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State Consumer Disputes Redressal Commission

K.D.A. vs Lt. Col. S. K. Jhingaran And Others on 16 September, 2016

  	 Cause Title/Judgement-Entry 	    	       STATE CONSUMER DISPUTES REDRESSAL COMMISSION, UP  C-1 Vikrant Khand 1 (Near Shaheed Path), Gomti Nagar Lucknow-226010             Revision Petition No. RP/160/2015  (Arisen out of Order Dated 02/03/2015 in Case No. Ex/54/2013 of District Kanpur Nagar)             1. K.D.A.  Kanpur Nagar ...........Appellant(s)   Versus      1. Lt. Col.  S. K. Jhingaran and others   Kanpur Nagar ...........Respondent(s)       	    BEFORE:      HON'BLE MR. JUSTICE AKHTAR HUSAIN KHAN PRESIDENT    HON'BLE MRS. Bal Kumari MEMBER          For the Petitioner:  For the Respondent:    Dated : 16 Sep 2016    	     Final Order / Judgement    

 राज्‍य उपभोक्‍ता विवाद प्रतितोष आयोग, उ0प्र0,  लखन ऊ

 

 पुनरीक्षण संख्‍या-160/2015

 

(मौखिक)

 

(जिला उपभोक्‍ता फोरम, कानपुर नगर द्वारा निष्‍पादन वाद संख्‍या 54/2013 में पारित आदेश दिनांक 02.03.2015 के विरूद्ध)

 

Kanpur Development Authority, Kanpur Nagar through its Vice Chairman, Motijheel, Kanpur Nagar.                        

 

                                   ....................पुनरीक्षणकर्ता/विपक्षी

 

बनाम

 

1.

Lt. Col. S.K. Jhingaran, S/o-Late Sri B.D. Jhingaran,  R/o- Village  and               P.O.-Bartal, Sector-6, Dwarika, New-Delhi.

2. Miss Tulika Sharma  (Minor)  through  her  Guardian  and  Mother                   Smt. Sanchita Sharma, W/o- Late  Sri   Alok Sharma,  R/o-  H.S.-34,            Krishnapuram, Kanpur Nagar.

3. Yash Sharma, S/o- Sri Rajiv  Sharma,  R/o-  H.S.-34,  Krishnapuram,          Kanpur Nagar.                                                       ................विपक्षीगण   समक्ष:-

1. माननीय न्‍यायमूर्ति श्री अख्‍तर हुसैन खान, अध्‍यक्ष।
2. माननीय श्रीमती बाल कुमारी, सदस्‍य।

पुनरीक्षणकर्ता की ओर से उपस्थित : श्री एन0सी0 उपाध्‍याय,                                                                    विद्वान अधिवक्‍ता।

विपक्षीगण की ओर से उपस्थित   : श्री ओम प्रकाश दुबे एवं श्री बी0के0                                          उपाध्‍याय, विद्वान अधिवक्‍तागण।

दिनांक: 16.09.2016 माननीय न्‍यायमूर्ति श्री अख्‍तर हुसैन खान, अध्‍यक्ष द्वारा उदघोषित निर्णय वर्तमान पुनरीक्षण याचिका धारा-17 (1) (बी) उपभोक्‍ता संरक्षण अधिनियम 1986 के अन्‍तर्गत जिला उपभोक्‍ता विवाद प्रतितोष फोरम, कानपुर नगर द्वारा निष्‍पादन वाद संख्‍या-54/2013 ले0 कर्नल एस0के0 झींगरन बनाम के0डी0ए0 में पारित आदेश दिनांक 02.03.2015 के विरूद्ध उपरोक्‍त निष्‍पादन वाद के निर्णीत ऋणी कानपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी की ओर से प्रस्‍तुत की गयी है।

पुनरीक्षणकर्ता की ओर से श्री एन0सी0 उपाध्‍याय और विपक्षीगण की ओर से श्री ओम प्रकाश दुबे एवं श्री बी0के0 उपाध्‍याय विद्वान अधिवक्‍तागण उपस्थित आए।

हमने उभय पक्ष के विद्वान अधिवक्‍तागण के तर्क को  सुना  है  और   -2- आक्षेपित आदेश तथा पत्रावली का अवलोकन किया है।

