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Lok Sabha Debates

Reported Directive By Chief Minister Of Uttar Pradesh On Utilisation Of Mplad ... on 5 March, 2003

nt> Title: Reported directive by Chief Minister of Uttar Pradesh on Utilisation of MPLAD Funds.

MR. SPEAKER: Now, we go to Calling Attention. Shri Sunil Khan.

… (Interruptions)

श्री रामजीलाल सुमन (फिरोजाबाद):अध्यक्ष महोदय, आपने कहा था कि प्रश्नकाल के तत्काल बाद उत्तर प्रदेश के मुख्य मंत्री के खिलाफ जो भ्रष्टाचार का आरोप है, उस पर सरकार बयान देगी।…( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदय : मैं बोल रहा हूँ तो आप ज़रा सुनिये। मैंने कहा है कि ज़ीरो आवर में मैं प्रश्न जरूर लूंगा, लेकिन आप जानते हैं कि नियम के अनुसार पहले कॉलिंग अटैन्शन नोटिस आता है और बाद में ज़ीरो आवर आता है। जब ज़ीरो आवर आएगा तो मैं उसको लूँगा।

...( व्यवधान)

श्री रामजीलाल सुमन : अध्यक्ष महोदय, सरकार का कमिटमेंट था कि प्रश्नकाल के बाद बयान देंगे। …( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदय : ज़ीरो आवर में देंगे।

श्री रामजीलाल सुमन : आपने खुद कहा था गृह मंत्री को वक्तव्य देना है। …( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदय: ज़ीरो आवर में वह विषय आएगा।

श्री रामजीलाल सुमन : आपने कहा था प्रश्नकाल के तत्काल बाद लेंगे।

अध्यक्ष महोदय : मैंने यह नहीं कहा था। मैंने कहा था शून्यकाल में उत्तर देंगे। The Minister has also agreed to reply during ‘Zero Hour’. When we start ‘Zero Hour’, I will give priority to this matter.

श्री रामजीलाल सुमन : अध्यक्ष महोदय, यह बहुत गंभीर मामला है। …( व्यवधान)

12.06 hrs. अध्यक्ष महोदय : सुषमा जी, सुश्री मायावती के स्टेटमेंट के बारे में यहां बार-बार प्रश्न उपस्थित किया जा रहा है। मैंने आपसे कहा था कि शून्य-प्रहर में आप उसका उत्तर दे सकती हैं।

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री तथा संसदीय कार्य मंत्री (श्रीमती सुषमा स्वराज) : अध्यक्ष महोदय, यदि उनकी इंसिस्टेंस पर आपका आदेश है, तो मैं उसका उत्तर अभी दे देती हूं। …( व्यवधान)

श्री रामजीलाल सुमन (फिरोजाबाद):अध्यक्ष महोदय, सुषमा स्वराज जी ने कहा था कि गृह मंत्री जी सारे तथ्यों की जानकारी देंगे, इस हेतु संसदीय कार्य मंत्री ने सदन में वायदा किया था। …( व्यवधान)

SHRI PRIYA RANJAN DASMUNSI (RAIGANJ): Sir, yesterday, there was a commitment by Shrimati Sushma Swaraj in the House that she needed one day because Shri Advani wanted to make a statement today. Shri Advani wanted one day. … (Interruptions) Today, if Shri Advani does not make a statement and there is again a substitute, it is wrong. … (Interruptions) He has come.

MR. SPEAKER: Shri Advani is here.

… (Interruptions)

श्री रामजीलाल सुमन : अध्यक्ष महोदय, गृह मंत्री जी आ गए हैं। हमारा आपसे आग्रह है कि ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लेने से पहले वे अपना बयान दें।

श्रीमती सुषमा स्वराज : अध्यक्ष जी, यदि सुमन जी, दो मिनट इंतजार कर लेते, तो मैं यही कहने वाली थी कि गृह मंत्री जी आ रहे हैं और वे इस बारे में उत्तर देंगे, लेकिन आपने उससे पहले ही खड़े होकर मुझे सब्सटीटयूट बना दिया।

अध्यक्ष महोदय : क्या करें, आदत से मजबूर हैं।

श्री श्रीचन्द कृपलानी (चित्तौड़गढ़): अध्यक्ष महोदय, राजस्थान में साम्प्रदायिक घटनाएं शुरू हो चुकी हैं, परसों भी राजस्थान में एक मूर्ति तोड़ी गई। राजस्थान और चित्तौड़गढ़ में इस प्रकार की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। राजस्थान सरकार साम्प्रदायिक घटनाओं को रोकने में नकारा साबित हुई है। …( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदय : अभी जीरे आवर शुरू नहीं हुआ है।

...( व्यवधान)

MR. SPEAKER: Please sit down.

