Lok Sabha Debates
Need To Amend The Rules To Keep The Money Of Mplad And Other Funds Sanctioned For The ... on 11 March, 2016
Sixteenth Loksabha an> Title: Need to amend the rules to keep the money of MPLAD and other funds sanctioned for the Panchayat development to be kept in Grameen Banks.
श्री पी.पी.चौधरी (पाली) : सभापति जी, भारत एक कृषि प्रधान देश है और यहाँ की अधिकतम आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती है। ग्रामीण क्षेत्रों के विकास और उत्थान हेतु रीजनल रूरल बैंक एक्ट के तहत ग्रामीण बैंकों की स्थापना हुई है। 40 वर्षों से ग्रामीण बैंक बहुत अच्छी सेवा दे रहे हैं और लगभग हर ग्राम पंचायत में ये होते हैं। लेकिन सांसद कोष या एमपीलैड जो होता है, उसको नेशनलाइज्ड बैंक में ऱखने का प्रावधान है, लेकिन आज की तारीख में जो कोर सेवाएँ दे रहे हैं, वह ग्रामीण बैंक दे रहे हैं और अभी हमारे बजट में कृषि को जिस हिसाब से पहली बार हमारे देश में बजट में हमारे प्रधान मंत्री जी और वित्त मंत्री जी ने स्थान दिया है, वह एक बहुत बड़ा कदम है और पूरे देश के ग्रामीण विकास के लिए एक माइलस्टोन साबित होगा। उसमें एक ग्राम पंचायत को लगभग 80 लाख रुपये चार-पाँच साल में मिलेंगे और 80 लाख रुपये नरेगा के द्वारा मिलेंगे, इस प्रकार लगभग 1 करोड़ 60 लाख रुपये एक ग्राम पंचायत को मिलेंगे। सारी बातों को देखते हुए उस पैसे का आराम से संचालन हो सके, इसलिए जहाँ-जहाँ ग्रामीण बैंक हैं, उसमें सरकार का पैसा भी और एम.पी.लैड का पैसा भी रखा जा सके, इसके लिए मैं आपके माध्यम से वित्त मंत्री जी से निवेदन करना चाहूँगा कि इसके लिए नियमों में आवश्यक संशोधन किया जाए, एमपीलैड की गाइडलाइन्स में संशोधन किया जाए और एमपीलैड का सरकारी पैसा ग्रामीण बैंकों में रखा जाए। बहुत बहुत धन्यवाद।...(व्यवधान)
HON. CHAIRPERSON: Kunwar Pushpendra Singh Chandel, Shri Sharad Tripathi, Shri Bhairon Prasad Mishra, Shri Sudheer Gupta, Dr. Manoj Rajoria are allowed to associate with the matter raised by Shri P.P. Chaudhary.