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State Consumer Disputes Redressal Commission

Om Prakash Lohia vs Dr. R.R. Singh on 8 January, 2024

  	 Cause Title/Judgement-Entry 	    	       STATE CONSUMER DISPUTES REDRESSAL COMMISSION, UP  C-1 Vikrant Khand 1 (Near Shaheed Path), Gomti Nagar Lucknow-226010             Complaint Case No. CC/45/2019  ( Date of Filing : 14 Feb 2019 )             1. Om  Prakash Lohia  S/O Late Sita Ram Lohia R/O House No. 72 (New No. 82) Vasudsev Bara Bazar Jhansi (Husband Of Deceased Smt. Radha Lohia) ...........Complainant(s)   Versus      1. Dr. R.R. Singh  MD (Medicine) C/O Raghuvendra Hospital and Heart Centre Pvt Ltd (A Super Specialty Hospital) Opposite Gate No. 2 Medicl College Kanpur Road Jhansi ............Opp.Party(s)       	    BEFORE:      HON'BLE MR. JUSTICE ASHOK KUMAR PRESIDENT            PRESENT:      Dated : 08 Jan 2024    	     Final Order / Judgement    

( मौखिक )   राज्‍य उपभोक्‍ता विवाद प्रतितोष आयोग , उ0प्र0 लखनऊ।

 

परिवाद संख्‍या :45/ 2019   ओम प्रकाश लोहिया बनाम्   डा0 आर0 आर0 सिंह, एम0डी0 (मेडिसिन) व एक अन्‍य समक्ष  :-

     1-मा0 न्‍यायमूर्ति श्री अशोक कुमार,       अध्‍यक्ष।   

 

 

 

      उपस्थिति :

 

     परिवादी की ओर से उपस्थित-     कोई नहीं।

 

     विपक्षी  की ओर से उपस्थित-          श्री आलोक सिन्‍हा।

 

 दिनांक : 08-01-2024 

 

 मा0  न्‍यायमूर्ति श्री अशोक कुमार ,  अध्‍यक्ष   द्वारा उदघोषित निर्णय

 

 

 

 

 

परिवादी के विद्धान अधिवक्‍ता अनुपस्थित है विपक्षी के विद्धान अधिवक्‍ता श्री आलोक सिन्‍हा उपस्थित आए और पीठ को अवगत कराया कि परिवादी की मृत्‍यु दौरान परिवाद लम्‍बन दिनांक 06-09-2023 को हो गयी है।

     प्रस्‍तुत परिवाद इस न्‍यायालय के सम्‍मुख कुल धनराशि रू0 94,15,706/- मय 18 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से ब्‍याज सहित दिलाये जाने हेतु योजित किया गया है जिसमें व्‍यय की गयी धनराशि के अलावा मानसिक एवं शारीरिक कष्‍ट, क्षतिपूर्ति एवं वाद व्‍यय की भी मांग की गयी है।  

      -2-  

यद्धपि प्रस्‍तुत परिवाद वर्ष 2019 से इस न्‍यायालय के सम्‍मुख सुनवाई हेतु लम्बित है और विगत 05 वर्षों से विभिन्‍न तिथियों पर सूचीबद्ध हुआ और निम्‍न विस्‍तृत आदेश भिन्‍न-भिन्‍न तिथियों पर पारित किये गये तदनुसार आज वाद सुनवाई हेतु सूचीबद्ध है।

विपक्षीगण की ओर से विद्धान अधिवक्‍ता श्री आलोक सिन्‍हा द्वारा इस न्‍यायालय को प्राप्‍त सूचना के आधार पर यह अवगत कराया गया कि परिवादी श्री ओम प्रकाश लोहिया जो कि एक वरिष्‍ठ अधिवक्‍ता होने के साथ-साथ लोकतंत्र सेनानी भी थे और वह एक अधिवक्‍ता के रूप में कार्यरत थे जिनका निधन दिनांक 06-09-2023 को हो गया है जिस संबंध में स्‍व0 ओम प्रकाश लोहिया परिवादी के परिवार द्वारा श्रद्धांजलि सभा से संबंधित पत्र की छायाप्रति प्रस्‍तुत की गयी है जो पत्रावली पर सुरक्षित रखी जावे।

विपक्षी के विद्धान अधिवक्‍ता श्री आलोक सिन्‍हा द्वारा इस न्‍यायालय का ध्‍यान मा0 राष्‍ट्रीय आयोग द्वारा पारित निर्णय एवं आदेश दिनांक 17-01-2003 की ओर आकर्षित किया गया जिसके तथ्‍य एवं प्रस्‍तुत परिवाद के तथ्‍य में समानता यह पायी गयी कि उक्‍त परिवाद में परिवादी की मृत्‍यु होने के कारण यदि परिवाद लम्‍बन की अवधि में चिकित्‍सा संबंधी सेवा में कमी से संबंधित वाद योजित किया जाता है तब उस स्थिति में परिवादी द्वारा प्रस्‍तुत परिवाद परिवादी की मृत्‍यु के पश्‍चात स्‍वमेव समाप्‍त हो जाता है तथा यह कि जो परिवादी को चिकित्‍सा सेवा में कमी हुई है उस कमी के बारे में परिवादी के अलावा अन्‍य किसी भी वादी/व्‍यक्ति को कोई अधिकार नहीं है। मा0 राष्‍ट्रीय आयोग द्वारा II (2003) CPJ 28 (NC)  Janak Kumari Vs. Dr Balwinder Kaur Nagpal & Anr.  Revision Petition No. 2146 of 2002-Decided on 17-01-2003 (i) Consumer Protiction Act, 1986-Section 21(b) -Transfer of Property Act, 1882 Sections 3 and 6 Medical Services-Negligence in treatment-Complainant died during pendency of complaint-Personal action dies with death of claimant -Right ot sue, not actionable claim-Claim for unliquidated damages for tortuous liability, mere right to sue, cannot be transferred.  का संज्ञान लेतु हुए निर्णय एवं आदेश पारित किया गया है। उपरोक्‍त निर्णय का परिशीलन करने के उपरान्‍त मेरे विचार से प्रस्‍तुत परिवाद निरस्‍त किये जाने योग्‍य है।

  -3-  

तदनुसार परिवाद निरस्‍त किया जाता है।

 

     आशुलिपिक से अपेक्षा की जाती है कि वह इस निर्णय/आदेश को आयोग की वेबसाइट पर नियमानुसार यथाशीघ्र अपलोड कर दें।

   

(न्‍यायमूर्ति अशोक कुमार) अध्‍यक्ष प्रदीप मिश्रा, आशु0 कोर्ट नं0-1                       [HON'BLE MR. JUSTICE ASHOK KUMAR] PRESIDENT