… (Interruptions)

MR. SPEAKER: I have not taken anything on record.

(Interruptions) …* MR. SPEAKER: I am not taking anything on record.

(Interruptions) … * MR. SPEAKER: Please sit down. The hon. Deputy Prime Minister in charge of the Ministry of Home Affairs is here.

… (Interruptions)

अध्यक्ष महोदय : कृपलानी जी, बैठिए, गृह मंत्री जी खड़े हैं।

… (Interruptions)

MR. SPEAKER: The hon. Minister of Home Affairs is here. I am asking him whether he wants to give a statement on the issue which is before the House, now or later on.

उप प्रधान मंत्री तथा गृह मंत्रालय तथा कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के प्रभारी (श्री लालकृष्ण आडवाणी) : अध्यक्ष जी, जब यह मामाला यहां उठा था, तब आपने संसदीय कार्य मंत्री के माध्यम से निर्देश दिया था कि इस बारे में मैं जानकारी प्राप्त कर, सदन को सूचित करूं।

उसके बाद मैंने उत्तर प्रदेश की मुख्य मंत्री से सम्पर्क किया और उत्तर प्रदेश की मुख्य मंत्री ने मुझे इस विषय में एक पत्र लिख कर भेजा है, जिसे मैं कहूंगा कि यह उनका द्ृष्टिकोण है, उसको प्रस्तुत करता है।

मैं इस विषय में वक्तव्य करूं या इस उत्तर को पढ़कर सुनाऊं उससे पहले मैं आपसे निर्देश चाहूंगा कि इस स्थिति में जब यह मसला वहां की विधान सभा में उठा है और वहां की विधान सभा एक प्रकार से जिसको कहते हैं-‘is seized of the matter’ आज शायद वहां पर एक अविश्वास प्रस्ताव भी है, मुझे आगे की जानकारी नहीं है, क्या यह उचित होगा, क्योंकि इसमें जो बातें कही गई हैं, वे यह हैं कि एक तो जिस संदर्भ में यह बात कही गई है, जब वे मुख्य मंत्री नहीं थीं, यह फरवरी २००१ का वक्तव्य है, जिसके आधार पर बात कही गई है।

* Not Recorded दूसरी बात यह है कि इसमें जो आरोप समाजवादी पार्टी और उनके नेताओं पर लगाए गए हैं, क्या यह उचित होगा कि संसद में इस प्रकार की बात कही जाए, एक-दूसरे पर आरोप लगाए जाएं। इसलिए मेरा निवेदन होगा कि इस मामले को उत्तर प्रदेश की विधान सभा में उठाय़ा जाए, जहां बहस हो रही है और इसे वहीं तक सीमित रखा जाए। महोदय, आपका निर्देश था इसलिए मैं बोला हूं।…( व्यवधान)

SHRI L.K. ADVANI: I am aware that ordinarily correspondence between a State and the Centre is not placed on the Table of the House. In this case, it was because of the directions of the hon. Speaker that the Government of India sought information from the Chief Minister of Uttar Pradesh. I personally spoke to her to ask what the matter was about.

This matter was raised in the House yesterday and the hon. Speaker had directed the Government to get necessary information. I personally spoke to her and she then wrote a letter to me immediately that these were the facts. After reading that letter, I felt that this is not a matter on the basis of which I should make a statement in the House. Therefore, I referred to it. I did it under your directions. After reading that letter, I have come to the conclusion that a statement by the Government of India on the basis of this could not be made. If there are any doubts, I am willing to send this to you and it is for you to decide whether I should do it or not. You said that it should be placed on the Table of the House to which the hon. Prime Minister replied. … (Interruptions)

कुंवर अखिलेश सिंह:आप वीडियो कैसेट को भी देखिये। …( व्यवधान)

श्री रामजीलाल सुमन : अध्यक्ष महोदय, हमें आपका संरक्षण चाहिए। …( व्यवधान)

आप उस पत्र को देख लीजिए। पत्र देखने के बाद आप व्यवस्था कीजिए। …( व्यवधान)

श्री लालकृष्ण आडवाणी : अध्यक्ष महोदय, मुझे विश्वास है कि मुख्यमंत्री जी को इसे यहां सभा-पटल पर रखने में कोई आपत्ति नहीं होगी। …( व्यवधान)

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कुंवर अखिलेश सिंह (महाराजगंज, उ.प्र.) : अध्यक्ष महोदय, तहलका डॉट कॉम से सुश्री मायावती जी की स्पीच को निकाला जाये। …( व्यवधान)

