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Lok Sabha Debates

Need To Declare Kalagarh As A Revenue Region Of Uttarakhand And Transfer The Land ... on 11 August, 2010

> Title: Need to declare Kalagarh as a Revenue region of Uttarakhand and transfer the land of Kalagarh region from the Government of Uttar Pradesh to the Department of Irrigation, Uttarakhand.

 

श्री सतपाल महाराज (गढ़वाल): महोदया, मैं आपके माध्यम से इस सदन का ध्यान कालागढ़ क्षेत्र की ओर दिलाना चाहता हूं । कालागढ़ क्षेत्र का विकास रामगंगा नदी परियोजना के अंतर्गत 1960 के दशक में हुआ है, वर्तमान में यह क्षेत्र जनपद पौड़ी में कोटद्वार तहसील के अंतर्गत दुगड्डा ब्लाक की स्नेह पट्टी के अंतर्गत विस्तृत है ।  यहां की लगभग 4-5 हजार आबादी विधान सभा क्षेत्र कोटद्वार तथा लोक-सभा क्षेत्र गढ़वाल के प्रतिनिधित्व में संचालित है ।

          कालागढ़ क्षेत्र की मुख्य समस्या यह है कि यह (कालागढ़) न तो जनपद पौडी गढ़वाल के ग्रामीण राजस्व रिकार्ड में दर्ज है और न ही किसी नगर पालिका/नगर क्षेत्र का हिस्सा बन पाया है ।  1961 में कालागढ़ क्षेत्र में रामगंगा परियोजना के निर्माण की स्वीकृति हेतु उत्तर प्रदेश शासन द्वारा वन विभाग से सिंचाई विभाग को लगभग 22235 एकड़ भूमि कुछ शर्तों के साथ स्थानांतरित कर दी, जोकि 99 साल के पट्टे पर है । उक्त लगभग 22235 एकड़ भूमि में से लगभग 20122 एकड़ भूमि जलाशय, लगभग 1259 एकड़ भूमि कार्यस्थल, सड़क आदि तथा 855 एकड़ भूमि कालोनियों, छात्रावास कार्यालय, कच्च एवं पक्का बाजार, स्कूल, कालेज, चिकित्सालय, ट्रेजरी, बैंक, पोस्ट आफिस, कलब्स, स्टोर्स, वर्कशाप, पुलिस स्टेशन, नलकूप्स, हैलीपैडस आदि टाउनशिप के लिए वन विभाग से सिंचाई विभाग को स्थानांतरित की गई । टाउनशिप के लिए स्वीकृत लगभग 855 एकड़ भूमि में से लगभग 37 एकड़ भूमि की जरूरत सिंचाई विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा बताई गई है ।

          शेष लगभग् 491 एकड़ भूमि में से 448 एकड़ भूमि अब वन विभाग को वापस जा चुकी है । शेष 43 एकड़ भूमि वापस की जानी शेष है ।  लेकिन कालागढ़ निवासियों द्वारा इस पर ऐतराज किया जा रहा है , क्योंकि इसी भूमि पर कालागढ़ निवासियों की कालोनी, उत्तराखण्ड सरकार के कार्मिकों के आवास, स्कूल, चिकित्सालय एवं बाजार आदि का निर्माण होना है । वैसे भी अब जब उत्तराखंड राज्य अस्तित्व में आ चुका है और इस भूमि की लीज भी अभी 2060 तक है तो उत्तर प्रदेश सरकार को कोई अधिकार नहीं कि वह भूमि को वन विभाग को वापस करे ।

          कालागढ़ क्षेत्र के निवासियों का ऐतराज जायज है तथा यह उत्तर प्रदेश सरकार का एक गलत फैसला है कि भूमि वन विभाग को वापस की जाये ।  मेरा केन्द्र सरकार से अनुरोध है कि वह कालागढ़ क्षेत्र को वन ग्राम से राजस्व ग्राम में परिवर्तित करने के लिए राज्य सरकार को दिशानिर्देश दे तथा यह भूमि सिंचाई विभाग उत्तराखण्ड शासन को वापस दे जिससे वहां के निवासियों के विकास के लिए आवास, स्कूल, चिकित्सालय एवं बाजार का निर्माण हो सके ।