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Lok Sabha Debates

Regarding Role Of Nirav Modi And His Associates. on 30 July, 2018

Sixteenth Loksabha an> Title: Regarding role of Nirav Modi and his associates.

श्री निशिकान्त दुबे (गोड्डा) : धन्यवाद अध्यक्ष महोदया ।

          मैं आपके माध्यम से कांग्रेस की जो नीतियां रही हैं, उनके बारे में बोलूंगा। ये 20-80 की स्कीम लेकर आए थे, जिसके कारण एक लाख करोड़ रुपये का करप्शन और स्कैम हुआ। मैं आपके माध्यम से पूरे देश का ध्यान इस ओर आकृष्ट करना चाहता हूं। दिनांक 30 जनवरी, 2014 को उस वक्त के तत्कालीन वित्त मंत्री के नेतृत्व में मिनिस्ट्री ऑफ फाइनेंस में एक मीटिंग हुई। उसके मीटिंग के बारे में कहा गया - A meeting was called, which was attended by the representatives from RBI, DGFT, CBEC and Department of Revenue, where it was decided that the request of star-trading house and premium-trading house for their inclusion in 20:80 scheme may be considered. कुछ बिज़नेस हाउसिज़ को फायदा पहुंचाने के लिए ये 20-80 की इस स्कीम को लेकर आए। इसके बाद डिपार्टमेंट ऑफ रेवेन्यु और कस्टम एण्ड एक्साइज़ बोर्ड ने इसे अपोज़ किया और कहा कि इससे नुकसान होगा। लेकिन उस वक्त की तत्कालीन सरकार ने यह सोचा कि क्रूड ऑयल का दाम बहुत बढ़ रहा है और उसे फॉरेन एक्सचेंज कमाना है।

          अध्यक्ष महोदया, आपको आश्चर्य होगा कि एक डॉलर मतलब 60 रुपये कमाने के लिए इस देश के खजाने से 212 रुपये दिए गए। हमने 60 रुपये कमाए और 212 डॉलर का हमने उन कंपनियों को फायदा दिया। इसके अलावा आपको इस पर भी आश्चर्य होगा कि स्टार ट्रेडिंग और प्रीमियर ट्रेडिंग का जो क्लासिफिकेशन हुआ, उसमें डी.जी.एफ.टी. के क्लासिफिकेशंस अलग थे, एस.ई.जे़ङ के क्लासिफिकेशन अलग थे और इसके कारण टोटल एक लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।…(व्यवधान) इतना ही नहीं, इस सरकार ने ‘अंधेर नगरी चौपट राजा, टके सेर भाजी टके सेर खाजा’ का काम किया। आप बताएं कि डायमंड, जो मैन मेड है और जिसका माइनिंग में प्रोडक्शन होता है, दोनों के रेट इन्होंने बराबर के फिक्स किए। …(व्यवधान) वर्ष 2012 से लगातार इन्होंने कम से कम 15 कंपनियों को फायदा पहुंचाया।

          अध्यक्ष महोदया, आपके माध्यम से मेरा सरकार से आग्रह है कि वह 20-80 स्कीम पर उस वक्त के तत्कालीन वित्त मंत्री, उस वक्त के तत्कालीन आर.बी.आई. के गवर्नर, उस वक्त के तत्कालीन इकोनॉमिक सेक्रेट्री और उस वक्त के तत्कालीन बैंकिंग सेक्रेट्री के ऊपर एफ.आई.आर. करे, सी.बी.आई. इंक्वॉयरी करे, ई.डी. द्वारा जांच हो और इस स्कैम को बाहर निकाला जाए। धन्यवाद।

माननीय अध्यक्ष: श्री शरद त्रिपाठी, कुँवर पुष्पेन्द्र सिंह चन्देल, श्री शिवकुमार उदासि, श्री रोड़मल नागर एवं श्री भैरों प्रसाद मिश्र को श्री निशिकान्त दुबे द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है।

 

SHRI BHARTRUHARI MAHTAB (CUTTACK): Madam Speaker, I was expecting some response after Nishikant Dubey ji had allegedly said whatever he wants to say.  He had prepared a draft report and it is still pending.  But, I think, the Government should respond to his queries and to his allegations.  But my point here, today, is this. … (Interruptions)

SHRI NISHIKANT DUBEY (GODDA): The draft Report is pending.  The Congress Chairman is objecting to it and you are a member.  I am not a member.  I cleared it but it is pending with Congress.  He is the Chairman… (Interruptions)He is obstructing it.  Since you are a part of this Committee, it is my humble request to ask the Chairman.… (Interruptions)