डॉ. रघुवंश प्रसाद सिंह (वैशाली):अध्यक्ष महोदय, सांसदों पर आरोप लगाया है।…( व्यवधान)

श्री रामजीलाल सुमन : अध्यक्ष महोदय, इसमें सांसदों को भी शामिल किया गया है।…( व्यवधान)महोदय,यहमामला उत्तर प्रदेश विधान सभा तक ही सीमित नहीं है।…( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदय : आपका यह तरीका मुझे बिलकुल पसन्द नहीं है, आप सब लोग बैठ जाइए। आप सब क्यों खड़े हो जाते हैं? कृपया आप बैठ जाइए। मैंने जिन्हें बोलने की इजाजत दी है, केवल वही बोलेंगे।

…( व्यवधान)अध्यक्ष महोदय : आपका यह तरीका अच्छा नहीं है। आप खुद को सांसद समझते हैं और ऐसे करते हैं, यह क्या तरीका है?

…( व्यवधान)MR. SPEAKER: The Home Minister has rightly raised a question in the House and he is absolutely right in raising it. The matter is in the UP Assembly and he has put a question to the House.

…( व्यवधान)अध्यक्ष महोदय : आप इस तरह बीच-बीच में क्यों खड़े हो जाते हैं? आप बैठ जाइए।

…( व्यवधान)अध्यक्ष महोदय : दासमुंशी जी, आप बैठ जाइए।

…( व्यवधान)SHRI PRIYA RANJAN DASMUNSI : Sir, the House must have the benefit to know the contents of the letter, which the hon. Home Minister has received… (Interruptions)

SHRI L.K. ADVANI: May I suggest one thing to you, Sir? I would send this letter to you. It is for you to decide whether on the basis of this letter the Government of India should make a statement because you should take a decision on that. I have no objection. You directed the hon. Minister of Parliamentary Affairs to get all the facts from the UP Government and the UP Government has sent me this letter… (Interruptions)

SHRI PRIYA RANJAN DASMUNSI : Sir, the Home Minister has said that the Chief Minister of UP, after his intervention, sent him a letter. The House must have the benefit to know all the contents of the letter. What are the contents of the letter?… (Interruptions)

SHRI L.K. ADVANI: I have no objection. But it is for you to decide whether it is proper or not… (Interruptions)

श्री रामजीलाल सुमन : अध्यक्ष महोदय, मुझे आपसे निवेदन करना है कि उत्तर प्रदेश की मुख्य मंत्री ने जो जवाब भेजा है,…( व्यवधान)उनसे यह अपेक्षा करना कि वह सही तथ्यों की जानकारी सदन और गृह मंत्री जी को देंगी, इसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती। इसमें सांसदों की प्रतिष्ठा और गरिमा का सवाल है और उनसे भी कहा गया है कि वे अपनी सांसद नधि से मिशन के लिए दो लाख रुपए दें।…( व्यवधान)इसमें सांसदों की प्रतिष्ठा और गरिमा का भी सवाल है।

अध्यक्ष महोदय, मैं निश्चित रूप से कह सकता हूं कि उत्तर प्रदेश की मुख्य मंत्री ने जो जवाब भेजा है, …( व्यवधान)उसमें सच्चाई नहीं है। मीडिया में सभी प्रमुख चैनलों पर उनका टेप दिखाया जा रहा है। यह सरकार अत्यंत भ्रष्टाचार में डूबी हुई है। भारत सरकार इस पर सीबीआई से जांच कराने वाली है या नहीं?…( व्यवधान)भारत सरकार क्या करेगी इस बारे में गृह मंत्री जी बताएं तो मैं समझता हूं कि ज्यादा उचित होगा।…( व्यवधान)महोदय, २००१ का सवाल नहीं है, उस समय ये मुख्य मंत्री थीं या नहीं।…( व्यवधान)सबसे बड़ा सवाल नीयत का है।…( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदय : कृपा कर आप बैठ जाइए।

…( व्यवधान)श्री राशिद अल्वी (अमरोहा):उत्तर प्रदेश सरकार ने इंक्वायरी कर ली है।…( व्यवधान)

MR. SPEAKER: Please sit down.

… (Interruptions)

MR. SPEAKER: The hon. Home Minister has told me that he wants to submit that letter to me. Let me go through the letter, then I will express my opinion.

