State Consumer Disputes Redressal Commission
Robin Singh vs Aarvanss Color City on 17 November, 2022
Cause Title/Judgement-Entry STATE CONSUMER DISPUTES REDRESSAL COMMISSION, UP C-1 Vikrant Khand 1 (Near Shaheed Path), Gomti Nagar Lucknow-226010 Complaint Case No. CC/139/2019 ( Date of Filing : 15 May 2019 ) 1. Robin Singh S/O Sri K.S. Pankholi R/O 89 Swaroop Vihar PO Cimap Sector 14 Indira Nagar Lucknow ...........Complainant(s) Versus 1. Aarvanss Color City 259 Mangal Pandey Nagar Meerut Now Situated at Shop No 7 Luv Kush Market Near Tata Steal Maarket Lal Kuan NH-91 Ghaziabad Through its M.D. ............Opp.Party(s) BEFORE: HON'BLE MR. JUSTICE ASHOK KUMAR PRESIDENT HON'BLE MR. SUSHIL KUMAR JUDICIAL MEMBER PRESENT: Dated : 17 Nov 2022 Final Order / Judgement राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, उ0प्र0, लखनऊ परिवाद संख्या-139/2019 (मौखिक) रोबिन सिंह, पुत्र के0एस0 पंखोली, निवासी-89, स्वरूप विहार, पी0ओ0 सिमैप, सेक्टर 14, इन्दिरा नगर, लखनऊ ........................परिवादी बनाम 1.
आरवंस कलर सिटी, 259, मंगल पाण्डेय नगर मेरठ, अब स्थित शॉप नं0 7 लव कुश मार्केट, निकट टाटा स्टील मार्केट, लाल कुँआ एन0एच091 गाजियाबाद, द्वारा मैनेजिंग डायरेक्टर
2. आरवंस कलर सिटी, (आरवंस ग्रुप) हेड एण्ड कार्पोरेट आफिस स्थित एच-217 सेक्टर-63 नोएडा द्वारा डायरेक्टर/मैनेजिंग डायरेक्टर
3. आरवंस ग्रुप, स्थित एच-217 सेक्टर-63 नोएडा द्वारा मैनेजिंग डायरेक्टर/डायरेक्टर
4. अखिलेश चौहान, मैनेजिंग डायरेक्टर आरवंस सी0सी0 इन्फ्रा प्राइवेट लिमिटेड (आरवंस ग्रुप), स्थित एच-217 सेक्टर-63 नोएडा
5. रवि कुमार रस्तोगी, मैनेजिंग डायरेक्टर आरवंस सी0सी0 इन्फ्रा प्राइवेट लिमिटेड (आरवंस ग्रुप), स्थित एच-217 सेक्टर-63 नोएडा
6. अनुराग गर्ग, मैनेजिंग डायरेक्टर आरवंस सी0सी0 इन्फ्रा प्राइवेट लिमिटेड (आरवंस ग्रुप), स्थित एच-217 सेक्टर-63 नोएडा
7. आलोक रस्तोगी, मैनेजिंग डायरेक्टर आरवंस सी0सी0 इन्फ्रा प्राइवेट लिमिटेड (आरवंस ग्रुप), स्थित एच-217 सेक्टर-63 नोएडा ...................विपक्षीगण समक्ष:-
1. माननीय न्यायमूर्ति श्री अशोक कुमार, अध्यक्ष।
2. माननीय श्री सुशील कुमार, सदस्य।
परिवादी की ओर से उपस्थित : श्री पियूष मणि त्रिपाठी, विद्वान अधिवक्ता।
विपक्षीगण की ओर से उपस्थित : कोई नहीं।
दिनांक: 17.11.2022 माननीय न्यायमूर्ति श्री अशोक कुमार, अध्यक्ष द्वारा उदघोषित निर्णय प्रस्तुत परिवाद इस न्यायालय के सम्मुख धारा-17 उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 1986 के अन्तर्गत परिवादी रोबिन सिंह द्वारा विपक्षीगण आरवंस -2- कलर सिटी व 06 अन्य के विरूद्ध योजित किया गया।
परिवाद के संक्षेप में तथ्य इस प्रकार हैं कि परिवादी द्वारा विपक्षीगण की समाजवादी आवास योजना के अन्तर्गत ''आरवंस कलर सिटी'' एन0एच0-119 न्यू दौराला मेरठ सिटी में एक 2बी0एच0के0 अपार्टमेन्ट बुक कराया था, जिसके संबंध में टावर-डी में स्थित यूनिट नं0 101 के लिए दिनांक 22.03.2016 को एलाटमेन्ट पत्र परिवादी को दिया गया। परिवादी के फ्लैट का सुपर एरिया 899 वर्गफीट तथा उसका मूल्य 15,28,000/-रू0 बताया गया था। विपक्षीगण द्वारा मांग पत्र दिनांक 25.06.2016 वास्ते 1,39,776.68/-रू0 परिवादी को दिया गया। परिवादी द्वारा उक्त यूनिट के संबंध में 3,94,046/-रू0 विपक्षीगण के यहॉं जमा किया गया। विपक्षीगण द्वारा परिवादी को आश्वासन दिया गया था कि एलाटमेन्ट की तिथि से 36 माह के अन्तर्गत यूनिट का कब्जा दे दिया जायेगा। विपक्षीगण द्वारा परिवादी को यह भी आश्वासन दिया गया था कि परिवादी को आवंटित यूनिट पूर्ण रूप से निर्माण कराकर सभी सुविधाओं सहित कब्जा प्रदान किया जायेगा, परन्तु परिवाद दायर करने की तिथि तक विपक्षीगण द्वारा निर्माण स्थल पर कोई निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया। इस संबंध में परिवादी द्वारा विपक्षीगण से काफी प्रयास करने के बावजूद भी परिवादी को न तो कब्जा प्रदान किया गया तथा न ही उसकी जमा धनराशि वापस की गयी। अत: क्षुब्ध होकर परिवादी द्वारा विपक्षीगण के विरूद्ध इस न्यायालय के सम्मुख परिवाद योजित करते हुए निम्न अनुतोष की मांग की गयी है:-
"i. DIRECT the opposite parties to provide the possession of the Unit No. 101 in Tower-D situated at Aarvanss Color City NH-119 OR in an alternative to provide the possession of any other unit in any of the project of the opposite parties after taking the consent of the complainant on old rates without claiming any extra amount and also to pay interest on the amount deposited by the complainant from the date of deposit till the date of the possession of the allotted Plot or any alternative Plot OR in an alternative to refund the entire deposited amount of Rs.394046/- along with interest at the rate of 18% with effect from the dates of respective deposits till the date of payment. (Value of the Property Rs.13,48500/- and interest at the rate of 18% Rs354641/-) Thus the sum total relief is Rs.20,97,187/--3-
ii. DIRECT the opposite parties to pay an amount of RS.25,00000/- (Rupee Twenty Five Only) in an eventuality of the refund of the amount along with interest in order to facilitate the complainant to purchase residential unit in District Meerut or in NOIDA for his residential purposes.
