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State Consumer Disputes Redressal Commission

P L Uppal vs M/S Daewoo Motors India Ltd. on 29 May, 2015

  	 Cause Title/Judgement-Entry 	    	       STATE CONSUMER DISPUTES REDRESSAL COMMISSION, UP  C-1 Vikrant Khand 1 (Near Shaheed Path), Gomti Nagar Lucknow-226010             First Appeal No. A/2002/758  (Arisen out of Order Dated  in Case No.  of District )             1. P L Uppal	  New Delhi ...........Appellant(s)   Versus      1. M/S Daewoo Motors India Ltd.  New Delhi ...........Respondent(s)       	    BEFORE:      HON'BLE MR. Alok Kumar Bose PRESIDING MEMBER          For the Appellant:  For the Respondent:     	    ORDER   

राज्‍य उपभोक्‍ता विवाद प्रतितोष आयोग, उ0प्र0, लखनऊ।

                                                   (सुरक्षित) अपील संख्‍या :758/2002 (जिला मंच, गौतमबुद्ध नगर द्धारा परिवाद सं0-37/2001 में पारित निर्णय/ आदेश दिनांक 12.7.2001 के विरूद्ध) P.L. Uppal S/o Shri Harbans Lal Uppal, R/o 18, Savita Vihar, Master Som Nath Marg, New Delhi, 110092                     ........... Appellant/Complainant Versus        M/s Daewoo Motors India Limited, Having its Registered Office at 33, Sri Fort Road, New Delhi 110049 through its Managing Director.

M/s Dynamic Automobiles Having its Show Room at B-4, Sector 16, Noida, U.P.     .......... Respondents/Opp.Paities                              समक्ष :-

मा0 श्री जितेन्‍द्र नाथ सिन्‍हा, पीठासीन सदस्‍य मा0 श्री संजय कुमार, सदस्‍य अपीलार्थी के अधिवक्‍ता :    कोई नहीं।
प्रत्‍यर्थी के अधिवक्‍ता   :    कोई नहीं।

 

दिनांक : 16/10/2015

 

           मा0 श्री जे0एन0 सिन्‍हा, पीठासीन सदस्‍य द्वारा उदघोषित

 

 निर्णय

 