आक्षेपित आदेश के द्वारा जिला फोरम, कानपुर नगर ने वर्तमान पुनरीक्षण याचिका के विपक्षीगण संख्‍या-2 और 3, कु0 तुलिका शर्मा और   श्री यश शर्मा की ओर से प्रस्‍तुत प्रार्थना पत्र स्‍वीकार करते हुए उन्‍हें डिक्रीधारक के स्‍थान पर पक्षकार बनाए जाने हेतु संशोधन स्‍वीकार किया है।

पुनरीक्षणकर्ता के विद्वान अधिवक्‍ता का तर्क है कि पुनरीक्षणकर्ता/निर्णीत ऋणी ने निष्‍पादन वाद में जिला फोरम द्वारा परिवाद संख्‍या-465/2000 में पारित निर्णय और आदेश दिनांक 26.02.2002 का अनुपालन कर दिया है। अत: जिला फोरम द्वारा पारित आदेश का अनुपालन पूर्ण हो चुका है और अब वर्तमान पुनरीक्षण याचिका के विपक्षीगण संख्‍या-2 और 3 को निष्‍पादन वाद में पक्षकार बनाया जाना विधिसम्‍मत नहीं है।

विपक्षीगण के विद्वान अधिवक्‍ता का तर्क है कि विपक्षी        संख्‍या-1/परिवादी ने प्रश्‍नगत भवन का बैनामा विपक्षीगण संख्‍या-2 और 3 को कर दिया है और बैनामे में स्‍पष्‍ट उल्‍लेख किया है कि आज के बाद की अदायगी एवं प्राप्ति यानि कि देनदारी एवं लेनदारी का दायित्‍व क्रेतागण का होगा। अत: वर्तमान निष्‍पादन वाद में विपक्षीगण संख्‍या-2 और 3 को पक्षकार बनाया जाना अनुचित और अवैधानिक नहीं है।

हमने उभय पक्ष के तर्क पर विचार किया है। आक्षेपित आदेश के द्वारा जिला फोरम ने वर्तमान पुनरीक्षण याचिका के विपक्षीगण संख्‍या-2 और 3 को उपरोक्‍त निष्‍पादन वाद में पक्षकार बनने की अनुमति दी है। क्‍या विपक्षी    संख्‍या-1/परिवादी से लिए गए बैनामे के आधार पर जिला फोरम के उपरोक्‍त निर्णय और आदेश दिनांक 26.02.2002 के निष्‍पादन की कार्यवाही सम्‍पादित कराने का अधिकार वर्तमान पुनरीक्षण याचिका के विपक्षीगण संख्‍या-2 और 3 को है? इस बिन्‍दु पर जिला फोरम ने कोई निर्णय अभी पारित नहीं किया है।  

अत: सम्‍पूर्ण तथ्‍यों और परिस्थितियों पर विचार करते हुए वर्तमान पुनरीक्षण याचिका इस प्रकार अंतिम रूप  से  निस्‍तारित  की  जाती  है  कि   -3- पुनरीक्षणकर्ता निष्‍पादन वाद में वर्तमान पुनरीक्षण याचिका के विपक्षीगण संख्‍या-2 और 3 के अधिकार के सम्‍बन्‍ध में अपनी आपत्ति जिला फोरम के समक्ष प्रस्‍तुत करने हेतु स्‍वतंत्र हैं और यदि ऐसी कोई आपत्ति पुनरीक्षणकर्ता की ओर से जिला फोरम के समक्ष प्रस्‍तुत की जाती है तो जिला फोरम उभय पक्ष को साक्ष्‍य एवं सुनवाई का अवसर देकर यह बिन्‍दु निर्णीत करेंगे कि क्‍या बैनामे के आधार पर वर्तमान पुनरीक्षण याचिका के विपक्षीगण संख्‍या-2 और 3 को निष्‍पादन वाद की कार्यवाही चलाने का अधिकार है?  

उभय पक्ष जिला फोरम के समक्ष दिनांक 19.10.2016 को उपस्थित हों।

 
       (न्‍यायमूर्ति अख्‍तर हुसैन खान)              (बाल कुमारी)        

 

           अध्‍यक्ष                         सदस्‍य           

 

 

 

जितेन्‍द्र आशु0

 

कोर्ट नं0-1             [HON'BLE MR. JUSTICE AKHTAR HUSAIN KHAN]  PRESIDENT 
     [HON'BLE MRS. Bal Kumari]  MEMBER