State Consumer Disputes Redressal Commission
U P Avas Evam Vikas Parishad vs Sri Gopal Krishna on 8 April, 2015
Daily Order STATE CONSUMER DISPUTES REDRESSAL COMMISSION, UP C-1 Vikrant Khand 1 (Near Shaheed Path), Gomti Nagar Lucknow-226010 First Appeal No. A/1999/3494 (Arisen out of Order Dated in Case No. of District ) 1. U P Avas Evam Vikas Parishad a ...........Appellant(s) Versus 1. Sri Gopal Krishna a ...........Respondent(s) BEFORE: HON'BLE MR. Chandra Bhal Srivastava PRESIDING MEMBER HON'BLE MR. Sanjay Kumar MEMBER For the Appellant: For the Respondent: ORDER
राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, उ0प्र0 लखनऊ अपील संख्या 3494 सन 1999 ( जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम, प्रथम, लखनऊ द्वारा परिवाद संख्या 946 सन 93 में पारित प्रश्नगत निर्णय एवं आदेश दिनांक 29.01.1999 के विरूद्ध ) यू0पी0 आवास एवं विकास परिषद, द्वारा आवास आयुक्त, 104, महात्मागांधी मार्ग, लखनऊ । एवं अन्य .............अपीलार्थी बनाम श्रीगोपाल कृष्ण निवासी सूरज कुण्ड मन्दिर, शहीद स्मारक मार्ग, लखनऊ ।
.................प्रत्यर्थी समक्ष : -
1 मा0 श्री चन्द्र भाल श्रीवास्तव, पीठासीन सदस्य। 2 मा0 श्रीमती बाल कुमारी, सदस्य। विद्वान अधिवक्ता अपीलार्थी : श्री एन0एन0 पाण्डेय । विद्वान अधिवक्ता प्रत्यर्थी : कोई नहीं । दिनांक:
श्री चन्द्रभाल श्रीवास्तव, सदस्य (न्यायिक) द्वारा उदघोषित ।
निर्णय यह अपील, जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम, प्रथम, लखनऊ द्वारा परिवाद संख्या 946 सन 93 में पारित प्रश्नगत निर्णय एवं आदेश दिनांक 29.01.1999 के विरूद्ध प्रस्तुत की गयी है जिसके द्वारा जिला फोरम ने परिवाद को स्वीकार करते हुए 18 प्रतिशत ब्याज के साथ जमा धनराशि वापस करने का निर्देश दिया है।
हमने अपीलार्थी के विद्वान अधिवक्ता की बहस सुन ली है। प्रत्यर्थी की ओर से कोई उपस्थित नही है।
अभिलेख का अनुशीलन किया गया ।
अभिलेख के अनुशीलन से स्पष्ट है कि परिवादी को स्व-वित्तपोषित योजना के अन्तर्गत भवन आवंटित किया गया था जिसका अनुमानित मूल्य 03,70,000.00 रू0 था। परिवादी द्वारा 40,000.00 रू0 जमा किया गया था तथा शेष धनराशि 06 किस्तों में देय थी जिसे परिवादी द्वारा जमा नहीं किया गया। समय पर किस्तें जमा न करना परिवादी की असावधानी का परिचायक है, ऐसी स्थिति में जिला फोरम द्वारा शेष धनराशि पर 18 प्रतिशत ब्याज दिलाया जाना न्यायोचित प्रतीत नहीं हेाता है और हमारे विचार से 18 प्रतिशत के स्थान पर 06 प्रतिशत की दर से ब्याज दिलाया जाना न्याय के उद्देश्यों में सहायक होगा।
परिणामत:, यह अपील अंशत: स्वीकार किए जाने योग्य है।
आदेश प्रस्तुत अपील अंशत: स्वीकार करते हुए जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम, प्रथम, लखनऊ द्वारा पारित प्रश्नगत निर्णय एवं आदेश दिनांक 29.01.1999 इस संशोधन के साथ सम्पुष्ट किया जाता है कि जिला फोरम द्वारा आरोपित 18 प्रतिशत ब्याज दर के स्थान पर 06 (छह) प्रतिशत की दर से ही ब्याज देय होगा।
उभय पक्ष इस अपील का अपना-अपना व्यय स्वयं वहन करेंगे।
इस निर्णय की प्रमाणित प्रतिलिपि पक्षकारों को नियमानुसार नि:शुल्क उपलब्ध करा दी जाए।
(चन्द्र भाल श्रीवास्तव) (बाल कुमारी) पीठा0 सदस्य (न्यायिक) सदस्य कोर्ट-2 (S.K.Srivastav,PA-2) [HON'BLE MR. Chandra Bhal Srivastava] PRESIDING MEMBER [HON'BLE MR. Sanjay Kumar] MEMBER