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Lok Sabha Debates

Need To Allow Construction Of Community Buildings Or Temples Through Mplad ... on 29 July, 2016

Sixteenth Loksabha an> Title: Need to allow construction of community buildings or temples through MPLAD funds.

 

श्री धनंजय महाडीक (कोल्हापुर):  अध्यक्ष महोदया, आपने मुझे एमपीलैड के महत्वपूर्ण वि­षय पर बोलने का मौका दिया, उसके लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद। हमारी सरकार ने एमपीलैड खर्च करने में कुछ निर्बंध लगाये हैं। इस संबंध में एक नया जी.आर. निकला है। इसमें यह प्रावधान है कि अगर हमें किसी गांव में कोई कम्युनिटी हॉल या सांस्कृतिक भवन बनाना है, लेकिन वहां पांच-दस या बीस-पच्चीस साल पहले किसी एम.एल.ए. या किसी ने भी हॉल बनाया है, तो हम वहां दूसरा हॉल नहीं बना सकते। इस प्रावधान में सुधार लाने की जरूरत है, क्योंकि अभी पापुलेशन बढ़ रही है, कम्युनिटी बढ़ रही है। इस कारण वहां कई हॉल्स की जरूरत होती है। इसके लिए हमें मंजूरी मिलनी चाहिए।

          दूसरा, सैंकिंड फ्लोर में भी हॉल बनाने के लिए निर्बंध लगाया हुआ है। यदि किसी छोटे से गांव में जगह नहीं है और वहां पहले से कोई हॉल बना हुआ है, तो वहां सैकिंड फ्लोर पर हॉल बनाने की जरूरत होगी। इसके लिए भी हमें परमिशन मिलनी चाहिए।

          अध्यक्ष महोदया, हमारा देश मंदिरों का देश है। मंदिरों को हॉल की जरूरत होगी या भाविकों की सुविधा के लिए कुछ करना होगा, तो उसमें भी मनाही है। अगर आप देखें तो मंदिरों की साफ-सफाई ठीक से होती है, क्योंकि वहां पूजा-अर्चना होती है। वहां कई सारे भाविक आते रहते हैं। उनकी सुविधा के लिए भी मंदिरों पर खर्च करने की अनुमति होनी चाहिए।

          तीसरा, हमारे जो सरकारी आफिसेज हैं, वहां पर भी खर्चा करने के लिए निर्बंध है। जैसे जेल या कई गवर्नमैंट आफिसेज हैं, कोर्ट आफिसेज हैं, वहां लाइब्रेरी, किताबें आदि देने की आवश्यकता होती है, क्योंकि वहां फंड्स की कमी होती है। इसलिए वहां पर भी खर्च करने की जरूरत है।

          अध्यक्ष महोदया, हमें कम्प्यूटर देने की अनुमति है, लेकिन ई-लर्निंग नहीं दे सकते। स्कूल के बच्चों को अच्छी शिक्षा के लिए ई-लर्निंग की जरूरत है। एक बहुत ही महत्वपूर्ण वि­षय और है। अगर हमारी कांस्टीटूएंसी को देखें, तो इसमें छः विधान सभा क्षेत्र आते हैं। किसी के क्षेत्र में आठ विधान सभा आती हैं। हर एम.एल.ए. को दो करोड़ रुपये का फंड स्टेट गवर्नमैंट देती है।

          अध्यक्ष महोदया, मेरी आपके माध्यम से सरकार से अनुरोध है कि हमारा भी एमपीलैड कम से कम 20 करोड़ रुपये हो, ताकि गांव के अंदर रास्ते बनाने जरूरी हैं। ...(व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष :   अब आप अपनी बात समाप्त कीजिए।

श्री धनंजय महाडीक :   अध्यक्ष महोदया, यह बहुत महत्वपूर्ण वि­षय है। गांव के अंदर अंदरूनी रास्ते बहुत जरूरी हैं। गटर्स, एस.टी.पी., ई.टी.पी. प्लांट्स होना जरूरी है। इन सबके लिए विधायक का फंड कम पड़ता है। अगर हम सांसद फंड से राशि देंगे, तो यह सब काम पूरा हो सकता है।        

          अध्यक्ष महोदया, मैं आपके माध्यम से अनुरोध करना चाहता हूं कि सरकार इन सबके लिए हमें 25 करोड़ रुपये के फंड की अनुमति दे। धन्यवाद।

माननीय अध्यक्ष :   श्री शिवकुमार उदासि, श्री निशिकांत दुबे, श्री राजीव सातव, श्री रमेश बिधुड़ी, श्री भैरों प्रसाद मिश्र, कुंवर पु­ष्पेद्र सिंह चंदेल और श्री एच.सी. मीणा, को श्री धनंजय महाडीक द्वारा उठाए गए वि­षय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है।