State Consumer Disputes Redressal Commission
U.P.S.C.B vs Omprakash on 9 September, 2021
Cause Title/Judgement-Entry STATE CONSUMER DISPUTES REDRESSAL COMMISSION, UP C-1 Vikrant Khand 1 (Near Shaheed Path), Gomti Nagar Lucknow-226010 First Appeal No. R/2006/225 ( Date of Filing : 20 Nov 2006 ) (Arisen out of Order Dated in Case No. of District Kushinagar) 1. U.P.S.C.B Kushinagar ...........Appellant(s) Versus 1. OmPrakash Kushinagar ...........Respondent(s) BEFORE: HON'BLE MR. SUSHIL KUMAR PRESIDING MEMBER HON'BLE MR. Vikas Saxena JUDICIAL MEMBER PRESENT: Dated : 09 Sep 2021 Final Order / Judgement (मौखिक) राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग , उ0प्र0 , लखनऊ पुनरीक्षण संख्या-225/2006 एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लि0, इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन डिवीजन, पडरौना, कुशी नगर तथा एक अन्य। पुनरीक्षणकर्तागण/विपक्षी बनाम ओम प्रकाश कश्यप पुत्र स्व0 श्री कल्लू, ग्राम राम धाम पोखरा, जय प्रकाश नगर, वार्ड नं0-27, कस्बा पडरौना, कुशीनगर तथा एक अन्य। विपक्षीगण/परिवादी समक्ष:- 1.
माननीय श्री सुशील कुमार, सदस्य।
2. माननीय श्री विकास सक्सेना, सदस्य।
पुनरीक्षणकर्तागण की ओर से उपस्थित : श्री इसार हुसैन, विद्वान अधिवक्ता।
विपक्षीगण की ओर से उपस्थित : कोई नहीं। दिनांक: 09.09.2021 माननीय श्री सुशील कुमार , सदस्य द्वारा उदघोषित निर्णय
1. परिवाद संख्या-368/2006, ओम प्रकाश बनाम पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम में विद्वान जिला उपभोक्ता फोरम/आयोग, कुशीनगर द्वारा पारित प्रश्नगत आदेश दिनांक 18.10.2006 के विरूद्ध यह पुनरीक्षण आवेदन प्रस्तुत किया गया है।
2. पुनरीक्षणकर्तागण के विद्वान अधिवक्ता श्री इसार हुसैन उपस्थित आए। विपक्षीगण की ओर से कोई उपस्थित नहीं हुआ। अत: केवल पुनरीक्षणकर्ता के विद्वान अधिवक्ता को सुना गया तथा प्रश्नगत आदेश एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया।
3. प्रश्नगत आदेश द्वारा विद्वान जिला उपभोक्ता फोरम/आयोग ने एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त करते हुए पुन: चेकिंग रिपोर्ट तैयार करने का आदेश दिया है।
-2-4. पुनरीक्षणकर्तागण के विद्वान अधिवक्ता का तर्क है कि चेकिंग रिपोर्ट दुबारा कराने का आदेश विधि विरूद्ध है, क्योंकि प्रथम बार की गई चेकिंग रिपोर्ट के पश्चात किसी फोरम/न्यायालय के आदेश से पुन: चेकिंग कराकर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश नहीं दिया जा सकता है। उपरोक्त तर्क विधिसम्मत है। विद्वान जिला उपभोक्ता फोरम/आयोग को अपने स्तर से पुन: चेकिंग रिपोर्ट प्राप्त करने का आदेश देने का कोई अधिकार नहीं है। विद्वान जिला उपभोक्ता फोरम/आयोग केवल प्रथम चेकिंग के आधार पर परिवाद का निस्तारण कर सकता है। पुनरीक्षण आवेदन तदनुसार स्वीकार होने और प्रश्नगत आदेश अपास्त होने योग्य है।
आदेश
5. प्रस्तुत पुनरीक्षण स्वीकार किया जाता है। विद्वान जिला उपभोक्ता फोरम/आयोग द्वारा पारित प्रश्नगत आदेश दिनांक 18.10.2006 अपास्त किया जाता है।
पक्षकार अपना-अपना व्यय स्वंय वहन करेगें।
आशुलिपिक से अपेक्षा की जाती है कि वह इस आदेश को आयोग की वेबसाइट पर नियमानुसार यथाशीघ्र अपलोड कर दे।
(सुशील कुमार) (विकास सक्सेना) सदस्य सदस्य लक्ष्मन, आशु0, कोर्ट-2 [HON'BLE MR. SUSHIL KUMAR] PRESIDING MEMBER [HON'BLE MR. Vikas Saxena] JUDICIAL MEMBER