Lok Sabha Debates
Need To Review The Decision To Import Skimmed Milk Powder And Butter Oil By Nddb. on 27 August, 2010
> Title: Need to review the decision to import skimmed milk powder and butter oil by NDDB.
श्री राजू शेट्टी (हातकंगले): अध्यक्ष महोदया, दूध उत्पादन के मामले में भारत विश्व में पहले नम्बर पर आता है। भारत में दूध उत्पादन कृषि क्षेत्र के घाटे के सौदे को पाटने में सहयोगी भूमिका निभाता है। इसमें छोटे, भूमिहीन और सीमांत किसान अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन लोगों की आर्थिक स्थिति की रीढ़ दूध उत्पादन ही है। पिछले दिनों सरकार ने 30 हजार टन स्किम्ड मिल्क और 15 हजार टन बटर ऑयल शून्य दर के आयात शुल्क से आयात करने का फैसला किया। इस फैसले के कारण डेयरी मालिकों ने किसानों के ताजे दूध की कीमत कम कर दी है, जिससे किसानों को दूध उत्पादन में घाटा हो रहा है। जहां सरकार की नीतियां देश में दूध उत्पादन को बढ़ाना देने वाली होनी चाहिए, वहीं इन एडहॉक नीतियों के कारण दूध उत्पादन में भविष्य में गहरा झटका लगेगा, क्योंकि किसान दूध उत्पादन से अपना मुंह मोड़ लेगा।
अध्यक्ष महोदया, एक तरफ दूध उत्पादन कम दाम के कारण घाटे में जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ सिंथेटिक दूध के नाम पर जो जहर आज दूध में मिलाया जा रहा है, वह चार-पांच रुपये लीटर में बनता है। यह बनावटी मिल्क दूध में मिक्स करके मार्केट में आ रहा है। इस कारण दूध उत्पादन दिन-ब-दिन घाटे का सौदा होता जा रहा है। धीरे-धीरे किसान अपना दूध का उत्पादन कम कर रहे हैं। विश्व में एक नम्बर रहने पर बावजूद भारत में दूध उत्पादन बढ़ने की बजाय कम हो रहा है। किसान द्वारा दूध उत्पादन कम करने के कारण लोगों को अच्छा और सेहतपूर्ण दूध नहीं मिल पा रहा है।
अध्यक्ष महोदया, मैं आपके और सदन के माध्यम से सरकार से विनती करना चाहता हूं कि देश में दूध के आयात-निर्यात की नीति तय होनी चाहिए। ...( व्यवधान)
अध्यक्ष महोदया : राजू शेट्टी जी, अब आप अपनी बात समाप्त कीजिए।
…( व्यवधान)
श्री राजू शेट्टी : इसके साथ-साथ स्किम्ड मिल्क और बटर ऑयल का आयात शुल्क बढ़ाना जरूरी है, ताकि इस देश में रहने वाले छोटे, भूमिहीन और सीमांत किसानों को कुछ फायदा मिले। आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।