State Consumer Disputes Redressal Commission
Chaudhary Noori Singh Memorial Academy vs Mamta Devi on 18 January, 2017
Cause Title/Judgement-Entry STATE CONSUMER DISPUTES REDRESSAL COMMISSION, UP C-1 Vikrant Khand 1 (Near Shaheed Path), Gomti Nagar Lucknow-226010 First Appeal No. A/2011/1684 (Arisen out of Order Dated in Case No. of District State Commission) 1. Chaudhary Noori Singh Memorial Academy Memorial Academy Dhbarasi. Throuhg, Principal Brahmpal Singh Jyotiba Phuley Nagar ...........Appellant(s) Versus 1. Mamta Devi W/p Kamal Singh Resident Of Village Garabpur. Dr, Ujhari Tehsil Hasanpur Jyotiba Phuley Nagar ...........Respondent(s) BEFORE: HON'BLE MR. Udai Shanker Awasthi PRESIDING MEMBER HON'BLE MR. Raj Kamal Gupta MEMBER For the Appellant: For the Respondent: Dated : 18 Jan 2017 Final Order / Judgement
मौखिक राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, उ0प्र0 लखनऊ (जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम, जे0पी0नगर द्वारा परिवाद संख्या 30सन 2011 में पारित प्रश्नगत निर्णय एवं आदेश दिनांक 12.08.2011 के विरूद्ध) अपील संख्या 1684 सन 2011 चौधरी नूरी सिंह मेमोरियल एकादमी ढवारसी तहसील हसनपुर जनपद जे0पी0नगर एवं अन्य । .......अपीलार्थी/प्रत्यर्थी
-बनाम-
श्रीमती ममता देवी पत्नी श्री कमल सिंह निवासी ग्राम गारबपुर डा0 उझारी तहसील हसनपुर जनपद ज्योतिबाफुले नगर।
. .........प्रत्यर्थी/परिवादी समक्ष : -
1 मा0 श्री आर0सी0 चौधरी, पीठासीन सदस्य।
2 मा0 श्री गोवर्धन यादव, सदस्य। अपीलार्थी की ओर से विद्वान अधिवक्ता - श्री अरूण टण्डन । प्रत्यर्थी की ओर से विद्वान अधिवक्ता - श्री रामगोपाल । दिनांक: 06.09.2017 श्री आर0सी0 चौधरी पीठासीन सदस्य द्वारा उद्घोषित निर्णय
प्रस्तुत अपील, जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम, जे0पी0नगर द्वारा परिवाद संख्या 30सन 2011 में पारित प्रश्नगत निर्णय एवं आदेश दिनांक 12.08.2011 के विरूद्ध प्रस्तुत की गयी है ।
संक्षेप में, केस के आवश्यक तथ्य इस प्रकार हैं कि विपक्षी संख्या 01 चौ0 नूरी सिंह, मेमोरियएल एकाडमी ढबारसी में प्रधानाचार्य है। परिवादिनी का पुत्र अभय कुमार विपक्षी संख्या-1 के स्कूल में शैक्षिक सत्र 2010-2011 में कक्षा 4 में सेक्शन-ए का छात्र था। उसकी उम्र 11 वर्ष थी। परिवादिनी का पुत्र स्कूल की बस से अन्य बच्चों के साथ घर से स्कूल एवं स्कूल से घर आता जाता था। दिनांक 11.11.2010 को परिवादिनी का पुत्र स्कूल की बस से गया था वहां वह मध्य अवकाश तक उपस्थित रहा। उसके बाद द्वितीय पाली के पूर्व उसके पुत्र का अपहरण कर लिया गया और उसकी हत्या कर दी गयी। स्कूल प्रशासन ने सायंकाल तक परिवादिनी या उसके परिवारजनों को कोई सूचना नहीं दी और न ही बच्चे को ढूंढने का प्रयास किया और न ही थाने में प्रथम सूचना रिपोर्ट अंकित करायी। विपक्षीगण की लापरवाही के कारण परिवादिनी के पुत्र का अपहरण स्कूल से अज्ञात लोगों ने कर लिया और उसकी हत्या कर दी। अत: परिवादिनी ने 4,50,000.00 रू0 क्षतिपूर्ति हेतु यह परिवाद जिला मंच के समक्ष प्रस्तुत किया ।
