Lok Sabha Debates
Motion Regarding Adoption Of The Fifty-Eighth Report Of The Business Advisory ... on 17 December, 2003
nt> 12.16 hrs. MOTION RE: FIFTY-EIGHTH REPORT OF BUSINESS ADVISORY COMMITTEE Title: Motion regarding adoption of the Fifty-Eighth Report of the Business Advisory Committee (Motion adopted). MR. SPEAKER: The House will now take up item No.23. Shrimati Sushma Swaraj. … (Interruptions)
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री तथा संसदीय कार्य मंत्री (श्रीमती सुषमा स्वराज) : अध्यक्ष जी, मैं निम्नलखित प्रस्ताव करती हूं :-
‘ कि यह सभा १६ दिसम्बर, २००३ को सभा में प्रस्तुत कार्य मंत्रणा समत के ५८वें प्रतिवेदन से सहमत है।’ MR. SPEAKER : The question is:
"That this House do agree with the Fifty-eighth Report of the Business Advisory Committee presented to the House on the 16th December, 2003."
The motion was adopted.
___________ ...( व्यवधान)
अध्यक्ष महोदय : इस पर चर्चा नहीं होती है। आप सब को नियम मालूम है कि प्रधानमंत्री जी के स्टेटमेंट पर भी चर्चा नहीं होती है। कालिंग अटेंशन नोटिस के उत्तर में जो कुछ आया, उसके ऊपर भी चर्चा नहीं हो सकती। 12.17 hrs. (At this stage, Shrimati Kanti Singh and some other hon. Members came and stood on the floor near the Table) अध्यक्ष महोदय : आप जानते हैं कि ऐसा सदन का नियम नहीं है। यदि आपको चर्चा करनी ही है तो किसी दूसरे माध्यम से करिये। यह कोई तरीका नहीं कि आप वैल में आ जायें। आप अपनी सीटों पर जाइये। यह कोई तरीका नहीं है। मैं आपसे रिक्वैस्ट करूंगा कि आप अपनी सीटों पर जाइये। आप यहां खड़े नहीं रह सकते नहीं तो मैं बिज़नैस नहीं चला पाऊंगा। यह ठीक नहीं है। श्री प्रभुनाथ सिंह जी, आपका प्रीवलेज नोटिस क्या है?
...( व्यवधान)
अध्यक्ष महोदय : आप लोग अपनी सीटों पर जाइये। जो कार्यक्रम फिक्स्ड है, मैं उसके अनुसार चलूंगा। मैं इस जगह से कोई प्रश्न नहीं पूछने दूंगा। यदि आप प्रश्न पूछना ही चाहते हैं तो अपनी जगह पर जाइये। यहां खड़े होने से कैसे चलेगा? श्री येरननायडू ने जो नोटिस दिया है, मैंने उनका नाम लिखा हुआ है। आप सब लोग अपनी जगह पर जाइये। 12.19 hrs. (At this stage, Shrimati Kanti Singh and some other hon. Members went back to their seats) ...( व्यवधान)
अध्यक्ष महोदय : आप इस विषय पर प्रोसीजर का प्रश्न पूछिये।.
...( व्यवधान)
MR. SPEAKER: Hon. Members, I have not started taking up the ‘Zero Hour’. When I take up the ‘Zero Hour’, I will give you an opportunity to speak. Please take your seats now. … (Interruptions)
डॉ. रघुवंश प्रसाद सिंह (वैशाली): अध्यक्ष महोदय, आपने कृपा करके बिहार के विकास से संबंधित ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर इजाजत दी। बिहार की ८ करोड़ ४२ लाख आबादी है जिसमें से ४२ प्रतिशत गरीबी रेखा से नीचे के लोग हैं। प्रकृति, बाढ़, सुखाड़, जल-जमाव और भूमि कटाव से हर साल बिहार बरबाद होता जा रहा है। इसके अलावा…( व्यवधान) अध्यक्ष महोदय : आपका प्रोसीजर से संबंधित यह प्रश्न नहीं है।
आपका प्रोसीजर का क्या प्रश्न है। यह प्रोसीजरल प्रश्न नहीं है, इसलिए मैं अलाऊ नहीं करूंगा। ...( व्यवधान)
डॉ.विजय कुमार मल्होत्रा (दक्षिण दिल्ली): यह क्या हो रहा है, यह कुछ भी बोलते चले जा रहे हैं…( व्यवधान) अध्यक्ष महोदय : कोई प्रोसीजर का प्रश्न नहीं है। प्रोसीजरिली जो कुछ मैं कर रहा हूं वह ठीक है। इसी तरीके से सदन का काम चलेगा। प्रभुनाथ सिंह जी, आप अपना प्रश्न पूछिये। ...( व्यवधान)