iii. DIRECT the opposite parties to pay appropriate Punitive Damages in view of the Unfair Trade Practice Committed by them in this complaint case.
iv. DIRECT the opposite parties to pay appropriate compensation and damages for the deficiency in service committed by them.
v. Allow the complaint and direct the opposite parties to pay a sum of Rs.1,00,000/- towards cost of the case.
vi. Any other order which this Hon'ble State Commission may deem fit and proper in the circumstances of the case may also be passed."
परिवादी द्वारा परिवाद के समर्थन में शपथ पत्र, विपक्षीगण की योजना के ब्रोशर की प्रति, परिवादी को जारी एलाटमेन्ट पत्र दिनांकित 22.03.2016 की प्रति, मांग पत्र दिनांक 25.06.2016 की प्रति, परिवादी द्वारा जमा धनराशि की रसीदों की प्रति, विपक्षीगण की योजना के संबंध में समाचार पत्र में प्रकाशित समाचार की प्रति तथा विपक्षीगण की योजना से सम्बन्धित प्रपत्रों की प्रति (संलग्नक-1 ता 6) प्रस्तुत किया गया है।
विपक्षीगण को पंजीकृत डाक से नोटिस प्रेषित की गयी, तत्पश्चात् दैनिक समाचार पत्र में प्रकाशन कराया गया, परन्तु विपक्षीगण की ओर से कोई उपस्थित नहीं हुआ। तत्पश्चात् आदेश दिनांक 07.12.2020 के द्वारा विपक्षीगण पर नोटिस की तामीली पर्याप्त मानी गयी।
हमारे द्वारा परिवादी के विद्वान अधिवक्ता श्री पियूष मणि त्रिपाठी को सुना गया तथा पत्रावली पर उपलब्ध प्रपत्रों का सम्यक परिशीलन व परीक्षण किया गया।
पत्रावली के परिशीलन से यह विदित होता है कि परिवादी द्वारा विपक्षीगण की योजना में फ्लैट बुक कराया गया तथा उक्त के संबंध में परिवादी द्वारा उपरोक्त धनराशि 3,94,046/-रू0 का भुगतान किया गया, परन्तु विपक्षीगण द्वारा निर्माण स्थल पर किसी प्रकार का कोई निर्माण कार्य नहीं कराया गया। परिवादी द्वारा काफी प्रयास किया गया, परन्तु -4- विपक्षीगण द्वारा कोर्इ कार्यवाही नहीं की गयी तथा न तो फ्लैट का कब्जा दिया गया और न ही परिवादी की जमा धनराशि वापस की गयी। विपक्षीगण इस न्यायालय के सम्मुख उपस्थित भी नहीं हुए। परिवादी द्वारा अपना परिवाद शपथ पत्र एवं अभिलेखों से पुष्ट किया गया है, जिस पर अविश्वास करने का कोई कारण पीठ नहीं पाती है। अत: परिवादी का परिवाद स्वीकार किये जाने योग्य है।
तदनुसार प्रस्तुत परिवाद स्वीकार करते हुए विपक्षीगण को आदेशित किया जाता है कि विपक्षीगण द्वारा परिवादी को जमा धनराशि 3,94,046/-रू0 मय 10 प्रतिशत वार्षिक ब्याज धनराशि जमा किये जाने की तिथि से वास्तविक भुगतान की तिथि तक एक माह की अवधि में अदा किया जावे। इसके साथ ही विपक्षीगण द्वारा परिवादी को क्षतिपूर्ति के रूप में 50,000/-रू0 एवं परिवाद व्यय के रूप में 20,000/-रू0 एक माह की अवधि में अदा किया जावे।
आशुलिपिक से अपेक्षा की जाती है कि वह इस निर्णय/आदेश को आयोग की वेबसाइट पर नियमानुसार यथाशीघ्र अपलोड कर दें।
(न्यायमूर्ति अशोक कुमार) (सुशील कुमार) अध्यक्ष सदस्य जितेन्द्र आशु0 कोर्ट नं0-1 [HON'BLE MR. JUSTICE ASHOK KUMAR] PRESIDENT [HON'BLE MR. SUSHIL KUMAR] JUDICIAL MEMBER