Lok Sabha Debates
Need To Allocate More Funds For Mplad Programme. on 7 August, 2015
Sixteenth Loksabha an> Title: Need to allocate more funds for MPLAD Programme.
श्री उदय प्रताप सिंह (होशंगाबाद) : महोदय, मैं आपके माध्यम से सरकार का ध्यान एक ऐसे विाय की ओर आकर्िात करना चाहता हूँ, जिसमें लगातार अखबारों के माध्यम से, वाट्सअप, फेसबुक, ट्विटर पर समाज के अन्दर सांसद की प्रतिठा और गरिमा हमेशा गिरती है। विाय बहुत छोटा है, लेकिन उसमें परिणाम समाज के ऊपर देशव्यापी आता है। संसद में चलने वाली हमारी जो कैन्टीन है, उस पर सब्सिडाइज रेट पर हमको, मीडियाकर्मियों और कर्मचारियों को भोजन मिलता है। ...(व्यवधान)
HON. DEPUTY SPEAKER: Your subject is not regarding the subsidy. You tell about the MPLAD programme.
श्री उदय प्रताप सिंह: मेरा अनुरोध है कि उसको समाप्त किया जाए।
दूसरा सांसद यहां पर चुनकर आते हैं, किसी तरह की सब्सिडी लेने के लिए नहीं, अपितु क्षेत्र के विकास के लिए, देश की संवैधानिक व्यवस्था में अपनी भूमिका के निर्वहन के लिए, संवैधानिक व्यवस्था में भागीदारी के आते हैं।
HON. DEPUTY SPEAKER: You tell about the MPLAD programme. Nothing will go on record.
… (Interruptions)… HON. DEPUTY SPEAKER: You have to speak only on MPLAD.
12.57 hrs SUBMISSIONS BY MEMBERS ...Contd.
(iii)Re: Need to allocate more funds for MPLADS Scheme श्री उदय प्रताप सिंह (होशंगाबाद) : इसलिए आवश्यक है कि सांसद को जो सांसद निधि उपलब्ध कराई जाती है, देश के विकास में सांसद की भूमिका पूरी ताकत से उभरकर आए, इसके लिए जो उसको जिम्मेदारी दी गई है, उसकी पूर्ति के लिए हमें शक्तिशाली बनाया जाए। अभी सांसद को पांच करोड़ सांसद निधि मिलती है। एक संसदीय क्षेत्र में लगभग 1,100 ग्राम पंचायतें होती हैं। 1100 ग्राम पंचायतों में 40-40 हजार के हिसाब से भी बांटा जाएगा तो सांसद निधि पर्याप्त नहीं होती है। विकास के काम हम नहीं करा पाते हैं। इसलिए मेरा अनुरोध है कि इस निधि का बढ़ाकर कम से कम 15 करोड़ रूपए भारत की सरकार करे, जिससे विकास में हम अपनी भूमिका निभा सकें। ...(व्यवधान) सदन 25 करोड़ कह रहा है, तो मैं अनुरोध करूंगा कि इसे 25 करोड़ किया जाए।
13.00 hrs उपाध्यक्ष जी, आपने भी पिछले दिनों चेयर पर बैठकर माननीय वित्त मंत्री जी से अनुरोध किया था...(व्यवधान) मुझे उम्मीद है कि वित्त मंत्री जी इस विाय को आगे बढ़ायेंगे।
मेरा आपके माध्यम से सरकार से एक और अनुरोध है कि राज्यों में जब विधायक दौरा करते हैं तो उन्हें एक जनसंपर्क निधि की आवश्यकता होती है। कोई बीमार है, कोई अच्छा विद्यार्थी है, कोई जरूरतमंद है, जिन्हें विधायक जनसंपर्क निधि से राशि दे सकते हैं लेकिन माननीय सांसद को इस तरह की निधि का प्रावधान नहीं है। एक माननीय सांसद को एक वित्त वाऩ में अपने संसदीय क्षेत्र में इस तरह के जरूरतमंद लोगों, गरीबों, बेसहारा, अच्छे विद्यार्थियों, खिलाड़ियों और बीमार व्यक्तियों की मदद के लिए प्रत्येक वाऩ जनसंपर्क निधि में कम से कम 50 लाख रुपये का प्रावधान भी भारत सरकार करे, जिससे सांसद अपने दौरे के दौरान उस राशि से वहां के लोगों की मदद करें।
मैं पुनः आपसे अनुरोध करना चाहता हूं कि माननीय सांसद का कर्तव्य देश का विकास, गरीबों की सेवा और देश की प्रगति के लिए काम करना है, किसी भी तरह की सब्सिडी या लाभ लेने का माननीय सांसद का कोई ध्येय नहीं रहता है, इसलिए हमें हर वह सुविधा उपलब्ध करायी जाये जिससे सदन का मान बढ़े, संसद की गरिमा बढ़े और इस देश में माननीय सांसदों की भूमिका भी पूरी ताकत से स्थापित हो।
HON. DEPUTY SPEAKER: As a Chairman of the MPLADS Committee, I have already written a letter to the hon. Prime Minister and the Finance Minister. Day before yesterday, some hon. Members had also raised this issue. The Finance Minister said that he will consider this issue. He also said that there are some financial constraints. The entire House is feeling that this issue should be conveyed to the hon. Prime Minister. The Minister of State in the Ministry of Parliamentary Affairs is present here and he will do so.
कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के राज्य मंत्री तथा संसदीय कार्य मंत्रालय में राज्य मंत्री (श्री राजीव प्रताप रूडी): उपाध्यक्ष महोदय, आपने अपना नियमन दिया है, क्योंकि यह सौभाग्य है कि आप कुर्सी पर बैठे हैं और आप उस समिति के अध्यक्ष हैं जो एम.पी. लैड पर विचार कर रही है, कई माननीय सदस्यगण उस समिति के सदस्य हैं। यह बात सही है कि समय-समय पर इस विाय को उठाया जाता है कि एम.पी. लैड्स की राशि बढ़ायी जाये। नियमित तौर से लोग तुलना करते हैं कि राज्य में विभिन्न सरकारों द्वारा विधायकों को कितनी राशि दी जाती है और जो लोग इसमें अच्छा काम करते हैं, उनकी इच्छा होती है कि और भी अच्छे काम हों, क्योंकि माननीय सांसदों के माध्यम से विकास का कोई काम सीधे तौर से उसके क्षेत्र में हो और एम.पी. लैड उसका एक ही माध्यम है। स्वाभाविक तौर से सभी लोगों को ऐसा प्रतीत होता है कि अगर कुछ भी कमी है तो माननीय सांसद उसे पूरा करा दें। वैसी स्थिति में उनके ऊपर निरंतर दबाव बना रहता है। मैं भी एक सांसद हूं और आप भी एक माननीय सांसद हैं, आप भी यह जानते हैं कि किस प्रकार से निरंतर यह दबाव बना रहता है। आपने अपनी अनुशंसा की है, सरकार ने भी उसका संज्ञान लिया है। इस वक्त इस पर किसी प्रकार की टिप्पणी करना उचित नहीं होगा, लेकिन इस योजना के साथ-साथ, हम लोगों ने सांसदों को भी कौशल विकास योजना से भी जोड़ने का प्रयास किया है ताकि सीधे तौर पर उनकी अनुशंसा और उनकी देख-रेख में एन.एस.डी.सी. के माध्यम से राशि लोगों तक पहुंच सके। हम प्रयास कर रहे हैं कि माननीय सांसदों की भूमिका अहम हो, क्योंकि संसदीय क्षेत्र में माननीय सांसदों से लोगों की बड़ी उम्मीदें होती हैं और स्वाभाविक रूप से उम्मीदों को पूरा करने के लिए पैसों की जरूरत होती है। निश्चित रूप से सरकार पैसे अपने कोा से ही दे पायेगी। इसलिए मुझे विश्वास है कि आपकी अनुशंसा पर निश्चित रूप से सरकार विचार करेगी।
HON. DEPUTY SPEAKER: No, already, you have written a letter to me. Your Ministry is asking some funds through MPLADS. MPLADS funds can be used for skill development programmes. Not only you, the Railway Ministry and other Ministries are also requesting for that. Unless the Government will come forward to enhance the MPLADS fund, how can MPs give the funds? That is the unanimous feeling of the House. You can convey it to the hon. Prime Minister and the Finance Minister and see that something can be done in this regard.
SHRI RAJIV PRATAP RUDY: Sir, I will carry the sentiments expressed by you to the Government.
HON. DEPUTY SPEAKER: Shri P.P. Chaudhary, Shri Sudheer Gupta, Shri C.R. Chaudhary, Shri Chandra Prakash Joshi and Shri Sunil Kumar Singh are permitted to associate with the issue raised by Shri Uday Pratap Singh.