MR. SPEAKER: Nothing will go on record except Shri Prabhu Nath Singh’s privilege notice. (Interruptions) …* MR. SPEAKER: After Shri Prabhu Nath Singh, I will give you a chance. … (Interruptions)
अध्यक्ष महोदय : प्लीज, आप बैठिये, मैं निवेदन करना चाहता हूं। इस सदन के सभी मान्यवर सदस्यों को मैं कहना चाहता हूं कि बिहार का प्रश्न महत्व का होता है इसलिए मैंने कालिंग अटैन्शन नोटिस पर चर्चा की स्वीकृति दी। कालिगं अटैन्शन के नोटिस पर आधा घंटे की चर्चा का समय होता है तो भी मैंने इस विषय पर आपको डेढ़ या दो घंटे बोलने की इजाजत दी। इसके बाद मैंने खुद प्रधान मंत्री जी से विनती की कि विषय महत्व का है, इसलिए आप सदन में आकर निवेदन करें। प्रधान मंत्री जी ने यहां आकर निवेदन भी किया। ऐसा हो सकता है कि किसी मंत्री का हर निवेदन हर सदस्य को मान्य न हो। इसके लिए एक रास्ता यह है कि आप किसी दूसरे तरीके से प्रश्न उठा सकते हैं। मैं आपको फिर से प्रश्न उठाने की
------------------------------------------------------------------------------------------------------ * Not Recorded अनुमति देने के लिए तैयार हूं। लेकिन सदन में जो दूसरा कामकाज होता है, वह भी महत्वपूर्ण है। आप सब एक दूसरे के भाई जैसे हैं। आप जानते हैं कि दूसरे सदस्यों को भी अपने प्रश्न उठाने हैं, कृपया आप कोऑपरेट करिये। मेरी सभी से रिक्वैस्ट है कि यदि आप बिहार का प्रश्न फिर से उठाना चाहते हैं तो मैं फिर उसकी इजाजत दूंगा और उस समय आप मंत्री जी से जो भी प्रश्न पूछना चाहें, पूछ सकते हैं। ...( व्यवधान)
डॉ. रघुवंश प्रसाद सिंह : असली प्रश्न उठा ही नहीं है।
अध्यक्ष महोदय : आप फिर प्रश्न उठाइये, मैं आपको इजाजत दूंगा। अभी आप बैठिये। ...( व्यवधान)
अध्यक्ष महोदय : अनेक माननीय सदस्यों के शून्य काल के प्रश्न हैं, आप सभी को सहयोग करना चाहिए। ...( व्यवधान)
अध्यक्ष महोदय : प्रभुनाथ सिंह जी, आपका प्रविलेज का नोटिस है, आप बोलिये। ...( व्यवधान)
श्री रघुनाथ झा (गोपालगंज): अध्यक्ष महोदय.....…( व्यवधान)
अध्यक्ष महोदय : मैंने आपको बोलने की इजाजत नहीं दी है। आपकी कोई बात रिकार्ड पर नहीं जा रही है। प्रभुनाथ सिंह जी,आपने जो प्रविलेज की नोटिस दी है, मैं केवल वही रिकार्ड पर लेना चाहता हूं। आप बोलिये। श्री राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव (पूर्णिया): अध्यक्ष महोदय, मेरी विनती है कि बिहार पर विशेष चर्चा करा ली जाए।…( व्यवधान) अध्यक्ष महोदय : इसके लिए बी.ए.सी. में समय तय करेंगे।
श्री प्रभुनाथ सिंह (महाराजगंज, बिहार) : अध्यक्ष महोदय, नियमावली २२२ और २२३ के तहत विपक्ष ...( व्यवधान)... (कार्यवाही वृत्तान्त में सम्मिलित नहीं किया गया।) SHRI PRIYA RANJAN DASMUNSI (RAIGANJ): What is this? … (Interruptions) MR. SPEAKER: Your notice is under my consideration.
… (Interruptions)
अध्यक्ष महोदय : उनका प्रविलेज नोटिस है।
...( व्यवधान)
अध्यक्ष महोदय : मैंने अभी निर्णय कहां लिया है।
...( व्यवधान)
अध्यक्ष महोदय : प्रविलेज नोटिस सुनने के बाद मैं निर्णय लूंगा।
...( व्यवधान)
अध्यक्ष महोदय : इन्होंने प्रविलेज नोटिस दिया है तो मुझे पढ़ना पड़ता है। नोटिस को मुझे सुनना पड़ेगा, नहीं होगा तो मैं नहीं कहूंगा। 12.25 hrs. (At this stage, Shri Avtar Singh Bhadana and some other hon.
