State Consumer Disputes Redressal Commission
Syed Mohmad Haider Rizvi S/O. S.A.H ... vs Zomato Media Pvt. Ltd Through Its ... on 10 April, 2026
STATE CONSUMER DISPUTES REDRESSAL COMMISSION
UTTAR PRADESH
FIRST APPEAL NO. SC/9/FA/470/2026
(Against the Order dated 12th February 2024 in Complaint No. DC/162/CC/1156/2019 of the
District Consumer Disputes Redressal Commission Lucknow-i)
SYED MOHMAD HAIDER RIZVI S/o. S.A.H RIZVI
PRESENT ADDRESS - 407 CORONATION SOLITAIRE APARTMENT 1-C ALA KADAR ROAD
KAISERBAGHLUCKNOW,UTTAR PRADESH.
.......Appellant(s)
Versus
ZOMATO MEDIA PVT. LTD Through its MANAGING DIRECTOR
PRESENT ADDRESS - FLOOR 12 A MEGHDOOT NEHRU PLACE NEW DELHINEW
DELHI,DELHI.
.......Respondent(s)
BEFORE:
HON'BLE MR. JUSTICE AJAI KUMAR SRIVASTAVA , PRESIDENT
HON'BLE MRS. SUDHA UPADHYAY , MEMBER
FOR THE APPELLANT:
SYED MOHMAD HAIDER RIZVI S/o. S.A.H RIZVI
FOR THE RESPONDENT:
ZOMATO MEDIA PVT. LTD Through its MANAGING DIRECTOR
DATED: 10/04/2026
ORDER
(मौखिक) राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग उ0प्र0 लखनऊ अपील संख्या-470/2026 सैय्यद मोहम्मद हैदर रिजवी पुत्र स्व0 श्री एस.ए.एच. रिजवी बनाम जोमाटो मीडिया प्राइवेट लिमिटेड समक्ष:-
1. माननीय न्यायमूर्ति श्री अजय कुमार श्रीवास्तव, अध्यक्ष।
2. माननीय श्रीमती सुधा उपाध्याय, सदस्य।
अपीलार्थी की ओर से उपस्थित : श्री नितिन खन्ना।
प्रत्यर्थी की ओर से उपस्थित : कोई नहीं। दिनांक: 10.04.2026
माननीय श्रीमती सुधा उपाध्याय, सदस्य द्वारा उद्घोषित निर्णय
1. प्रस्तुत अपील, अपीलार्थी द्वारा विद्वान जिला आयोग, प्रथम लखनऊ द्वारा परिवाद संख्या-1156/2019, सईद मोहम्मद हैदर रिजवी बनाम जोमाटो मीडिया प्राइवेट लिमिटेड में पारित आलोच्य निर्णय एवं आदेश दिनांकित 15.02.2024 के विरूद्ध योजित की गई है, जिसके द्वारा परिवाद, परिवादी की अनुपस्थिति व पैरवी के अभाव में निरस्त किया गया है।
2. चूँकि आलोच्य निर्णय एवं आदेश दिनांक 15.02.2024 के माध्यम से विद्वान जिला आयोग द्वारा परिवाद अनुपस्थिति में एवं पैरवी के अभाव में निरस्त किया गया है। अत: आलोच्य निर्णय एवं आदेश के आलोक में अपीलार्थी के पक्ष से उपस्थित योग्य अधिवक्ता श्री नितिन खन्ना के तर्कों को अंगीकरण के बिन्दु पर सुना गया तथा आलोच्य निर्णय एवं आदेश तथा पत्रावली का अवलोकन किया गया।
3. चूंकि प्रस्तावित निर्णय/आदेश की प्रकृति को दृष्टिगत रखते हुए प्रत्यर्थी को नोटिस निर्गत किया जाना प्रस्तावित नहीं है।
4. अपीलार्थी के पक्ष से उपस्थित योग्य अधिवक्ता का तर्क है कि प्रश्नगत परिवाद, परिवादी की अनुपस्थिति के कारण निरस्त करने का आदेश पारित किया गया है, जो अविधिक है तथा उक्त आदेश के स्थिर रहने -2- से अपीलार्थी सारवान न्याय पाने से वंचित हो जाएगा।
5. पत्रावली के अवलोकन से विदित होता है कि अपीलार्थी/परिवादी विगत कई तिथियों से विद्वान जिला आयोग के समक्ष अनुपस्थित चल रहे थे तथा उनके द्वारा परिवाद की सुनवाई में भी कोई रूचि नहीं ली जा रही थी।
6. अत: प्रकरण के उपरोक्त वर्णित समस्त तथ्यों एवं परिस्थितियों के आलोक में तथा इसके गुणदोष पर कोई मत व्यक्त किए बिना मात्र इस आशय से कि तकनीकी कारणों से यथासम्भव पक्षकारों को सुनवाई के अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। अत: पीठ का यह सुविचारित मत है कि अपीलार्थी/परिवादी को इस आशय से एक अंतिम अवसर प्रदान किया जाए कि वे विद्वान जिला आयोग के समक्ष आवश्यक पैरवी कर सकें, जिससे विद्वान जिला आयोग द्वारा प्र श्नगत परिवाद का निस्तारण गुणदोष के आधार पर किया जाना सुनिश्चित किया जा सके। पारिणामिक रूप से प्रस्तुत अपील स्वीकार करते हुए परिवाद संख्या-1156/2019 अपने मूल नम्बर पर पुनर्स्थापित किए जाने योग्य है।
आदेश
7. प्रस्तुत अपील स्वीकार की जाती है। विद्वान जिला आयोग, प्रथम लखनऊ द्वारा परिवाद संख्या-1156/2019 में पारित आलोच्य निर्णय/आदेश दिनांकित 15.02.2024 अपास्त किया जाता है। प्रकरण विद्वान जिला आयोग को इस निर्देश के साथ प्रतिप्रेषित किया जाता है कि वह उपरोक्त परिवाद को अपने मूल नम्बर पर पुनर्स्थापित करें तथा अपीलार्थी को सुनवाई का समुचित अवसर प्रदान करते हुए विधि अनुसार परिवाद का निस्तारण गुणदोष के आधार पर किया जाना सुनिश्चित करें।
अपीलार्थी दिनांक 30.05.2026 को संबंधित विद्वान जिला आयोग के समक्ष उपस्थित होंगे।
यहां यह स्पष्ट किया जाता है कि यदि नियत तिथि पर संबंधित विद्वान जिला आयोग के समक्ष अपीलार्थी/परिवादी उपस्थित -3- नहीं होते हैं अथवा परिवाद की सुनवाई में अनावश्यक विलम्ब कारित करते हैं, तो ऐसी दशा में विद्वान जिला आयोग प्रश्नगत परिवाद में विधिनुसार समुचित वैधानिक आदेश पारित करने के लिए स्वतंत्र होंगे।
इस निर्णय/आदेश को आयोग की वेबसाइट पर नियमानुसार यथाशीघ्र अपलोड किया जाना सुनिश्चित किया जाए।
(सुधा उपाध्याय) (न्यायमूर्ति अजय कुमार श्रीवास्तव) सदस्य अध्यक्ष लक्ष्मन, पी.ए.-2, कोर्ट-1 ..................J AJAI KUMAR SRIVASTAVA PRESIDENT ..................
SUDHA UPADHYAY MEMBER