Lok Sabha Debates
Regarding Cag Report On Iron Ore Scam. on 31 July, 2015
Sixteenth Loksabha an> Title:Regarding CAG report on iron ore scam.
श्री निशिकान्त दुबे (गोड्डा) : उपाध्यक्ष महोदय,... भ्रटाचार की जननी है और यह गंगोत्री में डूबी हुई है। ...(व्यवधान) सीएजी की लगातार रिपोर्टें आयी हैं और इसने टू-जी, कोलगेट, सीडब्ल्यूजी आदि घोटाले जाहिर किये हैं। ...(व्यवधान) आज यह अपनी चोरी बंद करने के लिए ऐसा कर रहे हैं। ...(व्यवधान)
उपाध्यक्ष महोदय, मैं एक बहुत ही महत्वपूर्ण मुद्दे की तरफ आपका और इस देश का ध्यान ले जाना चाहता हूं। ...(व्यवधान) अभी सीएजी की एक रिपोर्ट डय़ूल फ्रेट के बारे में आयी है। ...(व्यवधान) रेल मंत्रालय ने 22 मई, 2008 को रेलवे में दोतरफा फ्रेट जारी किया। ...(व्यवधान) रेल मंत्रालय ने यह इसलिए जारी किया, क्योंकि वाऩ 2009 में इलैक्शन होने वाला था और उनको इसकी स्मगलिंग करानी थी। ...(व्यवधान) डय़ूल फ्रेट रोकने के लिए रेलवे के पास कोई भी ऐसे काम नहीं थे या कोई अधिकारी ऐसे नहीं थे, जिन्हें यह पता होता कि यह डोमेस्टिक आयरन ओर जायेगा या यह इंटरनैशनल आयरन ओर जायेगा। ...(व्यवधान)
उपाध्यक्ष महोदय, यह कारण था कि रेलवे के माध्यम से, खासकर हमारे झारखंड से लगातार आयरन ओर की चोरी हो रही थी। ...(व्यवधान) यहां के बिजनसमैन एक वैगन की बुकिंग कराते थे और कहते थे कि हम डोमेस्टिक फ्रेट ले जा रहे हैं और उसे चाइना, जापान या जहां कहीं भी बेचना होता था, स्मगलिंग के माध्यम से बेचते थे। ...(व्यवधान) इसमें सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वाऩ 2010-11 में सीएजी की रिपोर्ट आयी। ...(व्यवधान) सीएजी की रिपोर्ट में रेलवे ने उसकी कोई भी एक्शन टेकन रिपोर्ट नहीं दी। ...(व्यवधान) उसके बाद वाऩ 2012-13 में फिर सीएजी की रिपोर्ट आयी। ...(व्यवधान) दो-दो बार रिपोर्ट आ गयी, लेकिन उसके बाद भी कांग्रेस ने कार्रवाई नहीं की। ...(व्यवधान) इसके बाद फाइनली अभी वाऩ 2015 में एक रिपोर्ट आयी है और कहा गया है कि चूंकि कांग्रेस ने यह काम नहीं किया, इसे रोकने का प्रयास नहीं किया। ...(व्यवधान) सारे रेल मंत्री और रेलवे बोर्ड इसके दोााळ हैं। ...(व्यवधान) इस कारण से देश को 30 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। ...(व्यवधान)
उपाध्यक्ष महोदय, मैं आपके माध्यम से सरकार से आग्रह करना चाहता हूं कि सारे रेल मंत्रियों के ऊपर, वाऩ 2008 से जो भी रेल मंत्री रहे हैं, उनके ऊपर एफआईआर दर्ज कीजिए, व्हाइट पेपर जारी कीजिए और उन्हें जेल भेजिये। ...(व्यवधान)
HON. DEPUTY SPEAKER:
Shri Bhairon Prasad Mishra, Shri P.P. Chaudhary and Shri Gajendra Singh Shekhawat are permitted to associate with the issue raised by Shri Nishikant Dubey.