Members came and stood on the floor near the Table) … (Interruptions)
SHRI BASU DEB ACHARIA (BANKURA): Sir, this is not correct. … (Interruptions) SHRI PRIYA RANJAN DASMUNSI : Sir, this cannot be allowed. … (Interruptions) अध्यक्ष महोदय : मुझे उनके नोटिस के बारे में सुनने तो दें।
...( व्यवधान)
अध्यक्ष महोदय : नहीं होगा तो मना कर दूँगा।
...( व्यवधान)
MR. SPEAKER : I have not given any decision on the issue. Let me take a decision. … (Interruptions)
अध्यक्ष महोदय : आप लोग अपनी जगहों पर वापस जाइए। मैंने प्रभुनाथ जी को बुलाया है। ...( व्यवधान)
MR. SPEAKER : Please go to your seats.
… (Interruptions)
12.26 hrs. (At this stage, Shri Rajesh Ranjan alias Pappu Yadav came and stood on the floor near the Table) ........( व्यवधान)...* MR. SPEAKER : Please go to your seats.
… (Interruptions)
अध्यक्ष महोदय : मैंने माननीय सदस्य को कहा है कि इस बारे में नोटिस मेरे विचार में है। ...( व्यवधान)
अध्यक्ष महोदय : दूरदर्शन कैमरा बंद किया जाए।
...( व्यवधान)
अध्यक्ष महोदय : देखिए, माननीय सदस्यों को ज़ीरो आवर में बहुत से प्रश्न उठाने हैं। मैं अपील कर रहा हूँ कि आप लोग अपनी जगहों पर जाइए। ...( व्यवधान)
अध्यक्ष महोदय : कोई भी नारे रिकार्ड पर नहीं जाएंगे।
(Interruptions) … * MR. SPEAKER : The House is adjourned to meet again at 2 p.m. 12.29 hrs. The Lok Sabha then adjourned till Fourteen of the Clock.
___________ _________________________________________________________________ * Not Recorded 14.03 hrs. The Lok Sabha re-assembled at three minutes past Fourteen of the Clock.
(Mr. Deputy-Speaker in the Chair) SHRI PRIYA RANJAN DASMUNSI (RAIGANJ): Mr. Deputy-Speaker, Sir, I would like to draw your attention in regard to infringement of a particular rule and the established tradition of the House. I would like to only quote what I conveyed to the custodian of the House, the hon. Speaker. I quote from page 296 of Practice and Procedure of Parliament written by M.N. Kaul and S.L. Shakdher an observation on Rule 222. It says:
"When a member seeks to raise a question of privilege against another member, the Speaker, before giving his consent to the raising of the matter in the House, always gives an opportunity to the member complained against to place before the Speaker or the House such facts as may be pertinent to the matter. "
Sir, in regard to the matter, which had been raised just before the adjournment of the House, against three distinguished sitting Members of the House – Shri Somnath Chatterjee of CPI(M), Dr. Raghuvansh Prasad Singh of RJD and the distinguished Leader of the Opposition, Shrimati Sonia Gandhi – I desire that in the best tradition of the House, the contribution in this regard, which was irrelevant, should be expunged. डॉ. रघुवंश प्रसाद सिंह (वैशाली): उपाध्यक्ष महोदय, मध्यावकाश से पहले, अध्यक्ष महोदय के समक्ष, प्रधान मंत्री जी ने बिहार पैकेज के संबंध में बयान दिया था। …( व्यवधान) उपाध्यक्ष महोदय : यह दूसरा मैटर है।
