष महोदय : आप लोग भी बैठ जाइए।
...( व्यवधान)
MR. SPEAKER: In many State Assemblies in the country, hon. Members are being expelled or suspended. Something like that has to be done. श्री श्रीचन्द कृपलानी : अध्यक्ष महोदय, मैं आपके माध्यम से सरकार का ध्यान आकर्षित कराना चाहता हूं।…( व्यवधान) अध्यक्ष महोदय : आपको थोड़ा धीरज रखना चाहिए। You are a hon. Member of this House. Behave like an hon. Member. I have been saying that I would allow you. You are disturbing your own Members. श्री श्रीचन्द कृपलानी : अध्यक्ष महोदय, मैंने डिस्टर्ब नहीं किया।…( व्यवधान)
अध्यक्ष महोदय : आपने डिस्टर्ब नहीं किया? हम आपको इसकी कैसेट भेजेंगे।
...( व्यवधान)
MR. SPEAKER: Shri Srichand Kriplani, you should apologise to the Chair. He should tender his apologies to the whole House. श्री श्रीचन्द कृपलानी : अध्यक्ष महोदय, मैं आपसे निवेदन कर रहा हूं। …( व्यवधान)
अध्यक्ष महोदय : हम आपको कैसेट भेजेंगे, आप उसे देखेंगे तो शर्मिन्दा होंगे।
...( व्यवधान)
SHRI SRICHAND KRIPLANI : I am very sorry, Sir. मैं आपसे क्षमा चाहता हूं।…( व्यवधान)
अध्यक्ष महोदय : आप बोलिए।
...( व्यवधान)