Lok Sabha Debates
Need To Promote Skill Development And Entrepreneurship In Hilly Areas Of The ... on 8 August, 2016
Sixteenth Loksabha an> Title: Need to promote skill development and entrepreneurship in hilly areas of the country.
डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक (हरिद्वार): आदरणीय अध्यक्षा जी, देश की एकता और अखण्डता के लिए सामरिक दृिष्ट से, देश की सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण की दृिष्ट से और देश की हर प्रकार की प्रगति के लिए हिमालय का संरक्षण बहुत जरूरी है।...(व्यवधान)
अध्यक्षा जी, सम्पूर्ण देश का अस्तित्व हिमालय पर टिका हुआ है। मैं उत्तराखण्ड से आता हूं।...(व्यवधान) जहां एक ओर वह क्षेत्र प्राकृतिक आपदा से जूझता है, वहां दूसरी ओर वह पलायन की भयंकर त्रासदी को भी झेल रहा है।...(व्यवधान) गांव के गांव वीरान हो रहे हैं।...(व्यवधान) जहां राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा है, वहीं क्षेत्र की सामाजिक-आर्थिक और सांस्कृतिक विषमता को भी वह पैदा कर रहा है।...(व्यवधान)
मेरा आपसे अनुरोध है कि जो क्षेत्र देश को जवानी देता है, देश को पानी देता है, देश को प्राण वायु देता है, उस क्षेत्र के लिए एक अलग से नीति बनाई जाए। ...(व्यवधान) मैं सरकार का आभारी हूं कि उन्होंने कौशल विकास मंत्रालय बनाया है। ...(व्यवधान) मेरी मांग है कि उत्तराखंड की जैव-विविधता को देखते हुए आर्गेनिक प्रदेश घोिषत किया जाए और एक प्रभावी रणनीति बनाकर, वहां पर जो आर्गेनिक खेती है, पुप की खेती है, जड़ी-बूटी का उत्पादन है, फल का उत्पादन है, बागवानी है, खाद्य प्रसंस्करण इकाई है, वन्य पर आधारित उद्योग हैं, डेयरी है, मधु पालन है, दुग्ध उत्पादन है, टूरिज्म है, हरिद्वार सहित चार धाम हैं। ...(व्यवधान) इन पर आधारित और जो स्थानीय संसाधन हैं, उन पर आधारित इकाइयों को लगाया जाना चाहिए। ...(व्यवधान) प्रशिक्षण गांव-गांव में देना चाहिए। ...(व्यवधान) फिर उनके लिए रोजगार सुनिश्चित करना चाहिए। ...(व्यवधान)
मैं आपके माध्यम से सरकार से मांग करना चाहता हूं कि हिमालय का क्षेत्र और विशेषकर उत्तराखंड के क्षेत्र पर केन्द्रित करके कौशल विकास के केन्द्रों को बढ़ाया जाए और वहां के स्थानीय संसाधनों के साथ मिलकर वहां की बेरोजगारी को दूर किया जाए। ...(व्यवधान)
HON. SPEAKER:
Shri Alok Sanjar, Shrimati Rekha Verma, Kunwar Pushpendra Singh Chandel, Shri Chandra Prakash Joshi, Shri Sudheer Gupta, Shri Rodmal Nagar and Shri Bhairon Prasad Mishra are permitted to associate with the issue raised by Dr. Ramesh Pokhriyal Nishank. … (Interruptions)
माननीय अध्यक्ष : मैं फिर से रिक्वेस्ट कर रही हूं। मैं बार-बार रिक्वेस्ट कर रही हूं। मैं समझती हूं, लेकिन चाहे जब आप बोलेंगे, मैंने कोकराझार पर सबको समय दिया। ऐसा नहीं होता है और मैं मना भी नहीं कर रही हूं। मैंने कहा कि मुझे लिस्ट कंप्लीट करने दीजिए। …( व्यवधान)
माननीय अध्यक्ष : आप हमेशा इस प्रकार से नहीं कर सकते हैं। …( व्यवधान)
माननीय अध्यक्ष : ऐसा नहीं होता है, आई ऐम सॉरी। …( व्यवधान)
माननीय अध्यक्ष : मैं मौका देने के लिए तैयार हूं, लेकिन जब आप चाहेंगे तब बोलेंगे, यह सम्भव नहीं है। यह इतने सारे लोगों पर अन्याय है। …( व्यवधान)
HON. SPEAKER: I will allow you no doubt, but not like this. … (Interruptions)
माननीय अध्यक्ष : श्री ओम बिरला जी।
…( व्यवधान)