Lok Sabha Debates
Need To Take Up An Alternative Route To Save €˜Ram Sethu’. on 7 May, 2007
> Title: Need to take up an alternative route to save ‘Ram Sethu’.
श्री गिरधारी लाल भार्गव (जयपुर) : मान्यवर सभापति महोदय, आपने मुझे बोलने के लिए अन्त में समय दिया, इसके लिए धन्यवाद।
महोदय, भारत के पवित्र तीर्थस्थल श्री रामेश्वरम से श्रीलंका के बीच निर्मित ३० किलोमीटर से भी लम्बा सेतु देश के करोड़ों हिन्दुओं की सांस्कृतिक धरोहर और राष्ट्रीय गौरव है। यह रामसेतु सभी हिन्दुओं के लिए उतना ही पवित्र है, जितना इस्लाम धर्म मानने वालों के लिए मक्का और ईसाई धर्म मानने वालों के लिए वेटीकन या वेथलहम। इस पवित्र सेतु का उल्लेख बाल्मीकि रामायण, तुलसीदास रामायण, महाभारत आदि सहित सभी पुराणों व अन्य इतिहास के ग्रन्थों में है। इस पवित्र सेतु को तोड़ने का काम समुद्रम शिपिंग कैनाल प्रोजैक्ट के अन्तर्गत केन्द्रीय सरकार के अधीन तूतीकोरन ट्रस्ट द्वारा किया जा रहा है। इसे तोड़ने का ठेका इटली की कम्पनी रामबोल और एल.ए.डी.टी. मद्रास को दिया गया है। इस सेतु को तोड़ने के बाद भारत में सुनामी जैसी आपदाओं को झेलना पड़ सकता है। इसके साथ जल की ३६५ तरह की जीव जन्तुओं की प्रजातियां भी मर जाएंगी।
मेरी केन्द्र सरकार से मांग है कि इस पवित्र रामसेतु को बचाने के लिए वैकल्पिक मार्ग के लिए पूर्व में सुझाए गए अन्य विकल्प अपनाए और कोई भी ऐसा काम नहीं करे जिससे करोड़ों हिन्दुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचे। आपने मुझे समय दिया, इसके लिए बहुत-बहुत धन्यवाद।