… (Interruptions)

SHRI PRIYA RANJAN DASMUNSI : Sir, the letter must be placed on the Table of the House. I would like to know the contents of the letter. The House should have the privilege to know the contents of the letter, whether we agree or disagree will come later. But the text of the letter should be known to all the hon. Members of the House… (Interruptions)

कुंवर अखिलेश सिंह (महाराजगंज, उ.प्र.) : अध्यक्ष महोदय, हमने संपूर्ण घटना का टेप दे दिया है। उस टेप को आदरणीय प्रधानमंत्री जी और गृह मंत्री जी देख लें।…( व्यवधान)

यह आरोप लगाना कि वह टेप २००१ का है…( व्यवधान)

श्री राशिद अलवी : आरोप नहीं, यह सच्चाई है। ये साबित कर दें कि वह २००१ का नहीं है।

कुंवर अखिलेश सिंह: मैं इनके आरोपों को…( व्यवधान)

श्री राशिद अलवी : वह २००१ का कैसेट है, ये दो साल तक खामोश रहे, ये जनता के बीच में जाते, इस बीच असेम्बली का चुनाव हुआ है, असेम्बली के चुनाव में क्यों नहीं गये?

अध्यक्ष महोदय : प्रधानमंत्री जी बोलना चाहते हैं, आप बैठिये।

प्रधान मंत्री (श्री अटल बिहारी वाजपेयी) : अध्यक्ष महोदय, मैं इसलिए खड़ा हुआ हूं, क्योंकि मेरे पास भी उनके पत्र की प्रतलपि है। इसे पढ़ने के बाद मैं इस नतीजे पर पहुंचा हूं कि यह पत्र इस सदन के रिकार्ड में नहीं जाना चाहिए। जो भी पत्र लिख दिया जाये, उसे हम पटल पर रखने की मांग करें, यह ठीक नहीं होगा।…( व्यवधान)

श्री प्रियरंजन दासमुंशी:पत्र का जिक्र करने को कौन बोला? Sir, we did not insist the Home Minister to say this. … (Interruptions) We have the right to know the contents of the letter. We did not compel the Home Minister to say so. … (Interruptions)

MR. SPEAKER: Let him complete his statement. How can you not allow the Prime Minister to make his statement? रघुवंश जी, उनका स्टेटमेंट तो पूरा करने दीजिए।

श्री अटल बिहारी वाजपेयी : मेरा आपसे निवेदन है, अध्यक्ष महोदय, आप पत्र को पढ़ लें और इसके बारे में अपना मत बनायें, हमारे कहने के अनुसार न जायें। क्योंकि बहुत सारे सदस्यों ने पत्र देखा नहीं है, इसलिए वे जोर दे रहे हैं कि इसे सभापटल पर रख दो। हर चीज सभापटल पर नहीं रखी जाती है, कुछ अपनी अक्ल में भी रखी जाती है।

श्री प्रियरंजन दासमुंशी: यह आडवाणी जी को कहना चाहिए था, आपने यह क्यों कहा?

MR. SPEAKER: Now, we shall take up the Calling Attention. Shri Sunil Khan.

… (Interruptions)

SHRI PRIYA RANJAN DASMUNSI : No, Sir. We cannot accept his comment. … (Interruptions)

MR. SPEAKER: This issue, according to me, for today is over.

… (Interruptions)

SHRI PRIYA RANJAN DASMUNSI : Sir, we do not know whether she has written a letter or not. The Home Minister has revealed this. We did not insist him to say so. … (Interruptions) We did not compel the Home Minister to tell us whether the Chief Minister of Uttar Pradesh has written a letter to him or not. We did not compel him. We only wanted his statement. He could have avoided this. We did not ask him to reveal this. We know that the correspondence between the Union and the State is a matter of privilege. We did not insist. The Home Minister has said so. Now, the Prime Minister cannot blame us. … (Interruptions)

MR. SPEAKER: Order please. Let me listen to Shri Chandra Shekharji. प्लीज बैठिये।

श्री चन्द्रशेखर (बलिया, उ.प्र.) : अध्यक्ष महोदय, मैं बहुत दिनों के बाद प्रधानमंत्री जी से सहमत होने के लिए विवश हूं। मैं समझता हूं कि उत्तर प्रदेश में जो भी हो रहा है, वह सारे देश के लिए लज्जाजनक है। उस लज्जाजनक स्थिति को इस सदन में उपस्थित न किया जाये तो अच्छा है। जहां तक गृह मंत्री जी का सवाल है, उनसे कहा कि वे वक्तव्य दें। उन्हें जितनी सूचना मिली है, उतनी सूचना उन्होंने रखी। यह कहा कि उन्होंने वहां की मुख्यमंत्री से एक पत्र प्राप्त किया है, लेकिन उस पत्र को उन्होंने नहीं पढ़ा, यह सद्बुद्धि उन्हें आई, इसके लिए मैं उन्हें बधाई देना चाहता हूं। इस पत्र को आप देख लें, लेकिन मैं समझता हूं कि उस पत्र में जो लिखा होगा, वह संसद की गरिमा को नहीं बढ़ाएगा, इसलिए मैं अपने भाई, मित्र प्रियरंजन दासमुंशी जी से कहूंगा कि इसके लिए वे इन्सिस्ट न करें कि उसे सभापटल पर रखा जाये। अगर गृह मंत्री जी अपनी ओर से कोई वक्तव्य देना चाहते हैं और उन्हें देना चाहिए, आज नहीं तो कल दें, लेकिन उत्तर प्रदेश में जो हो रहा है, वहां स्थिति दिन पर दिन गम्भीर होती जा रही है, कहीं वहां गृह कलह न हो जाये, यह स्थिति वहां पैदा हो रही है, इसलिए भारत सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए।…( व्यवधान)

