Lok Sabha Debates
Demand To Regulate Slums Along Railway Lines In Gujrat. on 3 December, 2021
Seventeenth Loksabha an> Title: Demand to regulate slums along railway lines in Gujrat.
श्री गोपाल शेट्टी (मुम्बई उत्तर):सभापति जी, परसों जब मैंने मुम्बई शहर की झोपड़ पट्टी का विषय उठाया था, तब आप चेयर पर थे । आज मैं राष्ट्रीय स्तर पर केंद्र सरकार की जमीनों पर बसी हुई झोपड़ पट्टी का मुद्दा उठा रहा हूं ।
महोदय, आपको याद होगा कि वर्तमान उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू जी जब अर्बन डेवलपमेंट मिनिस्टर थे,तब दिल्ली की हजारों झोपड़ पट्टियों को रेग्यूलराइज करके जमीन भी उनके नाम पर करने का काम इसी पार्लियामेंट में किया था । वर्ष 1985 में कुछ लोग कोर्ट गए थे कि रेलवे लाइन के साथ सटी हुई झोपड़ पट्टी को तोड़कर रेलवे लाइन का काम करना चाहिए । रेलवे लाइन का काम पूरे देश में होना चाहिए, इसे कोई नकार नहीं सकता है लेकिन झोपड़ पट्टी वालों को स्थानांतरित करने का कायदा भी नियम में किया गया है । दिल्ली में 2015 तक के बसे लोगों को जगह देने का नियम बनाया है । सुप्रीम कोर्ट में एफिडेविट दिया गया कि दिल्ली के लोगों के लिए हमने कायदा बनाया है कि सभी लोगों को शिफ्ट करके बाद में रेलवे लाइन का काम करेंगे । मेरा आपसे यह निवेदन है कि जो कायदा दिल्ली के लोगों पर लागू होगा, वही कायदा सारे देश के लोगों पर भी लागू होना चाहिए । गुजरात में भी 10 हजार लोगों की झोपड़ पट्टी रेलवे लाइन के पास टूटनी है । वे भी कोर्ट में गए हैं । उसका जजमेंट भी कुछ समय में आने वाला है । मेरा निवेदन है कि जो कायदा गुजरात और दिल्ली के लिए होगा, देश के प्रधान मंत्री कहते हैं कि ‘एक देश एक कानून’ तो सारी केंद्र सरकार की जमीन पर बनी झोपड़ पट्टीवासियों को स्थानांतरित करके वहां का विकास किया जाए, इस प्रकार की मांग मैं एक बार फिर आपके माध्यम से सरकार से करना चाहता हूं ।
माननीय सभापति : नामानागेश्वर रावजी, आप हमारेबहुत वरिष्ठसांसद हैं औरबहुत वरिष्ठनेता हैं । आप अपने सहयोगियोंको कहें किवे अपनी सीटोंपर जाकर बैठें, मैंआपको बोलने काअवसर देता हूं । यदि आप भीउन्हें कह देंगे, तोवे अपनी सीटोंपर चले जाएंगे । आप वेल सेवापस अपनी सीटोंपर चले जाइए ।
नामा नागेश्वरजी, आपकीबात में दमहै, आप इसपोस्टर को नीचेरख दीजिए ।
12.57 hrs At this stage, Shri B.B.Patil, Shrimati Kavitha Malothu and some other hon. Members went back to their seats.