जिला मंच द्वारा विपक्षी को नोटिस दी गयी किंतु विपक्षी की ओर से कोई उपस्थित नहीं हुआ । विपक्षी पर नोटिस की तामील इंकार द्वारा पर्याप्त मानते हुए उसके विरूद्ध एक पक्षीय सुनवाई की कार्यवाही करते हुए परिवादिनी के साक्ष्य एवं अभिवचनों के आधार पर निम्न आदेश पारित किया :-
'' परिवाद आंशिक रूप से 5000.00 परिवाद व्यय सहित स्वीकार किया जाता है। विपक्षीगण, परिवादिनी को अंकन रू0 2,00,000.00 क्षतिपूर्ति के रूप में मय 08 प्रतिशत साधरण वार्षिक ब्याज की दर से परिवाद दाखिल करने की तिथि से 27.04.2011 से वास्तविक वसूली तक अदा करे। आदेश का अनुपालन एक माह के अन्दर किया जाए। '' उक्त आदेश से क्षुब्ध होकर प्रस्तुत अपील योजित की गयी है।
अपील के आधारों में कहा गया है कि जिला मंच का प्रश्नगत निर्णय विधिपूर्ण नहीं है तथा तथ्यों को संज्ञान में लिए बिना प्रश्नगत निर्णय पारित किया गया है जो अपास्त किए जाने योग्य है।
हमने अपीलार्थी के विद्वान अधिवक्तागण की बहस विस्तार से सुनी तथा आधार अपील का अवलोकन किया तथा उभय द्वारा दाखिल लिखित बहस व जिला फोरम के प्रश्नगत आदेश दिनांक 12.08.2011 का सम्यक अवलोकन किया।
इस केस में प्रतिवादी की तरफ से जिला फोरम के समक्ष कोई उपस्थित नहीं हुआ था और उसके विरूद्ध एक पक्षीय आदेश पारित किया गया था । परिवादी की बहस सुनने एवं एक पक्षीय रूप से पारित हुए इस निर्णय के संबंध में अपील आधार को देखते हुए तथा इस केस के तथ्य एवं परिस्थितियों को देखते हुए हम यह पाते हैं कि इस केस को पुन: सुनवाई के लिए जिला फोरम को प्रतिप्रेषित किया जाना न्यायोचित होगा जिससे कि विपक्षी जिला मंच के समक्ष अपना पक्ष एवं साक्ष्य प्रस्तुत कर सके। तदनुसार अपील स्वीकार किए जाने के योग्य है।
आदेश प्रस्तुत अपील स्वीकार करते हुए जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम, ज्योतिबाफूले नगर द्वारा पारित प्रश्नगत निर्णय एवं आदेश दिनांक 12.08.2011 निरस्त किया जाता है तथा प्रस्तुत प्रकरण पुन: सुनवाई हेतु जिला मंच ज्योतिबाफूले नगर के समक्ष रिमाण्ड किया जाता है। जिला उपभोक्ता फोरम प्रतिवादी को प्रतिवाद पत्र दाखिल करने तथा दोनों पक्षों को साक्ष्य व सुनवाई का मौका देते हुए गुण-दोष के आधार पर यथाशीघ्र छह माह में निस्तारण करेंगे। दोनों पक्ष जिला उपभोक्ता फोरम के समक्ष दिनांक 05.10.2017 को उपस्थित हों।
(आर0सी0 चौधरी) (गोवर्धन यादव) पीठासीन सदस्य सदस्य कोर्ट-4 (S.K.Srivastav,PA) [HON'BLE MR. Udai Shanker Awasthi] PRESIDING MEMBER [HON'BLE MR. Raj Kamal Gupta] MEMBER