कुंवर अखिलेश सिंह:अध्यक्ष महोदय, आप एक मिनट मुझे सुन लीजिए।

अध्यक्ष महोदय : प्रधानमंत्री का उत्तर आ गया है। आप कितनी बार बोलेंगे?आप इस विषय पर १० बार बोले हैं, अभी बैठिये। एक वाक्य में बोलिये।

कुंवर अखिलेश सिंह:अध्यक्ष महोदय, मैं आपके संज्ञान में लाना चाहता हूं कि जो पत्र दिया है, उसमें मायावती जी के निर्वाचन क्षेत्र से जो व्यक्ति संसद सदस्य चुनकर आये हैं, उनसे भी मायावती जी कमीशन मांग रही हैं तो यह कहना कि यह जो टेप है, यह पुराना टेप है। मायावती जी ने इस्तीफा देने के बाद…( व्यवधान)

MR. SPEAKER: Shri Sunil Khan, would you please start speaking?

… (Interruptions)

कुंवर अखिलेश सिंह:माननीय अध्यक्ष महोदय, जो व्यक्ति सुश्री मायावती की जगह पर संसद सदस्य चुनकर आया है …( व्यवधान)उस टेप के अंदर सुश्री मायावती जी उनसे भी सांसद विकास नधि का पैसा मांग रही हैं।…( व्यवधान) आप उस टेप को देख लीजिए।…( व्यवधान)

वह टेप तात्कालिक है। …( व्यवधान)

श्री रामजीलाल सुमन : अध्यक्ष महोदय, आप उस पत्र को देखने के बाद अपनी व्यवस्था दें। …( व्यवधान)

MR. SPEAKER: Hon. Members, please take your seats.

… (Interruptions)

MR. SPEAKER: Nothing will go on record now.

(Interruptions) …* कुंवर अखिलेश सिंह:मेरा अनुरोध है कि आप सब बैठकर उस टेप को देखें।…( व्यवधान)मेरा केवल यह आग्रह है कि संसद सदस्यों की गरिमा के खिलाफ यह काम हुआ है।…( व्यवधान)संसद सदस्यों को लांछित किया गया है। …( व्यवधान)आदरणीय प्रधान मंत्री जी, चन्द्रशेखर जी और प्रियरंजन दास मुंशी जी आदि सब बैठकर उस टेप को देख लें। …( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदय : अखिलेश जी, आप अपना वचन पूरा नहीं करते। आपने कहा था कि मैं एक वाक्य बोलूंगा। यह एक वाक्य नहीं है।

...( व्यवधान)

SHRI PRIYA RANJAN DASMUNSI : Mr. Speaker, Sir, I agree with the observation made by hon. Shri Chandra Shekhar but I would like to say that correspondence between a State and the Union Government is of a nature of * Not Recorded             confidence and privilege. The responsible Deputy Prime Minister should not at all have said in the House whether Kumari Mayawati had written a letter to him or not. If at all it were a sensitive letter, he should have restrained himself. As a responsible Deputy Prime Minister, he should not have said that.

SHRI L.K. ADVANI I am sorry that Shri Priya Ranjan Dasmunsi should be persisting with this. … (Interruptions)

SHRI PRIYA RANJAN DASMUNSI : I am not persisting but you could have avoided that.

श्री चन्द्रनाथ सिंह (मछलीशहर):अध्यक्ष महोदय, मायावती जी के कैसेट के बारे में गृह मंत्री जी क्या कह रहे हैं ? …( व्यवधान)

THE MINISTER OF WATER RESOURCES (SHRI ARJUN CHARAN SETHI): Sir, with your permission, I make the following statement.

अध्यक्ष महोदय : मनिस्टर की स्टेटमैंट के अलावा रिकार्ड में कुछ नहीं जा रहा है।

...( व्यवधान)