डॉ. रघुवंश प्रसाद सिंह : उपाध्यक्ष महोदय, मैं प्रिवलेज मोशन के बारे में ही बता रहा हूं।…( व्यवधान) उपाध्यक्ष महोदय, मैं प्रविलेज के मामले में बता रहा हूं। उसी में हम अध्यक्ष महोदय से मंत्री जी के बयान पर कुछ स्पष्टीकरण पूछना चाहते थे। हमने एक-दो वाक्य कहे थे कि प्रभुनाथ सिंह जी खड़े हो गए और सदन एवं अध्यक्ष को ऐसा लगा कि लोग बिहार से संबंधित प्रश्न पूछेंगे। उन्होंने हमें भी एश्योर किया, अभी आप बैठिए, आपसे बाद में पूछेंगे, आपको बोलने का मौका देंगे। ऐसा लगा कि जैसे यह सवाल पैकेज का उठेगा, वे बीच में पैकेज के बहाने खड़े हो गए और खड़े होकर जल्दी में विशेषाधिकार हनन की बात कह दी। उसके लिए अध्यक्ष से इजाजत ली जाती है।…( व्यवधान) उपाध्यक्ष महोदय, उन्हें पैकेज पर सवाल पूछने के लिए मौका दिया गया था और वह बोल गए विशेषाधिकार।…( व्यवधान)उसमें मेरा भी नाम है।…( व्यवधान) MR. DEPUTY-SPEAKER: Dr. Raghuvansh Prasad Singh, Shri Priya Ranjan Dasmunsi has already raised the matter. Now, let me give the ruling. डॉ. रघुवंश प्रसाद सिंह :महोदय, हम लोगों ने जो विशेषाधिकार में सुना, दासमुंशी जी ने कहा कि जो सदन के सदस्य हैं, उनमें as a matter of courtesyभी देने की परिपाटी है। हम लोग किसी के विरूद्ध में सदन में मौजूद हैं और हम लोगों को कोई जानकारी नहीं हुई तथा नाम विशेषाधिकार का पढ़ दिया गया। उसमें हमारा भी नाम है। महोदय, मैं आपसे प्रार्थना करता हूं कि सदन में अथवा सदन के बाहर कफन चोरों के विषय में और चोरों के विषय में मैं बोलूंगा। उसके लिए यदि कोई सदस्य विशेषाधिकार करना चाहता है तो मेरी आपसे प्रार्थना है कि उसे वापस करने की इजाजत न दी जाए और उसे विशेषाधिकार समति में भेज दिया जाए, लेकिन जो चोर हैं उसे चोर ही कहा जाएगा। कफन चोर और ताबूत घोटाला,…( व्यवधान)यह काम जारी रहेगा और चोरों को यह देश कभी माफ करने वाला नहीं है।…( व्यवधान)इस मंत्रिमंडल में जो चोर हैं, उसको उजागर सदन के अंदर और बाहर जनता में आंदोलन करके हम करते रहेंगे। अब विशेषाधिकार आपका है, आसन का है।…( व्यवधान) महोदय, मेरा कहना है कि उन्हें वापस लेने की इजाजत न दी जाए। हम फेस करेंगे लेकिन जो मंत्री चोर हैं उन्हें चोर कहेंगे और कहा जाएगा।…( व्यवधान) MR. DEPUTY-SPEAKER: Now, please … (Interruptions)MR. DEPUTY-SPEAKER: Hon. Member Shri Priya Ranjan Dasmunsi has raised a Point of Order, and has also placed his contention under Kaul and Shakdher Practice. श्री दिलीप संघाणी (अमरेली): उपाध्यक्ष महोदय, किसी मंत्री को चोर कहना, कहेंगे, ऐसा कहना ठीक नहीं है। इस शब्द को प्रोसिडिंग से निकालना चाहिए।…( व्यवधान) उपाध्यक्ष महोदय : जो भी अनुचित शब्द होगा, उसे प्रोसिडिंग से निकाल दिया जाएगा। Under page -296 … (Interruptions)MR. DEPUTY-SPEAKER: Now, nothing will go on record except (Interruptions) … *MR. DEPUTY-SPEAKER: Please, let me give the ruling for his contention. … (Interruptions)MR. DEPUTY-SPEAKER: What is happening here?
…( व्यवधान)उपाध्यक्ष महोदय : रघुवंश जी, यह सवाल-जवाब का समय नहीं है। …( व्यवधान)
डॉ. रघुवंश प्रसाद सिंह :हम सदन के अंदर और बाहर सच बोलेंगे, हम सच को छिपाएंगे नहीं तथा इसे हम दबने भी नहीं देंगे।…( व्यवधान)लूट का राज चल रहा है।…( व्यवधान) MR. DEPUTY-SPEAKER: Page 296 … (Interruptions)MR. DEPUTY-SPEAKER: Please hear me. Let me …..
… (Interruptions)MR. DEPUTY-SPEAKER: Regarding this issue, I was also there in the House at that time. The hon. Speaker gave him the floor. You have come to know all that he has stated here. You all also know what happened after that. I had a word with the hon. Speaker. Now, whatever he has raised is correct and, therefore, whatever has gone on record will not remain on record. Now, let us take the next item of business.
…( व्यवधान)डॉ. रघुवंश प्रसाद सिंह :इसका मतलब बिहार वालों को नुकसान हुआ।…( व्यवधान) उपाध्यक्ष महोदय : उसके बारे में नहीं।
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उपाध्यक्ष महोदय : यह विशेषाधिकार के बारे में है।
…( व्यवधान)डॉ. रघुवंश प्रसाद सिंह :केन्द्र सरकार के द्वारा बिहार की जनता के साथ अन्याय हुआ है। …( व्यवधान)धोखा-धड़ी एवं छल हो रहा है।…( व्यवधान)उसका क्या हुआ, यह मेरा सवाल था, जिसे सेबोटाज किया गया।…( व्यवधान) MR. DEPUTY-SPEAKER: Now, Matters under Rule 377.