Legal Document View

Unlock Advanced Research with PRISMAI

- Know your Kanoon - Doc Gen Hub - Counter Argument - Case Predict AI - Talk with IK Doc - ...
Upgrade to Premium
[Cites 0, Cited by 0]

Lok Sabha Debates

Need To Install A Statue Of Chhatrapati Shivaji Maharaj In Chhatrapati Shivaji ... on 27 April, 2016

Sixteenth Loksabha an> Title: Need to install a statue of Chhatrapati Shivaji Maharaj in Chhatrapati Shivaji Terminus.

श्री चन्द्रकांत खैरे (औरंगाबाद) :  अध्यक्ष महोदया, मुंबई स्थित श्री छत्रपति शिवाजी टर्मिनस शहर का सबसे बढ़िया ऐतिहासिक इमारत और ऐतिहासिक रेलवे स्टेशन है, जिसका डिजाइन विक्टोरिया और मुगलकालीन आर्किटैक्ट से प्रभावित है। यहां सेन्ट्रल रेलवे का मुख्यालय भी है। इस भव्य स्टेशन का निर्माण वर्ष 1887 में भारत में पहली ट्रेन चलने के 34 साल बाद हुआ था। पहले इसे विक्टोरिया टर्मिनस के नाम से जाना जाता था। बाद में वर्ष 1996 में महाराष्ट्र के शूरवीर योद्धा श्री छत्रपति शिवाजी महाराज के सम्मान में इस विक्टोरिया टर्मिनस का नाम बदलकर छत्रपति शिवाजी टर्मिनस रख दिया गया। इसे यूनेस्को द्वारा वर्ष 1984 में वर्ल्ड हेरिटेज साइट भी घोषित किया गया।

          छत्रपति शिवाजी टर्मिनस पूरे भारत का सबसे व्यस्त स्टेशन है और यहां प्रतिदिन लाखों की संख्या में यात्रियों का आवागमन होता है। इस ऐतिहासिक इमारत को देखने के लिए भी लाखों की संख्या में पर्यटक यहां आते हैं।

          श्री छत्रपति शिवाजी महाराज भारतीय शासक और मराठा साम्राज्य के संस्थापक थे। इनका जन्म पुणे के पास शिवनेरी दुर्ग में हुआ था। शिवाजी महाराज एक बहादुर, बुद्धिमान और निडर शासक थे जिन्होंने पश्चिमी महाराष्ट्र में स्वतंत्र हिन्दु राष्ट्र की स्थापना की थी। शिवाजी महाराज हमेशा महाराष्ट्र का गौरव एवं अभिमान रहे हैं।

          अत: मेरा आपके माध्यम से अनुरोध है कि इस टर्मिनस के भीतर श्री छत्रपति शिवाजी महाराज का एक सुन्दर पुतला लगाया जाए ताकि टर्मिनस के अंदर भी उनकी यादें जुड़ी रहें और यहां आने-जाने वाले यात्रियों एवं पर्यटकों को श्री छत्रपति शिवाजी महाराज के योगदान के संबंध में जानकारी प्राप्त हो सके तथा  महाराष्ट्र से बाहर से आने वाले लोग भी इस योद्धा के बारे में परिचित हो सकें। इससे न सिर्फ उनके बारे में देश-विदेश की जनता के ज्ञान में वृद्धि होगी अपितु लोगों में इस शूरवीर योद्धा के प्रति सम्मान में भी बढ़ोतरी होगी। धन्यवाद।

माननीय अध्यक्ष :

 
कुंवर पुष्पेन्द्र सिंह चन्देल,   श्री श्रीरंग आप्पा बारणे,   श्री रोड़मल नागर,   श्री सुधीर गुप्ता,   श्री चन्द्र प्रकाश जोशी,   डा. मनोज राजोरिया,   श्री भैरों प्रसाद मिश्र,   श्री अरविंद सावंत,   श्री राम मोहन नायडू किंजरापु,   श्री विनायक राउत और   श्री गजानन कीर्तिकर को श्री चन्द्रकांत खैरे द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है।