            परिवाद सं0 37/2001 श्री पी0एल0 उप्‍पल बनाम मेसर्स डेबू मोटर्स इण्डिया लिमिटेडव व एक अन्‍य में जिला मंच, गौतमबुद्ध नगर द्वारा दिनांक 12.7.2001 को निर्णय पारित करते हुए निम्‍नलिखित आदेश पारित किया गया कि, "परिवादी का परिवाद विपक्षीगण के विरूद्ध संयुक्‍त व अलग-अलग रूप से अं‍कन 4,950.00 रूपये दिलाये जाने हेतु स्‍वीकार किया जाता है। विपक्षीगण उक्‍त धनराशि को आज से एक माह के अन्‍दर परिवादी को अदा करेंगे। मामले के तथ्‍यों व परिस्थितियों को देखते हुए पक्षकार वाद का व्‍यय अपना-अपना वहन करेंगे।"
उक्‍त वर्णित आदेश से क्षुब्‍ध होकर परिवादी/अपीलार्थी की ओर से वर्तमान अपील योजित किया गया है।
      -2-
उभय पक्ष की ओर से कोई उपस्थित नहीं है। यह अपील वर्ष-2002 से पीठ के समक्ष लम्बित है, प्रश्‍नगत निर्णय व उपलब्‍ध अभिलेखों का गम्‍भीरता से परिशीलन किया गया।
परिवाद पत्र का अभिवचन संक्षेप में इस प्रकार है कि प्रश्‍नगत स्‍कीम के तहत परिवादी ने वाहन (मातिज कार) दिनांक 06.02.2001 क्रय की थी और वाहन (मातिज कार) की डिलीवरी के समय विपक्षी डीलर ने परिवादी से दो फार्म भरवाये तथा प्रश्‍नगत स्‍कीम दिनांक 05.02.2001 से प्रभावी थी। परिवादी एक्‍साईज ड्यूटी की कटौती की धनराशि अंकन 21,000.00 की छूट प्राप्‍त करने का अधिकारी है, अत: परिवादी द्वारा प्रश्‍नगत परिवादी इस आशय से प्रस्‍तुत किया गया कि रू0 21,000.00 की धनराशि परिवादी को वापस दिलायी जाय।
विपक्षीगण की ओर से जिला मंच के समक्ष परिवाद का विरोध किया गया और यह अभिवचित किया गया कि प्रश्‍नगत योजना के अन्‍तर्गत परिवादी छूट पाने का अधिकारी नहीं है, क्‍योंकि परिवादी ने दिनांक 31.01.2001 को प्रश्‍नगत कार की बुकिंग की थी, अत: उनको यह सुविधा अनुमन्‍य नहीं है एवं प्रश्‍नगत कार की डिलीवरी दिनांक 06.02.2001 को प्राप्‍त की गई, परन्‍तु इसका कोई लाभ परिवादी पाने का अधिकारी नहीं है। यह भी अभिवचित किया गया कि परिवादी को प्रश्‍नगत कार स्‍टीरियो की नि:शुल्‍क सुविधा उपलब्‍ध करायी गई, जिसका मूल्‍य 8050.00 रू0 था एवं प्रश्‍नगत कार का मूल्‍य जब बुक कराया गया था, तब 3,47,000.00 रू0 था एवं दिनांक 05.02.2001 के उपरांत प्रश्‍नगत कार का मूल्‍य 3,55,000.00 रू0 हो गया और इस प्रकार कम मूल्‍य पर प्रश्‍नगत कार उपलब्‍ध करा दी गई थी, अत: परिवाद खण्डित किये जाने योग्‍य है।
जिला मंच द्वारा उभय पक्ष के अभिवचन एवं उपलब्‍ध अभिलेखों पर विचार करते हुए प्रश्‍नगत कार के मूल्‍य में रू0 8,000.00 का जो बढोत्‍ती एवं रू0 8050.00 की जो नि:शुल्‍क स्‍टीरियों लगाया गया, उन दोनों को जोडकर रू0 16,050.00 होते है और रू0 21,000.00 छूट परिवादी प्राप्‍त करने का अधिकारी है, यह निष्‍कर्ष दिया गया, परन्‍तु साथ में यह भी निष्‍कर्ष दिया गया कि परिवादी को रू0 16,050.00 का जो लाभ उपलब्‍ध कराया गया है, उसमें प्रश्‍नगत धनराशि घटाया जाना आवश्‍यक है और इस प्रकार परिवादी को रू0 4,950.00 प्राप्‍त कराना उचित पाया गया और इसी -3- संदर्भ में आदेश पारित किया गया है, जिससे क्षुब्‍ध होकर वर्तमान अपील परिवादी/अपीलार्थी की ओर से योजित है।
वर्तमान प्रकरण में यह कहा गया है कि परिवादी/अपीलार्थी रू0 21,000.00 मय ब्‍याज पाने का अधिकारी है और जिला मंच द्वारा जो कटौती की गई है, वह उचित नहीं है।
वर्तमान प्रकरण में यह पाया जाता है कि परिवादी द्वारा जब प्रश्‍नगत कार प्राप्‍त की गई, तो उस दिन प्रश्‍नगत कार की कीमत बढ गई थी, परन्‍तु परिवादी से वही कीमत प्राप्‍त की गई, जो बुकिंग के समय थी एवं परिवादी की कार में रू0 8050.00 का नि:शुल्‍क स्‍टीरियों लगाया गया था और प्रश्‍नगत योजना दिनांक 05.02.2001 से प्रभावी हुई, यह तथ्‍य अविवादित है, अत: जब कार की बुकिंग की गई थी तब योजना प्रभावी नहीं थी, अत: योजना प्रभावी होने का लाभ परिवादी पाने का अधिकारी है, परन्‍तु उस स्थिति में कार की डिलीवरी के समय जो मूल्‍य में जो अंतर आया था उसके बावजूद जो लाभ है, वह धनराशि एवं स्‍टीरियों जो लगाया गया था, वह धनराशि अर्थात रू 16,050.00 की धनराशि का जो लाभ परिवादी/प्रत्‍यर्थी को प्राप्‍त हुआ है, वह निश्‍चय ही रू0 21,000.00 छूट से घटाया जाना उचित है और इस संदर्भ में जिला मंच द्वारा दिया गया निष्‍कर्ष स्‍वीकार किये जाने योग्‍य है, अत: अपील में बल नहीं पाया जाता है। तद्नुसार प्रस्‍तुत अपील खण्डित किये जाने योग्‍य है।
आदेश प्रस्‍तुत अपील खण्डित की जाती है।
 
       (जे0एन0 सिन्‍हा)                     (संजय कुमार)

 

       पीठासीन सदस्‍य                      सदस्‍य

 

 

 

हरीश आशु.,

 

कोर्ट सं0-3             [HON'BLE MR. Alok Kumar Bose]  PRESIDING MEMBER